अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में होगी 6.8 फीसदी की रिकवरी : एडीबी
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में बांग्लादेश के लिए मजबूत आर्थिक सुधार का अनुमान लगाया है। एडीबी ने इस दौरान बांग्लादेश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.8 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद जताई है।
ढाका में एडीबी के स्थानीय निदेशक मनमोहन प्रकाश ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि बांग्लादेश में 2021 में मालदीव, भारत और चीन के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है। महामारी के समय पड़ोसी अर्थव्यवस्थाएं काफी नीचे चली गई हैं, जिनमें ऐतिहासिक तौर पर चढ़ाव देखने को मिलेगा।
सितंबर 2020 तक बांग्लादेश इस क्षेत्र में 46 देशों के बीच सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्था रहा है, जिसमें ऐसी कई अर्थव्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनकी वृद्धि नकारात्मक दर्ज की गई है। हालांकि अर्थव्यवस्थाओं की रिकवरी भी तेजी से और बड़े पैमाने पर होगी। अगर मालदीव की बात करें तो इसकी अर्थव्यवस्था जो फिलहाल माइनस 20.5 प्रतिशत है, वह एक वर्ष में बड़े उछाल के साथ 10.5 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
“पूवार्नुमान एडीबी की फ्लैगशिप रिपोर्ट एशियन डेवलपमेंट आउटलुक (एडीओ) 2020” के अपडेट से आया है, जो संगठन के प्रधान कार्यालय से मंगलवार को प्रकाशित हुआ।
वित्तमंत्री ए.एच.एम. मुस्तफा कमाल ने एडीबी के विकास को लेकर किए गए पूवार्नुमान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि विकास को लोगों की कामकाजी भावना (वार्किं ग स्पिरिट) से प्रेरित किया गया है।
रिपोर्ट में 2020 में विकासशील एशिया में अर्थव्यवस्थाओं के लिए 0.7 प्रतिशत नेगेटिव वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो 1960 के दशक की शुरुआत से नहीं हुआ है। इसके साथ ही 2021 में 6.8 प्रतिशत सकारात्मक (पॉजिटिव) वृद्धि के साथ तेजी से रिकवरी का अनुमान भी लगाया गया है।
रिपोर्ट में 2020 में चीन की अर्थव्यवस्था के लिए 1.8 प्रतिशत की वृद्धि और भारत के लिए नौ प्रतिशत निगेटिव वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अगले साल 7.7 प्रतिशत की वृद्धि, जबकि भारत आठ प्रतिशत की वृद्धि के साथ उबर जाएगा।
भारतीय अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट के कारण, दक्षिण एशियाई उप-क्षेत्र के 2020 में विकास दर 6.8 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है, लेकिन 2021 में इसमें 7.1 प्रतिशत तक पलटने की संभावना भी जताई गई है। यानी कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न व्यवधान से फिसली अर्थव्यवस्था के अगले वर्ष तक पटरी पर लौटने की पूरी उम्मीद है।
व्यापार
सोना इस हफ्ते चार हजार रुपए और चांदी आठ हजार रुपए से अधिक सस्ती हुई

सोने और चांदी में इस हफ्ते बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे दोनों कीमती धातुओं का दाम क्रमश: 4,000 रुपए और 8,000 रुपए से अधिक घट गया।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 4,694 रुपए कम होकर 1,54,884 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,59,578 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,41,874 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,46,173 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,16,163 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,19,684 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते 24 कैरेट सोने में सबसे न्यूनतम दाम 2 सितंबर को शाम के सत्र में 1,51,184 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 31 अगस्त को शाम के सत्र में 1,55,835 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया।
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 8,436 रुपए कम होकर 2,35,456 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,43,892 रुपए प्रति किलो था।
इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 31 अगस्त को शाम के सत्र में 2,37,199 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 3 सितंबर को सुबह के सत्र में 2,28,360 रुपए प्रति किलो देखा गया।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम करीब 4,500 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 66 डॉलर प्रति औंस के करीब था।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह अमेरिका और ईरान में तनाव बढ़ना था। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। वहीं, ईरान भी मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। इससे बॉन्ड यील्ड, डॉलर और कच्चा तेल भी मजबूत हो गया है।
व्यापार
मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और आईटी में खरीदारी

मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में बढ़त के साथ खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 466 अंक या 0.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,619 और निफ्टी 46 अंक या 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,916 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी को बढ़ाने का काम डिफेंस और आईटी ने किया। सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.89 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे।
इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई भी हरे निशान में थे।
दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 63,237 अंक पर करीब सपाट कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,134 पर था।
सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, ट्रेंट, इन्फोसिस, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एमएंडएम, आईटीसी, एसबीआई, एचसीएल टेक, एलएंडटी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल और एचयूएल लूजर्स थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए थे। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 1.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
जानकारों ने कहा कि बाजार के लिए मौजूदा समय में घरेलू स्तर पर सकारात्मक और वैश्विक स्तर पर नकारात्मक फैक्टर्स बने हुए हैं। घरेलू स्तर शानदार 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ और निजी निवेश का बढ़ना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है, लेकिन अमेरिका, यूरोप, यूके और जापान में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना वैश्विक बाजारों के लिए एक अहम नकारात्मक कारक बना हुआ है, जिसे लेकर निवेशक सतर्क बने हुए है।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव से भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 374 अंक फिसला

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,570.35 और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,914.45 पर था।
बाजार में गिरावट व्यापक आधार पर थी। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 332.90 अंक या 0.53 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63,001.60 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 74 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,812.25 पर था।
बाजार में गिरावट का नेतृत्व ऑटो और आईटी शेयरों में किया। निफ्टी ऑटो 1.79 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.75 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.25 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 0.81 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.75 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.73 प्रतिशत और निफ्टी कंजप्शन 0.67 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी एनर्जी 0.59 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.54 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.38 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 0.33 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.21 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.03 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाइटन, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा और आईटीसी गेनर्स थे। एशियन पेंट्स, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, बीईएल, इन्फोसिस, एसबीआई, इंडिगो, एचयूएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इटरनल, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट लूजर्स थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध फिर से शुरू होने से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इससे कच्चे तेल की कीमतें फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। यह भारत के साथ वैश्विक बाजारों पर भी दबाव बनाने का काम कर रहा है। इससे ऑटो, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
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