राजनीति
मुंबई बीएमसी चुनाव 2026: 1,000 से अधिक बीईएसटी बसों की मांग, यात्रियों को व्यवधानों के लिए तैयार रहना होगा
मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आम चुनाव 2026 से पहले चुनाव संबंधी कार्यों के लिए बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बीईएसटी) की बड़ी संख्या में बसों को नियमित सेवा से हटाए जाने के कारण 14 और 15 जनवरी, 2026 को मुंबई में यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मतदान कर्मियों, चुनाव सामग्री और अन्य चुनाव संबंधी कार्यों के परिवहन के लिए चुनाव अधिकारियों द्वारा 1,023 बीईएसटी बसों की मांग की गई है। इन बसों का उपयोग केंद्रीय चुनाव केंद्रों से मुंबई शहर भर के मतदान केंद्रों तक कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए किया जाएगा।
बसों का बड़े पैमाने पर डायवर्जन ऐसे समय में हो रहा है जब BEST पहले से ही कम बसों के बेड़े की समस्या से जूझ रहा है। वेट-लीज व्यवस्था पर निर्भरता सहित चल रही परिचालन संबंधी दिक्कतों के कारण, दैनिक परिचालन के लिए उपलब्ध बसों की कुल संख्या घटकर लगभग 2,600 रह गई है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, “इस बेड़े का लगभग 40 प्रतिशत चुनाव ड्यूटी में लगा हुआ है, इसलिए सार्वजनिक परिवहन पर इसका काफी असर पड़ने की आशंका है।”
सूत्रों के अनुसार, बसों की कमी के कारण कई मार्गों पर निर्धारित सेवाएं अनियमित हो सकती हैं, जिससे बस स्टॉप पर प्रतीक्षा का समय बढ़ जाएगा। विशेषकर सुबह और देर शाम के समय, व्यस्त समय में दोनों दिन भीड़भाड़ और भी बदतर होने की आशंका है।
हालांकि BEST ने कहा है कि वह उपलब्ध बसों का अधिकतम उपयोग करके और 14 जनवरी की देर रात तक तथा 15 जनवरी की सुबह और देर रात के दौरान सेवा की आवृत्ति बढ़ाकर स्थिति को संभालने का प्रयास करेगा, परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि ये उपाय केवल आंशिक रूप से ही कमी की भरपाई कर सकते हैं।
सार्वजनिक परिवहन कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुंबई की बस सेवाएं कई वर्षों से दबाव में हैं, और चुनाव संबंधी तैनाती ने व्यवस्था की कमज़ोरी को और उजागर कर दिया है। घाटकोपर के रहने वाले और सामाजिक कार्यकर्ता रोहन चंद्र ने कहा, “जब बसों का बेड़ा पहले से ही सीमित है, तो लगातार दो दिनों तक एक हजार से अधिक बसों का मार्ग बदलना दैनिक यात्रियों, विशेष रूप से कार्यालय जाने वालों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को प्रभावित करेगा।”
राष्ट्रीय समाचार
लिस्टिंग से पहले एनएसई आईपीओ का जीएमपी घटकर 43 रुपए, प्रीमियम लिस्टिंग की उम्मीद कमजोर

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग से एक दिन पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) में और गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को आईपीओ का जीएमपी घटकर 43 रुपए प्रति शेयर रह गया, जिससे लिस्टिंग पर सीमित लाभ मिलने के संकेत मिल रहे हैं।
ताजा जीएमपी के आधार पर एनएसई के शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब 1,828 रुपए प्रति शेयर आंकी जा रही है। यह आईपीओ के ऊपरी इश्यू प्राइस 1,785 रुपए की तुलना में लगभग 2.41 प्रतिशत का संभावित प्रीमियम दर्शाता है।
ग्रे मार्केट में निवेशकों का उत्साह पिछले कुछ दिनों में काफी कम हुआ है। आईपीओ खुलने से पहले इसका जीएमपी करीब 145 रुपए प्रति शेयर तक पहुंच गया था, जिससे 8 प्रतिशत से अधिक लिस्टिंग गेन की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि समय के साथ प्रीमियम में लगातार गिरावट देखने को मिली है।
17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुले इस आईपीओ को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी। शेयरों का आवंटन 22 सितंबर को पूरा हुआ, जबकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को बीएसई पर होने की उम्मीद है।
22,568.94 करोड़ रुपए के इस सार्वजनिक निर्गम को कुल मिलाकर 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.58 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। कुल बोलियों का मूल्य 90,287.33 करोड़ रुपए रहा।
निवेशक श्रेणियों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) ने सबसे अधिक रुचि दिखाई। इस हिस्से को 12.68 गुना सब्सक्राइब किया गया। वहीं गैर-संस्थागत निवेशक (एनआईआई) श्रेणी को 6.55 गुना और रिटेल निवेशक (आरआईआई) श्रेणी को 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
एनएसई ने आईपीओ के लिए 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था, और यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) था, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों ने 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की। इस आईपीओ में कंपनी ने कोई नया शेयर जारी नहीं किया।
कारोबारी प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई की आय का बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्जेज से आता है। वित्त वर्ष 2025-26 में परिचालन आय का 78.65 प्रतिशत हिस्सा ट्रांजैक्शन शुल्क से प्राप्त हुआ। इसमें अकेले ऑप्शंस ट्रेडिंग का योगदान परिचालन आय में 60 प्रतिशत से अधिक रहा, जो डेरिवेटिव कारोबार पर कंपनी की मजबूत निर्भरता को दर्शाता है।
बाजार हिस्सेदारी के मामले में भी एनएसई की स्थिति बेहद मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में एक्सचेंज की इक्विटी कैश सेगमेंट में लगभग 93 प्रतिशत, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79 प्रतिशत, करेंसी फ्यूचर्स में 99.48 प्रतिशत और इक्विटी ऑप्शंस में प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर 74.71 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।
हालांकि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में इक्विटी ऑप्शंस बाजार में इसकी हिस्सेदारी घटकर 68.48 प्रतिशत रह गई, जो बढ़ती प्रतिस्पर्धा की ओर संकेत करती है।
राष्ट्रीय समाचार
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला; निफ्टी 23,400 के ऊपर

भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला। सुबह 9:20 पर सेंसेक्स 260 अंक या 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,782 और निफ्टी 83 अंक या 0.35 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,411 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी को सहारा मेटल और एफएमसीजी स्टॉक्स से मिल रहा था। सूचकांकों में निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी ऑटो हरे निशान में थे। केवल निफ्टी आईटी ही लाल निशान में था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 188 अंक या 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,145 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 119 अंक या 0.60 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,934 पर था।
सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन,एचयूएल, इंडिगो, आईटीसी, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल गेनर्स थे। टीसीएस, इन्फोसिस, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई बैंक और बीईएल लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, हाल के दिनों में मार्केट का स्ट्रक्चर तकनीकी रूप से कमजोर रहा है और इसमें गिरावट का रुझान दिखा है। अगर मार्केट की इस स्थिति को बदलना है, तो कुछ बड़े ट्रिगर की जरूरत होगी। लेकिन मौजूदा मैक्रो हालात में, खासकर विकसित देशों में ज्यादा महंगाई को देखते हुए, ऐसा होने की संभावना कम है।
उन्होंने आगे कहा कि घरेलू लिक्विडिटी से व्यापक बाजार को सहारा मिल रहा है। अच्छी ग्रोथ और बेहतर ग्रोथ की संभावनाओं के कारण कई मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश आ रहा है,लेकिन इन सेगमेंट में वैल्यूएशन काफी बढ़ गए हैं।
मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावना के चलते कच्चे तेल में हाल के दिनों में गिरावट देखने को मिली है। अब बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 98.21 डॉलर प्रतिशत पर आ गया है।
राष्ट्रीय समाचार
जयपुर के मर्सिडीज वर्कशॉप में आग, आठ लग्जरी कारें जलकर हुईं राख

राजस्थान के जयपुर में बालाजी मार्केट स्थित मर्सिडीज वर्कशॉप में भीषण आग लग गई, जिससे लगभग आठ कारें और महंगे स्पेयर पार्ट्स व एक्सेसरीज जलकर खाक हो गए।
आग से निकला घना धुआं लगभग पांच किलोमीटर दूर से ही दिखाई दे रहा था। यह घटना मंगलवार देर रात हुई।
यह वर्कशॉप सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिशें शुरू कर दीं। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके की बिजली भी काट दी गई ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।
जब आग लगी, तो वर्कशॉप में नई और पुरानी मिलाकर 50 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी थीं। इससे पहले कि फायर फाइटर्स आग पर काबू पाते, तेज लपटों ने करीब आठ गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। फायर फाइटर्स और पुलिसकर्मियों ने समय रहते कई अन्य गाड़ियों को वर्कशॉप से बाहर निकाल लिया, जिससे और ज्यादा नुकसान होने से बच गया।
फायर ऑफिसर उषा शर्मा ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए करीब 10 फायर टेंडर तैनात किए गए थे। बताया जा रहा है कि फायर टेंडर्स ने लगभग दो घंटे तक आग बुझाने के दौरान 20 से ज्यादा चक्कर लगाए। सांगानेर सदर एसएचओ कमलेश शर्मा ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कई गाड़ियों को सुरक्षित रूप से परिसर से बाहर निकाला गया। साथ ही, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने की सही वजह का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी वर्कशॉप के अंदर गाड़ियों, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामान को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
इससे पहले दिन में जयपुर में नारायण सिंह सर्कल के पास एक मॉल में भी मंगलवार दोपहर 2 बजे आग लग गई थी, जिससे मॉल के अंदर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। आग का पता चलते ही मॉल की बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई। दो फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और करीब 30 मिनट में आग पर काबू पा लिया।
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