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ओडिशा में 50 फीसदी से ज्यादा वोट चाहती है भाजपा, नड्डा ने तय किया टारगेट
भारतीय जनता पार्टी ने ओडिशा में आगामी चुनावों में 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल करने का लक्ष्य रखा है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को प्रदेश कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा कि इस बात को लेकर संतोष है कि आज एक लंबी लड़ाई के बाद विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में हम आये हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को यहां राष्ट्रीय मुख्यालय से ओडिशा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा, “2014 के विधानसभा चुनाव में हमें वहां 18 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं 2019 के चुनाव में हमें 32 प्रतिशत मत मिले। अब हम 50 प्रतिशत से ज्यादा मत लेकर प्रदेश में लोगों का विश्वास जीतेंगे, इसका हमें संकल्प लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि लोकसभा चुनाव में हमें यहां लगभग 1 करोड़ मत मिले। उसी तरीके से आज अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की 33 सीटों में हमने अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ाया है। कोरोना काल में भाजपा ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से खुद को आगे बढ़ाया है। पार्टी ने विपरित परिस्थिति में भी खुद को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसके लिए मैं सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं।”
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि कोरोना काल में अन्य सभी दल लॉकडाउन हो गए, लेकिन भाजपा चलायमान रही और वर्चुअल रैली के माध्यम से पार्टी आगे बढ़ती रही। ओडिशा की जनता को हमें यह बताने का प्रयास करना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे देश में कोविड टेस्टिंग कैपेसिटी को प्रतिदिन 1,500 से बढ़ाकर 10.10 लाख तक पहुंचाया है।
कोरोना काल में मोदी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि आज देश में लगभग 1,500 से ज्यादा कोविड समर्पित अस्पताल हैं। करीब 2.50 लाख से ज्यादा समर्पित बैड हैं और 50 हजार से ज्यादा वेंटिलेटर हैं। प्रधानमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों के लिए भी रोजगार की व्यवस्था की है। ओडिशा के कई क्षेत्रों में भी गरीब कल्याण रोजगार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे प्रशासन से बात करके जरूरतमंदों को इसका लाभ पहुंचाने की कोशिश करें।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ओडिशा के लिए किए गए मोदी सरकार के कई कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि 451 किमी का दीघा-गोपालपुर तटीय राजमार्ग लगभग 9,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। जबकि पहले केंद्र से राज्य को कोई बड़ी परियोजना नहीं मिलती थी। उन्होंने कहा कि ऐसे कई अन्य कार्यों में भी केंद्र सरकार धनराशि खर्च कर रही है।
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नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
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कथित बांग्लादेशियों के जाली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच शुरू; किरीट सोमैया के आरोपों के बाद मुंबई पुलिस हरकत में।

मुंबई: भाजपा नेता किरीट सौम्या ने मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी एक्शन में आ गई है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के मामलों में कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी टीम बनाने को मंजूरी दे दी है और एक आदेश भी जारी किया है। किरीट सौम्या ने पहले इस मामले की जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अब एक आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी को दी है, जो इन मामलों की जांच करेगी। मुंबई शहर से अब तक एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी अप्रवासियों को निकाला जा चुका है, इसके बावजूद किरीट सौम्या ने आरोप लगाया है कि शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं और यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में धार्मिक नफरत फैलाना भी शुरू कर दिया है। मुंबई मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट और शिकायत की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी के बारे में डिपार्टमेंटल ऑर्डर जारी करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस टीम को जॉइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम लक्ष्मी गौतम हेड करेंगी, जबकि एडिशनल कमिश्नर क्राइम मुंबई, एडिशनल कमिश्नर स्पेशल ब्रांच, डीसीपी डिटेक्शन क्राइम और असिस्टेंट कमिश्नर क्राइम इस टीम का हिस्सा हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि यह एसआईटी टीम बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स और बर्थ सर्टिफिकेट में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायतें सामने आने के बाद बनाई गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मकसद डॉक्यूमेंट्स की जांच करके जरूरी एक्शन लेना है। यह ऑर्डर मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने जारी किया है।
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नासिक: जालसाज अशोक खराट की जांच में अहम नतीजा, कई जगहों पर छापेमारी के दौरान जानवरों के अवशेष और महिलाओं के बाल बरामद, बली देने का संदेह

मुंबई: नासिक के धोखेबाज अशोक खरात की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं और SIT ने कई जगहों पर छापेमारी की है। SIT को यहां से जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन SIT ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या ये सच में जानवरों के अवशेष हैं या फिर मानव बलि का मामला है। इस मामले में SIT ने अवशेषों को अपने कब्जे में भी ले लिया है, वहीं शक है कि अशोक खरात अघोरी करता था और इसी प्रथा के चलते उसने मानव बलि भी दी होगी। इस बारे में SIT की जांच सही दिशा में जा रही है। नासिक के धोखेबाज अशोक खरात मामले में SIT की जांच में कई अहम नतीजे भी निकले हैं। SIT टीम की हेड तेजस्वी सतपोवे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों पर काम कर चुकी हैं और उनकी जांच कर चुकी हैं। इसी तरह अब नासिक मामले में भी जांच चल रही है। तेजस्वी सतपोवे की मां टीचर हैं जबकि उनके पिता किसान हैं। वह अहमदनगर के शेगांव की रहने वाली हैं। तेजस्वी सतपोवे ने अब खरात के पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। अशोक खरात के कई बड़े नेताओं और अफसरों से भी कनेक्शन थे। महिला आयोग की हेड रूपाली चाकणकर से भी उनके कनेक्शन थे, इसी आधार पर रूपाली को इस्तीफा देना पड़ा था। SIT जांच में जानवरों के अवशेषों के साथ महिलाओं के बाल भी मिले थे। अब SIT टीमें पता लगा रही हैं कि ये बाल किसके हैं, क्या ये एक महिला के बाल हैं या कई महिलाओं के बाल हैं।
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