राष्ट्रीय समाचार
अदाणी पोर्ट्स का मुनाफा पहली तिमाही में 10 प्रतिशत बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए रहा, आय में भी उछाल
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का मुनाफा अप्रैल-जून अवधि में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए हो गया है। इसकी वजह कंपनी के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स कारोबार में मजबूत ग्रोथ होना है।
कंपनी द्वारा दाखिल की गई एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड आय सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 10,821 करोड़ रुपए हो गई है। पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 9,126 करोड़ रुपए था।
जून तिमाही में कंपनी का ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 6,541 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 5,495 करोड़ रुपए था।
एपीएसईजेड ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसका अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कारोबार प्रमुख वृद्धि चालक बनकर उभरा। इस दौरान इस कारोबार से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 80 प्रतिशत बढ़कर 1,747 करोड़ रुपए पहुंच गया, जबकि ईबीआईटीडीए में 256 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 730 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
कंपनी ने इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में बेहतर परिचालन को दिया।
कंपनी के अनुसार, इससे उसके विदेशी कारोबार की बढ़ती मजबूती और परिपक्वता का पता चलता है।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का प्रदर्शन हमारे विविधीकृत कारोबारी मॉडल की मजबूती को दर्शाता है। हमारा वैश्विक विस्तार और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, कमोडिटी तथा ग्राहकों में फैला मल्टी-मॉडल एसेट बेस हमारी ताकत है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा घरेलू बंदरगाह कारोबार लगातार मजबूत वृद्धि दर्ज कर रहा है और यह एपीएसईजेड की कमाई का आधार बना हुआ है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, मरीन और लॉजिस्टिक्स कारोबार अब केवल विस्तार के चरण से आगे बढ़कर मूल्य सृजन के चरण में पहुंच चुके हैं और राजस्व वृद्धि और मुनाफे के महत्वपूर्ण स्रोत बनते जा रहे हैं।”
कंपनी का घरेलू बंदरगाह कारोबार भी मजबूत बना रहा। इस दौरान अधिक कार्गो वॉल्यूम, बेहतर कार्गो मिक्स और बेहतर प्राप्तियों के चलते घरेलू कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा।
कंपनी के इस सेगमेंट ने 74 प्रतिशत के ईबीआईटीडीए मार्जिन के साथ उद्योग में अग्रणी मुनाफा बनाए रखा।
वहीं, मरीन कारोबार ने भी तिमाही के दौरान मजबूत विस्तार दर्ज किया। ऑफशोर पोतों की संख्या बढ़ने और यूरोप में सब-सी परिचालन के विस्तार के कारण इस कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़कर 901 करोड़ रुपए हो गया।
राजनीति
राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को नई दिल्ली में ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियन के साथ बैठक के दौरान संवाद और कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, “ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ती के बंधन पर चर्चा की, जिसमें हमारे मजबूत सांस्कृतिक और जन-जन के संबंध शामिल हैं। राष्ट्रपति ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति की खोज के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।”
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और ईरान को दीर्घकालिक और दोनों के हित वाली रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। पीएम मोदी ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर ईरानी राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक के बाद यह टिप्पणी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन की यात्रा ‘और भी विशेष’ है क्योंकि वह पहली बार भारत आए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बिश्केक से दिल्ली तक, सार्थक चर्चाएं जारी हैं। ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से मिलकर खुशी हुई। यह यात्रा इसलिए और भी विशेष है क्योंकि यह उनकी पहली भारत यात्रा है।”
उन्होंने कहा, “हमने भारत-ईरान दोस्ती के बारे में बात की। हमारा मानना है कि हमें दीर्घकालिक और सभी के लिए लाभकारी रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। क्षेत्र के मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई। भारत स्थायी शांति की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है।”
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने समुद्री आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता को बनाए रखने और नाविकों की सुरक्षा और कल्याण पर भी जोर दिया। दो सप्ताह से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में नियमित और उच्च-स्तरीय भागीदारी के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।
राजनीति
पीएम मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने हैदराबाद हाउस में की द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इथियोपिया ब्रिक्स के नए सदस्य देशों में शामिल है और अबी अहमद शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इथियोपिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।
पीएम मोदी और अबी अहमद अली ने गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया।
इथियोपिया के पीएम 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। रक्षा राज्य मंत्री (एमओएस) संजय सेठ ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
इथियोपिया 2024 में इस समूह का सदस्य बना था। उसके बाद से भारत और इथियोपिया के बीच बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और संपर्क को नई गति मिली है। नई दिल्ली में हो रहा मौजूदा सम्मेलन भी दोनों देशों को द्विपक्षीय रिश्तों के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर दे रहा है।
भारत और इथियोपिया के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण सहयोग महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हैं। इथियोपिया ने भारत की विकास संबंधी पहलों और वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों पर भारत के प्रयासों का समर्थन किया है।
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी इथियोपिया के प्रधानमंत्री के साथ ब्रिक्स मंच से इतर द्विपक्षीय बैठक कर चुके हैं। 2023 में जोहान्सबर्ग में हुई बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा, आईसीटी, कृषि, युवाओं के कौशल विकास, विकास साझेदारी और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी।
राजनीति
तमिलनाडु सीएम विजय लंदन में सिल्वरस्टोन कार रेस को दिखाएंगे हरी झंडी, अभिनेता अजित कुमार से करेंगे मुलाकात

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय यूनाइटेड किंगडम (यूके) की छह दिवसीय यात्रा पर हैं। वे शनिवार को लंदन में सिल्वरस्टोन सर्किट पर मिशेलिन ले मैन्स कप कार रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। मुख्यमंत्री विजय साउथ फिल्म एक्टर और कार रेसर अजित कुमार भी मुलाकात करेंगे। अजित कई प्रमुख भारतीय कार रेसरों के साथ इस रेस में हिस्सा लेंगे।
यह कार्यक्रम भारतीय समय के अनुसार शाम 9.45 बजे शुरू होगा और शाम 11.45 बजे तक चलेगा। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री विजय दुनिया के सबसे मशहूर मोटर रेसिंग वेन्यू में से एक सिल्वरस्टोन में बुनियादी ढांचे का निरीक्षण करेंगे। वह रेसट्रैक, सुरक्षा इंतजामों, दर्शकों के लिए सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने के व्यावसायिक मॉडल को समझेंगे।
यह दौरा इसलिए भी अहम है, क्योंकि विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में घोषणा की है कि उनकी सरकार राज्य में विश्व स्तरीय मोटरस्पोर्ट्स सिटी बनाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि सिल्वरस्टोन के दौरे से प्रस्तावित सुविधा को विकसित करने के लिए उपयोगी जानकारी मिलेगी। मुख्यमंत्री मोटरस्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स टूरिज्म, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, रेसिंग उपकरण और इवेंट मैनेजमेंट में निवेश आकर्षित करने के अवसरों को भी तलाशेंगे।
सरकार का मानना है कि प्रस्तावित मोटरस्पोर्ट्स सिटी रोजगार पैदा कर सकती है और तमिलनाडु को रेसिंग इवेंट्स के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है।
बता दें कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय 10 सितंबर को रात 10 बजे चेन्नई से रवाना हुए और दुबई होते हुए लंदन पहुंचे। वह शुक्रवार को हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचे। ब्रिटिश तमिल संगम के अध्यक्ष जैकब रविपालन, टीवीके पदाधिकारी दुरईकन्नन और तमिल समुदाय के सदस्यों ने एयरपोर्ट पर गुलदस्ते देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री जोसेफ विजय लंदन ब्रिज इलाके में स्थित होटल गए।
मुख्यमंत्री की यात्रा का व्यापक उद्देश्य तमिलनाडु में औद्योगिक निवेश आकर्षित करना और रोजगार पैदा करना है। वह एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स के साथ बातचीत करेंगे।
सीएम जोसेफ विजय रविवार को निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत कई बिजनेस लीडर्स से मिलेंगे और संभावित निवेशकों के सामने तमिलनाडु के औद्योगिक बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और नीतिगत समर्थन को पेश करेंगे।
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