खेल
एशियन गेम्स 2026: जीत के साथ आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा ने बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह
एशियन गेम्स 2026 में आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा ने शनिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए बैडमिंटन सिंगल्स मुकाबलों के राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह बना ली है। दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग अंदाज में जीत हासिल की और भारत की सिंगल्स स्पर्धा में मेडल की उम्मीदों को बरकरार रखा।
आयुष को जहां कजाकिस्तान के मखसुत ताजीबुल्लायेव को 21-7, 21-7 से हराने में सिर्फ 21 मिनट लगे, वहीं उन्नति को मलेशिया की वोंग लिंग चिंग से कड़ी टक्कर मिली और उन्हें 79 मिनट तक चले मुकाबले में 21-14, 20-22, 21-19 से जीत हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आयुष के लिए दूसरे दौर का मुकाबला आसान रहा। दुनिया के 20वें नंबर के भारतीय खिलाड़ी ने शुरू से ही मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा और ताजीबुल्लायेव को लय हासिल करने का कोई मौका नहीं दिया। आयुष की सीधे गेम में जीत ने यह भी सुनिश्चित किया कि दिन में बाद में होने वाले अगले मुकाबले के लिए उनकी ऊर्जा बची रहे।
आयुष शेट्टी के सामने अब कड़ी चुनौती होगी। राउंड ऑफ 16 में जगह बनाने के बाद वह शाम को प्री-क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के अनुभवी खिलाड़ी चाउ टिएन-चेन से भिड़ेंगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक तीन मुकाबले हुए हैं, जिनमें आयुष एक जीत और दो हार के साथ 1-2 से पीछे हैं।
वहीं, उन्नति को कहीं ज्यादा मुश्किल मुकाबले का सामना करना पड़ा। 25वीं रैंकिंग वाली भारतीय खिलाड़ी ने दुनिया की 38वें नंबर की खिलाड़ी वोंग के खिलाफ शुरुआत में ही बढ़त बना ली और पहला गेम 21-14 से जीत लिया। मलेशियाई खिलाड़ी ने दूसरे गेम में वापसी की और आखिरी पलों में बढ़त बनाते हुए 22-20 से जीत हासिल कर मैच को निर्णायक गेम तक खींच लिया।
निर्णायक गेम में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला और कोई भी खिलाड़ी अहम बढ़त नहीं बना सका। आखिरकार उन्नति ने 20-18 पर दो मैच प्वाइंट हासिल किए। हालांकि, वोंग ने पहला मैच प्वाइंट बचा लिया, लेकिन अगले ही रैली में उनका क्रॉस-कोर्ट शॉट बाहर चला गया, जिससे भारतीय खिलाड़ी ने मैच जीत लिया। अब उन्नति का सामना राउंड ऑफ 16 में इंडोनेशिया की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी पुत्री कुसुमा वर्दानी से होगा। इंडोनेशियाई शटलर ने 2025 हिलो ओपन में उनके बीच हुए पिछले एकमात्र मुकाबले में जीत हासिल की थी।
खेल
टीम से बाहर रहने पर मैंने बहुत मेहनत की, मुझे साबित करना था कि मैं सबसे अच्छी खिलाड़ी हूं: शेफाली वर्मा

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम को चैंपियन बनाने में शेफाली वर्मा ने अहम किरदार निभाया। शेफाली ने कहा कि वनडे विश्व कप जीतने के बाद से महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। उन्होंने अपने उस मुश्किल समय को भी याद किया, जब वह टीम से बाहर चल रही थीं।
शेफाली ने जेएसडब्ल्यू द्वारा आयोजित की गई मीडिया राउंडटेबल में ‘आईएएनएस’ से बात करते हुए कहा, “मुझे याद है जब हमने वनडे विश्व कप की ट्रॉफी जीती थी तो हमने उसे उठाया था। उसके बाद से भारतीय महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। बीच में कई मुश्किलें भी आईं। हम कोशिश करेंगे कि आगे ऐसी मुश्किलें न आएं और देश का नाम रोशन करें।”
एशियन गेम्स को लेकर बात करते हुए शेफाली ने कहा, “एशियन गेम्स की बात करें तो जब हम जापान गए थे, तो हमने सोचा भी नहीं था कि वहां की सुविधाएं इतनी अच्छी होंगी। हालांकि, जापान ने जिस तरह से हमारा साथ दिया और हमें मैदान से जुड़ी सुविधाएं दीं, उसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। भारतीय महिला क्रिकेट को लेकर गंभीरता देखना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। यह हमारे देश और हमारी टीम के लिए अच्छा करने की प्रेरणा भी देता है। इसी कारण मुझे लगता है कि यह तारीफ और प्रेरणा का पल है।”
शेफाली वर्मा ने उस समय को भी याद किया, जब वह भारतीय टीम से बाहर चल रही थीं। उन्होंने कहा, “जब मुझे टीम से बाहर किया गया, तो वह मेरे क्रिकेट करियर का सबसे दुखद पल था। वह समय मेरे लिए बहुत मुश्किल था। टीम से बाहर रहने के दौरान मैंने कितनी मेहनत की, यह सिर्फ मुझे ही पता है। सबसे अच्छी बात यह रही कि मैंने सब कुछ स्वीकार कर लिया। हां, मैं टीम में नहीं हूं, लेकिन मुझे कड़ी मेहनत करनी है और इस समय का सही इस्तेमाल करना है। मुझे यह साबित करना था कि मैं सबसे अच्छी हूं। मैं अपने देश और अपनी टीम के लिए सबसे अच्छी हूं।”
भारतीय सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा, “इसी कारण मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की। मैंने अपनी मानसिक सेहत, स्किल्स और फिटनेस पर काम किया। मुझे खुशी है कि उस समय मैंने सही फैसले लिए और खुद पर काम किया। मैंने खुद को किसी भी बुरी घटना या बातों का सामना नहीं करने दिया। मुझे लगता है कि आखिर में परिवार ही हमारे लिए सब कुछ है। जिस तरह से उन्होंने उस समय मेरा साथ दिया, उसके लिए उनका शुक्रिया। फिर जब हमने वनडे वर्ल्ड कप जीता, तो खुशी के आंसू आ गए।”
शेफाली ने कहा कि टीम के मेडल या ट्रॉफी जीतने पर वह भावुक हो जाती हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम जो भी ट्रॉफी और मेडल जीतते हैं, तो मेरी आंखों के सामने मेरी सारी मेहनत सामने आ जाती है। मैं अपनी टीम के लिए बहुत अच्छा काम कर रही हूं। मैं अपनी टीम के लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं और अपना पसीना बहाकर देश के लिए अपना सब कुछ दे रही हूं। मुझे लगता है कि एक खिलाड़ी के तौर पर इससे ज्यादा तारीफ वाला पल और कोई नहीं हो सकता।”
खेल
हार्दिक पांड्या हुए नई इंजरी का शिकार, ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ नहीं खेलेंगे वनडे सीरीज

लंबे समय से चोट के चलते भारतीय टीम से बाहर चल रहे स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ 6 अक्टूबर से होने वाली वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। हार्दिक अब नई इंजरी की चपेट में आ गए हैं।
‘क्रिकबज’ की खबर के अनुसार, हार्दिक का न्यूजीलैंड में होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में खेल पाना भी मुश्किल नजर आ रहा है। हार्दिक को ‘शिन’ (पिंडली या पैर के निचले हिस्से की हड्डी में दर्द और सूजन) इंजरी हुई है। हार्दिक को खेल से दूर रहते हुए मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा है। रिहैबिलिटेशन (ठीक होने की प्रकिया) के दौरान उन्हें बार-बार चोटों का सामना करना पड़ा है। इस साल जून में उनके अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलने की उम्मीद थी, लेकिन बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में रहने के दौरान क्वाड्रिसेप्स में खिंचाव के कारण वह बाहर हो गए थे।
ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ सीरीज के लिए भी उनका चयन फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर था, हालांकि पहले वनडे मैच से दो हफ्ते से भी कम समय पहले हार्दिक की मैच खेलने की तैयारी एक बार फिर बुरी तरह पटरी से उतर गई है। हार्दिक ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच मार्च में अहमदाबाद में वर्ल्ड कप फाइनल में खेला था। उनका आखिरी वनडे मैच मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल था। उन्होंने इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 14 में से 10 मैचों में हिस्सा लिया था, लेकिन उसके बाद से कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है।
हार्दिक को लगातार होती एक के बाद एक इंजरी ने भारतीय टीम की परेशानी भी बढ़ा दी है। अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 के लिए हार्दिक को भारतीय टीम का अहम खिलाड़ी माना जा रहा है। हार्दिक का रिकॉर्ड खासतौर पर आईसीसी टूर्नामेंट्स में कमाल का रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में भी हार्दिक ने 9 मुकाबलों में 160 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 217 रन बनाए थे। वहीं, गेंदबाजी में भी अहम विकेट चटकाए थे।
खेल
एशियन गेम्स 2026: जोशना-सेंथिलकुमार की जोड़ी को ब्रॉन्ज मेडल से करना पड़ा संतोष, सेमीफाइनल में मिली हार

एशियन गेम्स 2026 में भारत की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने स्क्वैश में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हालांकि, भारतीय जोड़ी को सेमीफाइनल में हांगकांग, चीन की जोड़ी ली का यी और तांग मिंग होंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
एक बेहद रोमांचक और करीबी मुकाबले में भारत की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार सेमीफाइनल में 1-2 (10-11, 11-2, 10-11) से हार गई। इस हार के साथ उनका फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। तीसरे और निर्णायक गेम में भारतीय जोड़ी 10-8 से आगे थी और उसके पास मैच जीतने के तीन मौके थे। हालांकि, वे इन मौकों का फायदा नहीं उठा सके। दबाव भरे क्षणों में जोशना का एक शॉट बाहर चला गया, जिससे वे निर्णायक गेम हार गए और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा।
यह चिनप्पा का छठा एशियन गेम्स मेडल है। इससे पहले यह अनुभवी खिलाड़ी तीन ब्रॉन्ज और दो सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। हालांकि, उनके मेडल कलेक्शन में अभी भी इस कॉन्टिनेंटल इवेंट का गोल्ड मेडल शामिल नहीं हो पाया है। चिनप्पा और सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस की जेमिका अरिबाडो और डेविड पेलिनो को 2-0 (11-3, 11-5) को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और तभी भारत के लिए मेडल पक्का कर लिया था।
चिनप्पा सिंगल्स इवेंट का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि भारत ने सिंगल्स कैटेगरी में अनाहत सिंह और तन्वी खन्ना को उतारा है। अनाहत अपने पहले एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने की कोशिश में हैं। सिंगल्स सेमीफाइनल में उनका मुकाबला जापान की सातोमी वातानाबे से होना है। इससे पहले, शुक्रवार को उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तन्वी को हराया था, जो एक ऑल-इंडियन मुकाबला था।
शनिवार को पुरुषों के सिंगल्स सेमीफाइनल में भारत के अभय सिंह का मुकाबला पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान से होगा। भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी हांगझोऊ 2023 में शानदार प्रदर्शन के बाद 2026 एशियन गेम्स में उतरे थे, जहां भारत ने स्क्वैश में पांच मेडल जीते थे – जिसमें दो गोल्ड, एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज शामिल थे।
पुरुष स्क्वैश टीम ने गोल्ड मेडल जीता था, जबकि मिक्स्ड डबल्स में भी भारत ने पहला स्थान हासिल किया था। इसके अलावा सौरव घोषाल ने पुरुष सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि महिला टीम और मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में भारत को ब्रॉन्ज मेडल मिला था। अनाहत सिंह पिछली बार ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली महिला टीम और मिक्स्ड टीम का हिस्सा थीं। वहीं, जोशना चिनप्पा और तन्वी खन्ना भी महिला टीम इवेंट में भारत की ओर से खेली थीं।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
