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Thursday,01-October-2026
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गूगल ने भारत में 30 समाचार प्रकाशकों के साथ लॉन्च किया न्यूज शोकेस

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 गूगल ने मंगलवार को भारत में 30 राष्ट्रीय, क्षेत्रीय एवं स्थानीय समाचार संगठनों के साथ न्यूज शोकेस के लॉन्च की घोषणा की, जिसमें इंडो एशियन न्यूज सर्विस (आईएएनएस), एबीपी लाईव, इंडिया टीवी, जी न्यूज, अमर उजाला, डेक्कन हेरल्ड, पंजाब केसरी, द ट्रिब्यून, कलिंगा टीवी आदि शामिल हैं। ये समाचार संगठन लोगों को गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता का अनुभव प्रदान करने, समाचार संगठनों के स्थायित्व में योगदान तथा गूगल न्यूज इनीशिएटिव प्रोग्रामों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे न्यूजरूम के पाठकों को कोविड-19 महामारी एवं इसके दायरे से बाहर की खबरें नए एवं रोचक तरीकों से जानने का मौका मिलेगा।

अंग्रेजी और हिंदी में भारतीय प्रकाशक साझेदारों का कंटेंट, शुरूआत में गूगल न्यूज एवं डिस्कवर पर समर्पित न्यूज शोकेस पैनलों पर पेश किया जाएगा। आने वाले समय में कई अन्य भाषाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। प्रकाशकों के साथ लाइसेंसिंग समझौते के तहत गूगल, प्रतिभागी समाचार संगठनों को भुगतान भी करेगा, ताकि वे पाठकों को पेवाल्ॅड कंटेंट की सीमित मात्रा के लिए एक्सेस दे सकें।

इस फीचर के जरिए पाठकों को प्रकाशक के ज्यादा से ज्यादा लेख पढ़ने का मौका मिलेगा, अन्यथा वे इन लेखों को नहीं पढ़ पाते। इससे जहां एक ओर प्रकाशक एवं पाठक के बीच के संबंध मजबूत होंगे, वहीं दूसरी ओर वे सब्सक्राइब करने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे।

समाचार जगत को समर्थन प्रदान करने की इस पहल तथा गूगल न्यूज के विस्तार पर बात करते हुए संजय गुप्ता, वाईस प्रेजीडेन्ट, गूगल इंडिया ने कहा, “भारतीय समाचार उद्योग एवं पत्रकार ज्यादा से ज्यादा पाठकों को लुभाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, ताकि वे अपने कारोबार एवं रिपोर्टिंग को बेहतर बनाने के लिए डेटा-आधारित फैसले ले सकें। हमारी राय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए बेहद जरूरी है कि वे पत्रकारों, न्यूज आउटलेट्स एवं समाचार संगठनों के साथ मिलकर काम करते हुए स्थायी, स्वतन्त्र एवं विविध समाचार प्रणाली के निर्माण में योगदान दें। हमें गर्व है कि इस मुश्किल समय में हम यह अनूठी पहल लेकर आए हैं। समाचार, हमारी समग्र प्रतिबद्धता एवं विशाल भारतीय समाचार प्रणाली का एक छोटा सा हिस्सा है। आज हम पत्रकारों के प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए गूगल न्यूज इनीशिएटिव का विस्तार भी कर रहे हैं। साथ ही 800 छोटे एवं मध्यम आकार के प्रकाशनों को समर्थन देने के लिए नए प्रोग्राम भी पेश करने जा रहे हैं, जिससे समाचार संगठनों के प्रशिक्षण, आर्थिक स्थायित्व तथा प्रोडक्ट इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।”

भारत में गूगल न्यूज शोकेस के लॉन्च पर बात करते हुए ब्राड बेंडर, वाईस प्रेजीडेन्ट, प्रोडक्ट, न्यूज, गूगल ने कहा, “आज का यह ऐलान चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच किया गया है, जबकि भारतीय दर्शक गहराते कोविड संकट के बीच सही खबरों एवं जानकारी की उम्मीद कर रहे हैं। समाचार संगठनों एवं पाठकों को समर्थन देने के लिए हम गूगल न्यूज शोकेस की यह पहल लेकर आए हैं। यह प्रोग्राम समाचार प्रकाशकों को गूगल न्यूज एवं डिस्कवर प्लेटफॉर्म्स पर उच्च गुणवत्ता का कंटेंट बनाने के लिए प्रेरित करेगा तथा पाठकों को उनकी आवश्यकतानुसार खबरें पढ़ने का मौका देगा।”

गूगल न्यूज इनीशिएटिव प्रोग्राम के तहत गूगल, देश भर में न्यूजरूम और पत्रकारिता स्कूलों में डिजिटल कौशल को सशक्त बनाने के लिए अपने कार्यों का विस्तार करेगा, जिसके लिए 50 हजार पत्रकारों एवं पत्रकारिता के छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए न्यूज लैब से सहयोग मिलेगा। ऐसे में यह प्रोग्राम ऑनलाईन गलत खबरों एवं रिपोटिर्ंग से निपटने में बेहद कारगर साबित होगा।

जीएनआई डिजिटल ग्रोथ प्रोग्राम के साथ गूगल, दर्शकों के विकास एवं प्रोडक्ट इनोवेशन में नई प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी पेश करेगा, ताकि समाचार संगठन दर्शकों की जरूरतों को पूरा कर सकें, उनके साथ अपने संबंधों को मजबूत बना सकें और पाठकों की सक्रियता को बढ़ा सकें। ये कार्यशालाएं भारतीय प्रकाशकों के लिए नि:शुल्क होंगी तथा समाचार संगठनों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

गूगल,उत्पाद प्रशिक्षण सत्रों में भी निवेश करेगा तथा जीएनआई एडवरटाइजिंग लैब के साथ मिलकर 800 से अधिक छोटे एवं मध्यम आकार के भारतीय समाचार संगठनों के डिजिटल विज्ञापन राजस्व को बढ़ाने में योगदान देगा। साथ ही यह 20 स्थानीय छोटे एवं मध्यम आकार के भारतीय समाचार संगठनों के लिए व्यापक प्रोग्राम जीएनआई ट्रांसफोर्मेशन लैब का लॉन्च भी करेगा, ताकि वे अपने कारोबार के हर पहलु को बदल कर ऑनलाईन सफलता हासिल कर सकें।

भारतीय समाचार प्रकाशक अब 700 विश्वस्तरीय प्रकाशनों के साथ जुड़े हैं, जिन्होंने जर्मनी, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जापान, यूके, ऑस्ट्रेलिया, इटली और अर्जेन्टीना सहित एक दर्जन से अधिक देशों में गूगल न्यूज शोकेस के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके लिए कई अन्य देशों के साथ बातचीत जारी है। इनमें से तकरीबन 90 फीसदी प्रकाशक दुनिया भर में स्थानीय, क्षेत्रीय और सामुदायिक खबरों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

गूगल न्यूज शोकेस प्रोग्राम के तहत गूगल के साथ साझेदारी करने वाले कई समाचार प्रकाशकों ने गूगल के प्रयासों और निवेश का स्वागत किया है, जिससे इस मुश्किल दौर में भारतीय समाचार उद्योग को प्रोत्साहन मिला है।

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स्वीडन से स्पेन तक: एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए दुनिया भर के नेता दिल्ली पहुंचे; यहां देखें पूरी लिस्ट

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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 अभी 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में चल रहा है, जिसमें दुनिया भर के टॉप पॉलिटिकल लीडर और पॉलिसीमेकर शामिल हो रहे हैं। इस हाई प्रोफ़ाइल समिट का मकसद ज़िम्मेदार, सबको साथ लेकर चलने वाली और इनोवेशन से चलने वाली ग्रोथ पर फोकस करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को आकार देना है।

एआई की उम्मीदों से लेकर मापने लायक असर तक जाने के लिए एक ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर, यह समिट यह दिखाना चाहता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों, धरती और तरक्की के लिए कैसे ठोस नतीजे दे सकता है।

आने वाले दिनों में होने वाली मल्टीलेटरल चर्चाओं और बाइलेटरल मीटिंग्स में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कई लीडर्स पहले ही नेशनल कैपिटल पहुंच चुके हैं।

समिट में बातचीत के लिए लीडर्स पहुंचे

स्वीडन के उप प्रधानमंत्री एब्बा बुश

स्वीडन के उप प्रधानमंत्री और ऊर्जा, व्यापार और उद्योग मंत्री एबा बुश समिट में भाग लेने के लिए बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे।

उनका स्वागत करते हुए, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ट्रेड, इकॉनमी, साइंस, इनोवेशन, क्लाइमेट एक्शन और एजुकेशन में भारत-स्वीडन की बड़ी पार्टनरशिप पर ज़ोर दिया। एक्स पर एक पोस्ट में, एमईए ने उनके दौरे को एआई समेत नई टेक्नोलॉजी में आपसी सहयोग को मज़बूत करने का हिस्सा बताया।

फ़िनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो

पेटेरी ओर्पो एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आईं और एयरपोर्ट पर स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया।

एमईए के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह विज़िट इंडिया-फिनलैंड पार्टनरशिप को और मज़बूत करेगी, जिसमें डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी और एजुकेशन पर फोकस होगा।

स्पेन के प्रेसिडेंट पेड्रो सांचेज़

स्पेन सरकार के प्रेसिडेंट पेड्रो सांचेज़ भी समिट के लिए इंडिया पहुंचे और मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया।

एक्स पर एक पोस्ट में, रणधीर जायसवाल ने सांचेज़ का स्वागत किया और कहा कि उनके दौरे से चल रहे इंडिया-स्पेन डुअल ईयर ऑफ़ कल्चर, टूरिज्म और एआई को और बढ़ावा मिलेगा।

ज़्यादा ग्लोबल भागीदारी

इससे पहले, सर्बिया, श्रीलंका, गुयाना और बोलीविया के नेता समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुँचे। इमैनुएल मैक्रों, जो अभी भारत के दौरे पर हैं, के भी एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने की उम्मीद है।

पिछले ग्लोबल एआई समिट्स पर आधारित

इंडिया एडिशन पहले हुए इंटरनेशनल एआई गैदरिंग्स पर आधारित है। पहला ग्लोबल एआई समिट 2023 में यूनाइटेड किंगडम ने होस्ट किया था, जिसमें एआई सेफ्टी और बहुत ज़्यादा रिस्क पर चर्चा हुई थी। इसके बाद 2025 में फ्रांस में हुए समिट में टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर ज़्यादा ध्यान दिया गया।

2026 के इंडिया समिट में इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद है, साथ ही ग्लोबल एआई गवर्नेंस और कोलेबोरेटिव इनोवेशन फ्रेमवर्क को आकार देने में भारत को एक अहम आवाज़ के तौर पर पेश किया जाएगा।

जैसे-जैसे समिट आगे बढ़ेगा, आने वाले दिनों में और भी हाई-लेवल मीटिंग्स, पॉलिसी चर्चाएँ और कीनोट एड्रेस तय किए गए हैं।

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फोनपे ने सुरक्षित कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए डिवाइस टोकनाइजेशन सॉल्यूशन किया लॉन्च

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नई दिल्ली, 17 फरवरी: फिनटेक मेजर फोनपे ने सोमवार को क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए डिवाइस टोकनाइजेशन सॉल्यूशन लॉन्च करने की घोषणा की।

इस लॉन्च के साथ यूजर्स फोनपे ऐप पर अपने कार्ड को टोकनाइज कर सकेंगे। फोनपे यूजर्स बिल पेमेंट, रिचार्ज, ट्रैवल टिकट बुकिंग, बीमा खरीदना, पिनकोड पर पेमेंट कार्ड के जरिए कर सकेंगे। इसके अलावा, ऑनलाइन मर्चेंट जहां फोनपे पेमेंट गेटवे सर्विस इंटीग्रेट हैं, पर भी कार्ड को टोकनाइज किया जा सकेगा।

फोनपे के सह-संस्थापक और सीटीओ राहुल चारी ने कहा, “यह लॉन्च डिजिटल पेमेंट को अधिक सुरक्षित और सहज बनाने की दिशा में एक कदम आगे होगा। हम अधिक कार्ड पेमेंट नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट कर और सभी फोनपे पीजी व्यापारियों को डिवाइस टोकनाइज्ड कार्ड तक पहुंच सक्षम कर इस पेशकश का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।”

चारी ने कहा, “फोनपे में हमने हमेशा ऐसे इनोवेटिव सॉल्यूएशन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, जो ग्राहकों के विश्वास और सुविधा को बढ़ाते हैं। डिजिटल पेमेंट के विकास के साथ, हम ऐसे ऑफर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो बिजनेस और उपभोक्ताओं दोनों के लिए लेन-देन को सुरक्षित, तेज और बाधा रहित बनाते हैं।”

कंपनी के अनुसार, उपभोक्ताओं के लिए कार्ड को टोकनाइज करने से कई लाभ हैं।

फोनपे ग्राहकों को अब मर्चेंट प्लेटफॉर्म पर अपने कार्ड की डिटेल्स सेव या हर ट्रांजैक्शन के लिए सीवीवी एंटर करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे सक्सेस रेट ज्यादा होगा और चेकआउट के समय कम ड्रॉप-ऑफ होंगे।

डिवाइस से सुरक्षित रूप से जुड़े टोकनाइज किए गए कार्ड के साथ, चोरी या लीक हुए कार्ड डिटेल से धोखाधड़ी का जोखिम भी काफी कम हो जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम मिलता है और ऑनलाइन पेमेंट में उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है।

सबसे पहले उपभोक्ता अपने वीजा क्रेडिट और डेबिट कार्ड को टोकनाइज कर सकेंगे।

जैसे-जैसे अधिक उपभोक्ता इस सहज पेमेंट के तरीके को अपनाते हैं, व्यवसायों को स्वाभाविक रूप से अधिक सक्सेस रेट, बेहतर ग्राहक एक्सपीरियंस और एक बाधा रहित चेकआउट अनुभव से लाभ होगा, जो विकास को बढ़ावा देता है।

कंपनी ने कहा, “एक लीडिंग पेमेंट गेटवे के रूप में, फोनपे पेमेंट गेटवे को अपने सभी व्यापारियों को यह सॉल्यूशन प्रदान करने वाली पहली कंपनी होने पर गर्व है।”

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Jio Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए जरूरी खबर, 1 नवंबर से बदल रहे नियम

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Jio Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए जरूरी खबर, 1 नवंबर से बदल रहे नियम

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) स्पैम और फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए लगातार काम कर रहा है। कुछ दिन पहले ही नए टेलीकॉम नियम लागू हुए थे, जिन्हें फर्जी और स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के मकसद से सरकारी संस्था लेकर आई थी। 1 नवंबर से दोबारा नए नियम लागू हो रहे हैं। जिसके बाद ऐसे कॉल्स पर और भी सख्ती हो जाएगी।

ट्राई ने सभी टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि वह मैसेज ट्रेसबिलिटी (Massage Traceability) को लागू करें। हालांकि इसपर टेलीकॉम कंपनियों ने आपत्ति दर्ज कराई है और कहा कि ऐसा करने से उनका कामकाज प्रभावित होगा।

लागू होंगे नए नियम

एक नवंबर से नए टेलीकॉम लागू हो रहे हैं। जिनके मुताबिक सभी टेलीकॉम कंपनियों को मैसेज ट्रेसबिलिटी को लागू करना अनिवार्य होगा। ऐसा करने से फर्जी और स्पैम कॉल करने वालों को ट्रेस करने में आसानी होगी। TRAI ने साफतौर पर कहा कि बैंकों, ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स की ओर से भेजे जाने वाले ट्रांजैक्शनल और सर्विस मैसेज की ट्रेसबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। ताकि कस्टमर्स के पास आने वाले स्पैम कॉल्स पर लगाम लग सके।

मैसेज ट्रेसबिलिटी क्या है?

मैसेज ट्रेसबिलिटी वह तरीका है, जिसकी मदद से फर्जी और फेक कॉल करने वालों को ट्रेस करने में आसानी होती है और कॉल आने से पहले ही उन्हें ब्लॉक कर दिया जाता है। इसके आ जाने के बाद कॉल पहले से ज्यादा सिक्योर हो जाएगी और उनकी बेहतर तरीके से निगरानी की जा सकेगी। मैसेज ट्रेसबिलिटी नियम लागू हो जाने के बाद कई और भी चीजें हैं जो सही हो जाएंगी।

Jio-Airtel और Vi की बढ़ी टेंशन

ट्राई ने तो साफ कर दिया है कि एक नवंबर से नए टेलीकॉम नियम लागू हो रहे हैं, लेकिन इस पर सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मैसेज ट्रेसबिलिटी लागू होने से उनका काम मुश्किल हो जाएगा और इससे कई चीजें प्रभावित होंगी।एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने नए नियम लागू करने को लेकर ट्राई से कुछ वक्त मांगा है। टेलीकॉम कंपनियों ने कहा ”जल्दबाजी से इन नियमों को लागू करने के बजाय हम चाहते हैं कि इन्हें स्टेप बाय स्टेप लागू किया जाए।”ऐसा करने के पीछे टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि नए नियम का पालन करने के लिए कई टेलीमार्केटर्स और कई प्रमुख संस्थान तैयार नहीं हैं। 

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