अंतरराष्ट्रीय
गेंदबाजों ने सीरीज में किया बेहतर प्रदर्शन : रोहित शर्मा
भारत ने न्यूजीलैंड को 3-0 से हराकर सीरीज को अपने नाम किया। इस पर टी20 कप्तान रोहित शर्मा ने मेजबान टीम के लिए गेंदबाजों को सीरीज का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट बताया है। उन्होंने ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि खासकर बीच के ओवरों में वो टीम के लिए आक्रामक विकल्प के रूप में मौजूद थे। नए कप्तान शर्मा और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में भारत ने कोलकाता में न्यूजीलैंड को 73 रनों से हराकर 3-0 से सीरीज जीत ली, जिससे ऑस्ट्रेलिया में अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनकी तैयारियों की शुरुआत हुई।
शर्मा ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “सीरीज में गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। हमारी पहले दो टी20 मैचों में न्यूजीलैंड द्वारा विस्फोटक शुरुआत के बाद वास्तव में गेंदबाजों ने वापसी करवाई। हमने तीनों मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया।”
क्षेत्ररक्षण को लेकर उन्होंने कहा, “जब भी मैं मैदान पर जाता हूं, तो मैं हमेशा सोचना चाहता हूं कि हमने कितने रन बचाए हैं और तीनों मैचों में हमने लगभग 15 रन बचाए। साथ ही रविवार के मैच में दो रन आउट भी किए।”
कप्तान शर्मा ने अश्विन की विशेष प्रशंसा की, जिन्होंने विश्व कप के दौरान टी20 में वापसी करने के बाद से नौ विकेट लिए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में अश्विन ने बीच के ओवरों में रनों पर अंकुश लगाते हुए महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
उन्होंने अश्विन को लेकर आगे कहा, “मुझे लगता है कि अश्विन के लिए यह एक शानदार वापसी रही है। उन्होंने लाल गेंद के साथ-साथ सफेद गेंद से भी सबको प्रभावित किया। उनका रिकॉर्ड खराब नहीं है, जिस तरह से उन्होंने दुबई में गेंदबाजी की और फिर यहां दो मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। यह उनके गुणों को दर्शाता है जो उसके पास है। वह हमेशा कप्तान के लिए एक आक्रमणकारी विकल्प होते हैं।”
शर्मा ने आगे बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल के साथ अश्विन की साझेदारी के बारे में भी बातचीत करते हुए बताया कि सीरीज में दोनों ने मिलकर न्यूजीलैंड को धूल चटा दी।
शर्मा के अनुसार, “बीच के ओवरों में आपको रन रेट, स्कोरिंग रेट पर ब्रेक लगाने और विकेट लेने की जरूरत होती है। इसलिए, मुझे लगता है कि यही अश्विन और अक्षर ने किया। ये दोनों खिलाड़ी विकेट लेने के विकल्प हैं और जब वे गेंदबाजी करते हैं तो यह विरोधी टीम के लिए रन बनाया मुश्किल हो जाता है।”
उन्होंने कहा, “दोनों खिलाड़ी मैच के दौरान अच्छी गेंदबाजी करते हैं। इसलिए, कप्तान के लिए हमेशा एक अच्छे विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण ओवरों में गेंदबाजी करते हुए विकेट लेकर विरोधी टीम पर दबाव में डालते हैं।”
भारतीय टीम के माहौल के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा कि खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए स्वस्थ वातावरण देने की जरूरत है।
शर्मा के मुताबिक, “जब आप द्विपक्षीय सीरीज खेल रहे होते हैं तो आपको कई विषयों को ध्यान में रखना होता है और हम ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। हम टीम में एक स्वस्थ माहौल बनाने की कोशिश करने के साथ खिलाड़ियों को बेहतर सुरक्षा दे रहे हैं ताकि वे मैदान में निडर होकर खेल सकें।”
इसके आगे शर्मा ने कहा, “आपको हमेशा तब पहचाना जाएगा जब आप अपने हाथों में जिम्मेदारी लेकर दबाव में टीम के लिए कुछ करने की कोशिश करते हैं। यह कप्तान और कोच का काम है कि खिलाड़ियों को बताएं कि जब मौका मिले, तो टीम के लिए अच्छा करने की कोशिश करें।”
अंतरराष्ट्रीय
कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।
बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।
कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।
इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।
अंतरराष्ट्रीय
मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।
गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”
गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
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