राजनीति
नई दिल्ली में बदबू आई तो कंपोस्ट प्लांट बंद करेगी सरकार : केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र नई दिल्ली का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अधिकारियों को गोल मार्केट कंपोस्ट प्लांट से बदबू दूर करने के लिए 20 अगस्त तक का समय दिया है, अन्यथा यह प्लांट बंद किया जाएगा। लोगों ने इस दौरान पेयजल की कमी और बिजली कटौती की समस्या भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनी और एनडीएमसी अधिकारियों को उसके तत्काल निवारण के आदेश दिए। सीएम अरविंद केजरीवाल ने गोल गोल मार्केट के सेक्टर-4 में स्थापित एनडीएमसी के कंपोस्ट प्लांट का दौरा भी किया। यहां लोगों ने शिकायत की कि प्लांट से बदबू आती है और मच्छर व मक्खियों से वे परेशान हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल ने स्थानीय लोगों से इस समस्या का शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज अपने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के गोल मार्केट इलाके का दौरा किया। क्षेत्रवासियों की समस्याओं पर अफसरों को तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए है।”
दरअसल, एनडीएमसी ने करीब एक साल पहले भारती पब्लिक स्कूल के पीछे नर्सरी में कंपोस्ट प्लांट लगाया है। इस प्लांट में कीचन के गीले कूड़े को लाया जाता है और उससे कंपोस्ट खाद बनाई जाती है, जो बाद में पौधों में देने के काम आती है।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री से कहा, “इस प्लांट की बदबू से गोल मार्केट स्थित सेक्टर-4 के ब्लॉक संख्या 39 से 69 के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। जब भी हवा चलती है, तो घर के अंदर तक बदबू आती है। साथ ही इस प्लांट की वजह से मक्खियां और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इस प्लांट से बदबू दूर करने या हटाने के लिए अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई।”
गोल मार्केट के सेक्टर-4 में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक पार्क में औषधीय पौधा लगाया और उस क्षेत्र की सभी आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की समस्याएं सुनी। इस दौरान आरडब्ल्यूए ने पेयजल की कमी, बिजली कटौती और पेड़ों की छटाई नहीं होने की समस्या रखी।
केजरीवाल ने कहा, “एनडीएमसी के अधिकारियों ने 10 दिन का समय मांगा है। अगर बदबू का आना बंद हो जाती है, तो ठीक है, अन्यथा इस प्लांट को बंद करा दिया जाएगा। स्थानीय निवासियों के साथ यहां पर घूमा हूं। स्थानीय लोगों ने सफाई समेत कई अन्य समस्याएं बताई है। मैने इसे ठीक करने के लिए एनडीएमसी के अधिकारियों को आदेश दिए हैं।”
राजनीति
नंदीग्राम कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर भड़के संजय राउत, बोले- डर गए, इसलिए पुराने केस में किया गिरफ्तार

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने नंदीग्राम उपचुनाव के उम्मीदवार मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत और दिल्ली में एसआईआर के दौरान 31 लाख वोटर्स को नोटिस जारी होने पर भाजपा पर निशाना साधा।
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत पर संजय राउत ने कहा, “भाजपा क्या कहती है, इससे क्या फर्क पड़ता है? जिस तरह से नंदीग्राम से कांग्रेस के उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया है, यह कैसा न्याय है? आप डर गए, है ना? आप नंदीग्राम में डरे हुए हैं। इसीलिए आपने हमारे उम्मीदवार को 6-10 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया।”
बता दें कि 19 सितंबर को नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस ने शनिवार को रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को भी एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था।
वहीं, दिल्ली में एसआईआर के दौरान 31 लाख वोटर्स को नोटिस जारी होने (जिसमें आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार का नाम भी शामिल है) पर भी संजय राउत ने केंद्र सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा, “जहां बड़ी पार्टियों के चुनाव चिह्न चोरी हो जाते हैं और पूरी की पूरी पार्टियां चोरी हो जाती हैं, वहां अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से गायब हो जाए तो किसी को हैरान नहीं होना चाहिए। यह तो होना ही है। केजरीवाल जी का नाम गायब है। महाराष्ट्र और पूरे देश में हजारों, लाखों और करोड़ों लोगों के नाम गायब हो जाते हैं। यह सरकार कुछ भी कर सकती है। वे दिखाना चाहते हैं कि केवल वही वोट करेंगे जिन्हें वे चाहते हैं, और जिन्हें वे नहीं चाहते, वे वोट नहीं करेंगे। यह सरकार की नीति है।”
संजय राउत ने आरोप लगाया कि सरकार वोटर लिस्ट से नाम हटाकर चुनिंदा लोगों को ही वोट देने देना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव चिह्न और पार्टियां ही चोरी हो सकती हैं तो वोटर लिस्ट से नाम गायब होना कोई नई बात नहीं है।
राष्ट्रीय समाचार
सरकार की पहलों के कारण बेरोजगारी दर घटकर 3.2 प्रतिशत हुआ : डॉ. एल. मुरुगन

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहलों के परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या, जो 2014 में लगभग 400 थी, बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है और यह भी उल्लेख किया कि स्टार्टअप संस्थापकों में एक महत्वपूर्ण संख्या 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं की है।
मुरुगन ने निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और पेशेवर कौशल के नियमित उन्नयन के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा जैसे अग्रणी क्षेत्रों में युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों के बारे में बताया साथ ही अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, शासन और सार्वजनिक प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ‘रोजगार मेलों’ के माध्यम से अब तक 12.75 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर सरकार के समर्पित जोर को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में भर्ती होने वाले नए युवा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने भर्ती होने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को केवल रोजगार सुरक्षित करने के रूप में न देखें, बल्कि राष्ट्र की सेवा करने और इसके समग्र विकास में योगदान देने के अवसर के रूप में देखें।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल नियुक्ति का आदेश नहीं है बल्कि राष्ट्र की सेवा करने का एक अवसर है और यह भी बताया कि सरकारी कर्मचारी नागरिकों के साथ बातचीत करते समय प्रतिनिधियों और सरकार के चेहरे के रूप में कार्य करते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईमानदारी, जवाबदेही, सहानुभूति और जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण सार्वजनिक सेवा का अभिन्न अंग बने रहना चाहिए।
मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार की विभिन्न प्रमुख पहलों, जिनमें मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा ऋण योजना शामिल हैं, ने युवाओं को रोजगार चाहने वालों के साथ-साथ रोजगार सृजनकर्ता के रूप में उभरने में सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि
डॉ. मुरुगन ने कहा कि तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रदान करेंगे, उनकी मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा प्रदान करेंगे और छात्रों को विभिन्न भारतीय भाषाएं सीखने के अवसर प्रदान करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास में गरजी एम777 तोप, तबाह किए सभी लक्ष्य

भारत और अमेरिका की सेनाएं अपनी तोपखाना क्षमता का जोरदार प्रदर्शन कर रही हैं। तोप की मारक क्षमता का यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका के संयुक्त युद्धाभ्यास किया जा रहा है। भारत में जारी युद्धाभ्यास में एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर से फायरिंग की गई। एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों ने सीधे नजर आ रहे लक्ष्यों को डायरेक्ट फायरिंग पद्धति से निशाना बनाया।
इस बीच भारतीय सेना ने ‘हर पल सतर्क। हर समय तैयार।’ का अपना संदेश दोहराया है। सेना जय से विजय मिशन पर काम कर रही है। भारतीय सेना के मुताबिक राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एम777 की तोप टुकड़ियों ने बेहद सटीक निशाना साधा। सभी निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस दौरान जवानों ने अपनी पेशेवर दक्षता, सटीकता और युद्ध के लिए तैयार रहने की क्षमता का प्रदर्शन किया। फायरिंग खत्म होने के बाद अमेरिकी सैन्य दल ने एम777 की तैनाती वाली जगहों का दौरा किया।
अमेरिकी सैनिकों ने भारतीय तोप टुकड़ी के अधिकारियों और जवानों से बातचीत की। इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच सैन्य अनुभव और बेहतर युद्धक प्रक्रियाओं को लेकर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ। यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को बिलकुल युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर दे रहा है। दोनों देश अपनी क्षमताओं को परखने के साथ-साथ एक-दूसरे के अनुभवों से सीख रहे हैं। दोनों सेनाओं का यह अभ्यास 16 सितंबर को राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ था। फायरिंग से कुछ दिन पहले यहां एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती से जुड़ी गतिविधियों व संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन किया था। इन गतिविधि के तहत एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती पर व्याख्यान व प्रदर्शन किया गया।
इसमें सैन्य कर्मियों की जिम्मेदारियों, तोप की तैनाती की प्रक्रिया और स्थानीय रक्षा के समन्वय से जुड़े पहलुओं को समझाया गया था। दोनों देशों के जवानों को जवाबी गोलाबारी की स्थिति में वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पर बताई गई थी। इसके साथ ही ‘शूट एंड स्कूट’ अभ्यास किया गया। इस प्रक्रिया में निर्धारित कार्रवाई के बाद तोप को तेजी से उसकी स्थिति से हटाने की क्षमता पर जोर दिया जाता है। इस गतिविधि ने भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों को एक-दूसरे के अनुभवों और कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर दिया। दोनों पक्षों के सैन्य कर्मियों के बीच संवाद हुआ और सैन्य अभियानों से जुड़े बेहतर तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच युद्धाभ्यास का 22वां संस्करण उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र औली से लेकर राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक एक साथ जारी है। अभ्यास में भारत और अमेरिका के करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। इस अभ्यास में आधुनिक तकनीक भी केंद्र में है। सैनिक निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
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