राजनीति
बीएमसी चुनाव 2026: मुंबईवासियों ध्यान दें! मतदान के लिए आप वोटर आईडी के अलावा अन्य कौन-कौन से दस्तावेज़ इस्तेमाल कर सकते हैं, उनकी सूची यहां दी गई है
ELECTIONS
मुंबई: मुंबई में गुरुवार को नए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। हालांकि अधिकांश नागरिकों को मतदान प्रक्रिया से परिचित होना चाहिए, फिर भी सुचारू और परेशानी मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए मतदान दिवस पर बुनियादी तैयारी आवश्यक है।
सही मतदान केंद्र का पता होना, वैध पहचान पत्र साथ रखना और मतदान केंद्र के अंदर मतदान की प्रक्रिया को समझना मतदाताओं को देरी और भ्रम से बचने में मदद कर सकता है।
गुरुवार को हो रहे चुनाव में मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की 227 पार्षद सीटों के लिए मतदान हो रहा है। मुंबई के वार्डों में लगभग 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 879 महिलाएं और 821 पुरुष शामिल हैं। मतदाताओं की संख्या एक करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं, जो बीएमसी चुनाव को देश के सबसे बड़े नगर निगम चुनावों में से एक बनाता है।
मतदान प्रक्रिया के लिए शहर भर में सैकड़ों मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की असुविधा से बचने के लिए मतदाता सूची में अपना नाम, अपने वार्ड का विवरण और अपने निकटतम मतदान केंद्र का पता पहले से ही जांच लें।
घर से बाहर निकलने से पहले मतदाताओं को अपना वार्ड नंबर जांच लेना चाहिए और अपने निर्धारित मतदान केंद्र का पता सुनिश्चित कर लेना चाहिए। एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि यदि उनके पास मतदाता पर्ची उपलब्ध हो तो उसे अपने पास रखें, क्योंकि इससे मतदान कर्मचारियों को मतदाता सूची में नाम जल्दी ढूंढने में मदद मिलती है और प्रतीक्षा समय कम होता है। हालांकि मतदाता पर्ची अनिवार्य नहीं है, लेकिन इससे सत्यापन प्रक्रिया में काफी तेजी आ सकती है।
मतदाता मतदान केंद्र पर निम्नलिखित में से कोई भी फोटोयुक्त पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं:
– मतदाता पहचान पत्र
पासपोर्ट
– आधार कार्ड
– ड्राइविंग लाइसेंस
– पैन कार्ड
– केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या स्थानीय निकाय द्वारा जारी)।
– फोटो सहित बैंक या डाकघर की पासबुक
– फोटो सहित विकलांगता प्रमाण पत्र
– एमएनआरईजीए जॉब कार्ड
– पेंशन संबंधी दस्तावेजों (फोटो सहित)
– संसद या राज्य विधानमंडल सचिवालयों द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र
– स्वतंत्रता सेनानी का फोटो पहचान पत्र
– केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा कार्ड
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वैध फोटो पहचान पत्र के बिना मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी, भले ही उनका नाम मतदाता सूची में हो। अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाएं, मतदान कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें और सुचारू और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी से अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
राजनीति
देश और मुंबई के लिए खतरा बन चुकी है भाजपा: अतुल लोंढे पाटिल

नई दिल्ली, 24 जनवरी : कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने एक बयान में भारतीय जनता पार्टी को लेकर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा अब सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश, महाराष्ट्र और खास तौर पर मुंबई के लिए खतरा बन चुकी है।
उनका आरोप है कि पार्टी ने देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया है और मुंबई तथा महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति को मोड़ दिया है।
लोंढे पाटिल ने मीडिया से कहा, “अगर कोई नया राजनीतिक गठबंधन बनता है, तो यह अच्छी बात हो सकती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या मोहरा राजा से पहले फैसला ले सकता है? शिंदे अपनी लोकप्रियता या काम के दम पर उपमुख्यमंत्री नहीं बने हैं, बल्कि उन्हें भाजपा ने वहां बैठाया है। ऐसे में क्या वे अपने दम पर कोई बड़ा फैसला ले पाएंगे? इसका जवाब ‘न’ है। भाजपा ने सिर्फ एक गुट बनाया है।”
मुंबई को लेकर उन्होंने कहा कि यह शहर योग्यता और गुणों से चलता है। अगर आपके पास गुण हैं, तो आपके पास सब कुछ है। मुंबई सबकी है, और संविधान हर किसी को यहां रहने और आगे बढ़ने की इजाजत देता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह समाज को भाषा, प्रांत, धर्म, जाति, महिला और पुरुष के आधार पर बांटना चाहती है ताकि लोग असली मुद्दों पर सवाल न पूछें। भाजपा चाहती है कि लोग आपस में लड़ते रहें ताकि कोई यह न पूछे कि धारावी का भविष्य क्या होगा, मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था कब सुधरेगी, कचरा प्रबंधन में हम पीछे क्यों हैं, और सड़कों पर इतने गड्ढे क्यों हैं।
उन्होंने कहा कि जनता को इन बुनियादी सवालों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यही मुद्दे शहर और राज्य की असली तस्वीर दिखाते हैं।
बता दें कि अतुल लोंढे पाटिल वर्तमान में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता और महासचिव के रूप में कार्यरत हैं।
राजनीति
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस : पीएम मोदी ने सीएम योगी को दी शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

लखनऊ, 24 जनवरी : उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाओं के साथ संदेश भेजा है। पीएम मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश आज ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र का उत्तम उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संदेश को प्रदेशवासियों के साथ शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के पावन अवसर पर आत्मीय और प्रेरणादायी शुभकामनाओं के लिए आपका हृदय से आभार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी।”
सीएम योगी के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “आज 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है। मैं सभी यूपी वासियों को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ की हृदय से शुभकामनाएं देता हूं। मैं काशी का सांसद हूं और यूपी के लोगों ने मुझे चुनकर लोकसभा भेजा है, इसलिए यह दिन मेरे लिए और भी विशेष हो जाता है। यूपी के लोगों से मुझे जो प्रेम और आत्मीयता मिली है, वह मेरे लिए बहुत बड़ी पूंजी है। उत्तर प्रदेश की मिट्टी में कुछ खास है। उत्तर प्रदेश ने हमेशा अपने सामर्थ्य से, अपनी प्रतिभा से देश के विकास को गति दी है। मुझे खुशी है कि हमारा उत्तर प्रदेश आज ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र का उत्तम उदाहरण बन रहा है।”
पीएम मोदी ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या है, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा-वृंदावन है और इसी भूमि पर सारनाथ से भगवान बुद्ध का ज्ञान विश्व को प्राप्त हुआ था। उत्तर प्रदेश में ही अनादि काशी भी है, और पवित्र प्रयागराज भी है। अयोध्या के राम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा-ध्वजारोहण, काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण, महाकुंभ का आयोजन और अभी चल रहा माघ मेला यूपी के सांस्कृतिक सामर्थ्य को दर्शाता है। यह सामर्थ्य यूपी में पर्यटन की अपार संभावनाओं को साकार कर रहा है।
उन्होंने पत्र में आगे लिखा, “उत्तर प्रदेश झांसी और मेरठ से लेकर काकोरी तक स्वतंत्रता आंदोलन की उर्वरा भूमि भी रहा है। इस प्रांत की मिट्टी को रानी लक्ष्मीबाई, झलकारीबाई, बेगम हजरत महल, मंगल पांडे, राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद और अश्फाकउल्ला खान जैसी महान विभूतियों की जन्मभूमि और कर्मभूमि बनने का गौरव प्राप्त है। मध्यकाल में राजा सुहेलदेव ने आक्रमणकारियों के आतंक का अंत किया था। इतिहास राजा बिजली पासी के शौर्य का भी साक्षी रहा है।”
उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “ऐसी महान प्रेरक गाथाओं को साथ लेकर उत्तर प्रदेश के लोगों ने अपने श्रम, सामर्थ्य और निष्ठा से राज्य की एक अलग पहचान बनाई है। आज उत्तर प्रदेश तेजी से एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक समय ऐसा भी था जब दशकों तक प्रोजेक्ट्स के लंबित रहने के कारण आम लोगों के मन में व्यवस्था के प्रति एक अविश्वास पैदा हो गया था। लेकिन आज, भाजपा सरकार में पुराने प्रोजेक्ट्स भी पूरे हो रहे हैं, और नई परियोजनाएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। इसमें केंद्रीय स्तर पर होने वाली ‘प्रगति’ की बैठकों की भी अहम भूमिका रही है।”
उन्होंने यह भी लिखा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बाद अब गंगा एक्सप्रेसवे भी यूपी के विकास को नई रफ्तार देने जा रहा है। उत्तर प्रदेश जल्द ही 21 हवाई अड्डों वाला प्रदेश बनने की राह पर है और देश में सबसे आगे खड़ा है। लखनऊ, वाराणसी और अयोध्या जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया के लिए हमारे द्वार खोल रहे हैं। जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शीघ्र ही लाखों यात्रियों की उम्मीदों को उड़ान देगा।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ में उत्तर प्रदेश के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य की मजबूत कानून व्यवस्था को लेकर भी तारीफ की। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है। जब हम सामूहिक शक्ति से विकास का निर्धारित लक्ष्य लेकर चलेंगे तो यूपी की प्रगति से देश के विकास को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि उन्हें विकास के हर पैरामीटर पर यूपी को नंबर वन बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी संकल्प लें कि यूपी को आत्मनिर्भर अभियान, मिशन मैन्यूफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी बनाएंगे।
फिर से प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने पत्र के आखिर में पीएम मोदी ने लिखा, “विकसित उत्तर प्रदेश का यह संकल्प दिन-प्रतिदिन विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति की ऊर्जा बनेगा।”
महाराष्ट्र
‘अगर भाजपा यह सोचती है कि वह शिवसेना को खत्म कर सकती है तो वह गलतफहमी में है,’ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा।

मुंबई: शिवसेना को महज एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक विचार बताते हुए, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा का यह मानना गलत है कि वह शिवसेना को खत्म कर सकती है। शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में शनमुखानंद सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि वे और राज ठाकरे तूफानों और चुनौतियों का सामना करने के आदी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए ठाकरे ने कहा कि उन्हें देशभर से संदेश मिले हैं जिनमें शिवसेना के संघर्ष की सराहना की गई है।
उन्होंने कहा, “शिवसेना का नाम मिटाने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे। आपने हाल ही में हुए बीएमसी चुनावों के दौरान इन प्रयासों को विफल कर दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच पैसे बांटे गए, और दावा किया कि मुंबई के नगर निगम चुनावों के दौरान पहली बार ऐसी प्रथा देखने को मिली।
इस अवसर पर बोलते हुए, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे वर्तमान समय में हिंदुत्व को राजनीतिक रूप से “बेचते” देखकर बेहद दुखी होते।
राज ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक ने आत्मसम्मान की भावना जगाकर और यह प्रदर्शित करके कि हिंदू एक सशक्त राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर सकते हैं, पूरे देश के हिंदुओं को जागृत किया था। महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए राज ने कहा कि राज्य “गुलामों के बाज़ार” में तब्दील हो गया है। प्राचीन काल से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कभी गुलामों की नीलामी होती थी, उसी प्रकार आज राजनीति में निर्वाचित प्रतिनिधियों की “नीलामी” हो रही है।
“कल्याणडोम्बिवली हो या पूरा महाराष्ट्र, आज जो कुछ हो रहा है वह बेहद दुखद है,” उन्होंने कहा। राज ने आगे कहा कि शायद यह अच्छा ही हुआ कि बालासाहेब अब जीवित नहीं हैं और ऐसी घटनाओं को नहीं देख पा रहे हैं, क्योंकि इससे उन्हें बहुत पीड़ा होती। उन्होंने यह भी कहा कि बालासाहेब ने हिंदुओं को सिखाया कि मतदान को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जाए – यह बात भाजपा भी शुरुआत में नहीं समझ पाई थी। “आज वही हिंदुत्व राजनीतिक बाजार में बेचा जा रहा है,” राज ने कहा।
बालासाहेब की कलात्मक प्रतिभा को याद करते हुए राज ने कहा कि उनकी बराबरी कोई नहीं कर सकता था। दंगों या भीषण राजनीतिक उथल-पुथल के समय भी बालासाहेब शांत भाव से कार्टून बनाते थे। उन्होंने कहा, “बाहर उनके बारे में चाहे जो कुछ भी कहा जा रहा हो, उनकी कलम और हास्यबोध कभी कम नहीं हुए।” अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे से राजनीतिक मतभेदों और शिवसेना से अलग होने के अपने फैसले पर विचार करते हुए राज ने कहा कि 20 साल पहले पार्टी छोड़ना केवल एक राजनीतिक कदम नहीं था, बल्कि घर छोड़ने जैसा था।
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