राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर में बाढ़: पुंछ और राजौरी जिलों में 20 से अधिक लोगों की मौत, कई लापता
जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में बाढ़ से हुई भारी तबाही और मौतों का मंजर सामने आ रहा है। सोमवार को लोगों की तकलीफों और बुनियादी ढांचे के ढहने की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आईं, जबकि सैकड़ों लोग बाल-बाल मौत के मुंह से बच निकले।
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की और सभी विभागों को प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया।
खबरों के अनुसार, रविवार को जम्मू पहुंचने के बाद से सोमवार सुबह तक उमर अब्दुल्ला को हालात के बारे में हर आधे घंटे में जानकारी मिल रही थी। साथ ही, वे अधिकारियों और आम लोगों से भी बात कर रहे थे ताकि उन्हें भरोसा दिला सकें कि इस दुखद समय में वे उनके साथ खड़े हैं।
रविवार तड़के राजौरी और पुंछ जिलों में कई जगहों पर बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस घटना में दस लोगों की मौत हो गई और आठ लोग लापता हैं। आशंका है कि लापता लोगों की भी मौत हो गई होगी क्योंकि उनके शव अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। इसके अलावा, बाढ़ में कम से कम 20 गाड़ियां बह गईं और लगभग 40 अन्य गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
अचानक आई बाढ़ से पुंछ के सुरनकोट इलाके में कम से कम 47 घरों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि राजौरी इलाके में कम से कम 20 दुकानों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा।
रविवार को जम्मू, राजौरी और पुंछ इलाकों में बाढ़ में फंसे लगभग 45 लोगों को बचाया गया। अचानक आई बाढ़ के कारण बिजली के कई खंभे और आधे दर्जन ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए और राजौरी में थन्नामंडी, दरहाल और पुंछ में सुरनकोट, मंडी और हवेली के कई इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार तड़के ऊपरी इलाकों में कई बार बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के कारण पुंछ के सुरनकोट इलाके में 15 लोग बह गए या मलबे में दब गए।
सेना, पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से शाम तक आठ शव बरामद कर लिए, जबकि आठ अन्य लोग अभी भी लापता हैं। इन घटनाओं में तीन लोग घायल हुए और उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया। खबरों के अनुसार, बादल फटने, अचानक आई बाढ़ के कारण कम से चार दर्जन घरों और अन्य इमारतों और पनचक्कियों आदि को नुकसान पहुंचा।
सुरन नदी और आसपास के नालों में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों के दर्जनों मवेशी भी बह गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरनकोट के मर्राह गांव में अचानक आई बाढ़ से एक घर बह गया, जिसमें एक परिवार के आठ सदस्य लापता हो गए। बाद में इस परिवार के तीन शव बरामद किए गए, जबकि मलबे में दबे बाकी पांच शवों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
सांगला गांव में भी एक ग्रामीण का घर बह गया। अधिकारी ने बताया कि इस परिवार का एक शव बरामद कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है। सुरनकोट सब-डिविजन में सांगलाणी में एक ग्रामीण और मरहोट में एक अन्य ग्रामीण बह गया।
इन दोनों ग्रामीणों के शव बरामद कर लिए गए। पुंछ के हवेली इलाके में एक कच्चा घर ढह गया, जिसमें नाजिया कौसर नाम की महिला की मौत हो गई और उसके पति मोहम्मद हफीज गंभीर रूप से घायल हो गए।उन्हें पहले पुंछ के जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जीएमसी राजौरी रेफर कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सिविल और पुलिस प्रशासन, सेना, स्थानीय लोगों के साथ-साथ एसडीआरएफ और दूसरी एजेंसियों की टीमें लापता शवों को खोजने के काम में लगी हुई हैं। नदी के किनारे से 30 से अधिक लोगों को बचाया गया। जल निकायों के पास रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने के लिए कहा गया है क्योंकि मौसम विभाग ने इस इलाके में अचानक बाढ़ और भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
राजौरी से मिली खबरों के मुताबिक, बादल फटने से आई बाढ़ ने राजौरी में भारी तबाही मचाई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और जल शक्ति विभाग का एक दिहाड़ी मजदूर लापता हो गया।
बाढ़ ने थन्नामंडी नदी के किनारे भारी तबाही मचाई, लगभग दो दर्जन गाड़ियां बहा ले गई और राजौरी में बेला कॉलोनी के पास बस स्टैंड पर कम से कम 40 अन्य गाड़ियों के साथ-साथ रिहायशी मकानों, दुकानों, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि और मवेशियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
थन्नामंडी, डारहल और ऊपरी पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद रविवार को तड़के करीब 2.45 बजे राजौरी शहर में अचानक बाढ़ आ गई।
सुखतो नदी और दूसरी मौसमी धाराओं के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे पूरे जिले में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। घरों, दुकानों, सड़कों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा, और कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जिला प्रशासन ने सेना, एसडीआरएफ, पुलिस, सिविल डिफेंस और दूसरी बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में तुरंत बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान शुरू किए।
अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का व्यापक आकलन किया जा रहा है और सभी संबंधित विभाग नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित इलाका बेला कॉलोनी था, जहां बाढ़ का पानी नदी की सुरक्षा दीवार को तोड़कर न्यू बेला बस स्टैंड और आस-पास के रिहायशी इलाकों में घुस गया। बस स्टैंड पर खड़ी करीब 20 गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं, जबकि लगभग 40 अन्य गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा।
बेला कॉलोनी के पीछे बने कई कमर्शियल प्रतिष्ठान, वर्कशॉप और दुकानें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं। बेला बस स्टैंड कुछ साल पहले ही बनाया गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हाल के दशकों में राजौरी में आए सबसे भयानक बाढ़ों में से एक थी, जिसमें तेज पानी की लहरों ने कुछ ही मिनटों में गाड़ियों को बहा दिया। उन्होंने नदी के किनारे बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने और जनता का भारी पैसा बर्बाद करने के लिए पिछली जिला प्रशासनों / एमसीआर को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि नाले के किनारे सरकारी जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया था और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से वहां दुकानें बना ली थीं।
बाढ़ ने अब्दुल्ला ब्रिज और तारिक ब्रिज के पास बनी झुग्गी-बस्तियों को भी तबाह कर दिया। बाढ़ का पानी बस्तियों में घुसने से 50 से ज़्यादा परिवारों के घर उजड़ गए। पिंकी देवी नाम की एक महिला बाढ़ में बह गई और उसकी मौत हो गई। बाद में बचाव दलों ने उसका शव बरामद किया।
जानमाल के इस दुखद नुकसान के अलावा कई परिवारों के मवेशी, घर का सामान और जीवन भर की जमा-पूंजी भी बह गई, जिससे उनके पास सिर्फ वही कपड़े बचे जो उन्होंने पहन रखे थे।
जम्मू डिवीजन और घाटी के लगभग सभी जिलों में लगातार हो रही बारिश के बीच, प्रभावित इलाकों से ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं जिनमें सेना के बहादुर जवानों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आम नागरिकों ने लोगों को मौत के मुंह से बचाया है।
मौसम
असम में अगले पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट, निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह

असम में अगले पांच दिनों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है और कुछ जगहों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की भी संभावना है, इसलिए अधिकारियों ने लोगों खासकर निचले इलाकों में रहने वालों को सावधान रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने इन हालात की वजह मध्य असम और उससे सटे नगालैंड के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के बने रहने और उत्तर भारत से पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैले सक्रिय मानसून ट्रफ को बताया है।
आईएमडी ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान असम में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि गोलाघाट और धुबरी जिलों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
जोरहाट, शिवसागर, सोनितपुर, कोकराझार, बिस्वनाथ और नागांव जिलों के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की खबर है।
इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश कामरूप (मेट्रो) के पांडु में 20 सेमी, कामरूप के कुकुरमारा मिर्जा में 17 सेमी, गुवाहाटी एयरपोर्ट पर 14 सेमी, बोकाखाट और गोलाघाट में 13-13 सेमी दर्ज की गई, जबकि अगोमनी और कामाख्या में 12 सेमी बारिश हुई।
अधिकारियों ने कहा कि लगातार हो रही बारिश से उन जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति और खराब हो सकती है जो पहले से ही नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं।
आपदा प्रबंधन अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और उन्होंने लोगों से मौसम संबंधी सलाह मानने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
आईएमडी ने लोगों को सलाह दी है कि वे स्थानीय स्तर पर बाढ़, कम दृश्यता, बिजली गिरने और सड़क यातायात में रुकावट के प्रति सतर्क रहें क्योंकि इस हफ्ते राज्य में बारिश का दौर जारी रहेगा।
राजनीति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर हुईं रवाना, भारत के साथ संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

भारत की राष्ट्रपति और प्रथम नागरिक द्रौपदी मुर्मु की तीन देशों की यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु रविवार की सुबह राजधानी नई दिल्ली से रवाना हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति के दौरे से इन देशों के साथ भारत के संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा गणराज्य, उत्तरी मैसेडोनिया गणराज्य और रोमानिया के राजकीय दौरे पर गई हैं। यह भारत के किसी राष्ट्रपति का मोल्दोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया का पहला दौरा है और तीन दशकों में रोमानिया का पहला राष्ट्रपति दौरा है। इस दौरे से इन देशों के साथ भारत के संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।”
वहीं, विदेश यात्रा के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जानकारी साझा की गई कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा गणराज्य, उत्तरी मैसेडोनिया गणराज्य और रोमानिया के राजकीय दौरे पर जा रही हैं। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया का पहला दौरा है। भारत के राष्ट्रपति का रोमानिया दौरा तीन दशकों से ज्यादा समय के बाद हो रहा है।
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। इस दौरे का उद्देश्य यूरोप के इन देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विशेष प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यूरोपीय देशों की यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों पर बात की। इस दौरान सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज, राष्ट्रपति की प्रेस सचिव डॉ. मनीषा वर्मा और विदेश मंत्रालय में दक्षिणी यूरोप क्षेत्र की संयुक्त सचिव अल्पना दुबे भी मौजूद रहीं।
सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की 19 से 25 जुलाई 2026 तक होने वाली मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा तीनों देशों के राष्ट्रपतियों के निमंत्रण पर हो रही है।
उन्होंने बताया कि यह दौरा ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार भारत के किसी राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया की द्विपक्षीय यात्रा हो रही है। वहीं, रोमानिया की बात करें तो किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह 30 साल से भी ज्यादा समय बाद पहली राजकीय यात्रा होगी। इससे पहले ऐसी यात्रा 1994 में हुई थी।
जॉर्ज ने कहा कि इन तीन देशों की यात्रा यह दिखाती है कि भारत अब मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। साथ ही, यह यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत की व्यापक साझेदारी को भी आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह दौरा यूरोप के साथ भारत के संबंधों को गहरा करने और तीन ‘टी’ ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सचिव (पश्चिम) जॉर्ज ने बताया कि भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी। मोल्दोवा ने 2023 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था। इसलिए यह यात्रा ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और यह दिखाती है कि भारत पूर्वी यूरोप के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
सोनम वांगचुक के समर्थन में आईं मोनाली ठाकुर और कविता कौशिक, सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षा सुधारक, इंजीनियर, आविष्कारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां खुलकर सामने आ रही हैं। अभिनेता ओमी वैद्य, अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, जीनत अमान, सोनी राजदान, और सान्या मल्होत्रा से लेकर कई हस्तियों ने सरकार से बातचीत करने की मांग की। अब इस कड़ी में टेलीविजन अभिनेत्री कविता कौशिक और गायिका मोनाली ठाकुर का नाम भी जुड़ गया है।
शुक्रवार को गायिका मोनाली ठाकुर और कविता कौशिक ने इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के लिए पोस्ट शेयर की।
गायिका मोनाली ठाकुर ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने सोनम वांगचुक की तारीफ करने के साथ सरकार से बातचीत करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “आदरणीय सोनम वांगचुक जी, मैं दिल से कहना चाहती हूं कि आपके जैसे लोग बहुत कम होते हैं। आप समझदारी, ईमानदारी से सही सवाल उठाने का साहस रखते हैं। आज जब हमारा देश कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब आपकी जैसी आवाज बहुत महत्वपूर्ण हैं।”
गायिका ने सोनम वांगचुक को नई और आने वाली पीढ़ि के लिए उम्मीद की किरण बताया। उन्होंने लिखा, “आप हमें विश्वास दिलाते हैं कि बातचीत, न्याय और इंसानियत आज भी जिंदा हैं। जो लोग अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हैं, वही समाज को सही दिशा दिखाते हैं। मैं आपसे अनशन खत्म करने की अपील नहीं करूंगी। बस इतना कहना चाहूंगी कि मैं उन मूल्यों के साथ पूरी तरह खड़ी हूं, जिनके लिए आप संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आपका स्वस्थ और सुरक्षित रहना भी बहुत जरूरी है।”
गायिका मोनाली ठाकुर ने आगे लिखा, “आपने हमें याद दिलाया है कि ईमानदारी, करुणा और साहस आज भी सबसे बड़ी ताकत हैं। मेरी दुआएं हमेशा आपके साथ हैं।”
गायिका ने अपने नोट में आगे भारत सरकार से बातचीत करने की अपील करते हुए लिखा, “आदरणीय भारत सरकार, मैं हाथ जोड़कर आपसे विनम्र अनुरोध करती हूं कि इस मुद्दे पर बातचीत शुरू की जाए। लोकतंत्र की ताकत इसी में है कि हर गंभीर और ईमानदार आवाज को सम्मान के साथ सुना जाए। बातचीत करना कमजोरी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास का प्रतीक है। हम सब मिलकर ऐसा समाज बनाना चाहते हैं जहां हर व्यक्ति की गरिमा, सम्मान और ईमानदारी की कद्र हो। यह किसी का विशेष अधिकार नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और मजबूत समाज की बुनियाद है।”
उन्होंने लिखा, “इसलिए मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि जल्द से जल्द सार्थक संवाद शुरू करें और इस कठिन स्थिति का मानवीय और सम्मानजनक समाधान निकालें। यही हमारे देश के लिए सबसे अच्छा उदाहरण होगा। आशा, सम्मान और विश्वास के साथ।”
वहीं, टेलीविजन इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री कविता कौशिक ने भी इंस्टाग्राम पर नोट शेयर करते हुए लिखा, “प्रिय सरकार, इतने वर्षों से आपने जो प्रचार-प्रसार किया है, उसका फायदा होता हुआ नहीं दिख रहा। आज देश के लोग परेशान, उलझन और आपस में बंटे हुए हैं। हो सकता है कि आपकी टीम सही सलाह न दे रही हो। एक शुभचिंतक होने के नाते मेरी सिर्फ एक सलाह है कि कृपया एक बार सोनम जी से बात कर लीजिए। अगर आप विदेश में हैं, तो जूम कॉल या व्हाट्सऐप कॉल पर ही बात कर लें।”
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