Connect with us
Sunday,23-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान-अमेरिका के बीच दोहा में हो रही अगले चरण की वार्ता, उपराष्ट्रपति वेंस बोले-‘अच्छी चल रही है बातचीत’

Published

on

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोहा में ईरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू किया या कमर्शियल शिपिंग पर हमला किया तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से सैन्य बल का इस्तेमाल करने में नहीं हिचकिचाएंगे।

वर्जीनिया में नेवल एयर स्टेशन ओशियाना का दौरा करने के बाद बुधवार (लोकल टाइम) को एयर फोर्स टू से रवाना होने से पहले वेंस ने मीडिया से कहा कि ईरानी टारगेट्स के खिलाफ हाल ही में अमेरिकी सैन्य एक्शन के बाद अमेरिका, ईरान, कतर और दूसरे देशों के नेगोशिएटर्स अगले चरण को लेकर चर्चा कर रहे थे।

उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, “अभी बातचीत करने वाले ईरानियों, कतरियों और दोहा में दूसरों के साथ बैठे हैं। अभी तो बहुत जल्दी है, लेकिन बातचीत अच्छी चल रही है।”

उन्होंने कहा कि अभी का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि कमर्शियल शिपिंग इस इलाके से सुरक्षित रूप से चलती रहे।

उन्होंने कहा, “कमर्शियल ट्रैफिक सच में, यह पहले ही एक शानदार दिशा में शुरू हो चुका है। अब हमारे पास तेल 68 डॉलर पर है। गैस की कीमतें कम होने लगी हैं। हम परमाणु मुद्दे को लेकर चिंतित हैं। हम इस बारे में बात करना शुरू करने जा रहे हैं।”

वेंस ने कहा कि ट्रंप सरकार बातचीत जारी रखेगा लेकिन, अगर ईरान अपना रास्ता बदलता है तो सैन्य विकल्प मौजूद रहेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं यह कह सकता हूं कि राष्ट्रपति हमारी मिलिट्री को तब तक वापस नहीं भेजेंगे, जब तक उन्हें ऐसा करना जरूरी न हो, जब तक इसका कोई साफ मकसद न हो। अगर वे अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से बनाने की कोशिश करते हैं, अगर वे फिर से कमर्शियल जहाजों पर फायरिंग शुरू करने की कोशिश करते हैं, तो इससे हमारा हिसाब बदल जाएगा।”

ईरानी नेतृत्व में मतभेद के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा लगता है कि तेहरान के अंदर पश्चिम और पड़ोसी खाड़ी देशों के साथ संबंध सुधारने के लिए समर्थन बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, “ईरान की व्यवस्था में, दुनिया के कई अन्य देशों की तरह, ऐसे लोग भी हैं जो मानते हैं कि पिछले 47 वर्षों की सरकारी नीतियां एक गलती रही हैं और अब अमेरिका, यूरोप तथा खाड़ी के अरब देशों के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से बेहतर बनाने की जरूरत है। वहीं कुछ लोग अब भी पुरानी सोच और पुराने तौर-तरीकों से जुड़े हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का मानना ​​है कि हम उन लोगों के लिए बहुत मोमेंटम देखते हैं जो एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहे हैं और इसलिए वह डिप्लोमेसी को जितना हो सके सफल होने का मौका देते रहेंगे।

हालांकि, उन्होंने दोहराया कि ईरान की तरफ से संवेदनशील परमाणु गतिविधियों को फिर से शुरू करने या अंतरराष्ट्रीय निगरानी पर रोक लगाने की कोई भी कोशिश अमेरिका के अलग जवाब को शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास अभी भी बहुत सारे विकल्प हैं।

रिप्रेजेंटेटिव एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज के कमेंट्स के बारे में पूछे जाने पर वेंस ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के बारे में अंदाजा लगाने से भी मना कर दिया और कहा, “मैं 2028 के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मेरा नजरिया यह है कि चलो अभी अच्छा काम करते हैं। चलो अमेरिकी लोगों के लिए कुछ जीत सुनिश्चित करने की कोशिश करते रहते हैं। जब भविष्य आएगा तो हम भविष्य की चिंता कर सकते हैं।”

सुप्रीम कोर्ट के बारे में वेंस ने कहा कि उनका मानना ​​है कि जस्टिस एमी कोनी बैरेट ने हाल ही में बर्थराइट सिटिजनशिप के फैसले में गलती की है। कभी-कभी सुप्रीम कोर्ट से भी गलतियां हो जाती हैं और सरकार उस गलती को ठीक करने की कोशिश करेगी।

उन्होंने जस्टिस सैमुअल अलिटो के संभावित रिटायरमेंट की अटकलों को भी खारिज कर दिया, और कहा कि कोई भी फैसला पूरी तरह से जस्टिस पर निर्भर करेगा।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

अमेरिका ने इजरायल के लिए खाड़ी देशों की सुरक्षा दांव पर लगाई: बाकर कालीबाफ

Published

on

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा है कि ईरान को पड़ोसी देशों से क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्थाओं और आर्थिक सहयोग को लेकर कई संदेश मिले हैं।

शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कालीबाफ ने ल‍िखा, “अमेरिका ने इजरायल के हितों के लिए दबाव बनाने और अपने सहयोगी देशों के हितों की पूरी तरह अनदेखी करके उनके सुरक्षा हितों को खतरे में डाल दिया है।”

उन्होंने कहा, “वास्तविक शांति और सुरक्षा तभी आ सकती है जब क्षेत्र के देश अपनी खुद की स्वतंत्र और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था विकसित करें।”

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल और क्षेत्र के विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे थे।

मीडिया रिपोर्टों में क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि खाड़ी अरब देश वॉशिंगटन से नाराज हैं। उनका मानना है कि अमेरिका ने युद्ध की शुरुआत तो की, लेकिन उन्हें उसके असर से पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी।

इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई में शामिल होगा, उसे तेहरान अपना ‘दुश्मन’ मानेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की थी कि ईरान को सहारा देने वाले किसी भी देश के खिलाफ ‘अब तक का सबसे कड़ा आर्थिक अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने इसे ‘अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक लड़ाई और अलगाव’ बताया था।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव रेजाई ने शनिवार को सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि ईरान पहले ऐसे देशों से बातचीत करेगा और उनसे इस विवाद से दूर रहने की अपील करेगा, लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो तेहरान उनके हितों को निशाना बनाएगा। रेजाई ने चेतावनी दी कि यदि आसपास के देश अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होते हैं, तो ईरान ‘होर्मुज स्‍ट्रेट से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने देगा।’

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

12 घंटे में यूक्रेन के 250 ड्रोन मार गिराए, 19 इलाकों में एयर डिफेंस एक्टिव : रूस

Published

on

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने 12 घंटों के भीतर यूक्रेन के 250 ड्रोन को नष्ट कर दिया।

मंत्रालय के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे (मॉस्को समय) के बीच रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने मॉस्को समेत 19 इलाकों में 250 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन मार गिराए।

इसके अलावा, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में मॉस्को क्षेत्र की ओर उड़ान भरने वाले ड्रोन की संख्या 2,600 से अधिक रही है। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर ड्रोन शहर से दूर बाहरी इलाकों में ही वायु रक्षा प्रणालियों की ओर से निष्क्रिय कर दिए गए।

मेयर के अनुसार, मॉस्को की ओर आते समय कुल 493 ड्रोन नष्ट किए गए।

इससे पहले शुक्रवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि रूसी सेना ने पिछले एक सप्ताह में 11 बस्तियों पर कब्जा किया और यूक्रेनी सेना के खिलाफ एक बड़े और नौ सामूहिक हमले किए।

मंत्रालय के मुताबिक, ये 11 बस्तियां खारकीव, डोनबास और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में स्थित हैं।

रूसी हमलों का निशाना यूक्रेन के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठान, लॉजिस्टिक्स हब, ऊर्जा और परिवहन ढांचा, जमीनी रोबोटिक सिस्टम बनाने वाली इकाइयां, ड्रोन निर्माण केंद्र और उनसे जुड़े अन्य संयंत्र थे।

मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल लॉन्चिंग ठिकानों, गोला-बारूद और ईंधन भंडार, आपूर्ति केंद्रों तथा यूक्रेनी सैनिकों और विदेशी लड़ाकों के अस्थायी ठिकानों पर भी हमले किए गए।

पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘सुस्पिलने’ के अनुसार, यूक्रेनी ऊर्जा मंत्री डेनिस श्म्यहाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने सर्दियों से पहले ऊर्जा सुविधाओं की सुरक्षा और विभिन्न क्षेत्रों की तैयारी मजबूत करने के लिए 35 अरब रिव्निया (लगभग 78.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर) आवंटित किए हैं।

सुस्पिलने के अनुसार, संसद को संबोधित करते हुए श्म्यहाल ने कहा कि लगभग 200 द्वितीय-स्तरीय सुरक्षा ढांचों का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि कोई भी रक्षा प्रणाली 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती, लेकिन जिन ऊर्जा सुविधाओं को संरक्षित किया गया है, उन्हें नुकसान होने की स्थिति में कुछ ही हफ्तों में दोबारा ठीक किया जा सकता है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

पुतिन का दावा: दुश्मन की किसी कार्रवाई का असर नहीं, हर दिशा में आगे बढ़ रही है रूसी सेना

Published

on

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक इंटरव्‍यू में बताया क‍ि दुश्‍मन की क‍िसी भी कार्रवाई का हमारे युद्धक्षेत्र की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्‍होंने कहा क‍ि रूस ने अपकी आक्रामक कार्रवाई को और तेज कर द‍िया है।

रूसी समाचार एजेंसी ‘टास’ की जानकारी के अनुसार, रूसी राष्‍ट्रपत‍ि व्लादिमीर पुतिन ने वेस्टी के पत्रकार पावेल जारुबिन को दिए एक इंटरव्यू में दावा क‍िया कि रूसी सेना ने अपने आक्रामक अभियानों की गति को तेज कर द‍िया है। उन्‍होंने क‍हा क‍ि रूसी सेना विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल करती जा रही है।

टास की र‍िपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने दावा क‍िया क‍ि विपक्षी पक्ष की कार्रवाइयों का युद्धक्षेत्र की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्‍होंने कहा क‍ि हमारी सेना न केवल सभी दिशाओं में आगे बढ़ रही है, बल्कि उसने अपने हमलों और सैन्य अभियानों की रफ्तार भी बढ़ा दी है।

उन्होंने कहा कि रूसी सशस्त्र बल अपने निर्धारित कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं और विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्य हासिल होने तक ऐसा करते रहेंगे।

टास की जानकारी के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने कहा क‍ि हमारा लक्ष्य अपनी हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा उसकी क्षमताओं को बढ़ाना भी है।

टास के अनुसार, रूस में नागरिक ठिकानों पर यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों पर टिप्पणी करते हुए पुतिन ने कहा कि हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ रूस को अपनी सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल भी विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रयास में सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी कंपनियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।

गुरुवार रात ही यूक्रेनी हमलों में रूस की पर्म तेल रिफाइनरी, मैरिनोवका सैन्य हवाई अड्डे और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”हम युद्ध के परिणामों को वहीं वापस पहुंचाने के लिए अपनी लंबी दूरी वाली प्रतिबंध और जवाबी कार्रवाई की रणनीति जारी रखे हुए हैं, जहां से यह युद्ध शुरू हुआ था। बीती रात हमारे लंबी दूरी के हमलों ने सीमा से 1,600 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित ‘पर्म’ की तेल रिफाइनरी और रूस के वोल्गोग्राद क्षेत्र में मौजूद ‘मैरिनोवका’ सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया। काला सागर के क्षेत्र में भी हमें कुछ परिणाम मिले हैं।”

Continue Reading
Advertisement
खेल9 hours ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

राष्ट्रीय समाचार10 hours ago

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में अगले चरण का विकास डाउनस्ट्रीम एप्लीकेशन और निजी कंपनियां तय करेंगी: एक्सपर्ट्स

राजनीति10 hours ago

दक्षिण बंगाल में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश, मौसम विभाग ने समुद्र में न जाने की दी सलाह

राजनीति11 hours ago

अखिलेश के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर भाजपा नेताओं ने निशाना साधा, बोले-अब चरम पर है उनका अहंकार

राजनीति11 hours ago

राहुल गांधी के प्रदर्शन के दौरान संसद मार्ग थाने की दीवार गंदी करने पर एक की गिरफ्तारी, फिर जमानत पर रिहाई

राजनीति11 hours ago

जगन मोहन रेड्डी का सीएम नायडू पर निशाना, बोले- सरकारी स्कूलों में शिक्षा को कमजोर कर रही है सरकार

अंतरराष्ट्रीय समाचार12 hours ago

अमेरिका ने इजरायल के लिए खाड़ी देशों की सुरक्षा दांव पर लगाई: बाकर कालीबाफ

अंतरराष्ट्रीय समाचार12 hours ago

12 घंटे में यूक्रेन के 250 ड्रोन मार गिराए, 19 इलाकों में एयर डिफेंस एक्टिव : रूस

राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

आईएसओ 55001:2024 प्रमाणन हासिल करने वाला भारत का पहला मेट्रो संगठन बना डीएमआरसी

खेल13 hours ago

प्रीमियर लीग: मैनचेस्टर यूनाइटेड पहले मैच में हल सिटी से हारी

अपराध4 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मनोरंजन3 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

व्यापार2 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

व्यापार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति4 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

राजनीति2 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

रुझान