व्यापार
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला, सेंसेक्स-निफ्टी 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरे
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मुंबई, 2 मार्च : मिडिल ईस्ट में बढ़ते टेंशन और अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1000 अंकों की गिरावट के साथ खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी ने भी 300 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.25 बजे के करीब) सेंसेक्स 1043.10 अंक (1.28 प्रतिशत) गिरकर 80,244.09 पर ट्रेड कर रहा था, वहीं निफ्टी 309.70 (1.23 प्रतिशत) लुढ़क गया और 24,868.95 पर पहुंच गया।
इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वहीं, सेंसेक्स के 30 शेयरों में से बीईएल को छोड़कर सभी शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे।
व्यापक बाजारों का प्रदर्शन बेंचमार्क सूचकांकों से कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 1.36 प्रतिशत और 1.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
सेक्टर के हिसाब से देखें, तो निफ्टी रियल्टी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें खुलने के समय 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मीडिया दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाला सेक्टर रहा।
इस बीच, निफ्टी मेटल में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई और यह खुलने के समय सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बन गया।
बता दें कि अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य कई शीर्ष अधिकारी मारे गए। एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष जारी रहने की संभावना है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की जवाबी कार्रवाई में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों का बदला लेने की कसम खाई है।
इसका असर वैश्विक बाजार समेत घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर इक्विटी मार्केट में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है, वहीं कीमती धातुओं (सोने-चांदी) में उछाल देखने को मिल रही है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने बताया कि निफ्टी के लिए 25,600-25,650 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस है, जबकि 25,300-25,350 का दायरा सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। आरएसआई 47.11 पर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम का संकेत देता है।
मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि पिछले सत्र में 26 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 3,465 करोड़ रुपए की बिकवाली करते हुए नेट सेलर रहे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार तीसरे सत्र में खरीदार बने रहे और उन्होंने 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर खरीदे।
एक्सपर्ट ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ी हुई अस्थिरता के माहौल में ट्रेडर्स को अनुशासित और सोच-समझकर रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। निफ्टी में 25,800 के स्तर के ऊपर साफ और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई लंबी पोजीशन लेने पर विचार करना उचित होगा। इससे बाजार में मजबूत तेजी के संकेत मिलेंगे और सकारात्मक संरचना की पुष्टि होगी।
व्यापार
जेके टायर का पहली तिमाही में मुनाफा 73 प्रतिशत घटकर 44 करोड़ रुपए रहा; शेयर करीब 6 प्रतिशत फिसले

जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी के मुनाफे में 73 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कच्चे माल की बढ़ी लागत बढ़ना है।
टायर निर्माता कंपनी ने वित्त वर्ष 27 की जून तिमाही में 44 करोड़ रुपए का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज 163 करोड़ रुपए के मुकाबले 73 प्रतिशत कम है।
कंपनी ने तिमाही के दौरान 11 करोड़ रुपए का एकमुश्त लाभ भी दर्ज किया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 12.6 करोड़ रुपए था। वहीं, अन्य आय घटकर 9.4 करोड़ रुपए रह गई, जो एक साल पहले 21.6 करोड़ रुपए थी।
हालांकि, परिचालन से राजस्व 2 प्रतिशत की मामूली सालाना वृद्धि के साथ 3,869 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,946 करोड़ रुपए हो गया। प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत घरेलू मांग ने इस वृद्धि को समर्थन दिया।
तिमाही के दौरान परिचालन प्रदर्शन दबाव में रहा। ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 36 प्रतिशत घटकर 258 करोड़ रुपए रह गया, जो एक साल पहले 403 करोड़ रुपए था। वहीं, ईबीआईटीडीए मार्जिन भी तेजी से घटकर 6.5 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 10.4 प्रतिशत था।
नतीजों की घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखा गया और शेयर 5.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 389.45 रुपए पर कारोबार कर रहे थे।
कंपनी के प्रदर्शन पर चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रघुपति सिंघानिया ने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी के कारोबार की गति स्थिर बनी रही। इसे बाजार के विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत मांग, ग्राहकों पर केंद्रित पहलों, उत्पादों की गुणवत्ता और अनुशासित क्रियान्वयन से समर्थन मिला।
तिमाही के दौरान घरेलू बिक्री मात्रा में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। रिप्लेसमेंट टायर की बिक्री मात्रा 12 प्रतिशत बढ़ी, जबकि ओईएम बिक्री मात्रा में 42 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि हुई। कंपनी ने मूल्यवर्धित प्रीमियम उत्पादों का योगदान भी अधिक दर्ज किया।
हालांकि, सिंघानिया ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई, जिससे सकल मार्जिन और परिचालन मार्जिन पर काफी असर पड़ा। उन्होंने कहा कि टायर उद्योग के कच्चे माल का करीब 70 प्रतिशत पेट्रोलियम आधारित है, जिससे यह क्षेत्र कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाता है।
राष्ट्रीय समाचार
कमजोर वैश्विक संकेतों से गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:28 पर सेंसेक्स 267 अंक या 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,686 और निफ्टी 34 अंक या 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,603 पर था।
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव फाइनेंशियल स्टॉक्स में देखा जा रहा है। सूचकांकों में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप लूजर्स था। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी इन्फ्रा भी हरे निशान में थे। दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस,एमएंडएम, एनटीपीसी, बीईएल, सन फार्मा, एसबीआई, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाइटन और आईटीसी हरे निशान में थे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इटरनल और अल्ट्राटेक सीमेंट लाल निशान में थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 122 अंक या 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 63,446 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 38 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,839 पर था।
जानकारों ने कहा, “मार्केट में स्थिरता आ रही है और यह धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है। निकट भविष्य में यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है, जिससे आगे ब्रेकआउट आ सकता है। पहली के नतीजों से कुछ अहम बातें सामने आई हैं, जिन्हें निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए, जिसमें पहली बात, फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और टेलीकॉम जैसे सेक्टर की अधिकतर कंपनियों ने आय और मुनाफे में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है। इससे उनके स्टॉक की कीमतों को मजबूती मिली है। दूसरा, आईटी सेक्टर को धीमी ग्रोथ और एआई के असर को लेकर चिंताओं का सामना करना पड़ा रहा है। तीसरा, मेटल्स और ऑयल जैसी कमोडिटीज के मामले में मिली-जुली स्थिति रही है।”
ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, बैंकॉक और सोल लाल निशान में थे। शंघाई, हांगकांग और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ था, जिसमें डाओ जोन्स 0.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ सपाट बंद हुआ।
राष्ट्रीय समाचार
सोने और चांदी में उछाल, करीब 1.1 प्रतिशत तक बढ़े दाम

GOLD
सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को उछाल देखने को मिला है और इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 1.1 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,48,858 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,49,355 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला।
सुबह 10 बजे यह 793 रुपए या 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,49,651 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,49,164 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,49,648 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है।
चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,25,836 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,27,993 रुपए प्रति किलो पर खुला।
फिलहाल यह 2,549 रुपए या 1.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,28,385 रुपए प्रति किलो पर था।
अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,27,481 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,28,401 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। सोना 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,323 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62.49 डॉलर प्रति औंस पर था।
जानकारों ने कहा कि हाल की तेजी को कमजोर अमेरिकी डॉलर और संभावित अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों का समर्थन मिला है, जिससे भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद बाजार का मूड सकारात्मक बना हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है क्योंकि निवेशक बातचीत के बारे में और साफ जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि अगले 48 घंटों में कोई अहम नतीजा सामने आ सकता है। निवेशक शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल्स (एनएफपी) और बेरोजगारी के आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, क्योंकि ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के नजरिए को लेकर उम्मीदें तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। तकनीकी तौर पर, उम्मीद है कि एमसीएक्स गोल्ड की ट्रेडिंग आने वाले समय में 1,47,000–1,52,000 रुपए प्रति 10 ग्राम की रेंज में होगी।
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