व्यापार
भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, मेटल स्टॉक्स में खरीदारी
मुंबई, 12 दिसंबर: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 386 अंक या 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85,203 और निफ्टी 111 अंक या 0.43 प्रतिशत की मजबूती के साथ 26,010 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार को ऊपर खींचने का काम मेटल शेयर कर रहे थे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। इसके अलावा, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस, रियल्टी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा, पीएसई, सर्विसेज और हेल्थकेयर हरे निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 239 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,817 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 87 अंक या 0.51 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,315 पर था।
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स गेनर्स थे। इटरनल, एचयूएल, आईटीसी, सन फार्मा, इन्फोसिस और एसबीई लूजर्स थे।
बाजार के सकारात्मक कारोबार करने की वजह मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती को माना जा रहा है। दिन के अंत में खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे और इस बार भी महंगाई के नीचे स्तर पर रहने का अनुमान है।
वैश्विक बाजारों में भी तेजी बनी हुई है। टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि शंघाई लाल निशान में था। केवल अमेरिकी शेयर बाजारों में ही हरे निशान में कारोबार हो रहा था।
कच्चे तेल में तेजी है। ब्रेंट क्रूड 0.67 प्रतिशत की मजबूत के साथ 61.69 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 58.01 डॉलर प्रति बैरल पर था।
दूसरी तरफ कीमती घातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। कॉमेक्स पर सोना 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,300 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.91 डॉलर प्रति औंस पर था।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला, आईटी स्टॉक्स में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 729 अंक या 0.95 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,495 और निफ्टी 202 अंक या 0.84 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,187 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार की तेजी का नेतृत्व आईटी स्टॉक्स कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी आईटी एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ टॉप गेनर था। निफ्टी मेटल, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फार्मा हरे निशान में था। निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 236 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,598 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 105 अंक या 0.55 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,185 पर था।
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, इन्फोसिस, एचयूएल, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, इटरनल, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक,टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फिनसर्व गेनर्स थे। इंडिगो, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, टाइटन, ट्रेंट और बीईएल लूजर्स थे।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। टोक्यो, शंघाई, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे। केवल हांगकांग का बाजार ही हरे निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स में एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
जानकारों ने कहा कि निफ्टी में सही कीमत वाले शेयरों की मदद से, मार्केट का मौजूदा सीमित दायरे वाला ट्रेंड ऊपर की ओर टूट सकता है। इसमें समय लग सकता है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की ओर से बड़े पैमाने पर खरीदारी के लिए कच्चे तेल की कीमतों के ट्रेंड और मॉनसून की प्रगति के बारे में साफ जानकारी की जरूरत है। दक्षिण कोरिया में चिप शेयरों में आई भारी गिरावट भारत के लिए फायदेमंद है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 755.33 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी में किया, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,664.16 करोड़ रुपए का निवेश भारतीय इक्विटी बाजार में किया।
व्यापार
रूस ने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव पर लगाया आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप, जारी किया अंतरराष्ट्रीय अरेस्ट वारंट

रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने बुधवार को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। एजेंसी का कहना है कि टेलीग्राम ने ऐसे कंटेंट को हटाने में विफलता दिखाई, जिसका इस्तेमाल रूस के भीतर तोड़फोड़, आतंकवादी गतिविधियों और साइबर धोखाधड़ी के संचालन के लिए किया जा रहा था।
एफएसबी ने यह भी जानकारी दी कि पावेल डुरोव के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। हालांकि, इस मामले में अब तक न तो डुरोव और न ही टेलीग्राम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
एफएसबी के अनुसार, आरोप इस बात से जुड़े हैं कि टेलीग्राम ने ऐसे कंटेंट को नहीं हटाया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेन की विशेष एजेंसियों तथा आतंकवादी और उग्रवादी संगठनों द्वारा रूस के भीतर तोड़फोड़, आतंकवादी हमलों, सामूहिक हत्याओं और साइबर फ्रॉड जैसी गतिविधियों की योजना बनाने और उनके समन्वय के लिए किया गया।
साल 2013 में पावेल डुरोव द्वारा लॉन्च किया गया टेलीग्राम आज दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है, जिसके दुनिया भर में 1 अरब से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सूचना साझा करने में इस प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसका उपयोग दोनों देशों के लोग व्यापक रूप से करते रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई मॉस्को द्वारा टेलीग्राम पर नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में उठाया गया ताजा कदम है। रूसी प्रशासन लंबे समय से टेलीग्राम के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश करता रहा है और इसके साथ-साथ सरकार समर्थित मैक्स मैसेजिंग सेवा को घरेलू विकल्प के रूप में बढ़ावा दे रहा है।
रूस में जन्मे पावेल डुरोव बाद में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और फ्रांस की नागरिकता हासिल कर चुके हैं। टेलीग्राम शुरू करने से पहले उन्होंने रूस की लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट वीकॉन्टाक्टे की स्थापना की थी। हालांकि, रूसी अधिकारियों के बढ़ते दबाव के बाद उन्होंने वर्ष 2014 में कंपनी में अपनी बची हुई हिस्सेदारी बेच दी थी।
रूस में दर्ज यह मामला डुरोव की कानूनी चुनौतियों को और बढ़ाता है। फ्रांस में भी उनके खिलाफ अलग से जांच चल रही है।
फ्रांसीसी अधिकारियों का आरोप है कि टेलीग्राम ने अपने प्लेटफॉर्म पर आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ अपेक्षित सहयोग भी नहीं किया। हालांकि, पावेल डुरोव इन सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
राष्ट्रीय समाचार
अदाणी पोर्ट्स का मुनाफा पहली तिमाही में 10 प्रतिशत बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए रहा, आय में भी उछाल

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का मुनाफा अप्रैल-जून अवधि में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए हो गया है। इसकी वजह कंपनी के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स कारोबार में मजबूत ग्रोथ होना है।
कंपनी द्वारा दाखिल की गई एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड आय सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 10,821 करोड़ रुपए हो गई है। पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 9,126 करोड़ रुपए था।
जून तिमाही में कंपनी का ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 6,541 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 5,495 करोड़ रुपए था।
एपीएसईजेड ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसका अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कारोबार प्रमुख वृद्धि चालक बनकर उभरा। इस दौरान इस कारोबार से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 80 प्रतिशत बढ़कर 1,747 करोड़ रुपए पहुंच गया, जबकि ईबीआईटीडीए में 256 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 730 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
कंपनी ने इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में बेहतर परिचालन को दिया।
कंपनी के अनुसार, इससे उसके विदेशी कारोबार की बढ़ती मजबूती और परिपक्वता का पता चलता है।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, “वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का प्रदर्शन हमारे विविधीकृत कारोबारी मॉडल की मजबूती को दर्शाता है। हमारा वैश्विक विस्तार और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, कमोडिटी तथा ग्राहकों में फैला मल्टी-मॉडल एसेट बेस हमारी ताकत है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारा घरेलू बंदरगाह कारोबार लगातार मजबूत वृद्धि दर्ज कर रहा है और यह एपीएसईजेड की कमाई का आधार बना हुआ है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, मरीन और लॉजिस्टिक्स कारोबार अब केवल विस्तार के चरण से आगे बढ़कर मूल्य सृजन के चरण में पहुंच चुके हैं और राजस्व वृद्धि और मुनाफे के महत्वपूर्ण स्रोत बनते जा रहे हैं।”
कंपनी का घरेलू बंदरगाह कारोबार भी मजबूत बना रहा। इस दौरान अधिक कार्गो वॉल्यूम, बेहतर कार्गो मिक्स और बेहतर प्राप्तियों के चलते घरेलू कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा।
कंपनी के इस सेगमेंट ने 74 प्रतिशत के ईबीआईटीडीए मार्जिन के साथ उद्योग में अग्रणी मुनाफा बनाए रखा।
वहीं, मरीन कारोबार ने भी तिमाही के दौरान मजबूत विस्तार दर्ज किया। ऑफशोर पोतों की संख्या बढ़ने और यूरोप में सब-सी परिचालन के विस्तार के कारण इस कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़कर 901 करोड़ रुपए हो गया।
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