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Friday,04-September-2026
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जम्मू-कश्मीर में बाढ़: पुंछ और राजौरी जिलों में 20 से अधिक लोगों की मौत, कई लापता

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में बाढ़ से हुई भारी तबाही और मौतों का मंजर सामने आ रहा है। सोमवार को लोगों की तकलीफों और बुनियादी ढांचे के ढहने की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आईं, जबकि सैकड़ों लोग बाल-बाल मौत के मुंह से बच निकले।

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की और सभी विभागों को प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया।

खबरों के अनुसार, रविवार को जम्मू पहुंचने के बाद से सोमवार सुबह तक उमर अब्दुल्ला को हालात के बारे में हर आधे घंटे में जानकारी मिल रही थी। साथ ही, वे अधिकारियों और आम लोगों से भी बात कर रहे थे ताकि उन्हें भरोसा दिला सकें कि इस दुखद समय में वे उनके साथ खड़े हैं।

रविवार तड़के राजौरी और पुंछ जिलों में कई जगहों पर बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस घटना में दस लोगों की मौत हो गई और आठ लोग लापता हैं। आशंका है कि लापता लोगों की भी मौत हो गई होगी क्योंकि उनके शव अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। इसके अलावा, बाढ़ में कम से कम 20 गाड़ियां बह गईं और लगभग 40 अन्य गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।

अचानक आई बाढ़ से पुंछ के सुरनकोट इलाके में कम से कम 47 घरों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि राजौरी इलाके में कम से कम 20 दुकानों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा।

रविवार को जम्मू, राजौरी और पुंछ इलाकों में बाढ़ में फंसे लगभग 45 लोगों को बचाया गया। अचानक आई बाढ़ के कारण बिजली के कई खंभे और आधे दर्जन ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए और राजौरी में थन्नामंडी, दरहाल और पुंछ में सुरनकोट, मंडी और हवेली के कई इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार तड़के ऊपरी इलाकों में कई बार बादल फटने से आई अचानक बाढ़ के कारण पुंछ के सुरनकोट इलाके में 15 लोग बह गए या मलबे में दब गए।

सेना, पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से शाम तक आठ शव बरामद कर लिए, जबकि आठ अन्य लोग अभी भी लापता हैं। इन घटनाओं में तीन लोग घायल हुए और उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया। खबरों के अनुसार, बादल फटने, अचानक आई बाढ़ के कारण कम से चार दर्जन घरों और अन्य इमारतों और पनचक्कियों आदि को नुकसान पहुंचा।

सुरन नदी और आसपास के नालों में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों के दर्जनों मवेशी भी बह गए।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरनकोट के मर्राह गांव में अचानक आई बाढ़ से एक घर बह गया, जिसमें एक परिवार के आठ सदस्य लापता हो गए। बाद में इस परिवार के तीन शव बरामद किए गए, जबकि मलबे में दबे बाकी पांच शवों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

सांगला गांव में भी एक ग्रामीण का घर बह गया। अधिकारी ने बताया कि इस परिवार का एक शव बरामद कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है। सुरनकोट सब-डिविजन में सांगलाणी में एक ग्रामीण और मरहोट में एक अन्य ग्रामीण बह गया।

इन दोनों ग्रामीणों के शव बरामद कर लिए गए। पुंछ के हवेली इलाके में एक कच्चा घर ढह गया, जिसमें नाजिया कौसर नाम की महिला की मौत हो गई और उसके पति मोहम्मद हफीज गंभीर रूप से घायल हो गए।उन्हें पहले पुंछ के जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जीएमसी राजौरी रेफर कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि सिविल और पुलिस प्रशासन, सेना, स्थानीय लोगों के साथ-साथ एसडीआरएफ और दूसरी एजेंसियों की टीमें लापता शवों को खोजने के काम में लगी हुई हैं। नदी के किनारे से 30 से अधिक लोगों को बचाया गया। जल निकायों के पास रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने के लिए कहा गया है क्योंकि मौसम विभाग ने इस इलाके में अचानक बाढ़ और भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।

राजौरी से मिली खबरों के मुताबिक, बादल फटने से आई बाढ़ ने राजौरी में भारी तबाही मचाई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और जल शक्ति विभाग का एक दिहाड़ी मजदूर लापता हो गया।

बाढ़ ने थन्नामंडी नदी के किनारे भारी तबाही मचाई, लगभग दो दर्जन गाड़ियां बहा ले गई और राजौरी में बेला कॉलोनी के पास बस स्टैंड पर कम से कम 40 अन्य गाड़ियों के साथ-साथ रिहायशी मकानों, दुकानों, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि और मवेशियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।

थन्नामंडी, डारहल और ऊपरी पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद रविवार को तड़के करीब 2.45 बजे राजौरी शहर में अचानक बाढ़ आ गई।

सुखतो नदी और दूसरी मौसमी धाराओं के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे पूरे जिले में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। घरों, दुकानों, सड़कों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा, और कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

जिला प्रशासन ने सेना, एसडीआरएफ, पुलिस, सिविल डिफेंस और दूसरी बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में तुरंत बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान शुरू किए।

अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का व्यापक आकलन किया जा रहा है और सभी संबंधित विभाग नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित इलाका बेला कॉलोनी था, जहां बाढ़ का पानी नदी की सुरक्षा दीवार को तोड़कर न्यू बेला बस स्टैंड और आस-पास के रिहायशी इलाकों में घुस गया। बस स्टैंड पर खड़ी करीब 20 गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं, जबकि लगभग 40 अन्य गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा।

बेला कॉलोनी के पीछे बने कई कमर्शियल प्रतिष्ठान, वर्कशॉप और दुकानें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं। बेला बस स्टैंड कुछ साल पहले ही बनाया गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हाल के दशकों में राजौरी में आए सबसे भयानक बाढ़ों में से एक थी, जिसमें तेज पानी की लहरों ने कुछ ही मिनटों में गाड़ियों को बहा दिया। उन्होंने नदी के किनारे बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने और जनता का भारी पैसा बर्बाद करने के लिए पिछली जिला प्रशासनों / एमसीआर को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि नाले के किनारे सरकारी जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया था और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से वहां दुकानें बना ली थीं।

बाढ़ ने अब्दुल्ला ब्रिज और तारिक ब्रिज के पास बनी झुग्गी-बस्तियों को भी तबाह कर दिया। बाढ़ का पानी बस्तियों में घुसने से 50 से ज़्यादा परिवारों के घर उजड़ गए। पिंकी देवी नाम की एक महिला बाढ़ में बह गई और उसकी मौत हो गई। बाद में बचाव दलों ने उसका शव बरामद किया।

जानमाल के इस दुखद नुकसान के अलावा कई परिवारों के मवेशी, घर का सामान और जीवन भर की जमा-पूंजी भी बह गई, जिससे उनके पास सिर्फ वही कपड़े बचे जो उन्होंने पहन रखे थे।

जम्मू डिवीजन और घाटी के लगभग सभी जिलों में लगातार हो रही बारिश के बीच, प्रभावित इलाकों से ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं जिनमें सेना के बहादुर जवानों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आम नागरिकों ने लोगों को मौत के मुंह से बचाया है।

राजनीति

जीडीपी के 7.8 प्रतिशत ग्रोथ को लेकर शरद पवार ने सरकार पर निशाना साधा, बोले- वे असल समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे

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एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जीडीपी ग्रोथ को लेकर सांख्यिकीय तरीकों में ‘हेरफेर’ का आरोप लगाया।

शरद पवार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार की ओर से अप्रैल-जून तिमाही के लिए 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ रेट की हालिया घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि ये आंकड़े मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार देश की आर्थिक स्थिरता के बारे में गलत नैरेटिव बना रही है।

पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था की स्थिति को बहुत अच्छा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे असल समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वे यह समझने में नाकाम रहे हैं कि अर्थव्यवस्था असल में धीमी हो रही है।” उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह आरोप भी लगाया कि वे घरेलू मुद्दों, जैसे कि तेजी से बढ़ती महंगाई और परिवारों की घटती बचत से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पवार ने कई जरूरी क्षेत्रीय और कृषि संबंधी मुद्दों पर भी चिंता जताई।

चीनी की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी करते हुए शरद पवार ने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। उन्होंने चीनी के आयात के खिलाफ सलाह देते हुए कहा कि इसके असर के बारे में कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता।

दूसरी ओर, उन्होंने महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे की ओर से डेयरी सेक्टर में मिलावट के खिलाफ हाल ही में चलाए गए सख्त अभियानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भले ही दूध की कीमतें 60 रुपये से बढ़कर 80 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, लेकिन ग्राहक बेहतर क्वालिटी के लिए ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं, जिससे अंततः उत्पादकों को फायदा हो रहा है।

महाराष्ट्र में बारिश की भारी कमी का जिक्र करते हुए पवार ने पीने के पानी और बुवाई के कामों को लेकर आने वाले संकट के बारे में चेतावनी दी और सामूहिक राहत प्रयासों की अपील की। उन्होंने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 16 अक्टूबर के आसपास बारामती आने की संभावना है, जहां उन्हें स्थानीय पहलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और शिवसेना पार्टी के नाम व चुनाव चिह्न पर चल रही सुनवाई के बारे में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का जक्र करते हुए पवार ने कहा कि न्यायपालिका की सख़्त चेतावनियाँ सरकार के फ़ैसले लेने के गलत तरीके को उजागर करती हैं।

जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर एनसीपी (एसपी) का केंद्र सरकार पर निशाना साधना ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस पार्टी ने जीडीपी की गणना के बदले हुए तरीके पर सवाल उठाते हुए सरकार पर हमला तेजे कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार सिर्फ “आंकड़ों का खेल” खेल रही है। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग समेत कई अर्थशास्त्रियों ने जीडीपी की गणना के तरीके में बदलाव पर आपत्ति जताई है और कहा है कि मौजूदा तरीके से ग्रोथ रेट बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है।

हालांकि, केंद्र सरकार और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने विपक्ष के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस भारत की आर्थिक प्रगति और विकास की रफ्तार को पचा नहीं पा रही है। इसके अलावा, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अपने डेटा इकट्ठा करने और गणना करने के तरीकों का बचाव करते हुए कहा कि 7.8 प्रतिशत विकास दर का आंकड़ा तिमाही आर्थिक प्रदर्शन को सही ढंग से दिखाता है।

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राष्ट्रीय समाचार

भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी

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भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को हरे निशान में हुई। इस दौरान सेंसेक्स 154.60 अंक या 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,724.95 और निफ्टी 83.50 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.95 पर था।

शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व बैंकिंग और वित्तीय शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप गेनर्स थे। इसके बाद निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था।

वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंजप्शन लाल निशान में थे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक या 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,165 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 168 अंक या 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,981 पर था।

सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक और ट्रेंट गेनर्स थे।

दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंडिगो, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टाइटन, आईटीसी, एचयूएल और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।

ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में थे। केवल हांगकांग लाल निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान में बंद हुआ, जिसमें डाओ जोन्स 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ और नैस्डैक 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।

बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट से भारत के साथ वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल बना है। एफसीएनआर (बी) जमा में रिकॉर्ड 136 अरब डॉलर का निवेश आने के डॉलर के मुकाबले रुपए को सपोर्ट मिलेगा और विदेशी निवेशकों का भारत में विश्वास बढ़ेगा। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की 9,500 करोड़ रुपए की खरीदारी से भी इसकी पुष्टि होती है।

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राष्ट्रीय समाचार

पैरीमैच सट्टेबाजी मामले की जांच में ईडी ने चार राज्यों में 12 ठिकानों पर की छापेमारी

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप ‘पैरीमैच’ के खिलाफ जारी जांच के सिलसिले में अलग-अलग राज्यों में 10 से अधिक ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई।

जानकारी के अनुसार, ईडी ने पैरीमैच और अन्य से जुड़े मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में 12 जगहों पर तलाशी ली। महाराष्ट्र में पांच, राजस्थान में दो, गुजरात में एक और दिल्ली-एनसीआर में चार जगहों पर तलाशी ली गई।

एजेंसी के अनुसार, जिन जगहों पर तलाशी ली गई, वे परिसर उन भुगतान कंपनियां से जुड़े थे, जिन पर कथित तौर पर कैश मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) एजेंटों के जरिए सट्टेबाजी से मिली रकम को कैश में बदलने का आरोप था।

इस तलाशी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी भी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर अवैध धन प्रेषण और फर्जी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) ट्रांजैक्शन के जरिए देश से बाहर रकम ट्रांसफर करने में मदद की थी।

बताया गया कि बुधवार की छापेमारी के दौरान उन परिसरों की भी जांच की गई, जिन्होंने कथित तौर पर पैरीमैच की ओर से फंड जुटाने और बांटने का काम किया था।

यह ताजा कार्रवाई ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से इसी साल मई में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर तलाशी लेने के कुछ महीनों बाद की गई है।

छापेमारी के दौरान, एजेंसी ने लगभग 1.56 करोड़ रुपए की चल संपत्ति जब्त की, जिसमें लगभग 1.2 करोड़ रुपए नकद शामिल थे। ईडी ने विभिन्न बैंक खातों में मौजूद लगभग 3.8 करोड़ रुपए भी फ्रीज कर दिए। तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए।

ईडी ने यह जांच मुंबई के साइबर थाने में पैरीमैच.कॉम के खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए यूजर्स को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी।

जांच टीम के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने अधिक रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाया और एक साल में 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की।

जांच से पता चला कि पैरीमैच और उसके सहयोगी कथित तौर पर यूजर्स के धन को एकत्र करने, उसे कई स्तरों पर इस्तेमाल करने और ट्रांसफर करने के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’, भुगतान मध्यस्थों और वित्तीय समावेशन चैनलों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए काम करते थे।

जांच टीम ने यह भी पाया कि ऐप ने नए यूजर्स को आकर्षित करने और जोड़ने के लिए प्रमुख क्विक-कॉमर्स एप्लिकेशन के जरिए विज्ञापन दिए और ग्रोसरी डिलीवरी के साथ प्रमोशनल मटीरियल बांटा। ये विज्ञापन ऐप के इस्तेमाल और ऑर्डर प्लेसमेंट के दौरान रणनीतिक रूप से दिखाए जाते थे। ईडी ने कहा है कि उसने इस मामले में अब तक 112 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। आगे की जांच चल रही है।

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