राजनीति
व्हाट्सएप पर भाजपा का अप्रत्यक्ष नियंत्रण, जेपीसी जांच कराई जाए : कांग्रेस
कांग्रेस ने शनिवार को एक बार फिर नरेंद्र मोदी सरकार पर फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप को लेकर जमकर हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि कथित रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा अप्रत्यक्ष तरीके से नियंत्रित किया जा रहा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच की मांग भी की है। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि जांच पूरी न होने तक व्हाट्सएप को अपनी भुगतान (पेमेंट) सेवाएं शुरू करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक के भारतीय संचालन और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के बीच अपवित्र घनिष्ठता अब तेजी से उभर रही है और अब ये केवल भारत का नहीं, बल्कि एक वैश्विक मुद्दा है।”
एक अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन (पब्लिकेशन) में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “एक प्रतिष्ठित वैश्विक प्रकाशन ने खुलासा किया है कि व्हाट्सएप, जिसका उपयोग 40 करोड़ भारतीय नागरिक करते हैं, उसे भाजपा द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित किया जाता है।”
भाजपा के साथ फेसबुक और व्हाट्सएप के अधिकारियों के बीच संबंधों की ओर इशारा करते हुए, खेड़ा ने कहा, “अंखी दास के अलावा भी अब खुलासा हुआ है कि एक अन्य वरिष्ठ कार्यकारी, व्हाट्सएप के शिवनाथ ठुकराल, सत्ता प्रतिष्ठान के एक भक्त हैं और उन्होंने अपने पेशेवर आचरण में पक्षपात किया है।”
खेड़ा ने कहा, “खुलासे से पता चलता है कि ठुकराल को फेसबुक ने 2017 में केवल इसलिए काम पर रखा था, क्योंकि वह सत्ताधारी प्रतिष्ठान के बेहद करीब थे। इसमें विस्तृत रूप से बताया गया है कि सत्ता पक्ष के साथ ठुकराल का रिश्ता 2013 में भी था, जब उन्होंने 2014 के चुनाव अभियान के लिए भाजपा के अन्य सहयोगियों के साथ वेबसाइटों और फेसबुक पेजों का संचालन किया, जो वर्तमान सरकार में वरिष्ठ पदों पर बने हुए हैं।”
खेड़ा ने सोशल मीडिया पर पेज बनाकर भाजपा को चुनावी अभियान में फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया। इसके साथ ही खेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 में एक फेसबुक पेज था जिसका नाम ‘मेरा भरोसा’ था, बाद में उसका नाम बदलकर ‘मोदी भरोसा’ कर दिया गया और इसके बाद इसने भाजपा समर्थक और मोदी समर्थक सामग्री साझा करना शुरू कर दिया।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा, “व्हाट्सएप, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भाजपा पारिस्थितिकी तंत्र के दुष्प्रचार और दुर्भावनापूर्ण प्रचार का पर्याय बन गया है। वास्तव में यह अब गलत सूचना का मुख्य साधन है।”
उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप चाहता है कि 40 करोड़ भारतीय इसका इस्तेमाल सिर्फ संचार के लिए नहीं बल्कि भुगतान (पेमेंट) करने के लिए भी करें। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप राजस्व अर्जित कर सकता है और भारत में उसका भविष्य इस भुगतान सुविधा पर निर्भर है। यह एक बहु-अरब डॉलर की पहल होगी, जिसके लिए व्हाट्सएप को मोदी सरकार की मंजूरी और अनुमति की आवश्यकता है।
सरकार पर निशाना साधते हुए, खेड़ा ने कहा, “क्या 40 करोड़ भारतीय व्हाट्सएप पर भरोसा कर सकते हैं जो अप्रत्यक्ष रूप से एक राजनीतिक दल द्वारा नियंत्रित है? क्या आश्वासन है कि व्हाट्सएप का उपयोग करने वाले 40 करोड़ भारतीयों के बैंक विवरण, लेनदेन के विवरण और निजी डेटा को साझा नहीं किया जा रहा है?”
कांग्रेस ने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि फेसबुक इंडिया और भाजपा सभी परिस्थितियों में दोस्त हैं।
कांग्रेस ने मोदी सरकार से कई चीजों की मांग की है।
कांग्रेस ने भाजपा से मांग की है कि वह फेसबुक और व्हाट्सएप के मुद्दे पर जेपीसी जांच कराए। इसके अलावा मांग की गई है कि व्हाट्सएप को पेमेंट लाइसेंस देने से पहले आश्वस्त करें कि डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा फेसबुक ने जो जांच बैठाई है, उसे सार्वजनिक करने को कहा गया है।
राजनीति
‘कांग्रेस-भाजपा को बोलने दिया, हमें क्यों नहीं’, सदन में बात रखने का मौका न मिलने पर नाराज हुए अखिलेश

लोकसभा में बुधवार को नीट पेपर लीक मुद्दे पर सिर्फ कांग्रेस और भाजपा को बोलने का अवसर मिलने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव नाराज हो गए। स्पीकर ओम बिरला के सामने अपनी आपत्ति जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आपने कांग्रेस और भाजपा को बोलने का अवसर दिया, क्या आपने इनसे समझौता किया है?”
अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा, “आपने इनको (कांग्रेस) बोलने दिया, उनको (भाजपा) को बोलने दिया, क्या आपने समझौता कर लिया है? आपने हमें क्यों नहीं बोलने दिया? अध्यक्ष जी, यह पक्ष बिल्कुल ठीक नहीं है। ये युवा-छात्र हम सभी के हैं। हम सभी उनके लिए लड़ रहे हैं।”
नीट मामले पर अखिलेश ने कहा, “यह मामला कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या भाजपा का नहीं है, बल्कि यह नौजवानों और छात्रों का है। अगर छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो हम सड़कों पर आएंगे।”
सपा प्रमुख ने विरोध प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा, “सरकार ने छात्रों के साथ जैसा बर्ताव किया, उनके हाथ-सिर तोड़े गए, उनके कपड़े फाड़े गए। क्या आप (सरकार) हमारी बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे?”
प्रधानमंत्री आवास के पास विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “मैं और राहुल गांधी थे, हम मजबूरी में प्रधानमंत्री के आवास पर गए। अगर सरकार यहां (सदन) में सुन बात सुन लेती तो हम लोग वहां नहीं जाते।”
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के लिए सरकार बाहर बोल सकती है, सदन में क्यों नहीं बोल सकती है।
इससे पहले, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सदन में नीट का विषय उठाया और व्यापक चर्चा की मांग की। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, “सभी पक्षों की राय आ चुकी है। आप (समाजवादी पार्टी) भी चर्चा चाहते हैं, वे (कांग्रेस) भी चर्चा चाहते हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती।” इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, ऑटो और डिफेंस स्टॉक्स में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार को करीब सपाट हुई। इस दौरान सेंसेक्स 85.16 अंक या 0.11 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 77,384.95 और निफ्टी 37.25 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,150.45 पर था।
सूचकांकों में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा है। निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी मेटल, निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी एफएमसीजी हरे निशान में थे। दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी आईटी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी मीडिया लाल निशान में थे।
शुरुआती कारोबार में लार्जकैप की तरह ही मिडकैप शेयरों में मामूली गिरावट देखी जा रही थी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 71 अंक या 0.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 62,915 पर था। हालांकि, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70 अंक या 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,361 पर था।
सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, इटरनल, टाइटन, एचयूएल और ट्रेंट टॉप गेनर्स थे। इंडिगो, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, एसबीआई, सनफार्मा, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, टीसीएस, एनटीपीसी, बीईएल, एचसीएल टेक और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूजर्स थे।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें, दूसरे मोर्चों पर अच्छी खबरों के बावजूद बाजार पर दबाव बनाने का काम कर रही हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर के शुरुआती पहली तिमाही के नतीजे शानदार रहे हैं और मैनेजमेंट की बातें उम्मीद जगाने वाली हैं और निर्यात भी अच्छा रहा है। प्रमुख बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट का दौर अब खत्म होता दिख रहा है। इस सेक्टर में वैल्यू नजर आ रही है।
उन्होंने आगे कहा कि एफसीएनआर डिपॉजिट से डॉलर इनफ्लो के बारे में अच्छी खबरों की वजह से रुपया स्थिर रहने की उम्मीद है। यह इनफ्लो अब 20 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। आगे चलकर इस इनफ्लो के और तेज होने की संभावना है। बाजार में गिरावट आने पर मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को खरीदने का मौका मिलेगा। निकट भविष्य में व्यापक बाजार का अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। बैंकॉक और हांगकांग लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को हरे निशान में बंद हुए थे।
राष्ट्रीय समाचार
सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

दिल्ली पुलिस ने संसद तक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ये एफआईआर दर्ज की गई हैं। फिलहाल, मामलों की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, सीजेपी प्रदर्शन से जुड़े मामलों में संसद मार्ग थाने में 4 एफआईआर और सीपी थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से एक एफआईआर नई दिल्ली क्षेत्र में, जो एक हाई-सिक्योरिटी जोन है, संसद सत्र के दौरान बिना मंजूरी के ड्रोन उड़ाने से जुड़ी है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरएएफ जवान पर हुए हमले के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। वायरल वीडियो में कुछ लोग आरएएफ जवान को पीटते नजर आए। वे आरएएफ की गाड़ी पर पथराव और तोड़फोड़ भी करते दिखे।
ये एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई हैं। साथ ही, जांच टीमें उपद्रव के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया गया कि कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए 250 से अधिक वीडियो की जांच की जा रही है। इनमें मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे के विजुअल और पुलिस के बॉडी-वर्न कैमरों से ली गई फुटेज शामिल हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हजारों प्रदर्शनकारियों ने मध्य दिल्ली में संसद तक मार्च किया। जंतर-मंतर से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित संसद तक मार्च करने की कोशिश में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स गिरा दिए और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हुई।
इस हिंसक प्रदर्शन में दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं।
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