Connect with us
Saturday,25-April-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की

Published

on

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही इसे एक “ऐतिहासिक” कदम बताया और वाशिंगटन में दोनों पक्षों के बीच संभावित सीधी बातचीत का संकेत दिया।

यह फैसला ओवल ऑफिस में हुई एक बैठक के बाद सामने आया, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद और इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर बैठक में शामिल थे।

ट्रंप ने कहा, “वे तीन सप्ताह के अतिरिक्त युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, अब और गोलीबारी नहीं होगी। दोनों देशों के नेता आने वाले सप्ताह में वाशिंगटन का दौरा कर सकते हैं।”

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस कदम को “एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण” बताया और दोनों पक्षों को एक साथ लाने का श्रेय राष्ट्रपति की सीधी भागीदारी को दिया। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से दोनों देशों को दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए अवसर मिलेगा।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल और लेबनान दोनों को हिजबुल्लाह को लेकर एक जैसी सुरक्षा चिंता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों देश एक ही आतंकवादी संगठन के शिकार हैं, और आशा व्यक्त की कि युद्धविराम से दोनों देशों के बीच स्थायी शांति स्थापित हो सकती है।

इजरायली राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि इजरायल शांति और नागरिकों की सुरक्षा चाहता है। दोनों सरकारें एकजुट हैं और हिजबुल्लाह के प्रभाव से देश को मुक्त कराना चाहती हैं।”

लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद ने अमेरिकी समर्थन का स्वागत करते हुए कहा, “आपकी मदद और समर्थन से हम लेबनान को फिर से स्थिर बना सकते हैं।

ट्रंप ने युद्धविराम के प्रयास को व्यापक क्षेत्रीय कूटनीति से जोड़ा, जिसमें ईरान से संबंधित अमेरिकी प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इजरायल-लेबनान वार्ता, उन कुछ मुद्दों की तुलना में आसान होनी चाहिए जिन पर हम काम कर रहे हैं। दोनों पक्ष एक साझा खतरे के खिलाफ एकजुट हैं।”

ट्रंप ने दोहराया कि हमले की स्थिति में इजरायल को जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा, “इजरायल को अपनी रक्षा करनी होगी और वे करेंगे। कोई भी जवाबी कार्रवाई “सतर्क” और “सटीक” होगी।

राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि सऊदी अरब जैसे क्षेत्रीय देश भविष्य की वार्ताओं में भूमिका निभा सकते हैं। सऊदी अरब “इससे बहुत खुश होगा” और शांति प्रयासों का समर्थन करेगा।

ट्रंप ने लेबनान में स्थिरता की संभावनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बहुत अच्छी संभावना है कि वार्ता बहुत जल्दी फिर से शुरू हो सकती है।”

यह युद्धविराम विस्तार इजरायल-लेबनान सीमा पर लगातार तनाव के बीच हुआ है, जहां हिजबुल्लाह एक प्रमुख सशस्त्र समूह बना हुआ है। ईरान समर्थित यह समूह लंबे समय से क्षेत्रीय संघर्षों का केंद्र रहा है और इसे संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।

इजरायल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं और तकनीकी रूप से वे अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं। अतीत में हुए युद्धविराम समझौते नाजुक रहे हैं। अक्सर तनाव को रोकने के लिए निरंतर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की आवश्यकता होती रही है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

वैश्विक एआई दौड़ के बीच गूगल एन्थ्रोपिक में 40 अरब डॉलर तक का करेगा निवेश

Published

on

अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दौड़ में बड़ा दांव खेलते हुए एआई कंपनी एन्थ्रोपिक में 40 अरब डॉलर तक निवेश करने की योजना बनाई है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियां एडवांस एआई मॉडल और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश कर रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्तावित निवेश में शुरुआती तौर पर 10 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा, जो एन्थ्रोपिक के 380 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर आधारित होगा। इसके बाद बाकी 30 अरब डॉलर का निवेश कंपनी के प्रदर्शन से जुड़े लक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

यह निवेश दोनों कंपनियों के बीच पहले से चल रही साझेदारी को और मजबूत करता है। इस साझेदारी के तहत गूगल, एन्थ्रोपिक को क्लॉड इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराता है और उसके एआई मॉडल, खासकर क्लॉड सीरीज तक पहुंच देता है।

इसके अलावा, एन्थ्रोपिक, गूगल के कस्टम टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स (टीपीयू) का इस्तेमाल करता है, जो पारंपरिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (जीपीयू) का एक विकल्प हैं।

एआई टूल्स की बढ़ती मांग के कारण कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए एन्थ्रोपिक ने हाल ही में गूगल और ब्रॉडकॉम के साथ मिलकर 5 गीगावाट कंप्यूट क्षमता हासिल की है और इसे आगे और बढ़ाने की योजना है।

दिलचस्प बात यह है कि साझेदारी के बावजूद दोनों कंपनियां एआई बाजार में एक-दूसरे की प्रतिस्पर्धी भी हैं। गूगल के जेमिनी मॉडल, एन्थ्रोपिक के एआई मॉडल्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

गूगल ने 2023 में पहली बार एन्थ्रोपिक में 300 मिलियन डॉलर का निवेश किया था, जिससे उसे लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली थी। बाद में यह निवेश 3 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया और डील से पहले उसकी हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत बताई जा रही थी।

एन्थ्रोपिक की स्थापना 2021 में ओपन एआई के पूर्व शोधकर्ताओं ने की थी, और इसके क्लॉड मॉडल्स को तेजी से लोकप्रियता मिली है। कंपनी की सालाना आय 30 अरब डॉलर के पार पहुंच चुकी है।

इससे पहले अमेजन भी एन्थ्रोपिक में 5 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है और 20 अरब डॉलर तक के अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता जता चुका है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

2028 तक चांद पर वापसी का लक्ष्य, ‘नासा’ ने तय किए तीन बड़े मिशन

Published

on

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी नई स्पेस रणनीति के तीन बड़े लक्ष्य तय किए हैं, जिनमें 2028 तक इंसानों को फिर से चंद्रमा पर भेजना, वहां स्थायी बेस बनाना और लो-अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल गतिविधियों का विस्तार करना शामिल हैं।

नासा के प्रशासक जेरेड आइजकमैन ने कहा कि यह रणनीति अमेरिका की राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति के अनुरूप है और तेजी से बदलते वैश्विक प्रतिस्पर्धी माहौल में अमेरिका की लीडरशिप को मजबूत करने के लिए बनाई गई है।

आइजकमैन ने साफ शब्दों में कहा, “हमारा लक्ष्य चंद्रमा पर वापसी करना, लॉन्च की संख्या बढ़ाना और 2028 तक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारना है।” उन्होंने बताया कि यह नासा के निकट भविष्य के मिशनों का मुख्य फोकस है।

उन्होंने आगे कहा कि एजेंसी सिर्फ चंद्रमा तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वहां लंबी अवधि के लिए इंसानी मौजूदगी स्थापित करने की योजना बना रही है। इसके लिए सरकार और निजी कंपनियां मिलकर काम करेंगी। इस योजना में लैंडर, रोवर, पावर सिस्टम और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी जैसी जरूरी चीजें शामिल होंगी, ताकि चंद्रमा पर लगातार ऑपरेशन संभव हो सके।

नासा की रणनीति का तीसरा अहम हिस्सा लो-अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल गतिविधियों को बढ़ाना है। इसके तहत प्राइवेट स्पेस स्टेशन को बढ़ावा दिया जाएगा और उद्योगों के लिए नए अवसर तैयार किए जाएंगे। आइजकमैन ने कहा, “हम उद्योग के साथ मिलकर कमर्शियल एस्ट्रोनॉट मिशन और उससे जुड़ी कमाई के अवसरों को बढ़ाना चाहते हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि नासा अब अपने संसाधनों के इस्तेमाल के तरीके में बदलाव कर रहा है। एजेंसी बड़े और महंगे प्रोजेक्ट्स से हटकर छोटे, फोकस्ड और परिणाम देने वाले निवेश पर ध्यान दे रही है। उन्होंने माना कि पहले कई मिशनों में लागत बढ़ने और देरी जैसी समस्याएं सामने आई हैं, जिससे सुधार की जरूरत महसूस हुई।

आइजकमैन ने कहा, “हम ऐसे प्रोग्राम नहीं बना सकते जो इतने बड़े हों कि फेल न हो सकें, लेकिन इतने महंगे भी हों कि सफल ही न हो पाएं।” उन्होंने कहा कि नासा को खर्च के बजाय परिणामों पर ध्यान देना होगा।

उन्होंने लॉन्च की संख्या बढ़ाने का भी जिक्र किया और कहा कि मिशनों के बीच ज्यादा अंतराल प्रगति को धीमा कर देता है। हाल ही में हुए आर्टेमिस II मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब कार्यक्रम सही तरीके से लागू होते हैं, तो बड़े परिणाम सामने आते हैं। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर घुमाकर सुरक्षित वापस लाया गया था।

उन्होंने कहा, “हमने दुनिया को फिर से चंद्रमा दिखाया और इंसानियत को पृथ्वी का नया नजरिया दिया।”

नई योजना के तहत नासा सैटेलाइट लॉन्च और अर्थ ऑब्जर्वेशन जैसे कामों के लिए निजी कंपनियों पर ज्यादा निर्भर करेगा, जबकि खुद डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन और न्यूक्लियर प्रोपल्शन जैसे जटिल मिशनों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

हालांकि, इस रणनीति पर सांसदों ने कुछ चिंताएं भी जताई हैं। सुनवाई के दौरान बताया गया कि प्रस्तावित बजट में पिछले साल की तुलना में करीब 23 प्रतिशत की कटौती की गई है, जिससे इन लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

स्पेस कमेटी के चेयरमैन ब्रायन बैबिन ने चेतावनी दी कि कम फंडिंग से अमेरिका की स्पेस प्रतिस्पर्धा कमजोर हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब चीन तेजी से अपने चंद्र मिशनों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, “नासा को कम फंड देना समझदारी नहीं है।”

वहीं, रैंकिंग मेंबर जो लोफग्रेन ने कहा कि इस योजना से विज्ञान और तकनीक के कई अहम प्रोग्राम प्रभावित हो सकते हैं, खासकर वे क्षेत्र जो मानव अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े नहीं हैं।

अन्य लॉमेकर्स ने वर्कफोर्स, अर्थ साइंस मिशन और एरोनॉटिक्स रिसर्च पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठाए, साथ ही निजी कंपनियों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता जताई।

इस पर आइजकमैन ने जवाब दिया कि नासा हमेशा कानून के अनुसार काम करेगा और संसाधनों के इस्तेमाल में पारदर्शिता रखेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि कम संसाधनों में भी बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकते हैं, बशर्ते बेकार खर्च को खत्म कर मुख्य लक्ष्यों पर फोकस किया जाए।

1958 में स्थापित नासा लंबे समय से अंतरिक्ष खोज में दुनिया का नेतृत्व करता रहा है, चाहे वह अपोलो कार्यक्रम के तहत चंद्रमा पर लैंडिंग हो या इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का निर्माण। हाल के वर्षों में, खासकर चीन के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण, चंद्रमा मिशनों और पृथ्वी से बाहर मानव मौजूदगी पर फिर से जोर बढ़ा है।

इसी दिशा में आर्टेमिस कार्यक्रम एक अहम पहल है, जिसका उद्देश्य 1972 के बाद पहली बार इंसानों को चंद्रमा पर वापस भेजना है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

जयशंकर ने इंडिया-अफ्रीका समिट का लोगो किया लॉन्च, बोले- अफ्रीका के विकास के बिना हमारा विकास अधूरा

Published

on

भारत, अफ्रीकन यूनियन कमीशन के साथ मिलकर 31 मई 2026 को नई दिल्ली में चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट की मेजबानी करने जा रहा है। समिट से पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में चौथे आईएएफएस का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च की।

चौथे आईएएफएस में पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के नेता, अफ्रीकन यूनियन कमीशन और क्षेत्रीय संगठन के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे ताकि भारत-अफ्रीका की पक्की साझेदारी को मजबूत किया जा सके और अलग-अलग क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जा सके।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह समिट “आईए स्प्रिट: इंडिया अफ्रीका स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फॉर इनोवेशन, रेजिलिएंस, एंड इनक्लूसिव ट्रांसफॉर्मेशन” थीम के तहत होगी, जो भारत और अफ्रीका के बीच साझेदारी के बड़े नेचर को दिखाती है। समिट से पहले, तैयारी के लिए कई मीटिंग होंगी, जिसमें 29 मई 2026 को भारत-अफ्रीका विदेश मंत्रियों की बैठक शामिल है। इसके पहले 28 मई को सीनियर अधिकारियों की मीटिंग होगी, जिसमें भारत और अफ्रीका के बीच सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत होगी।

भारत-अफ्रीका फोरम समिट, अफ्रीकी देशों और एयू कमीशन के साथ बातचीत को बढ़ावा देने और आपसी सम्मान, बराबरी, एकजुटता और मिली-जुली खुशहाली के सिद्धांतों के आधार पर आपसी फायदे वाले सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक जरूरी प्लेटफॉर्म है। भारत-अफ्रीका फोरम समिट के पिछले एडिशन में अफ्रीका के लिए भारतीय डेवलपमेंट मदद और कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में बड़ा विस्तार हुआ था।

इस मौके पर विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, “अफ्रीका की आजादी के बिना हमारी आजादी पूरी नहीं थी, अफ्रीका के विकास के बिना हमारा विकास पूरा नहीं था, और हमारी तरक्की तभी पूरी और पक्की होगी जब हम अफ्रीका की तरक्की भी देखेंगे।”

उन्होंने कहा कि हमारी बड़े पैमाने पर डेवलपमेंट पार्टनरशिप और कैपेसिटी-बिल्डिंग की कोशिशें, जो अफ्रीकी प्राथमिकताओं और लोकल ओनरशिप से चलती हैं। डिजिटल, फिनटेक और इनोवेशन के नए क्षेत्रों में हमारे जुड़ाव का विस्तार, पूरे अफ्रीकी महाद्वीप की अर्थव्यवस्थाओं को नया आकार दे रहा है।

डॉ. जयशंकर ने कहा, “सस्टेनेबल भविष्य के लिए मजबूत सहयोग- इंटरनेशनल सोलर अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में हमारा गहरा जुड़ाव। ग्लोबल गवर्नेंस में अफ्रीका की सही जगह के लिए भारत का लगातार समर्थन, भारत की 2023 की अध्यक्षता के दौरान जी20 में एयू के शामिल होने से दिखा।”

भारत के विदेश मंत्री ने कहा, “अफ्रीका में भारत की बढ़ती डिप्लोमैटिक मौजूदगी, हर अफ्रीकी इलाके के साथ जुड़ने के हमारे लंबे समय के कमिटमेंट को दिखाती है। संघर्ष, एकजुटता, मजबूती और उम्मीदों का हमारा साझा इतिहास हमारी पार्टनरशिप को आकार दे रहा है। भारत और अफ्रीका मिलकर सिर्फ डेवलपमेंट में ही पार्टनर नहीं हैं, हम एक बेहतर दुनिया बनाने में भी पार्टनर हैं।”

Continue Reading
Advertisement
व्यापार38 minutes ago

भारत में 7 हफ्तों में पहली बार 106 मिलियन डॉलर का आया निवेश: रिपोर्ट

खेल3 hours ago

आईपीएल 2026: जीटी को हराकर दूसरे नंबर पर पहुंची आरसीबी, विराट कोहली के पास ऑरेंज कैप

खेल4 hours ago

ला लीगा: रियल मैड्रिड ने रियल बेटिस के खिलाफ ड्रॉ खेला, खिताब जीतने की उम्मीदों को झटका

मनोरंजन4 hours ago

‘खलनायक रिटर्न्स’ : फिर से आ रहा ‘बल्लू बलराम’, सुभाष घई बोले- संजय दत्त फिर से साबित कर देंगे

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 hours ago

वैश्विक एआई दौड़ के बीच गूगल एन्थ्रोपिक में 40 अरब डॉलर तक का करेगा निवेश

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 hours ago

2028 तक चांद पर वापसी का लक्ष्य, ‘नासा’ ने तय किए तीन बड़े मिशन

अपराध5 hours ago

मुंबई : हाथी दांत को 3.5 करोड़ रुपए में बेचने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र21 hours ago

मुंबई पुलिस ने 367 फरार और वॉन्टेड आरोपियों को गिरफ्तार किया

महाराष्ट्र21 hours ago

वर्ली भाजपा रैली का विरोध कर रही महिला के खिलाफ कोई एफ आई आर दर्ज नहीं, मुंबई पुलिस ने एक्स पर सफाई दी, गुमराह करने वाली खबर से इनकार किया

अपराध23 hours ago

नासिक के बाद मुंबई में यौन उत्पीड़न के मामलों में लव जिहाद और कॉर्पोरेट जिहाद करने की साजिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कॉर्पोरेट जिहाद की बात से किया इनकार

महाराष्ट्र4 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र पुलिस के लिए भी अब हेलमेट पहनना अनिवार्य, डीजीपी ने जारी किया आदेश

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

महाराष्ट्र2 weeks ago

ग्रांट रोड के बार पर छापा: मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

राजनीति4 weeks ago

गृह मंत्री शाह आज बंगाल में तृणमूल सरकार के खिलाफ ‘श्वेत पत्र’ जारी करेंगे

व्यापार3 weeks ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

अपराध4 weeks ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

राष्ट्रीय3 weeks ago

एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

रुझान