राजनीति
भाजपा आलाकमान ने बढ़ाया केशव प्रसाद मौर्य का कद
सिराथू विधानसभा से विधायक का चुनाव हारने के बावजूद एक बार फिर से उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बना कर भाजपा आलाकमान ने केशव प्रसाद मौर्य का कद बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर से यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि उनकी नजर में केशव प्रसाद मौर्य आज भी प्रदेश के बड़े नेता और पिछड़ों की सबसे मजबूत आवाज है और एक चुनाव हारने से आलाकमान की नजर में उनका महत्व कम नहीं हो गया है। शुक्रवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार के लगभग दो दर्जन मंत्री दोबारा जगह नहीं हासिल कर पाएं, यहां तक कि पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम करने वाले दिनेश शर्मा को भी इस बार सरकार में जगह नहीं मिल पाई। लेकिन केशव प्रसाद मौर्य पूरे दमखम के साथ नई सरकार में भी उपमुख्यमंत्री के तौर पर ही शामिल हुए।
राम मंदिर आंदोलन को राष्ट्रीय धार देने वाले विश्व हिंदू परिषद के दिग्गज नेता अशोक सिंघल के करीबी रहे केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक सफर भी सिराथू विधानसभा से ही शुरू हुआ था, जब वो 2012 में यहां से पहली बार विधायक बने। 2014 में वो फूलपुर से लोकसभा का चुनाव जीतकर सांसद बने। 2016 में मोदी-शाह की जोड़ी ने उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया और बतौर प्रदेश अध्यक्ष मौर्य ने 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के 14 वर्षों के वनवास को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई। 2017 में भाजपा गठबंधन ने 325 सीटों के साथ प्रदेश में सरकार बनाई और योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उस सरकार में केशव प्रसाद मौर्य को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
उसी समय से योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के रिश्ते बहुत सहज नहीं रहे, कई बार अलग-अलग तरह की खबरें निकल कर सामने आती रही। ऐसे में 2022 में सिराथू से केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव हारने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए थे। लेकिन योगी मंत्रिमंडल में केशव प्रसाद मौर्य को एक बार फिर से उपमुख्यमंत्री बना कर भाजपा आलाकमान ने यह जता दिया है कि उन्हें केशव प्रसाद मौर्य की क्षमता और लोकप्रियता पर पूरा भरोसा है। मौर्य 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पिछड़ों को भाजपा के साथ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अपराध
नोएडा: पुलिस ने चोरी की बड़ी वारदात का किया खुलासा, शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

नोएडा, 9 जनवरी: नोएडा के थाना सेक्टर-20 क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई भारी नकदी बरामद करने के साथ-साथ उसके बैंक खाते में जमा रकम को भी फ्रीज कराया है।
यह कार्रवाई दिनांक 8 जनवरी 2026 को की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शिखर खुराना पुत्र अजय खुराना के रूप में हुई है। अभियुक्त को मल्टीलेवल कार पार्किंग के सामने फुटपाथ से गिरफ्तार किया गया। उसकी उम्र मात्र 21 वर्ष है और वह काफी शातिर तरीके से अपराध को अंजाम देता था।
अभियुक्त मूल रूप से वसुंधरा पार्क वन, भूरा रानी रोड, रुद्रपुर (उत्तराखंड) का निवासी है, जबकि वर्तमान में वह सेक्टर-151, नोएडा के वी-1, एल्डीगो में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त ने दिनांक 5 जनवरी 2026 को डीएलएफ मॉल पर पीड़ित से पहले फोन पर बातचीत की थी।
इसके बाद उसने फॉरेक्स कॉइन ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाए। भरोसा जीतने के बाद अभियुक्त ने मौके का फायदा उठाते हुए कार में रखा पैसों से भरा बैग चोरी कर लिया और फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के आधार पर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से चोरी किए गए 4 लाख 60 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, अभियुक्त के बैंक खाते में मौजूद 2 लाख रुपये की रकम को फ्रीज करा दिया गया है, जिससे कुल बरामदगी और कार्रवाई की राशि 6 लाख 60 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
बरामदगी के दौरान पुलिस को एक आधार कार्ड की छायाप्रति और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी मिला है। अभियुक्त के खिलाफ थाना सेक्टर-20, गौतमबुद्धनगर में मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं वह इस तरह की अन्य घटनाओं में तो शामिल नहीं रहा है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर अनजान लोगों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
राजनीति
ममता बनर्जी का आचरण शर्मनाक और असंवैधानिक, लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया: रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली, 9 जनवरी: कोलकाता में आई-पैक कार्यालय पर ईडी की रेड के बाद सियासी बवाल जारी है। इसी बीच शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने प्रेसवार्ता कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि गुरुवार को बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। सीएम ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “आजाद भारत के बंगाल में जो हुआ, वो आज तक नहीं हुआ। एक निजी प्रॉपर्टी में, जहां ईडी की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई चल रही थी, वहां एक मौजूदा मुख्यमंत्री चली जाएं और ईडी के लोगों को धमकाएं और पेपर छीनकर चली जाएं। कोयले की स्मगलिंग और हवाला ट्रांजैक्शन को लेकर ईडी कार्रवाई कर रही है, जिसके तहत कई जगह रेड हुई। प्रतीक जैन की कंसल्टेंसी फर्म को लेकर शिकायत आई कि यहां से करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है।”
उन्होंने कहा कि ये हम नहीं कह रहे हैं, ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है, जो उनकी वेबसाइट पर मौजूद है। ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल का हाल बेहाल हो गया है। आपको मालूम है कि बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं।
रविशंकर ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि ये रेड न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। ये रेड एक निजी कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी। ऐसे में ममता बनर्जी अपने पुलिस अधिकारियों के साथ जाती हैं और ईडी के लोगों को धमकाया जाता है। ममता बनर्जी उनसे बहस करती हैं और पेपर छीन कर चली जाती हैं। उनका आचरण न केवल अमर्यादित और शर्मनाक है, बल्कि उन्होंने इससे संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।
उन्होंने पूछा, “मुख्यमंत्री ममता, आपको इतनी घबराहट क्यों है? आप 14 साल से मुख्यमंत्री रही हैं, केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं और गवर्नेंस समझती हैं। आपने सारे नियमों, कानूनों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करके वहां जाना जरूरी समझा, तो वहां कुछ ऐसा संदिग्ध था जिसे निकालना आवश्यक था।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ममता ने कॉन्ट्रैक्ट लिया हुआ है कि बंगाल में कोई जांच नहीं होने देंगी? बंगाल के भ्रष्टाचार में किसी भी सीबीआई और ईडी की जांच नहीं होने देंगी, क्योंकि हर जगह उनके सिस्टम के पांव फैले हुए हैं। हम इसकी कड़ी भर्त्सना करते हैं।
राजनीति
महाराष्ट्र की राजनीति में 5 साल बाद न शिंदे रहेंगे न अजित पवार: असदुद्दीन ओवैसी

धुले, 9 जनवरी: महाराष्ट्र के धुले में आयोजित एक जनसभा में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर तल्ख टिप्पणी की और पार्टी द्वारा लगाए गए उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें एआईएमआईएम को भाजपा की ‘बी-टीम’ कहा गया। ओवैसी ने कहा कि ऐसे आरोप सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं।
अपने भाषण में ओवैसी ने मुंबई ट्रेन ब्लास्ट का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई ट्रेन धमाकों में 185 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी और इस मामले में 11 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी 11 लोग करीब 19 साल तक जेल में बंद रहे।
उन्होंने कहा, “जरा सोचिए, अगर आप यहां बैठे हों और अचानक आपको फोन आए कि तुरंत आ जाइए। अब उन 11 लोगों के बारे में सोचिए, जिन्होंने अपनी जिंदगी के 19 साल सलाखों के पीछे गुजार दिए।”
ओवैसी ने महाराष्ट्र की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, अजित पवार अपने ही चाचा शरद पवार के सामने खड़े नहीं हो सके तो जो लोग आंख बंद करके उनका पीछा कर रहे हैं, उनका क्या होगा?”
असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि आने वाले पांच साल बाद जब फिर से चुनाव होंगे, तब न तो एकनाथ शिंदे रहेंगे और न ही अजित पवार। उस वक्त असदुद्दीन ओवैसी की जमात रहेगी।
एआईएमआईएम प्रमुख ने संसद में अपने एक पुराने कदम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने संसद में खड़े होकर कहा था कि कुछ कानून बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के खिलाफ हैं और उन्होंने उस कानून की प्रति फाड़कर संसद के फर्श पर फेंक दी थी। ओवैसी ने सवाल किया, ‘क्या अजित पवार ऐसा कर सकते थे?’
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ही जनता की आवाज को मजबूती से आगे ले जा सकती है।
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