राष्ट्रीय समाचार
लगातार दूसरे दिन बाजार में छाई हरियाली, सेंसेक्स में 579 अंकों की उछाल, आईटी सेक्टर ने किया बेहतर प्रदर्शन
अमेरिका और ईरान के बीच व्यापार वार्ता के सकारात्मक संकेतों के चलते तेल की कीमतों में गिरावट आने से गुरुवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी50, दोनों में 0.70 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 0.75 प्रतिशत या 579.48 अंक बढ़कर 77,502.12 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 0.71 प्रतिशत यानी 169.85 अंक बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ।
दिन के सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,922.64 से 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77083.14 पर खुला और दिन के कारोबार में इसने 656.28 अंकों यानी 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,578.93 का इंट्रा-डे हाई छुआ।
वहीं एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद 24,005.85 से 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,062.20 पर खुला और दिन के कारोबार में इसने 0.78 प्रतिशत की उछाल के साथ 24194.55 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.48 प्रतिशत और 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी ने 4.64 प्रतिशत की तेजी के साथ सेक्टोरल इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और मई 2025 के बाद से इंट्राडे में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की। वहीं निफ्टी ऑटो, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। वहीं इसके विपरीत कैपिटल गुड्स, पावर, टेलीकॉम और पीएसयू बैंक सेक्टर में 0.4-0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, बजाज फिनसर्व और विप्रो के शेयर शामिल रहे, जबकि नुकसान उठाने वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, नेस्ले इंडिया, कोटक बैंक, रिलायंस और मारुति सुजुकी शामिल रहे।
ध्यान देने वाली बात है कि कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता संपन्न होने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आने से शेयर बाजार में तेजी आई। वार्ता होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित थी, लेकिन क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए किसी समझौते की दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई।
इसी बीच, रुपया 24 पैसे गिरकर 95.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
व्यापक स्तर पर खरीदारी के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 476.50 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 479.75 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति एक दिन में लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई।
राष्ट्रीय समाचार
ईवी की हिस्सेदारी 2030 तक 20 प्रतिशत पहुंचने से एक लाख करोड़ रुपए कम हो सकता है आयात बिल: एसबीआई रिसर्च

पश्चिम एशिया संकट के चलते भारतीयों का इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तरफ रुझान बढ़ा है और 2030 तक ईवी की बाजार हिस्सेदारी 20 प्रतिशत पहुंचने से आयात बिल में एक लाख करोड़ रुपए की कमी आ सकती है। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की ओर से गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
मौजूदा समय में भारतीय बाजार में ईवी की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत है।
अमेरिका-ईरान युद्ध 28 फरवरी को शुरू होने के बाद भारत में ईवी के पंजीकरण में जोरदार तेजी देखने को मिली। मार्च-जून की अवधि में देश में औसत 2.3 लाख ईवी प्रति माह पंजीकृत हुए हैं, यह आंकड़ा 2025 में औसत 1.3 लाख प्रति माह था।
रिपोर्ट में कहा गया, “मौजूदा रफ्तार को देखते हुए, हमें लगता है कि 2026 में कुल ईवी पंजीकरण 25 लाख का आंकड़ा पार कर सकते हैं।”
कुल पंजीकरण में पूर्ण ईवी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। 2024 में पूर्ण ईवी की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से भी कम थी, जो 2026 में अब तक बढ़कर 8 प्रतिशत से अधिक हो गई है। कुछ राज्यों में पूर्ण ईवी की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 29,151 चार्जिंग स्टेशन हैं। कुल चार्जिंग स्टेशनों में से 35 प्रतिशत सिर्फ दो राज्यों (कर्नाटक और महाराष्ट्र) में हैं।
नई ईवी पॉलिसी के तहत, दिल्ली सरकार अगले चार सालों में 32,000 चार्जिंग पॉइंट का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजना बना रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “ईवी की सफलता काफी हद तक चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।”
भारत में 2025 तक 2.86 करोड़ गाड़ियां रजिस्टर्ड थीं और यह आंकड़ा 2030 तक 4 करोड़ गाड़ियों तक पहुंचने का अनुमान है। इन गाड़ियों में से 20 प्रतिशत ईवी होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी की तारीफ की गई, जिससे तहत पहले तीन सालों में दो-पहिया गाड़ियों के लिए खरीद पर इंसेंटिव (कुल मिलाकर 60,000 रुपए) दिया जाएगा। तीन-पहिया गाड़ियों के लिए, कुल इंसेंटिव 1,20,000 रुपए है। एन1 कमर्शियल ट्रकों को पहले साल में 1 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। दिल्ली में ईवी के लिए रोड टैक्स और एक बार की रजिस्ट्रेशन फीस पर 100 प्रतिशत छूट दी गई है।
राष्ट्रीय समाचार
केतन हत्याकांड : सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस

केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। आरोपी सिया गोयल का वकील बताने वाले एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल गोयल ने मीडिया के सामने उनके खिलाफ झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक बयान दिए, जिससे उनकी पेशेवर छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
कानूनी नोटिस में एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि सिया गोयल ने विधिवत वकालतनामा (अथॉरिटी लेटर) पर हस्ताक्षर कर उन्हें अपना कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया था। यह नियुक्ति किसी मौखिक दावे, मीडिया प्रचार या बिना अधिकार के नहीं हुई, बल्कि एक बालिग आरोपी द्वारा अपनी इच्छा से दी गई कानूनी अनुमति के आधार पर हुई है।
नोटिस के मुताबिक, मूल हस्ताक्षरित वकालतनामा सक्षम अदालत में पहले ही दाखिल किया जा चुका है और जरूरत पड़ने पर संबंधित मंच या अदालत के सामने अन्य मूल दस्तावेज भी पेश किए जाएंगे।
नोटिस में दावा किया गया कि एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का वकालतनामा वडगांव मावल कोर्ट ने स्वीकार कर रिकॉर्ड पर भी ले लिया है। इसके बावजूद साहिल गोयल ने कानूनी दस्तावेजों की जांच किए बिना और वकील से कोई बातचीत किए बिना सार्वजनिक रूप से उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए।
नोटिस में कहा गया कि यह बेहद चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण है कि साहिल गोयल ने वकालतनामा की वैधता की पुष्टि किए बिना मीडिया में यह बयान दिया कि उन्हें परिवार की ओर से नियुक्त या अधिकृत नहीं किया गया था।
एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि साहिल गोयल के बयानों से लोगों के बीच यह गलत संदेश गया कि उन्होंने झूठा दावा करके आरोपी का वकील बनने की कोशिश की या बिना अधिकार के केस में दखल दिया। नोटिस के अनुसार, इन आरोपों के कारण उन्हें मजाक, ट्रोलिंग, धमकियों, आपत्तिजनक फोन कॉल, पेशेवर शर्मिंदगी और प्रतिष्ठा को नुकसान का सामना करना पड़ा।
कानूनी नोटिस के जरिए साहिल गोयल से मांग की गई है कि वे तुरंत अपने कथित मानहानिकारक बयान वापस लें, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें और लिखित आश्वासन दें कि भविष्य में इस तरह के आरोप दोबारा नहीं लगाएंगे।
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। इसमें 10 करोड़ रुपए के मानहानि और प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सिविल मुकदमा भी शामिल होगा।
यह विवाद सोमवार को मामले की अदालत में सुनवाई से पहले शुरू हुआ था। उस समय साहिल गोयल ने मीडिया से बातचीत में एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें परिवार ने कभी अपना वकील नियुक्त नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि संभव है आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया गोयल के हस्ताक्षर धोखे से हासिल किए हों।
साहिल गोयल का यह बयान उस समय आया, जब एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव कई मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को सिया गोयल का वकील बताते हुए मामले से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
हालांकि, साहिल गोयल ने साफ कहा कि परिवार ने एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव को अपना वकील नियुक्त नहीं किया है। परिवार की ओर से एडवोकेट विपुल दुशिंग को वकील बनाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस संबंध में परिवार अदालत में हएफिडेविट भी दाखिल कर चुका है। साथ ही साहिल ने आरोप लगाया कि एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की ओर से उनके परिवार को धमकियां भी दी गई हैं।
केतन अग्रवाल हत्याकांड में सामने आया यह नया विवाद अब मुख्य मामले के साथ-साथ आरोपी के परिवार और खुद को उसका वकील बताने वाले अधिवक्ता के बीच अलग कानूनी लड़ाई का रूप लेता नजर आ रहा है।
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भारतीय शेयर बाजार ने की दमदार वापसी, फिर दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट बना

भारतीय शेयर बाजार फिर से दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट बन गया है और इसका मार्केटकैप 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।
वहीं, हाल ही मार्केटकैप में भारतीय स्टॉक मार्केट को पछाड़ चुके ताइवान और साउथ कोरिया के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इससे फिर से दोनों बाजारों का मार्केटकैप भारत से कम हो गया है।
मौजूदा समय में भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केटकैप 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। ताइवान के शेयर बाजार का मार्केटकैप 4.97 ट्रिलियन डॉलर और साउथ कोरियाई बाजार का मार्केटकैप 4.66 ट्रिलियन डॉलर है।
इस दौरान, अमेरिका और चीन के बाजार पूंजीकरण और रैंकिंग में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर शेयरों में हाल के महीनों की जबरदस्त तेजी के बाद निवेशकों ने ताइवान और दक्षिण कोरिया में मुनाफावसूली की है, जिससे दोनों बाजार में की रैकिंग में बदलाव आया है।
इसके अलावा, जून में वैश्विक इक्विटी बाजारों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, जबकि भारतीय शेयरों ने काफी हद तक मजबूती देखी गई।
इस महीने के दौरान, भारत का मार्केटकैप 2.75 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया और ताइवान के मार्केटकैप में क्रमशः 4.7 प्रतिशत और 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई।
अन्य प्रमुख बाजारों में, जापान का बाजार पूंजीकरण लगभग 1 प्रतिशत गिरा, हांगकांग में 8.3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, कनाडा में 3 प्रतिशत की कमी आई , यूके में लगभग 2 प्रतिशत की कमी आई, फ्रांस 1.1 प्रतिशत गिरा और जर्मनी में 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कई एनालिस्ट्स ने भारतीय इक्विटी में इस मजबूती का कारण कच्चे तेल की कीमतों में कमी, बेहतर होते वैल्यूएशन और विदेशी निवेशकों की लगातार दिलचस्पी को बताया है।
उनके अनुसार, निफ्टी का प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल लगभग 24 गुना से घटकर करीब 18 गुना हो गया है, जिससे वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गए हैं।
इसके अलावा, भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने कई ग्लोबल मार्केट्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।
इस महीने अब तक, डॉलर के हिसाब से सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः लगभग 4 प्रतिशत और करीब 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है।
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