राष्ट्रीय समाचार
सोने में सीमित दायरे में कारोबार, चांदी में 0.40 प्रतिशत की गिरावट
सोने और चांदी की शुरुआत गुरुवार को मिलीजुली हुई। एक तरफ सोने में मामूली तेजी के साथ, जबकि चांदी में करीब आधा प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्तूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,43,283 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,43,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला।
सुबह 9:45 पर यह 0.14 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 1,43,480 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,43,101 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,43,663 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है, जो दिखाता है कि सोने में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।
दूसरी तरफ चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,17,479 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,16,389 रुपए प्रति किलो पर खुला।
फिलहाल यह 0.46 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,16,473 रुपए प्रति किलो पर था।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,15,402 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,17,479 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है। कॉमेक्स पर सोना 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,050 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57 डॉलर प्रति औंस पर थी।
जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी के मिलेजुले कारोबार करने की वजह अमेरिकी फेड का फैसला है, जिसमें यूएस के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर न बढ़ाने का फैसला 9-3 के बंटवारे के साथ लिया है। खास बात यह है कि तीन सदस्यों ने महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया था। इस बंटे हुए फैसले से संकेत मिलता है कि जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं। यह बुलियन बाजार के लिए नकारात्मक है।
राष्ट्रीय समाचार
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स में 120 डिजाइन ट्रेनी/मैनेजमेंट ट्रेनी पदों पर आवेदन शुरू, जानें योग्यता से सैलरी तक सब कुछ

नौकरी की तलाश में जुटे लोगों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। दरअसर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने डिजाइन ट्रेनी/मैनेजमेंट ट्रेनी के कुल 120 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन मांगे हैं।
एचएएल की ओर से जारी 120 रिक्तियों में डिजाइन ट्रेनी के 60 और मैनेजमेंट ट्रेनी के 60 पद शामिल हैं। डिजाइन ट्रेनी के 60 पदों में एरोनॉटिकल के 4, इलेक्ट्रिकल के 7, इलेक्ट्रॉनिक्स के 20, इंस्ट्रूमेंटेशन के 3, मैकेनिकल के 22, कंप्यूटर साइंस के 3 और मेटलर्जी का 1 पद शामिल हैं। वहीं, मैनेजमेंट ट्रेनी के 60 पदों में इलेक्ट्रिकल के 11, इलेक्ट्रॉनिक्स के 12, मैकेनिकल के 27, कंप्यूटर साइंस का 1, मेटलर्जी के 2, प्रोडक्शन के 5 और सिविल के 2 पद शामिल हैं।
इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 29 जुलाई के दोपहर 2 बजे से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 14 अगस्त तय की गई है। ऐसे में इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि के दोपहर 2 बजे तक या उससे पहले अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित पद अनुसार इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी में बैचलर डिग्री या इसके समकक्ष की योग्यता न्यूनतम 70 प्रतिशत अंकों के साथ होनी चाहिए। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स के लिए न्यूनतम अंत 60 प्रतिशत तय किया गया है।
आवेदकों की अधिकतम आयु 28 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना आवेदन के अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी। आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन ऑनलाइन कंप्यूटर-आधारित चयन परीक्षा, पर्सनल इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और नौकरी से पहले मेडिकल मानक के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग की अवधि के दौरान 50,000 रुपए बेसिक पे के तहत स्टाइपेंड के तौर पर दिए जाएंगे। वहीं, ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद कैंडिडेट्स की सैलरी 50,000 से 1,60,000 रुपए के बीच दी जाएगी। इसके अलावा कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी मिलेंगे। उम्मीदवारों का व्यक्तिगत साक्षात्कार बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।
एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस के लिए 500 रुपए तय किया गया है। वहीं, एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी और आंतरिक उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है।
अपराध
बंगाल पुलिस की छापेमारी में 28 करोड़ रुपये और 15 किलो सोना जब्त, तुलु मंडल का रिश्तेदार गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में लगभग 24 घंटे तक चली छापेमारी, तलाशी अभियान और पूछताछ के बाद पुलिस ने गुरुवार को जिले के पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार दोपहर शुरू हुए इस अभियान के दौरान पुलिस ने मीनार मंडल के घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया। बरामद नकदी की गिनती के लिए पुलिस को स्थानीय बैंक शाखा से करेंसी काउंटिंग मशीनें लानी पड़ी।
गुरुवार सुबह नकदी की गिनती और दोबारा गिनती पूरी होने के बाद जांच दल के एक सदस्य ने बताया कि बरामद नकदी की कुल राशि 28 करोड़ रुपये से कुछ अधिक पाई गई।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा मीनार मंडल के घर से 15 किलोग्राम सोना भी बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 21 करोड़ रुपये से अधिक है।
उन्होंने कहा, “बरामद नकदी और सोने की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है।”
गुरुवार सुबह मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पहले स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया। वहीं, पुलिस उसके घर से नकदी और सोने से भरे दो ट्रंक भी अपने साथ ले गई।
मीनार मंडल को दिन में बाद में सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।
शुरुआत में मीनार मंडल ने इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोने के स्रोत को लेकर पुलिस के बार-बार पूछे गए सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में उसने स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। इसकी पुष्टि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं डकैतों से मिली जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में नकदी और सोने के इस बड़े जखीरे का पता चला। इसके बाद बुधवार दोपहर उसके घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार सुबह तक जारी रहा।
बताया जाता है कि मीनार मंडल राज्य परिवहन निगम में बस चालक था। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तुलु मंडल के पत्थर खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था। तुलु मंडल को बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है।
मीनार मंडल के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने से उसके पड़ोसी भी हैरान रह गए हैं। इससे पहले भी पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय रेलवे ने नांदेड़ डिवीजन में 163 करोड़ रुपए की इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन अपग्रेड परियोजना को दी मंजूरी

भारतीय रेलवे ने रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नेटवर्क क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के परभणी-मुदखेड़ डबल लाइन सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम के उन्नयन (अपग्रेडेशन) को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, 163 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के तहत मौजूदा 1×25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अधिक उन्नत 2×25 केवी सिस्टम में बदला जाएगा। यह कार्य 164 ट्रैक किलोमीटर के दायरे में किया जाएगा।
इसके साथ ही बढ़ते विद्युत भार को संभालने के लिए बिजली आपूर्ति (पावर सप्लाई) से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
परभणी-मुदखेड़ रेलखंड रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (एचयूएन) रूट-9 का हिस्सा है, जो अजमेर, इंदौर, खंडवा, अकोला, पूर्णा, मुदखेड़, सिकंदराबाद, महबूबनगर और धोन को जोड़ता है। यह मार्ग यात्री और मालगाड़ियों, दोनों के लिए बेहद अहम माना जाता है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि नए ट्रैक्शन सिस्टम से ट्रेनों के संचालन के लिए बिजली आपूर्ति और अधिक मजबूत होगी, जिससे इस सेक्शन पर अधिक माल ढुलाई (फ्रेट) की क्षमता विकसित होगी और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी तेज गति वाली ट्रेनों के संचालन को भी बेहतर समर्थन मिलेगा। यह परियोजना भारतीय रेलवे के 2029-30 तक 3,000 मिलियन टन माल ढुलाई के लक्ष्य को हासिल करने में भी मददगार साबित होगी।
मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना देश के व्यस्त रेल मार्गों पर विद्युत बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे की व्यापक योजना का हिस्सा है।
इस महीने की शुरुआत में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बनकर उभरा है। देश के ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है। इस मामले में भारत केवल स्विट्जरलैंड (100 प्रतिशत) से पीछे है, हालांकि स्विट्जरलैंड का रेल नेटवर्क भारत की तुलना में काफी छोटा है।
रेल मंत्री ने बताया था कि रेलवे विद्युतीकरण के मामले में भारत चीन (82 प्रतिशत), स्पेन (67 प्रतिशत), जापान (64 प्रतिशत), फ्रांस (60 प्रतिशत) और यूनाइटेड किंगडम (39 प्रतिशत) जैसे देशों से आगे निकल चुका है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने दुनिया के सबसे तेज रेलवे विद्युतीकरण अभियानों में से एक को मिशन मोड में पूरा किया है। 2014 से 2026 के बीच 48,072 रूट किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया गया, जबकि इससे पहले के लगभग 60 वर्षों में केवल 21,801 रूट किलोमीटर रेल लाइन का ही विद्युतीकरण हो पाया था।
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