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दिल्ली की सामान्य लड़की से बॉलीवुड-साउथ की स्टार बनीं भूमि चावला, संघर्ष से मिली पहचान
सिनेमा की दुनिया में अपने चेहरे की संजीदगी और मासूमियत भरी मुस्कान के साथ अभिनेत्री भूमि चावला ने पहली फिल्म के साथ हिंदी सिनेमा में धमाल मचा दिया था। फिल्म ‘तेरे नाम’ में उनके अभिनय ने दर्शकों के दिलों में गहरा छाप छोड़ा था।
अभिनेत्री ने हिंदी से लेकर साउथ सिनेमा तक बड़े-बड़े स्टार्स के साथ काम करके अपनी अलग पहचान बनाई है। अभिनेत्री ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही घर-घर में नाम बना चुकी थी। दरअसल, अभिनेत्री ने मॉडलिंग के दिनों में फेयर क्रीम में विज्ञापन के तौर पर काम किया था, जिसके बाद वे घर-घर में मशहूर हो गई थीं और यही विज्ञापन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बना था।
21 अगस्त 1978 को दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्मी अभिनेत्री भूमि चावला सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता कर्नल अहंकार चावला भारतीय सेना में अधिकारी थे और उनकी माता का नाम बाली है। उनके परिवार में एक भाई और बहन भी हैं।
उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा दिल्ली में हुई और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज लाइफ में अभिनेत्री को काफी कॉम्प्लीमेंट्स मिलते थे। इन सब से प्रभावित हो कर उन्होंने एक्टिंग और मॉडलिंग की दुनिया में किस्मत आजमाने का मन बनाया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद भूमिका ने मुंबई का रुख किया जिसके बाद उन्हें कमर्शियल फिल्म्स और म्यूजिक वीडियो एल्बम्स के ऑफर मिलने लगे।
इसी दौरान भूमिका को जी टीवी पर प्रसारित टीवी सीरियल हिप हिप हुर्रे में काम मिल गया था। सीरियल हिप हिप हुर्रे ने भूमिका को उस वक्त का एक चर्चित चेहरा बना दिया था। इसके अलावा, भूमि चावला ने कई म्यूजिक वीडियोज में भी काम किया था।
उन्होंने साल 2000 में तेलुगु फिल्म ‘युवकुडु’ से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। वर्ष 2001 में आई तेलुगु फिल्म ‘कुशी’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्होंने ‘ओक्काडु’ और ‘सिम्हाद्रि’ जैसी कई सफल दक्षिण भारतीय फिल्में दीं।
साल 2003 में उन्होंने निर्देशक सतीश कौशिक की फिल्म ‘तेरे नाम’ में सलमान खान के साथ मुख्य भूमिका निभाई। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और उन्हें रातों-रात बॉलीवुड में बड़ी पहचान मिली। इस फिल्म में दर्शकों को भूमि चावला और सलमान खान की जोड़ी काफी पसंद आई थी।
इसके बाद उन्होंने ‘रन’, ‘दिल ने जो भी कहा’, ‘गांधी माई फादर’ और बाद में एमएस धोनी की बायोपिक (‘एम एस धोनी – द अनटोल्ड स्टोरी’) जैसी फिल्मों में भी काम किया। अभिनेत्री हाल ही में फिल्म ‘यूफोरिया’ में नजर आई थी। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी मां का दमदार किरदार निभाया था, जो अपने बेटे के कुकर्मों से बचाने के बजाय उसे सजा दिलाती है।
दरअसल, अभिनेत्री ने फिल्म में एक सम्मानित और प्रमुख स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में नजर आती हैं। उनकी दुनिया तब बिखर जाती है जब उन्हें पता चलता है कि एक क्रूर यौन उत्पीड़न मामले में उनका अपना बेटा विकास मुख्य आरोपी है। अपने बेटे को बचाने के बजाय, वह एक मां के रूप में अपनी नैतिक जवाबदेही और सामाजिक जिम्मेदारी का सामना करती हैं।
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कभी ‘बेबी नाज’ बनकर जीता था दिल, फिर बनीं श्रीदेवी की आवाज, ऐसा था कुमारी नाज का सफर

हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे रहे हैं, जिन्होंने पर्दे पर जितना काम किया, उससे कहीं ज्यादा अपनी प्रतिभा से लोगों के दिल में जगह बनाई। कुमारी नाज भी ऐसी ही कलाकार थीं। बचपन में उन्हें ‘बेबी नाज’ के नाम से पहचान मिली और उनकी मासूम अदाकारी ने दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया। आगे चलकर उन्होंने फिल्मों में बड़े किरदार किए, भोजपुरी सिनेमा में भी पहचान बनाई और जब अभिनय के मौके कम होने लगे तो उन्होंने अपनी आवाज को ही अपना हुनर बना लिया। इसी दौर में वह श्रीदेवी की शुरुआती हिंदी फिल्मों की आवाज बनीं।
कुमारी नाज का असली नाम सलमा बेग था। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता मिर्जा दाऊद बेग लेखक थे, लेकिन परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। इसी वजह से नाज को बहुत छोटी उम्र में ही काम करना पड़ा। उन्होंने करीब चार साल की उम्र से काम शुरू कर दिया था। जिस उम्र में बच्चे खेलते और पढ़ते है, उस उम्र में नाज का समय कैमरे और शूटिंग के बीच बीतता था।
बाल कलाकार के रूप में नाज ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन साल 1954 में आई ‘बूट पॉलिश’ ने उनकी किस्मत बदल दी। फिल्म में उन्होंने बेलू नाम की बच्ची का किरदार निभाया था। उनका अभिनय इतना असरदार था कि इस फिल्म ने उन्हें देश के साथ-साथ विदेश में भी पहचान दिलाई। ‘बूट पॉलिश’ को 1955 के कान फिल्म फेस्टिवल में प्रतियोगिता के लिए चुना गया था। कुमारी नाज को उनके अभिनय के लिए विशेष सम्मान भी मिला।
‘बूट पॉलिश’ के बाद बेबी नाज उस दौर की चर्चित बाल कलाकारों में शामिल हो गईं। उन्होंने ‘देवदास’, ‘मुसाफिर’, ‘लाजवंती’, ‘दो फूल’ और ‘कागज के फूल’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ी, उन्होंने बड़े किरदार निभाने शुरू किए और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई।
बड़े होने के बाद हिंदी फिल्मों में उन्हें कई सहायक भूमिकाएं मिलीं। साल 1970 की ‘सच्चा झूठा’ में उन्होंने राजेश खन्ना की बहन का किरदार निभाया। इसके अलावा, वह ‘बहू बेगम’, ‘कटी पतंग’ और ‘हाथी मेरे साथी’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। लेकिन उनके करियर की एक मुश्किल यह रही कि दर्शकों के मन में बनी ‘बेबी नाज’ की छवि से बाहर निकलना उनके लिए आसान नहीं था।
इसी बीच उन्होंने भोजपुरी सिनेमा का रुख किया। साल 1963 में आई ‘बिदेसिया’ से उन्हें भोजपुरी फिल्मों में भी बड़ी पहचान मिली। इसके बाद ‘सैंया से नेहा लगाइबे’ और ‘अईल बसंत बहार’ जैसी फिल्मों में उन्होंने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। इस दौर में वह भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं।
लेकिन कुमारी नाज के करियर का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब फिल्मों में अभिनय के मौके धीरे-धीरे कम होने लगे। उन्होंने डबिंग आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू किया। इसी दौरान उनकी आवाज श्रीदेवी से जुड़ी। श्रीदेवी जब हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बना रही थीं, उस समय कुमारी नाज ने उनकी शुरुआती हिंदी फिल्मों के लिए आवाज दी। कई रिपोर्ट्स में खास तौर पर ‘हिम्मतवाला’, ‘मवाली’ और ‘तोहफा’ का जिक्र है। पर्दे पर श्रीदेवी नजर आती थीं, लेकिन उनकी आवाज के पीछे कुमारी नाज की मेहनत होती थी।
निजी जिंदगी में कुमारी नाज ने अभिनेता सुबीराज से शादी की। दोनों ने साथ में काम भी किया था। उनके रिश्ते की शुरुआत फिल्म ‘देखा प्यार तुम्हारा’ के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली और उनके दो बच्चे हुए। सुबीराज कपूर परिवार से जुड़े थे।
कुमारी नाज का निधन 19 अक्टूबर 1995 को 51 साल की उम्र में हुआ। उनके निधन की वजह गंभीर लिवर की बीमारी बताई जाती है।
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गोविंदा से विवाद के बीच बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं सुनीता आहूजा, बेटे यशवर्धन ने पैपराजी पर जताई नाराजगी

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच चल रहा सार्वजनिक विवाद एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार को सुनीता आहूजा अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं। कोर्ट से बाहर निकलते समय पैपराजी ने जब मां-बेटे को घेरने की कोशिश की, तो यशवर्धन नाराज नजर आए। उन्होंने फोटोग्राफर्स से रास्ता देने और अपनी मां को परेशान न करने के लिए कहा।
कोर्ट से बाहर निकलते समय जब यशवर्धन से पूछा गया कि अंदर क्या हुआ, तो उन्होंने तेज आवाज में कहा- ”कुछ नहीं”। वहीं, जब सुनीता से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ”बर्थडे मनाने आए थे।”
दोनों के कोर्ट पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, गोविंदा और सुनीता के बीच चल रही अनबन तब ज्यादा चर्चा में आई, जब गोविंदा को उनकी फिल्म ‘रूपा’ की को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर देखा गया। इसके बाद सुनीता ने गोविंदा और कोमल की नजदीकी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने गोविंदा के साथ नजर आ रही अभिनेत्री को लेकर भी नाराजगी जताई थी।
सुनीता ने एक बातचीत में गोविंदा को ‘शुगर डैडी’ तक कह दिया था। उन्होंने कहा था कि वह ऐसी लड़की के साथ घूम रहे हैं, जो उनकी बेटी की उम्र की है। इसके अलावा, उन्होंने कोमल के पहनावे पर भी टिप्पणी की थी और उन्हें ठीक से कपड़े पहनने की सलाह दी थी। हालांकि, गोविंदा और कोमल के बीच किसी प्रेम संबंध की कोई पुष्टि नहीं हुई है। गोविंदा ने अपने इस रिश्ते को पूरी तरह पेशेवर बताया।
इसके बाद गोविंदा ने एक वीडियो के जरिए सुनीता की बातों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने उनसे अपने काम में दखल नहीं देने और ऐसी बातें नहीं कहने को कहा था, जिससे उनकी छवि या काम पर असर पड़े। उम्र के अंतर को लेकर उठ रहे सवालों पर गोविंदा ने कहा था कि बॉलीवुड में पहले भी कई बड़े अभिनेताओं ने खुद से कम उम्र की अभिनेत्रियों के साथ काम किया है। किसी फिल्म में साथ काम करने को सीधे रिश्ते से जोड़ना सही नहीं है।
गोविंदा ने सार्वजनिक तौर पर बोलते समय सुनीता को भाषा का ध्यान रखने की सलाह भी दी थी। उन्होंने खास तौर पर गाली-गलौज और अपशब्दों के ज्यादा इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि बड़े कलाकारों और सार्वजनिक लोगों के व्यवहार का युवाओं पर असर पड़ सकता है, इसलिए उन्हें अपनी बात रखते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
सुनीता इससे पहले भी अपनी शादीशुदा जिंदगी और गोविंदा के कथित अफेयर्स को लेकर खुलकर बात करती रही हैं। दोनों के रिश्ते में तनाव की खबरें कई बार सामने आ चुकी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनीता ने दिसंबर 2024 में बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका भी दायर की थी। इसके पीछे क्रूरता, व्यभिचार और साथ छोड़ने जैसे कारण बताए गए थे। हालांकि, कुछ समय बाद गणेश चतुर्थी के दौरान दोनों एक साथ सार्वजनिक रूप से नजर आए थे और उन्होंने कहा था कि कोई भी उनके रिश्ते को तोड़ नहीं सकता।
गोविंदा और सुनीता ने 1987 में शादी की थी। दोनों के दो बच्चे हैं, बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा। टीना, जिन्हें नर्मदा के नाम से भी जाना जाता है, साल 2015 में फिल्म ‘सेकंड हैंड हसबैंड’ से बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं। वहीं, यशवर्धन भी अभिनय की दुनिया में कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं।
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अंधेरी से कोलाबा का सफर नहीं करना चाहतीं अपूर्वा, बोलीं- अब न्यूयॉर्क ही घर

हमेशा अपने बयानों और सोशल मीडिया एक्टिविटी से सुर्खियों में रहने वाली मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अपूर्वा मखीजा (रेबिल किड) ने पुष्टि कि है की वे न्यूयॉर्क शिफ्ट हो गई हैं। अपूर्वा का मानना है कि न्यूयॉर्क में जाने के बाद उन्हें अलग एहसास हुआ और फिर उन्होंने इसी शहर में बसने का फैसला लिया। अपूर्वा ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है।
दरअसल, अपूर्वा हाल ही में एक पॉडकास्ट में गई थीं, जिसका लिंक उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर करते हुए लिखा, “अब मैं इंडिया में नहीं रहती।”
पॉडकास्ट में अपूर्वा ने बताया कि वे भारत में रहकर अपनी जिंदगी बनाने के बारे में नहीं सोच रही हैं। अपूर्वा ने ये भी कहा कि वे पूरी जिंदगी कंटेंट क्रिएटर नहीं बनना चाहतीं। उन्हें लगता है कि ये काम हमेशा नहीं किया जा सकता और वे अब बिजनेस में जाना चाहती हैं।
अपूर्वा ने अपनी कॉलेज लाइफ के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि उनका कॉलेज वाला समय सही से नहीं बीता। पहले 2 साल लॉकडाउन में निकल गए और बाकी के 2 साल वे रिलेशनशिप में थीं। अपूर्वा ने कहा कि कॉलेज में वे बस अपने तब के बॉयफ्रेंड का हाथ पकड़कर घूमती थीं।
भारत में रहने को लेकर अपूर्वा का कहना है कि वे अभी तक इस देश के सबसे अच्छे शहर में रह रही थीं, लेकिन वे आगे कि जिंदगी अंधेरी से कोलाबा आना-जाना करते हुए नहीं बिताना चाहतीं।
पॉडकास्ट में उन्होंने न्यूयॉर्क शिफ्ट होने का फैसला भी बताया। उन्होंने कहा कि भले ही उन्होंने बहुत जगह घूमी है, लेकिन न्यूयॉर्क में आकर उन्हें वहां रहने का मन हुआ।
अपूर्वा ने कहा, “मैंने काफी ट्रैवल किया है और जब मैं न्यूयॉर्क पहुंची तो मुझे लगा, ‘मैं सच में यहां रहना चाहती हूं, इस शहर में कुछ अलग बात है। यहां सब बहुत तेज है, लोग बहुत अच्छे कपड़े पहनते हैं और खाना भी बढ़िया है। मुझे यहां की बिल्डिंग्स बहुत पसंद हैं और मैंने न्यूयॉर्क को अपनी पसंदीदा वेब सीरीज में लगभग हर जगह देखा है।”
अपूर्वा ने ये भी बताया कि वो न्यूयॉर्क में पढ़ाई करने को लेकर इतनी पक्की थीं कि उन्होंने शहर में सिर्फ एक ही कॉलेज में अप्लाई किया। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा था ‘अगर एडमिशन मिल गया तो मिल गया और मैं चली जाऊंगी।'”
हालांकि अपूर्वा ने पहले भी कई पॉडकास्ट में न्यूयॉर्क शहर में जाने और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में ज्यादा समय तक न टिकने की बात की है। अपूर्वा का कहना है कि वे आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाएंगी और अभी वे फैशन या मैनेजमेंट में मास्टर्स की तैयारी कर रही हैं।
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