अंतरराष्ट्रीय समाचार
विऔपनिवेशीकरण का मतलब व्यापक अभिलेखागार, अधिक भाषाएं और कठिन सवाल होना चाहिए: वित्त मंत्री सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत अब आत्मविश्वास से भरा हुआ है और अपनी विरासत का अध्ययन करने एवं उसे समझने के लिए किसी और की अनुमति का इंतजार नहीं करता है। साथ ही, उन्होंने देश के बौद्धिक इतिहास को समझने के लिए अधिक व्यापक और कठोर दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय राजधानी में एफआईएचसीआर वार्षिक इतिहास पुरस्कार समारोह और डॉ. एसएल भैरप्पा स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत अपने शिलालेखों का फिर से अध्ययन कर रहा है, अपने समुद्री व्यापार के इतिहास को समझ रहा है और गणित के क्षेत्र में अपने योगदान की ओर लौट रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया ही विऔपनिवेशीकरण का सार होनी चाहिए, जिसका मतलब केवल एक निर्धारित पाठ्यपुस्तक को दूसरी पाठ्यपुस्तक से बदल देना नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा, “इसका मतलब व्यापक अभिलेखागार, अधिक भाषाएं, कठिन सवाल और ऐसे विद्वानों का कहीं बड़ा दायरा होना चाहिए, जिनकी बात वास्तव में सुनी जाए।”
कन्नड़ लेखक और विचारक डॉ. एसएल भैरप्पा के योगदान पर विचार करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी अपने अनुयायियों की सेना खड़ी करने की कोशिश नहीं की, बल्कि इस बात पर ध्यान दिया कि इंसान सत्य को देखने और समझने के अपने तरीके को कैसे बेहतर बना सकता है।
भैरप्पा के दार्शनिक विचार “सत्य मत्तु सौंदर्य”, जिसका अर्थ सत्य और सुंदरता है, का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसी प्राचीन सभ्यता के लिए बौद्धिक खोज और चिंतन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
वित्त मंत्री सीतारमण ने इस प्रक्रिया को “बौद्धिक स्वराज का एक कार्य” बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वतंत्रता ने भारतीयों को स्वयं शासन करने का अधिकार दिया, जबकि बौद्धिक स्वतंत्रता उन्हें खुद को जानने का अधिकार देगी।
वित्त मंत्री ने कहा, “यह सार्थक है कि भारत डॉ. एसएल भैरप्पा का सम्मान कर रहा है। उनकी डॉक्टरेट थीसिस का शीर्षक ‘सत्य मत्तु सौंदर्य’ ही उनके पूरे जीवन की दिशा को परिभाषित करता था।”
उन्होंने कहा, “इस मंथन को जारी रहने दें और प्रमाण, कठोरता तथा अंतरात्मा को अंतिम निर्णय देने दें।” उन्होंने कहा कि भारत को सामूहिक रूप से “बौद्धिक स्वराज के स्वर्णिम युग” की ओर बढ़ना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
हूती का दावा, ‘सऊदी अरब ने 14 भारतीयों वाली नौका को बनाया निशाना, हम बचा रहे’

यमन के हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को दावा किया कि सऊदी अरब ने लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में जुकर द्वीप के पास 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नौका को निशाना बनाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, यमन के सशस्त्र बल नौका पर सवार लोगों को बचाने के अभियान में जुटे।
सरी ने सोशल मीडिया मंच प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट के जरिए कहा, “शुरुआती जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब ने जुकर द्वीप के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रही नौका को निशाना बनाया। यमन के सशस्त्र बल बचाव अभियान चला रहे हैं और इस संबंध में आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी।”
हूती प्रवक्ता ने इस कथित कार्रवाई को लापरवाही भरा कदम बताते हुए कहा कि इससे लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को खतरा पैदा होता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सऊदी अरब को ऐसी कार्रवाई रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की।
यह घटनाक्रम सऊदी अरब में दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार रात हुए हमले के एक दिन बाद सामने आया है। भारतीय दूतावास ने गुरुवार को बताया कि इस हमले में मारे गए दो लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था, जबकि दो अन्य भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।
दूतावास ने एक्स पोस्ट में कहा, “सऊदी अधिकारियों ने हमले में भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य भारतीयों के घायल होने की जानकारी दी है। वह घटना से जुड़ी अधिक जानकारी जुटा रहे हैं और पीड़ित परिवारों के संपर्क में है।” उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
भारत ने गुरुवार को सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरामको के पूर्वी प्रांत स्थित शैबह तेल क्षेत्र पर 21 अक्टूबर को हुए हमलों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हम सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। इनमें दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और पूर्वी प्रांत में सऊदी अरामको के शैबह तेल क्षेत्र पर 21 अक्टूबर को हुए हमले शामिल हैं। इन हमलों में दुर्भाग्यवश आम नागरिकों की मौत हुई है और लोग घायल हुए हैं।”
भारत ने कहा कि नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के प्रयासों में वहां की सरकार और जनता के प्रति एकजुटता भी जताई।
मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
इस बीच, हूती विद्रोहियों ने इस सप्ताह यमन के विभिन्न प्रांतों में सऊदी सेना की ओर से हवाई और मिसाइल हमले किए जाने का आरोप भी लगाया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
होर्मुज स्ट्रेट में 21 भारतीय नाविकों वाले तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला, सभी सुरक्षित

होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। इस टैंकर पर 21 भारतीय नाविक सवार थे। हालांकि, राहत की बात है कि सभी नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस बारे में जानकारी दी है।
यह घटना स्थानीय समय के अनुसार बुधवार को हुई। कुवैत के झंडे वाला तेल टैंकर एम/टी अल दसमा जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “21 अक्टूबर को कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी अल दसमा पर, जिसमें 21 भारतीय नाविक थे, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। हमारे सभी 21 भारतीय चालक दल के सदस्य बाकी क्रू के साथ पूरी तरह से सुरक्षित हैं।”
उन्होंने लिखा, “हम लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपने नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ निकट संपर्क में हैं।”
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने भी इस हमले को ट्रैक किया। उनके अनुसार हमला ओमान के बुखा से 11 नॉटिकल मील पश्चिम में हुआ।
टाइम्स कुवैत की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद जहाज पर आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि टैंकर अभी भी वहीं रुका हुआ है और सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
यह हमला खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों से जुड़ी घटनाओं की श्रृंखला के बीच हुआ है। इससे पहले 16 अक्टूबर को भी होर्मुज स्ट्रेट में ही कच्चे तेल के टैंकर एमटी एसटी 3 पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। उस टैंकर पर 15 भारतीय नाविक सवार थे। उस घटना में भी सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित थे और किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी।
भारत ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच समुद्री नेविगेशन और वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की कई बार निंदा की है। नई दिल्ली ने कई मौकों पर दोहराया है कि वाणिज्यिक जहाजों और व्यापारी नाविकों पर सभी हमले ‘कानूनी और नैतिक रूप से अक्षम्य’ हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से नेविगेशन की स्वतंत्रता और समुद्री व्यापार के सुरक्षित प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पाकिस्तान: पंजाब में हाईवे पर यात्री बस पलटने से 10 की मौत, 44 घायल

पाकिस्तान में बुधवार को सड़क हादसे में 10 की मौत हो गई जबकि 44 लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने पुलिस और रेस्क्यू प्रोवाइडर के हवाले से इसकी जानकारी दी।
मीडिया आउटलेट डॉन ने पाकिस्तान की एक प्रमुख आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के हवाले से बताया, राजनपुर जिले की रोजहान तहसील में सिंधु हाईवे पर एक यात्री बस सड़क के डिवाइडर से टकराकर पलट गई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 44 अन्य घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक यह हादसा सुबह करीब 5:45 बजे बांग्ला हिदायत इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि बस की गति तेज थी और वो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। जियो न्यूज ने बताया कि बस कराची से डेरा गाजी खान जा रही थी।
‘रेस्क्यू 1122’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मृतकों में सात पुरुष, दो महिलाएं और एक बच्ची शामिल हैं।
घायलों में से 38 लोगों का इलाज राजनपुर जिला मुख्यालय (डीएचक्यू) अस्पताल में किया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल चार लोगों को डेरा गाजी खान और दो अन्य गंभीर घायलों को रहीम यार खान के शेख जायद अस्पताल रेफर किया गया।
‘रेस्क्यू 1122’ ने बताया कि इमरजेंसी कॉल मिलने के तुरंत बाद उन्होंने कार्रवाई की और राजनपुर, जामपुर तथा रोजहान से 10 एम्बुलेंस और दो बचाव वाहन मौके पर भेजे। इस बचाव अभियान में 35 बचावकर्मी शामिल थे।
राजनपुर के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) इमरान रंझा, जिला पुलिस अधिकारी और असिस्टेंट कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे, ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और बचाव कार्यों में समन्वय किया जा सके।
डीसी रंझा ने ‘डॉन’ को बताया कि बस ड्राइवर (जो घटना के बाद मौके से भाग गया था) और बस के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान में राजमार्गों और मोटरवे पर हो रही दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना, ड्राइवर की थकान और वाहनों का खराब रखरखाव शामिल है। इसके अलावा, सड़कों की खराब हालत भी ऐसी घटनाओं का एक बड़ा कारण बनती है।
यह घटना मुल्तान में एक तेज रफ्तार कार के सड़क डिवाइडर से टकराने के दो दिन बाद हुई है। सोमवार को मुल्तान के बोसन रोड पर हुए सड़क हादसे में 20-25 साल की उम्र के पांचों युवकों की मौत हो गई थी। उनकी तेज रफ्तार टोयोटा कोरोला कार पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई, फिर पास के एक प्लॉट की दीवार से जा भिड़ी, जिसके बाद उसमें आग लग गई थी।
‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार, पूरे पंजाब में हर दिन सड़क हादसों के लगभग 1,352 मामले सामने आते हैं, जिनमें औसतन 14 लोगों की मौत हो जाती है।
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