Connect with us
Monday,28-September-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

‘लाया जाएगा अविश्वास प्रस्ताव’, विपक्ष के सांसदों ने ओम बिरला पर आवाज दबाने का आरोप लगाया

Published

on

नई दिल्ली, 9 फरवरी : विपक्ष के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। उनका आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही में पक्षपाती रवैया अपनाया है और विपक्ष की आवाज़ को दबाया है। इस पर कांग्रेस नेताओं ने जमकर प्रतिक्रिया दी है और इसे संसद की परंपरा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है।”

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष एक संवैधानिक पद है, यह सत्ताधारी पार्टी का नहीं है। जिस तरह से विपक्ष के नेता की आवाज को भेदभाव के साथ दबाया जा रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। यह संसद है, सेंसर बोर्ड नहीं।” उनका इशारा लोकसभा में विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने की ओर था, जो उनके अनुसार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा का नहीं, बल्कि सदन की परंपरा और उसकी गरिमा का है। उन्होंने यह सवाल उठाया, “क्या कभी आपने सुना है कि संसद में प्रधानमंत्री महिला सांसदों से डरते हैं? यह शर्मनाक नहीं है?” उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए और इसी कारण विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने पर मजबूर है।

कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की और कहा, “स्पीकर को सभी पार्टियों को साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन ओम बिरला ने भाजपा की पार्टी लाइन अपनाई है, जो उन्हें नहीं करना चाहिए था।” उनका मानना है कि स्पीकर को सदन की परंपरा का पालन करना चाहिए।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जब आएगा तो हम आपको बताएंगे।”

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हम बजट पर बोलने आए थे, लेकिन अब लग रहा है कि सरकार और स्पीकर संसद की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं रखते।”

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा, “संसद बहस और प्रक्रिया का पालन करने के लिए है। विपक्ष को देश से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए जगह देनी चाहिए। यह अविश्वास प्रस्ताव उसी का हिस्सा है।”

राष्ट्रीय समाचार

नौसेना कमांडर्स कांफ्रेंस में समुद्री सुरक्षा अभियान व तैयारियों पर होगा मंथन

Published

on

नई दिल्ली में भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर्स तीन दिनों तक देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन मंथन करेंगे। इसके लिए नौसेना कमांडर्स कांफ्रेंस 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नौसेना भवन में आयोजित की जाएगा। नौसेना का यह सर्वोच्च स्तर का सम्मेलन है। यह केवल नियमित समीक्षा का मंच नहीं है, बल्कि सैन्य और रणनीतिक स्तर पर नौसेना की तैयारियों का व्यापक आकलन करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।

कांफ्रेंस में नौसेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ ऑपरेशनल तैनाती पर कार्यरत व एरिया कमांडर शामिल होंगे। इनके जरिए समुद्री अभियानों की तैयारियों, चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों पर व्यापक चर्चा होगी। साथ ही, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ भी संस्थागत संवाद किया जाएगा। यह वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले नौसेना के द्विवार्षिक कमांडर्स कांफ्रेंस का दूसरा संस्करण है। इस बार सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी हैं और समुद्री मार्गों तथा ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में यहां भारतीय नौसेना की भूमिका सम्मेलन के प्रमुख विषयों में रह सकती है।

नौसेना के अनुसार, देश के समुद्री हितों की सुरक्षा में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है। खास तौर पर ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ के दौरान नौसेना ने जिस तरह समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े हितों की रक्षा के लिए अभियान चलाया है, उसने हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे एक भरोसेमंद समुद्री सुरक्षा साझेदार के रूप में उसकी भूमिका को और मजबूत किया है। भारतीय नौसेना लगातार हाई ऑपरेशनल स्तर पर काम कर रही है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि बदलते समुद्री सुरक्षा वातावरण में नौसेना अपनी युद्धक क्षमता और परिचालन तैयारियों को किस तरह और मजबूत कर सकती है।

सम्मेलन के पहले दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नौसेना के कमांडरों को संबोधित करेंगे। वह राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा से जुड़े व्यापक दृष्टिकोण और भारतीय नौसेना से देश की अपेक्षाओं पर अपनी बात रखेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और थल सेनाध्यक्ष भी नौसेना कमांडरों के साथ संवाद करेंगे। इस पहल का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त अभियानों और सैन्य एकीकरण को और मजबूत करना है।

सम्मेलन के अगले दो दिनों में नौसेना प्रमुख और नौसेना के कमांडर-इन-चीफ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे। इनमें अभियान, सैन्य सामग्री, रसद, मानव संसाधन और प्रशिक्षण जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। इसके साथ ही युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए नई तकनीकों को तेजी से अपनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। एआई, बड़े आंकड़ों का विश्लेषण, स्वायत्त और बिना चालक वाली प्रणालियां तथा साइबर अभियान जैसे क्षेत्र चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

नौसेना का जोर अत्याधुनिक तकनीकों को केवल शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें वास्तविक सैन्य अभियानों में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करने पर भी रहेगा। इसके लिए आधुनिक युद्ध की नई अवधारणाओं को अपनाने और तकनीकी क्षमता को तेजी से सैन्य ताकत में बदलने की जरूरत पर जोर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का आधार नौसेना के तीन प्रमुख स्तंभ होंगे। इनमें संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार हैं। इन्हीं के जरिए सरकार के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप नौसेना की भविष्य की क्षमता को आकार देने पर जोर रहेगा।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

एफडीए की सख्ती के बीच उगाही का आरोप, संजय राउत ने कमिश्नर तुकाराम मुंढे को लिखा पत्र, 2 लाख तक वसूली का दावा

Published

on

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे को पत्र लिखकर विभाग में कथित उगाही और भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताई है।

27 सितंबर के अपने पत्र में, राउत ने मिलावटी खाने, नकली डेयरी उत्पादों और गंदे होटल किचन के खिलाफ मुंढे की सख्ती की तारीफ की। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रष्ट एफडीए अधिकारी इन कार्रवाइयों का इस्तेमाल स्थानीय व्यवसायों से उगाही करने के लिए कर रहे हैं।

राउत ने सोमवार सुबह अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर पत्र पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि डेजिग्नेटेड ऑफिसर (डीओ) और फूड सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) भारी रिश्वत की मांग के लिए होटलों, रेस्तरां और क्विक-कॉमर्स व्यवसायों को लाइसेंस सस्पेंड करने की धमकी दे रहे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘क्लोजिंग नोटिस’ के लिए ‘रेट’ बहुत बढ़ गए हैं। पत्र के अनुसार, हाल की हाई-प्रोफाइल प्रवर्तन कार्रवाइयों के बाद ‘क्लोजिंग नोटिस’ को निपटाने का रेट 10,000-12,000 रुपए से बढ़कर 75,000 से 2,00,000 रुपए के बीच हो गया है।

राउत ने बांद्रा में एफडीए मुख्यालय और इसके ठाणे कार्यालय को इन गतिविधियों के मुख्य केंद्र के रूप में चिह्नित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नागपुर, पुणे, सोलापुर, वर्धा और छत्रपति संभाजीनगर में छोटे व्यवसाय मालिकों से कई शिकायतें मिली हैं।

पत्र में ठाणे की एक घटना का जिक्र किया गया है, जहां कथित तौर पर दो डीओ ने एक क्विक-कॉमर्स कंपनी से सस्पेंड किए गए लाइसेंस को बहाल करने के लिए 17-18 लाख रुपए की मांग की थी।

राउत ने बिना उचित स्वतंत्र सत्यापन के, सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली शिकायतों (जैसे चूहे दिखने की शिकायत) के आधार पर किए गए निलंबन की भी आलोचना की।

राउत ने दावा किया कि जहां छोटे खाद्य विक्रेताओं को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, वहीं गंभीर नियमों का पालन न करने वाली बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियां अक्सर राजनीतिक समर्थन और कॉर्पोरेट प्रभाव के कारण जांच से बच जाती हैं।

राउत ने मुंढे से बांद्रा, ठाणे और अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों में कथित ‘क्लोजिंग नोटिस रेट कार्ड’ और लाइसेंस बहाली रैकेट की तत्काल जांच करने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि नकली आरोपों को रोकने के लिए ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर छापेमारी करने से पहले अनिवार्य भौतिक सत्यापन किया जाना चाहिए।

उन्होंने मुंढे से यह भी कहा कि वे उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करें जो पैसे ऐंठने के लिए कानूनी प्रक्रिया को नजरअंदाज करते हैं। साथ ही, उन्होंने ठाणे के डीओ से जुड़े 17-18 लाख रुपए की उगाही के खास मामले की अलग से जांच करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लाइसेंस रद्द करने और बहाल करने से जुड़ी सभी जानकारी, तारीखें, सुनवाई का सारांश और वजहें डिजिटल रूप से पब्लिश करने को कहा।

पत्र में राउत ने जोर दिया कि जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा उगाही का बहाना नहीं बननी चाहिए। उन्होंने मुंढे से कहा कि वे जनता के बीच की कार्रवाई के साथ-साथ अपने विभाग में भी सुधार लाएं। राउत ने इस पत्र की एक कॉपी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी भेजी है।

Continue Reading

राजनीति

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी वितरित की

Published

on

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में ‘थाई मामन गोल्ड रिंग स्कीम’ की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नवजात शिशुओं को एक-ग्राम सोने की अंगूठियां भेंट कीं और उनके परिवारों से मुलाकात की। उनके इस दौरे के दौरान शहरभर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

सीएम विजय ने इस योजना की शुरुआत तीन बच्चों की उंगलियों में अंगूठियां पहनाकर की। इस दौरान, नवजात की माएं उनके बगल में बैठी थी। उन्होंने कई बच्चों को अपनी गोद में लिया और उनके माता-पिता से बात की। कुछ माता-पिता ने मुख्यमंत्री से अपने बच्चों का नाम रखने का अनुरोध किया।

विजय ने उनके अनुरोध स्वीकार किए, बच्चों को गोद में लिया और पारंपरिक नामकरण रीति का पालन करते हुए हर नाम को तीन बार दोहराया। उन्होंने सेल्फी भी खिंचवाईं और उनके पास आने वाली माताओं से हाथ मिलाया।

बाद में मुख्यमंत्री ने अस्पताल के इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट वार्ड का दौरा किया, जहां उन्होंने 10 और बच्चों को अंगूठियां दी। बच्चों के साथ समय बिताते और उनके माता-पिता के साथ हंसी-मजाक करते हुए डॉक्टर भी वहां मौजूद थे। राजाजी अस्पताल में वितरण कार्यक्रम सीएम विजय की मदुरै यात्रा का मुख्य कार्यक्रम था।

मुख्यमंत्री के चेन्नई से मदुरै हवाई अड्डे पहुंचने पर सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। जब उनका काफिला अस्पताल की ओर बढ़ा, तो समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया और गाड़ियों पर फूल बरसाए।

सरकारी राजाजी अस्पताल पहुंचने पर सीएम विजय लोगों के उत्साह के बीच कार्यक्रम स्थल तक गए। रास्ते में उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों सहित कई लोगों का अभिवादन करने के लिए कई बार रुककर उनसे बात की और उनमें से कुछ के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।

अस्पताल परिसर में अलग-अलग जगहों पर तैनात नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने भी उनका अभिवादन किया और उनके साथ सेल्फी ली। अस्पताल के अंदर सभी का ध्यान नवजात शिशुओं और उनके परिवारों पर केंद्रित हो गया। सीएम ने इस योजना के तहत पहली अंगूठियां बांटी।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार5 minutes ago

नौसेना कमांडर्स कांफ्रेंस में समुद्री सुरक्षा अभियान व तैयारियों पर होगा मंथन

राष्ट्रीय समाचार43 minutes ago

एफडीए की सख्ती के बीच उगाही का आरोप, संजय राउत ने कमिश्नर तुकाराम मुंढे को लिखा पत्र, 2 लाख तक वसूली का दावा

राजनीति1 hour ago

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी वितरित की

राजनीति1 hour ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

खेल2 hours ago

‘यह मेडल आपके खेल सफर में गर्व की एक और उपलब्धि’, सिल्वर जीतने पर राष्ट्रपति ने दी ईशा सिंह को बधाई

व्यापार2 hours ago

सोने और चांदी खरीदारों के लिए खुशखबरी, कीमतें 2.5 प्रतिशत तक गिरीं

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

सरकार 25 करोड़ लोगों को दे रही ईएसआईसी हेल्थ सिक्योरिटी : डॉ. मनसुख मंडाविया

खेल3 hours ago

एमएलएस: मेसी का गोल भी नहीं टाल सका इंटर मियामी की हार, कोलंबस क्रू ने 2-1 से दर्ज की जीत

व्यापार3 hours ago

एनएसई के शेयर आईपीओ इश्यू प्राइस से नीचे फिसले, ऑल-टाइम हाई से 6 प्रतिशत नीचे

राष्ट्रीय समाचार4 hours ago

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सचिव से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

मनोरंजन3 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

रुझान