अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान-अमेरिका के बीच दोहा में हो रही अगले चरण की वार्ता, उपराष्ट्रपति वेंस बोले-‘अच्छी चल रही है बातचीत’
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोहा में ईरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू किया या कमर्शियल शिपिंग पर हमला किया तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से सैन्य बल का इस्तेमाल करने में नहीं हिचकिचाएंगे।
वर्जीनिया में नेवल एयर स्टेशन ओशियाना का दौरा करने के बाद बुधवार (लोकल टाइम) को एयर फोर्स टू से रवाना होने से पहले वेंस ने मीडिया से कहा कि ईरानी टारगेट्स के खिलाफ हाल ही में अमेरिकी सैन्य एक्शन के बाद अमेरिका, ईरान, कतर और दूसरे देशों के नेगोशिएटर्स अगले चरण को लेकर चर्चा कर रहे थे।
उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, “अभी बातचीत करने वाले ईरानियों, कतरियों और दोहा में दूसरों के साथ बैठे हैं। अभी तो बहुत जल्दी है, लेकिन बातचीत अच्छी चल रही है।”
उन्होंने कहा कि अभी का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि कमर्शियल शिपिंग इस इलाके से सुरक्षित रूप से चलती रहे।
उन्होंने कहा, “कमर्शियल ट्रैफिक सच में, यह पहले ही एक शानदार दिशा में शुरू हो चुका है। अब हमारे पास तेल 68 डॉलर पर है। गैस की कीमतें कम होने लगी हैं। हम परमाणु मुद्दे को लेकर चिंतित हैं। हम इस बारे में बात करना शुरू करने जा रहे हैं।”
वेंस ने कहा कि ट्रंप सरकार बातचीत जारी रखेगा लेकिन, अगर ईरान अपना रास्ता बदलता है तो सैन्य विकल्प मौजूद रहेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं यह कह सकता हूं कि राष्ट्रपति हमारी मिलिट्री को तब तक वापस नहीं भेजेंगे, जब तक उन्हें ऐसा करना जरूरी न हो, जब तक इसका कोई साफ मकसद न हो। अगर वे अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से बनाने की कोशिश करते हैं, अगर वे फिर से कमर्शियल जहाजों पर फायरिंग शुरू करने की कोशिश करते हैं, तो इससे हमारा हिसाब बदल जाएगा।”
ईरानी नेतृत्व में मतभेद के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा लगता है कि तेहरान के अंदर पश्चिम और पड़ोसी खाड़ी देशों के साथ संबंध सुधारने के लिए समर्थन बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “ईरान की व्यवस्था में, दुनिया के कई अन्य देशों की तरह, ऐसे लोग भी हैं जो मानते हैं कि पिछले 47 वर्षों की सरकारी नीतियां एक गलती रही हैं और अब अमेरिका, यूरोप तथा खाड़ी के अरब देशों के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से बेहतर बनाने की जरूरत है। वहीं कुछ लोग अब भी पुरानी सोच और पुराने तौर-तरीकों से जुड़े हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का मानना है कि हम उन लोगों के लिए बहुत मोमेंटम देखते हैं जो एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहे हैं और इसलिए वह डिप्लोमेसी को जितना हो सके सफल होने का मौका देते रहेंगे।
हालांकि, उन्होंने दोहराया कि ईरान की तरफ से संवेदनशील परमाणु गतिविधियों को फिर से शुरू करने या अंतरराष्ट्रीय निगरानी पर रोक लगाने की कोई भी कोशिश अमेरिका के अलग जवाब को शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास अभी भी बहुत सारे विकल्प हैं।
रिप्रेजेंटेटिव एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज के कमेंट्स के बारे में पूछे जाने पर वेंस ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के बारे में अंदाजा लगाने से भी मना कर दिया और कहा, “मैं 2028 के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। मेरा नजरिया यह है कि चलो अभी अच्छा काम करते हैं। चलो अमेरिकी लोगों के लिए कुछ जीत सुनिश्चित करने की कोशिश करते रहते हैं। जब भविष्य आएगा तो हम भविष्य की चिंता कर सकते हैं।”
सुप्रीम कोर्ट के बारे में वेंस ने कहा कि उनका मानना है कि जस्टिस एमी कोनी बैरेट ने हाल ही में बर्थराइट सिटिजनशिप के फैसले में गलती की है। कभी-कभी सुप्रीम कोर्ट से भी गलतियां हो जाती हैं और सरकार उस गलती को ठीक करने की कोशिश करेगी।
उन्होंने जस्टिस सैमुअल अलिटो के संभावित रिटायरमेंट की अटकलों को भी खारिज कर दिया, और कहा कि कोई भी फैसला पूरी तरह से जस्टिस पर निर्भर करेगा।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका ने इजरायल के लिए खाड़ी देशों की सुरक्षा दांव पर लगाई: बाकर कालीबाफ

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा है कि ईरान को पड़ोसी देशों से क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्थाओं और आर्थिक सहयोग को लेकर कई संदेश मिले हैं।
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कालीबाफ ने लिखा, “अमेरिका ने इजरायल के हितों के लिए दबाव बनाने और अपने सहयोगी देशों के हितों की पूरी तरह अनदेखी करके उनके सुरक्षा हितों को खतरे में डाल दिया है।”
उन्होंने कहा, “वास्तविक शांति और सुरक्षा तभी आ सकती है जब क्षेत्र के देश अपनी खुद की स्वतंत्र और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था विकसित करें।”
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल और क्षेत्र के विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे थे।
मीडिया रिपोर्टों में क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि खाड़ी अरब देश वॉशिंगटन से नाराज हैं। उनका मानना है कि अमेरिका ने युद्ध की शुरुआत तो की, लेकिन उन्हें उसके असर से पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी।
इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई में शामिल होगा, उसे तेहरान अपना ‘दुश्मन’ मानेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की थी कि ईरान को सहारा देने वाले किसी भी देश के खिलाफ ‘अब तक का सबसे कड़ा आर्थिक अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने इसे ‘अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक लड़ाई और अलगाव’ बताया था।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव रेजाई ने शनिवार को सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि ईरान पहले ऐसे देशों से बातचीत करेगा और उनसे इस विवाद से दूर रहने की अपील करेगा, लेकिन अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो तेहरान उनके हितों को निशाना बनाएगा। रेजाई ने चेतावनी दी कि यदि आसपास के देश अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होते हैं, तो ईरान ‘होर्मुज स्ट्रेट से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने देगा।’
अंतरराष्ट्रीय समाचार
12 घंटे में यूक्रेन के 250 ड्रोन मार गिराए, 19 इलाकों में एयर डिफेंस एक्टिव : रूस

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने 12 घंटों के भीतर यूक्रेन के 250 ड्रोन को नष्ट कर दिया।
मंत्रालय के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे (मॉस्को समय) के बीच रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने मॉस्को समेत 19 इलाकों में 250 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन मार गिराए।
इसके अलावा, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में मॉस्को क्षेत्र की ओर उड़ान भरने वाले ड्रोन की संख्या 2,600 से अधिक रही है। उन्होंने कहा कि इनमें से ज्यादातर ड्रोन शहर से दूर बाहरी इलाकों में ही वायु रक्षा प्रणालियों की ओर से निष्क्रिय कर दिए गए।
मेयर के अनुसार, मॉस्को की ओर आते समय कुल 493 ड्रोन नष्ट किए गए।
इससे पहले शुक्रवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि रूसी सेना ने पिछले एक सप्ताह में 11 बस्तियों पर कब्जा किया और यूक्रेनी सेना के खिलाफ एक बड़े और नौ सामूहिक हमले किए।
मंत्रालय के मुताबिक, ये 11 बस्तियां खारकीव, डोनबास और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में स्थित हैं।
रूसी हमलों का निशाना यूक्रेन के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठान, लॉजिस्टिक्स हब, ऊर्जा और परिवहन ढांचा, जमीनी रोबोटिक सिस्टम बनाने वाली इकाइयां, ड्रोन निर्माण केंद्र और उनसे जुड़े अन्य संयंत्र थे।
मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल लॉन्चिंग ठिकानों, गोला-बारूद और ईंधन भंडार, आपूर्ति केंद्रों तथा यूक्रेनी सैनिकों और विदेशी लड़ाकों के अस्थायी ठिकानों पर भी हमले किए गए।
पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘सुस्पिलने’ के अनुसार, यूक्रेनी ऊर्जा मंत्री डेनिस श्म्यहाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने सर्दियों से पहले ऊर्जा सुविधाओं की सुरक्षा और विभिन्न क्षेत्रों की तैयारी मजबूत करने के लिए 35 अरब रिव्निया (लगभग 78.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर) आवंटित किए हैं।
सुस्पिलने के अनुसार, संसद को संबोधित करते हुए श्म्यहाल ने कहा कि लगभग 200 द्वितीय-स्तरीय सुरक्षा ढांचों का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि कोई भी रक्षा प्रणाली 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती, लेकिन जिन ऊर्जा सुविधाओं को संरक्षित किया गया है, उन्हें नुकसान होने की स्थिति में कुछ ही हफ्तों में दोबारा ठीक किया जा सकता है।
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पुतिन का दावा: दुश्मन की किसी कार्रवाई का असर नहीं, हर दिशा में आगे बढ़ रही है रूसी सेना

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक इंटरव्यू में बताया कि दुश्मन की किसी भी कार्रवाई का हमारे युद्धक्षेत्र की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि रूस ने अपकी आक्रामक कार्रवाई को और तेज कर दिया है।
रूसी समाचार एजेंसी ‘टास’ की जानकारी के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वेस्टी के पत्रकार पावेल जारुबिन को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि रूसी सेना ने अपने आक्रामक अभियानों की गति को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि रूसी सेना विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल करती जा रही है।
टास की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने दावा किया कि विपक्षी पक्ष की कार्रवाइयों का युद्धक्षेत्र की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना न केवल सभी दिशाओं में आगे बढ़ रही है, बल्कि उसने अपने हमलों और सैन्य अभियानों की रफ्तार भी बढ़ा दी है।
उन्होंने कहा कि रूसी सशस्त्र बल अपने निर्धारित कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं और विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्य हासिल होने तक ऐसा करते रहेंगे।
टास की जानकारी के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा लक्ष्य अपनी हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा उसकी क्षमताओं को बढ़ाना भी है।
टास के अनुसार, रूस में नागरिक ठिकानों पर यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों पर टिप्पणी करते हुए पुतिन ने कहा कि हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ रूस को अपनी सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल भी विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रयास में सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी कंपनियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
गुरुवार रात ही यूक्रेनी हमलों में रूस की पर्म तेल रिफाइनरी, मैरिनोवका सैन्य हवाई अड्डे और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”हम युद्ध के परिणामों को वहीं वापस पहुंचाने के लिए अपनी लंबी दूरी वाली प्रतिबंध और जवाबी कार्रवाई की रणनीति जारी रखे हुए हैं, जहां से यह युद्ध शुरू हुआ था। बीती रात हमारे लंबी दूरी के हमलों ने सीमा से 1,600 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित ‘पर्म’ की तेल रिफाइनरी और रूस के वोल्गोग्राद क्षेत्र में मौजूद ‘मैरिनोवका’ सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया। काला सागर के क्षेत्र में भी हमें कुछ परिणाम मिले हैं।”
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