Connect with us
Saturday,25-April-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

अदाणी और पोस्को ने स्टील मिल के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

Published

on

adani (1)

अदाणी समूह ने कारोबार की संभावनाएं तलाशने के लिए स्टील कंपनी पोस्को के साथ एक समझौता किया है, जिसमें 5 अरब डॉलर के अनुमानित निवेश के साथ गुजरात के मुंद्रा में एक इंटिग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना शामिल है। गौतम अदाणी की अगुआई वाले अदाणी समूह ने गुजरात के मुंद्रा में हरित, पर्यावरण के अनुकूल एकीकृत स्टील मिल की स्थापना के साथ-साथ अन्य व्यवसायों सहित व्यापार सहयोग के अवसरों को तलाशने के लिए पोस्को के साथ समझौता किया है।

कंपनी ने कहा है कि पोस्को के साथ समझौते के बाद कंपनी को कार्बन का उत्सर्जन कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। पोस्को और अदाणी के बीच हस्ताक्षरित गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन कार्बन कटौती आवश्यकताओं के जवाब में अक्षय ऊर्जा, हाइड्रोजन और रसद जैसे विभिन्न उद्योगों में समूह व्यापार स्तर पर आगे सहयोग करने का इरादा रखता है।

अदाणी ग्रुप ने एक बयान में कहा है कि पोस्को और अदाणी ग्रुप मिलकर रिन्यूएबल एनर्जी के संसाधनों और ग्रीन हाइड्रोजन का सही उपयोग करने की रणनीति पर काम करेंगे।

दोनों पक्ष सहयोग करने और प्रत्येक कंपनी की तकनीकी, वित्तीय और परिचालन शक्तियों का लाभ उठाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर गौर कर रहे हैं। इस सहयोग में पोस्को की अत्याधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक आरएंडडी क्षमता के आधार पर मुंद्रा, गुजरात में एक संयुक्त एकीकृत स्टील मिल का मूल्यांकन शामिल है। पोस्को और अदाणी, दोनों भागीदारों की स्थिरता और ऊर्जा दक्षता के लिए ईएसजी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप अक्षय ऊर्जा संसाधनों और हरित हाइड्रोजन का उपयोग करने का इरादा रखते हैं।

पोस्को के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) जिओंग-वू शोई ने कहा, “पोस्को और अदाणी में स्टील और एनवायरमेंट फ्रेंडली बिजनेस (पर्यावरण के अनुकूल व्यवसाय) में पोस्को की स्टील मेकिंग में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और एनर्जी एवं इंफ्रास्ट्रक्च र में अदाणी की विशेषज्ञता के साथ व्यापक तालमेल की संभावनाएं हैं। मुझे उम्मीद है कि यह भागीदारी भारत और दक्षिण कोरिया के बीच एक अच्छा और टिकाऊ कारोबारी सहयोग मॉडल बनेगी।”

1988 में स्थापित अदाणी समूह रसद (बंदरगाह, हवाईअड्डे, शिपिंग और रेल), संसाधन, बिजली उत्पादन और वितरण, अक्षय ऊर्जा, गैस और बुनियादी ढांचे में रुचि रखने वाले भारत में विविध व्यवसायों का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता पोर्टफोलियो है। अदाणी ने हाल ही में दुनिया की सबसे बड़ी अक्षय ऊर्जा कंपनी बनने और भविष्य में हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश योजना की घोषणा की है।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, “हमें स्टील उत्पादन और कार्बन कटौती में दुनिया के सबसे कुशल और उन्नत स्टील प्रोड्यूसर पोस्को के साथ साझेदारी की घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है। यह साझेदारी भारत के विनिर्माण उद्योग और भारत सरकार द्वारा संचालित आत्मनिर्भर भारत योजना के विकास में योगदान देगी। यह हरित व्यवसायों में भारत की स्थिति को मजबूत करने में भी मदद करेगी।”

दक्षिण कोरिया की पोस्को कंपनी के पास पोस्को महाराष्ट्र नाम की एक यूनिट है, जिसमें 18 लाख टन की क्षमता वाला कोल्ड रोल और गैल्वनाइज्ड यूनिट शामिल शामिल है। इसके साथ ही पुणे, दिल्ली, चेन्नई और अहमदाबाद में कंपनी के चार प्रोसेसिंग प्लांट स्थित हैं। यह आशा की गई है कि पोस्को और अदाणी के बीच यह व्यापारिक सहयोग भारतीय इस्पात उद्योग में प्रमुख भागीदारी तालमेल लाएगा।

पोस्को और अदाणी ने इस समझौते के लिए सरकार से समर्थन और सहयोग के लिए गुजरात सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

राष्ट्रीय

पश्चिम एशिया संकट के बीच डीजी शिपिंग का बड़ा कदम, निर्यातकों को राहत देने के निर्देश; नाविकों को सुरक्षित रहने की सलाह

Published

on

oil

नई दिल्ली, 9 अप्रैल : पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने बंदरगाहों को निर्देश दिया है। कि युद्ध प्रभावित पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) क्षेत्र में फंसे माल (कार्गो) वाले निर्यातकों को राहत दी जाए और उन्हें जरूरी छूट प्रदान की जाए।

एक सर्कुलर में कहा गया है कि बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली छूट, जैसे डिटेंशन चार्ज, ग्राउंड रेंट, रीफर प्लग-इन (कनेक्टेड लोड) और अन्य टर्मिनल चार्ज, सभी मामलों में समान रूप से निर्यातकों तक नहीं पहुंच रही हैं।

डीजी शिपिंग ने निर्देश दिया है कि पोर्ट अथॉरिटी द्वारा दी गई सभी छूट पारदर्शी तरीके से सीधे संबंधित हितधारकों, जिनमें फ्रेट फॉरवर्डर्स और एनवीओसीसी शामिल हैं, को दी जाएं और वे आगे इसे निर्यातकों तक पहुंचाएं।

इसके साथ ही बंदरगाह प्राधिकरणों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे टर्मिनल स्तर पर इसकी निगरानी करें ताकि छूट का लाभ बिना देरी के सही लोगों तक पहुंचे।

रेगुलेटर ने पोर्ट और टर्मिनल ऑपरेटर्स से कहा है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि लागत में पारदर्शिता बनी रहे, निर्यातकों के हित सुरक्षित रहें और संकट के दौरान कामकाज प्रभावित न हो।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निर्यातक 497 करोड़ रुपए की रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) योजना के तहत दावा कर सकें और लाभ उठा सकें।

डीजी शिपिंग ने कहा, “शिपिंग कंपनियां ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता और ऑडिट की सुविधा बनाए रखें। साथ ही, कार्गो पर लगने वाला वॉर रिस्क प्रीमियम भी बदला है, जो पहले के निर्देशों के अनुरूप नहीं हो सकता। इस मामले को बीमा कंपनियों के साथ उठाया जा रहा है।

इसी बीच डीजी शिपिंग ने ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि जो नाविक किनारे पर हैं, वे घर के अंदर रहें, संवेदनशील जगहों से दूर रहें और अपनी आवाजाही के लिए भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।

वहीं, जो नाविक जहाज पर हैं, उन्हें जहाज पर ही रहने और बिना जरूरत किनारे पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

सभी कर्मियों से सतर्क रहने, आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने और अपनी कंपनी व संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बने रहने की अपील की गई है।

Continue Reading

राष्ट्रीय

राणा अयूब के संदेशों पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स से मांगा जवाब

Published

on

law

नई दिल्ली, 8 अप्रैल : दिल्ली उच्च न्यायालय में पत्रकार राणा अयूब से जुड़े एक मामले में अहम सुनवाई हुई है।

यह मामला वर्ष 2013 से 2017 के बीच उनके सामाजिक माध्यम पर किए गए संदेशों से जुड़ा है, जिनमें उन पर भारत विरोधी भावना फैलाने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राणा अयूब द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और वीर सावरकर को लेकर किए गए कुछ संदेशों पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि ये संदेश अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक प्रकृति के प्रतीत होते हैं, जो समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई होना आवश्यक है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस संबंध में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स को निर्देश दिया है कि वे इन संदेशों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दें। साथ ही, यह भी बताएं कि आगे क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में देरी उचित नहीं है और इसे तुरंत सुना जाना जरूरी है।

न्यायालय ने राणा अयूब को भी नोटिस जारी किया है और उनसे इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक भावना और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों का जवाब समय पर आना जरूरी है।

साथ ही, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और सोशल साइट एक्स को निर्देश दिया है कि वे अगले दिन तक अपना जवाब दाखिल करें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की है, जहां इस पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

Continue Reading

राजनीति

बारामती उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे की इस शर्त से बढ़ी सियासी हलचल

Published

on

पुणे, 6 अप्रैल : बारामती विधानसभा उपचुनाव में एक नए मोड़ आ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार और वकील आकाश मोरे ने साफ कह दिया है कि वह अपना नामांकन तभी वापस लेंगे, जब महाराष्ट्र सरकार अजित पवार के विमान हादसे की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करेगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हादसा केवल संयोग नहीं था और सच सामने लाना बेहद जरूरी है।

आकाश मोरे ने कहा, “हम यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा और भाजपा की विचारधारा का विरोध करने के लिए लड़ रहे हैं। अगर सरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज करती है और गंभीर जांच करती है, तभी मैं अपना नामांकन वापस लेने पर विचार करूंगा।”

आकाश मोरे पेशे से वकील हैं और उनकी एक राजनीतिक विरासत है। उनके पिता 2014 में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय को इतने बड़े नेता की मौत को गंभीरता से लेना चाहिए। मोरे ने कहा, “बारामती और महाराष्ट्र के ‘कर्तापुरुष’ चले गए। सवाल यह है कि आखिर एफआईआर क्यों नहीं हुई या जांच क्यों नहीं हुई? हमने अजित दादा का राजनीतिक विरोध किया, ये हो सकता है, लेकिन राज्य के विकास के मामले में उनके साथ खड़े रहे। अगर कोई बड़ा नेता हादसे में मर जाए और एफआईआर दर्ज न हो, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।”

उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल भी इस रुख से सहमत हैं। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे की शर्त पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा, “अजित दादा के निधन के बाद उनके परिवार ने भी जांच की मांग की थी। इसलिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन यह प्रक्रिया कहां अटकी? रोहित पवार को एफआईआर दर्ज कराने के लिए महाराष्ट्र भर में दौड़ लगानी पड़ी और आखिरकार यह एफआईआर केवल कर्नाटक में हुई। क्या यही संवेदनशीलता है? हमारी मांग है कि एफआईआर महाराष्ट्र, खासकर बरामती में दर्ज हो तभी हम निर्णय करेंगे।”

अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे सोमवार को कांग्रेस की तरफ से नामांकन दाखिल करेंगे। इस पर काफी चर्चा और आलोचना हो रही है। कई लोग पुरानी परंपराओं का हवाला देते हुए सुझाव दे रहे हैं कि कांग्रेस को इस चुनाव में निर्विरोध मतदान होने देना चाहिए। क्या नांदेड में वसंतराव चव्हाण की मृत्यु के बाद चुनाव नहीं हुए थे? क्या भरत भालके के निधन के बाद मंगलवेढा में चुनाव नहीं हुए थे? ऐसे अनगिनत उदाहरण दिए जा सकते हैं जहां भाजपा ने अपनी सुविधा के अनुसार राजनीति की है।”

कांग्रेस के इस कदम ने निर्विरोध चुनाव की संभावना को रोक दिया है। पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे के समर्थन से सुनेत्रा पवार बिना मुकाबले चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन कांग्रेस द्वारा आकाश मोरे को मैदान में उतारे जाने के फैसले ने सबको चौंका दिया और अब नामकंन वापस लेने के लिए ये मांग रखी है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पहले कोशिश की कि चुनाव बिना मुकाबले हो, लेकिन कांग्रेस ने आकाश मोरे को मैदान में उतारकर खेल बदल दिया। जैसे-जैसे नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है, सबकी नजरें अब महायुति सरकार पर हैं कि वह इस मांग का क्या जवाब देती है। इस बीच, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने बारामती के लोगों से अपील की है कि सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड बहुमत से चुने।

Continue Reading
Advertisement
अपराध4 minutes ago

मुंबई : हाथी दांत को 3.5 करोड़ रुपए में बेचने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र16 hours ago

मुंबई पुलिस ने 367 फरार और वॉन्टेड आरोपियों को गिरफ्तार किया

महाराष्ट्र17 hours ago

वर्ली भाजपा रैली का विरोध कर रही महिला के खिलाफ कोई एफ आई आर दर्ज नहीं, मुंबई पुलिस ने एक्स पर सफाई दी, गुमराह करने वाली खबर से इनकार किया

अपराध18 hours ago

नासिक के बाद मुंबई में यौन उत्पीड़न के मामलों में लव जिहाद और कॉर्पोरेट जिहाद करने की साजिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कॉर्पोरेट जिहाद की बात से किया इनकार

राष्ट्रीय समाचार19 hours ago

भारत में एआई इंजीनियरिंग भर्तियां 59.5 प्रतिशत बढ़ी, छोटे शहरों में मांग ने पकड़ी रफ्तार

राजनीति21 hours ago

पश्चिम बंगाल एसआईआर मामला: चुनाव ड्यूटी पर तैनात अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

महाराष्ट्र21 hours ago

सेंसेक्स 77,000 के नीचे फिसला; आईटी सेक्टर, महंगा कच्चा तेल जैसे कारणों से तीन सत्रों से लगातार हो रही बिकवाली

मनोरंजन21 hours ago

गृहणियों को ‘घर का सुपरस्टार’ मानते हैं अक्षय कुमार, उनकी जिंदगी पर फिल्म बनाने की मंशा

अंतरराष्ट्रीय समाचार23 hours ago

ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की

राष्ट्रीय समाचार24 hours ago

जम्मू-कश्मीर मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी, सोपोर में एक तस्कर गिरफ्तार

महाराष्ट्र4 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र पुलिस के लिए भी अब हेलमेट पहनना अनिवार्य, डीजीपी ने जारी किया आदेश

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

महाराष्ट्र2 weeks ago

ग्रांट रोड के बार पर छापा: मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

राजनीति4 weeks ago

गृह मंत्री शाह आज बंगाल में तृणमूल सरकार के खिलाफ ‘श्वेत पत्र’ जारी करेंगे

व्यापार3 weeks ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

अपराध4 weeks ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

राष्ट्रीय3 weeks ago

एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

रुझान