महाराष्ट्र
महाराष्ट्र विधानसभा में ड्रग्स से जुड़े विभिन्न सवालों पर मुख्यमंत्री के दावे के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।
मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा के दूसरे दिन विपक्ष ने विधानसभा से वॉकआउट किया और काम से अपनी गैरहाजिरी दर्ज कराई। दूसरी ओर, जनता के मुद्दों पर सवाल-जवाब सेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई और महाराष्ट्र को ड्रग्स से मुक्त करने का अपना पक्का इरादा दोहराया। आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ड्रग माफिया के खिलाफ पूछे गए अलग-अलग सवालों की जानकारी दी। फडणवीस ने साफ किया कि सरकार मुंबई और महाराष्ट्र को ड्रग्स से मुक्त करने के लिए पक्का इरादा रखती है। मुख्यमंत्री ने आज सदन में आंकड़ों के साथ यह जानकारी पेश की। विपक्ष ने एतराज जताया। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस पर डिटेल में जवाब दिया।
राज्य में चार महीने में 254 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किए गए हैं।
सरकार ने विधानसभा को बताया कि राज्य में चार महीने में 254 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किए गए हैं। जनवरी से अप्रैल 2026 तक राज्य में ड्रग्स रखने के 1,142 मामले दर्ज किए गए। सरकार ने विधानसभा को बताया कि इस ऑपरेशन में 1,626 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 254.53 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के इस्तेमाल के खिलाफ 3,199 मामले दर्ज किए गए हैं।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की सभी सात यूनिट मुंबई समेत पूरे राज्य में एंटी-ड्रग ऑपरेशन के लिए काम कर रही हैं। साल 2025 में एएनटीएफ और पुलिस ने मिलकर 523.17 करोड़ रुपये की ड्रग्स नष्ट कीं। फडणवीस ने कहा कि ड्रग तस्करी और बिक्री को लेकर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी है और दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
‘ड्रग-फ्री मुंबई’ कैंपेन
पुलिस बड़े पैमाने पर ड्रग्स की रिकवरी में शामिल पाई गई है। ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई होनी चाहिए। शरद पवार एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने आरोप लगाया कि हमें ऑनलाइन ड्रग्स सप्लाई किए जा रहे हैं। इस बीच, नेता जितेंद्र ओहद ने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से ड्रग रैकेट चलाया जा रहा है। हम सदन में हमेशा ड्रग्स पर चर्चा करते हैं। पुलिस को ड्रग्स बिकने वाली जगहों के बारे में बताने पर भी कोई एक्शन नहीं लिया जाता। सुनील प्रभु ने आरोप लगाया कि आज सड़कों पर ड्रग्स बिक रहे हैं। यह राज्य में एक गंभीर अपराध है। नारकोटिक्स डिपार्टमेंट क्या कर रहा है? जयंत पाटिल ने मांग की कि हमारी पुलिस को राज्य के बाहर पोर्ट पर उन जगहों पर भेजा जाए जहां ड्रग्स मिलते हैं।
सरकार ने कहा कि कैंपेन और ड्रग-फ्री अवेयरनेस के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है। ऐसे मामलों में दोषी पाए गए सभी पुलिसवालों को निकाल दिया गया है। हमने नारकोटिक्स डिपार्टमेंट को बढ़ाया है। हम हर पुलिस स्टेशन में एक डिपार्टमेंट बना रहे हैं। हम एंटी-नारकोटिक्स फोर्स को अच्छे ऑफिसर देने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अब हर दिन नारकोटिक्स की डिटेल्स मंगाई जाएंगी। ड्रग लॉर्ड सलीम डोला को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितारा में एक फैक्ट्री भी मिली है और वह उन्हीं की है। मुख्यमंत्री ने मुंबई पुलिस के काम की तारीफ की और कहा कि मुंबई पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में जाकर ड्रग्स को खत्म किया है। हमने मुंबई के 3000 स्कूल और कॉलेजों में प्रोग्राम शुरू किए हैं। हम नशा-मुक्त जीवन जीने के लिए एक अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हम ड्रग्स के बारे में जानकारी देने वालों को इनाम देंगे और यह पक्का करेंगे कि उस व्यक्ति की पहचान उजागर न हो।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सीएम फडणवीस ने किया सूखा घोषित, और सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसील) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है। इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अब सूखे जैसे हालात हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट (7.5 हॉर्सपावर कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है, अब उससे ज़्यादा कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट), स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा, जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे। किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम, बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा। पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी। साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे।
सीएम ने गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया था कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र यूसीसी कमेटी से पूर्व जज के इस्तीफे पर जयराम रमेश बोले-‘हर राज्य का अलग यूसीसी संविधान की भावना के खिलाफ’

महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए गठित समिति से हाईकोर्ट के एक पूर्व जज के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संचार) और सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस इस्तीफे ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और समिति के कामकाज पर भी गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि क्या संविधान सभा ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें हर राज्य अपना अलग-अलग समान नागरिक संहिता बनाए? इसका जवाब है बिल्कुल नहीं। क्या डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने कभी सोचा था कि एक राजनीतिक दल की राजनीतिक चालों के हिसाब से राज्य अलग-अलग यूसीसी बनाने की होड़ करेंगे? इसका जवाब भी नहीं है।
कांग्रेस नेता ने 21वें विधि आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 17 जून 2016 को मोदी सरकार ने ही यूसीसी के सवाल को विस्तृत अध्ययन के लिए विधि आयोग के पास भेजा था। आयोग ने व्यापक रिसर्च के बाद 31 अगस्त 2018 को अपना कंसल्टेशन पेपर प्रकाशित किया था। इसके पेज 7 के पैराग्राफ 1.15 में स्पष्ट कहा गया था कि “इस स्तर पर समान नागरिक संहिता बनाना न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।” आयोग ने अलग-अलग पारिवारिक कानूनों में मौजूद भेदभाव को दूर करने की सिफारिश की थी।
रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने उसी आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया, जिसे उसने खुद जिम्मा सौंपा था क्योंकि तथ्य उसके राजनीतिक एजेंडे से मेल नहीं खाते थे। पिछले तीन वर्षों में भाजपा शासित राज्यों ने यूसीसी के अपने-अपने वर्जन जबरन पारित कराए हैं। उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू हो गया जबकि गुजरात में 24 मार्च 2026, असम में 27 मई 2026 और मध्य प्रदेश में 21 जुलाई 2026 को विधानसभा में विधेयक पारित किया गया।
उन्होंने कहा कि ये राज्यस्तरीय यूसीसी एक जैसे भी नहीं हैं। इनमें अलग-अलग प्रावधान, अलग-अलग दंड और कई छूट हैं। उत्तराखंड का यूसीसी कई पितृसत्तात्मक परंपराओं को आज भी जारी रखे हुए है और कानून का पालन करने वाले निवासियों के लिए भी समस्याएं पैदा कर रहा है।
जयराम रमेश ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। एनडीए के बाकी दलों की आवाज को दबा दिया गया है। कांग्रेस के अनुसार, मोदी सरकार के लिए यूसीसी कोई कानूनी सुधार नहीं बल्कि विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का औजार है, जो समाज को स्थायी ध्रुवीकरण में बनाए रखने का साधन है।
महाराष्ट्र
मुंबई : लालबाग में करंट लगने से बच्ची समेत दो की मौत मामले में एफआईआर दर्ज

मुंबई के लालबाग इलाके में रविवार देर रात 2 बजे बड़ा हादसा हो गया। गणपति पंडाल के बाहर करंट लगने से 8 साल की बच्ची समेत 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह घटना लालबाग के कालाचौकी क्षेत्र में दत्ताराम लाड मार्ग पर हुई। पुलिस के अनुसार, आस्था हॉस्पिटल के पास लगे पेप्सी-कोला स्टॉल के एक खुले तार से करंट फैल गया। यह हादसा कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के पास हुआ, जहां गणपति उत्सव के दौरान भारी भीड़ जमा थी। इसी बीच अचानक करंट फैलने से वहां अफरा-तफरी मच गई।
कालाचौकी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह घटना शनिवार-रविवार दरमियानी रात 2 बजे हुई। खुले तार के संपर्क में आने से 8 साल की बच्ची रागिनी और उसके पास खड़े अन्य लोग करंट की चपेट में आ गए। बच्ची को मसीना हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, 33 साल की सुजाता थोराटी नामक महिला की ग्लोबल हॉस्पिटल में मौत हो गई। हादसे में घायल हुए 4 अन्य लोगों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने स्टॉल संचालक कमल शेट्टी के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 125(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि गणपति उत्सव के कारण लालबाग इलाके में देर रात भी लोगों की काफी भीड़ थी। पंडाल के बाहर लगे स्टॉल में बिजली के तारों में लापरवाही बरती गई थी, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि बिजली कनेक्शन में किस तरह की लापरवाही हुई थी।
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