राष्ट्रीय
आदित्य बिड़ला कैपिटल, गेल 2022 में ‘खरीद’ के लिए शीर्ष 10 शेयरों में शामिल : एचडीएफसी सिक्योरिटीज
ब्रोकरेज हाउस एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने वर्ष 2022 के लिए इन 10 शेयरों- आदित्य बिड़ला कैपिटल, गेल इंडिया, हिंदुस्तान जिंक, इप्का लैब्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मैक्स फाइनेंशियल, मैक्स हेल्थकेयर, भारतीय स्टेट बैंक, टेक महिंद्रा और जी एंटरटेनमेंट को ‘बाय’ कॉल दी है। आदित्य बिड़ला कैपिटल आदित्य बिड़ला समूह के सभी वित्तीय सेवा व्यवसायों की होल्डिंग कंपनी है।
ब्रोकरेज ने कहा, “यह अगले तीन वर्षो में फ्रेंचाइजी क्षमता के करीब समेकित रिटर्न अनुपात को कायम रखने के लिए अपनी विश्वसनीय बदलाव यात्रा जारी रखेगी।”
हालांकि, साथियों और नए प्रवेशकों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर और अर्थव्यवस्था में मंदी के कारण उधार पुस्तिका में संपत्ति की गुणवत्ता का बिगड़ना स्टॉक के लिए प्रमुख चिंताएं हैं।
गैस संचरण और वितरण कंपनी गेल प्राकृतिक गैस विपणन और परिवहन के अपने मुख्य व्यवसाय में वृद्धि के पूरक के लिए पेट्रोकेमिकल्स, विशेष रसायनों और नवीकरणीय ऊर्जा में विस्तार करने की योजना बना रही है। यह नई पाइपलाइनों के लिए बोली लगाने का भी इरादा रखता है।
ब्रोकरेज ने कहा, तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मौजूदा पाइपलाइनों में उच्च शुल्क में कमी और नियामक परिवर्तन निकट भविष्य में इसकी वृद्धि की कहानी को प्रभावित कर सकते हैं।
हिंदुस्तान जिंक जिंक-सीसा और चांदी के दुनिया के सबसे बड़े और भारत के एकमात्र एकीकृत निर्माताओं में से एक है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जस्ता-सीसा खनिक है।
यह मिश्र धातुओं सहित 77 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी और मिश्र धातुओं के बिना 80 प्रतिशत के साथ भारत का सबसे बड़ा प्राथमिक जस्ता उत्पादक है।
कंपनी के बयान के मुताबिक, “उच्च परिचालन दक्षता पूरी तरह से एकीकृत संचालन और कम लागत, उच्च ग्रेड जस्ता भंडार और भारत सरकार के साथ दीर्घकालिक समझौतों के माध्यम से राजस्थान में सीसा-जस्ता डिपोजिट थोक बाजार तक पहुंच के साथ संचालित है, इसलिए कंपनी को मध्यम अवधि में जस्ता का कम लागत वाला उत्पादक बनाए रखना चाहिए।”
इप्का लैब्स के लिए ब्रोकरेज हाउस सभी उत्पादों में घरेलू फॉर्मूलेशन में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (एपीआई) सेगमेंट में लागत प्रतिस्पर्धी और लगातार गुणवत्ता के कारण सकारात्मक है।
प्रमुख चिकित्सीय खंडों में हृदय दर्द प्रबंधन, मलेरिया-रोधी और मधुमेह-रोधी, संक्रामक-विरोधी शामिल हैं। वित्तवर्ष 2011 में कंपनी ने अपने राजस्व का 46 प्रतिशत घरेलू बाजार से, जबकि 54 प्रतिशत अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से प्राप्त किया।
महिंद्रा एंड महिंद्रा, दुनिया के सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माता और भारत में तीसरे सबसे बड़े यात्री वाहन निर्माता के मामले में ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि इसके उत्पाद की पेशकश पूरे ऑटोमोबाइल क्षेत्र को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकती है।
एमएंडएम ने मध्यम अवधि (2027 तक) में विकास को गति देने के लिए कृषि उपकरण खंड में 10 गुना वृद्धि का लक्ष्य रखा है।
राजनीति
असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”
उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।
आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।
इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।
सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।
यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।
सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।
राष्ट्रीय
सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।
सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।
सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।
सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।
राजनीति
राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।
उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।
बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।
समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
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