राष्ट्रीय
जानिए, किन वजहों से नई उंचाइयों को छू रहा सोना, चांदी
कोरोना ने सोने और चांदी की चमक बढ़ा दी है क्योंकि महामारी के संकट के मौजूदा दौर में निवेश के सुरक्षित साधन के तौर पर महंगी धातुएं निवेशकों की पहली पसंद बन गई है। यही वजह है कि भारतीय बाजार में पीली धातु लगातार नई उंचाइयों को छू रही है। चांदी तो सोने से भी ज्यादा चकमदार बन गई है।
घरेलू वायदा बाजार में सोने का भाव गुरुवार को 50,707 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला जोकि एक नया रिकॉर्ड है। सोने का भाव 16 मार्च के बाद 32 फीसदी उछला है जबकि चांदी का भाव 62,400 रुपये प्रति किलो तक उछला जोकि 13 दिसंबर 2012 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है जब एमसीएक्स पर चांदी का भाव 63,065 रुपये प्रति किलो तक उछला था। 18 मार्च 2020 को चांदी का भाव एमसीएक्स पर 33,580 रुपये प्रति किलो तक टूटा था उसके बाद से अब तक चांदी में 85.82 फीसदी की तेजी आई है।
बता दें कि चांदी एमसीएक्स पर इससे पहले 25 अप्रैल 2011 में 73,600 रुपये प्रति किलो तक उछला था जबकि हाजिर बाजार में चांदी का भाव 77,000 रुपये प्रति किलो तक उछला था।
अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने का भाव गुरुवार को 1,887.80 डॉलर प्रति औंस तक उछला जोकि सितंबर 2011 के बाद का सबसे उंचा स्तर और रिकॉर्ड स्तर के करीब है। कॉमेक्स पर सोने का भाव छह सितंबर 2011 में 1911.60 डॉलर प्रति औंस तक उछला था जोकि अब तक का रिकॉर्ड स्तर है।
सोने और चांदी में तेजी की 10 मुख्य वजहें इस प्रकार हैं :
1. कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी का साया मडरा रहा है जिसके चलते निवेशकों का रुझान सॉफ्ट एसेट्स (शेयर, बांड्स) के बजाय हार्ड एसेट्स (सोना, चांदी या रियलस्टेट्स, कच्चा तेल आदि) की तरफ ज्यादा है। इनमें सोना और चांदी उनकी पहली पसंद है क्योंकि इसे संकट का साथी माना जाता है।
2. कोरोना के कहर से मिल रही आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न देशों में लाए गए राहत पैकेज से सोने और चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई है क्योंकि राहत पैकेज से महंगाई बढ़ने की आशंका बनी रहती है जिसके कारण निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश के साधन की तरफ जाता है।
3. केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती से बुलियन के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा है क्योंकि इसमें उनको ज्यादा रिटर्न की उम्मीद है।
4. कोरोना काल में सोने और चांदी से अब तक निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है जैसा कि भारत में 16 मार्च के बाद सोन का भाव 32 फीसदी जबकि चांदी में 18 मार्च के बाद 86 फीसदी तेजी आई है।
5. भूराजनीतिक तनाव से पैदा अनिश्चितता के माहौल में निवेश के सुरक्षित उपकरण के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। मौजूदा हालात में अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते तनाव से बुलियन को सपोर्ट मिल रहा है है।
6. महंगी धातुओं में तेजी की एक बड़ी वजह डॉलर में आई कमजोरी है। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचक डॉलर इंडेक्स में लगातार कमजोरी बनी हुई है जिससे सोने और चांदी में निवेशक मांग बढ़ी है। दरअसल, डॉलर भी निवेश का एक उपकरण है, लेकिन 18 मई को डॉलर इंडेक्स जहां 100.43 पर था वहां अब लुढ़ककर 94.87 पर आ गया है।
7. शेयर बाजार में अनिश्चितता का माहौल होने से निवेशकों का रुझान सोने और चांदी की तरफ है।
8. मेक्सिको में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से चांदी की आपूर्ति बाधित होने से इसकी कीमतों में ज्यादा तेजी आई है।
9. चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ने की संभावनाओं से निवेशकों का रुझान चांदी में ज्यादा है क्योंकि चांदी एक औद्योगिक धातु है और दुनियाभर में लॉकडाउन खुलने के बाद इसकी औद्योगिक मांग बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
10. सोना महंगा होने की सूरत में आभूषणों के लिए चांदी की मांग बढ़ जाती है। दरअसल, चांदी को गरीबों का सोना कहा जाता है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सोना और चांदी के भाव का अनुपात मार्च में बढ़कर 125 के ऊपर चला गया था जोकि आमतौर पर 65 के आसपास रहता है, इसलिए उसमें सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिवाली तक चांदी का भाव 70,000 रुपये किलो तक जा सकता है जबकि सोने का भाव 53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक रह सकता है।
केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण के कारण खनन कार्य प्रभावित होने और आपूर्ति बाधित होने से चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी देखी जा रही है और आने वाले दिनों में चांदी में तेजी का रुख बना रहेगा।
चांदी का अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स पर 23 डॉलर प्रति औंस के उपर चला गया है जबकि मार्च में चांदी का भाव 12 डॉलर प्रति औंस तक टूटा था। बता दें कि कॉमेक्स पर चांदी का भाव 2011 में 49.52 डॉलर प्रति औंस तक उछला था जोकि रिकॉर्ड स्तर है।
एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि इस बार मानसून अच्छा है जिससे फसलों की अच्छी पैदावार रहने पर त्योहारी सीजन में ग्रामीण इलाकों में चांदी की मांग जबरदस्त रह सकती है जिससे कीमत 70,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना देने पर इजरायल के राष्ट्रपति और पीएम नेतन्याहू को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा धन्यवाद

नई दिल्ली, 16 अगस्त: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति हर्जोग की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुभकामना दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका धन्यवाद अदा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत-इजरायल की विशेष रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हो, जिससे नए अवसर खुलें और हमारे देशों के लोगों के बीच गहरे संबंध बनें।
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग की ओर से शुभकामना देने पर पीएम मोदी ने उनको धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा गया, “राष्ट्रपति हर्जोग, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। भारत इजरायल के साथ अपनी दोस्ती को बहुत महत्व देता है। हम अपने लोगों के फायदे के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बीते दिन शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा गया था, “भारत और मेरे प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई। भारत और इजरायल को एक साल के अंतर से आजादी मिली। हम दो प्राचीन देश हैं जो अपने लोगों के लिए बेहतर जीवन लाने के लिए मिलकर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। हमारी इनोवेशन और दोस्ती की कोई सीमा नहीं है। सबसे अच्छा समय तो अभी आना बाकी है!”
इजरायल के राष्ट्रपति की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया था, “इजरायल की ओर से, मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के शानदार लोगों को आपके 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं! हम इजरायल और भारत के बीच की खूबसूरत दोस्ती को और मजबूत करते रहें।”
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभर में जश्न का माहौल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण किया था। इस दौरान उन्होंने 75 मिनट तक देशवासियों को संबोधित किया था। देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि आज हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक पल है। 80 साल बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया। हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में काम करेंगे। यह 140 करोड़ से ज्यादा देशवासियों की सामूहिक आवाज है।
अपराध
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई : जुआ, शराब और चोरी के 3 मामलों में 9 आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 16 अगस्त: दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जुआ, अवैध शराब और चोरी के तीन मामलों में कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कैश, ताश के पत्ते और अवैध शराब भी बरामद की है।
खजूरी खास थाना पुलिस को शनिवार रात करीब 8 बजे सूचना मिली कि ई-ब्लॉक, श्री राम कॉलोनी, गली नंबर 2 के सामने कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल रोहित, हेड कांस्टेबल जुबैर और कांस्टेबल प्रमोद ने एसएचओ को जानकारी देकर मौके पर छापा मारा।
पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन टीम ने छह लोगों को पकड़ लिया। मौके से एक ताश की गड्डी और 10,440 रुपए बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में हनीफ (60), आशिफ (29), मोहम्मद सलीम (30), राजू, (60), हनीफ (38), और मोहम्मद सलीम (40) शामिल हैं।
इस मामले में थाना खजूरी खास में एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान किसी की भी कोई पुरानी संलिप्तता नहीं मिली। आगे की जांच जारी है।
इसी तरह सोनिया विहार पुलिस ने शनिवार शाम 6:30 बजे गश्त के दौरान बेदी गैस एजेंसी के पास एक खाली प्लॉट में एक महिला को संदिग्ध हालत में खड़े देखा। तलाशी लेने पर उसके बैग से 30 बीयर, 30 हाफ और 49 क्वार्टर की अलग-अलग ब्रांड की अवैध शराब की बोतलें मिलीं।
सूचना पर हेड कांस्टेबल राज हसन और महिला कांस्टेबल यास्मीन मौके पर पहुंचीं और 52 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी इसी तरह के एक मामले में शामिल रह चुकी है। थाना सोनिया विहार में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस शराब सप्लाई के स्रोत का पता लगा रही है।
वहीं तीसरे मामले में 3 अगस्त को ताशन जैन ने शिकायत दी थी कि हर्ष विहार, मेन 20 फुटा रोड स्थित उनकी दुकान से लगभग 35,000 रुपए चोरी हो गए हैं। इस पर ई-एफआईआर दर्ज की गई थी।
एसएचओ इंस्पेक्टर तेज दत्त गौर के नेतृत्व में एसआई संदीप, एएसआई गिरीश, हेड कांस्टेबल गौरव, हेड कांस्टेबल कुंदन और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र की टीम ने सबूत जुटाकर दो संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल किया और उनकी निशानदेही पर 10,000 रुपए बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन (18) और सनी (18) के नाम शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
राजनीति
बंकिम चंद्र के वंशज ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर ‘वंदे मातरम’ के अपमान पर जताया दुख, बिना शर्त माफी की मांग

नई दिल्ली, 16 अगस्त: भाजपा विधायक और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के अपमान पर गहरा दुख जताया है।
नॉर्थ 24 परगना जिले के नैहाटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चटर्जी ने अपने पत्र में मांग की कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की मशहूर रचना का पूरा वर्जन गाने से जुड़ी घटना के लिए भारत के नागरिकों और खासकर पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना शर्त माफी मांगी जाए।
सुमित्रो चटर्जी ने लिखा, “जब पूरा देश मातृभूमि की पूजा में लगा हुआ था, तब ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में हुई घटनाएं सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती को बेशर्मी से दोहराना थीं।”
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस कार्यकर्ता वंदे मातरम का पूरा वर्जन गा रहे थे, तो सोनिया गांधी की “साफ दिख रही बेचैनी, नाराजगी और उसे रोकने की बार-बार की कोशिशों” से उन्हें बहुत दुख हुआ।
चटर्जी ने लिखा, “एक आम भारतीय नागरिक, एक देशभक्त और सबसे बढ़कर ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार का सीधा वंशज होने के नाते, मैं आज गहरे दुख, खालीपन और पीड़ा के साथ यह पत्र लिख रहा हूं।”
इस गीत के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए चटर्जी ने अरबिंदो का हवाला दिया और लिखा, ‘यह मंत्र दिया गया और एक ही दिन में पूरा देश देशभक्ति के धर्म में दीक्षित हो गया। अरबिंदो ने इसे सिर्फ एक मंत्र नहीं, बल्कि देशभक्ति का धर्म बताया था।
चटर्जी ने कहा कि इस मंत्र से प्रेरणा लेकर खुदीराम बोस समेत अनगिनत निडर क्रांतिकारियों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने लिखा, “आज स्वतंत्र भारत की धरती पर उसी मंत्र ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण पाठ के प्रति आपकी असहिष्णुता उन लाखों शहीदों के बलिदान का गंभीर अपमान प्रतीत होती है।”
उन्होंने आजादी की लड़ाई में ‘वंदे मातरम’ की भूमिका को भी याद किया और राष्ट्रवादी नेता बिपिन चंद्र पाल का जिक्र किया, जिन्होंने लिखा था कि बंगाल के बंटवारे के बाद यह गीत हर क्रांतिकारी की जुबान पर था। चटर्जी ने कहा कि ‘स्वदेशी’, ‘बहिष्कार’ और ‘वंदे मातरम’ आजादी की लड़ाई के जीते-जागते पर्याय बन गए थे।
भाजपा विधायक ने 1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन में सरला देवी चौधरानी द्वारा पूरे गीत को गाए जाने, 1909 में राजद्रोह के मुकदमे के दौरान बाल गंगाधर तिलक द्वारा समर्थकों को इसे गाते हुए सुनने और 1938 में उस्मानिया यूनिवर्सिटी में राष्ट्रवादी छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया।
उन्होंने 1896 में कलकत्ता में इंडियन नेशनल कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा ‘वंदे मातरम’ गाए जाने का भी जिक्र किया और गीत के “जादुई शब्दों” तथा बाधाओं को तोड़ने और दिलों को छूने की उनकी ताकत के बारे में टैगोर की बातों को दोहराया।
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