खेल
खाली स्टेडियम में खेल कर प्रथम श्रेणी मैच की तरह लगेगा : बाबर आजम
पाकिस्तान की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान बाबर आजम को लगता है कि खाली स्टेडियमों में बिना दर्शकों के खेलकर ऐसा लगेगा जैसे प्रथम श्रेणी मैच में खेल रहे हों। उन्होंने कहा कि शुरुआत में हर किसी के लिए इससे सामंजस्य बैठाना मुश्किल होगा। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट समिति (आईसीसी) ने हाल ही में कोविड-19 के बाद खेल के दोबारा शुरू करने संबंधी कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं। आईसीसी ने गेंद को चमकाने के लिए सलाइवा के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है और मैचों को खाली स्टेडियम में बिना दर्शकों के कराने को कहा है।
आजम ने क्रिकबज से कहा, “यह काफी मुश्किल होगा। दर्शक दिर्घा में कोई नहीं होगा तो ऐसा लगेगा कि हम प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे हैं। आप आईसीसी की गाइडलाइंस के मुताबिक गेंद को चमका नहीं सकते।”
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, “जब स्टैंड में दर्शक होते हैं तो क्रिकेट खेलने में मजा आता है लेकिन उनके बिना काफी मुश्किल होगी। जब बच्चे मैच देखने आते हैं तो वह इस स्तर पर खेलने के लिए प्रेरित होते हैं। मैं आश्वस्त हूं कि हम यह सभी चीज मिस करेंगे।”
अंतरराष्ट्रीय
12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से हमले रोकने की अपील की

नई दिल्ली, 19 मार्च : इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच कई देशों की हवा बारूद के धुएं से भर गई। इजरायल की ओर से ईरान के सबसे बड़े गैस प्लांट साउथ पार्स फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने कतर और संयुक्त अरब अमीरात के गैस प्लांट पर हमला कर दिया। इस बीच 12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान के इस हमले की निंदा की और इन्हें तुरंत रोककर अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने को कहा।
सऊदी की राजधानी रियाद में गुरुवार को हुई मीटिंग के बाद जारी एक संयुक्त बयान में 12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से हमले तुरंत रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने को कहा।
यह बयान अजरबैजान, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्किए और संयुक्त अरब अमीरात के मंत्रियों की ओर से जारी किया गया था।
बयान में, मंत्रियों ने खाड़ी देशों-जॉर्डन, अजरबैजान और तुर्किए पर हमलों की निंदा की। विदेश मंत्रियों ने कहा कि ईरान ने रिहायशी क्षेत्रों, नागरिकों के इलाके के ढांचे, जिसमें तेल की फैसिलिटी, डीसेलिनेशन प्लांट, एयरपोर्ट, रेजिडेंशियल बिल्डिंग और डिप्लोमैटिक जगहें शामिल हैं, को टारगेट किया था।
इसके अलावा मंत्रियों ने लेबनान पर इजरायल के हमलों की भी निंदा की और इलाके की सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए समर्थन दोहराया।यह संयुक्त बयान तब आया, जब ईरान ने खाड़ी में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया और कतर में सुविधाओं में आग लगने और सऊदी अरब में बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की खबरें आईं।
संयुक्त बयान में विदेश मंत्रियों ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के साथ संबंधों का भविष्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करने और उनके अंदरूनी मामलों में दखल न देने पर निर्भर करता है। साथ ही, किसी भी तरह से उनकी संप्रभुता या उनके इलाकों का उल्लंघन करने से बचना चाहिए और इलाके के देशों को धमकाने के लिए अपनी सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल या विकास नहीं करना चाहिए।
इससे पहले, ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिका और इजरायल पर उसके तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन सुविधाओं के कुछ हिस्सों पर हमला करने का आरोप लगाया था।
वहीं कतर ने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है। कतर ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है। इस हमले के बाद ईरानी दूतावास के सैन्य अटैशे और सुरक्षा अटैशे के साथ-साथ उनके ऑफिस के स्टाफ को भी ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया और उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया। जब कोई देश किसी विदेशी राजनयिक को स्वीकार नहीं करता या उसे देश छोड़ने के लिए कह देता है, तो उसे पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किया जाता है।
एक आधिकारिक बयान में कतर ने इस हमले को देश की आजादी का खुला उल्लंघन और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और इलाके की स्थिरता के लिए सीधा खतरा बताया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर शुरू से ही इस संघर्ष से खुद को दूर रखने की नीति पर चल रहा है। तनाव बढ़ने से बचने के वादे के बावजूद ईरान ने उसे और पड़ोसी देशों को निशाना बनाना जारी रखा है। यह एक गैर-जिम्मेदाराना तरीका है जो इलाके की सुरक्षा को कमजोर करता है और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।
राजनीति
‘राहुल गांधी के राजनीति करने का तरीका अभी अपरिपक्व’, कंगना रनौत के बचाव में आए बिहार भाजपा के नेता

नई दिल्ली/पटना, 19 मार्च : बिहार भाजपा के नेताओं ने पार्टी सांसद कंगना रनौत का बचाव करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के राजनीति करने का तरीका अपरिपक्व और लापरवाह है। महिलाएं उनके नेतृत्व में असहज महसूस करती हैं।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी के वक्तव्य जो आते हैं, चाहे वह लोकसभा के अंदर हों या बाहर, उनका बातों में गंभीरता नहीं झलकती है। कांग्रेस देश की मुख्य विपक्षी पार्टी है और राहुल गांधी उसके नेता हैं। उनकी बातों में गंभीरता नहीं झलकती है। उनका आचरण भी नेता प्रतिपक्ष जैसा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रही लड़ाई में दर्जनभर देश शामिल हैं, तब भी उनका (राहुल गांधी) बयान देशहित में नहीं आता है। वे भाजपा का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगते हैं। उनका अमर्यादित वक्तव्य या आचरण होता है, वह बिल्कुल भी देशहित में नहीं है। इसलिए आज कांग्रेस में भगदड़ की स्थिति है, चाहे वह राज्यसभा के चुनाव हों या असम और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव। राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। कुछ जगह उनके विधायक अनुपस्थित थे।
संजय सरावगी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी अपने नेताओं व विधायकों को संभाल कर नहीं रख सकते हैं। ये सब उनके खुद के आचरण के कारण हो रहा है।
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, “राहुल गांधी के बारे में यह कहा गया है कि वे अभी भी परिपक्व नहीं हैं। उनके राजनीति करने का तरीका अपरिपक्व और लापरवाह माना जाता है। यही कारण है कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और महिलाएं उनके नेतृत्व में असहज महसूस करती हैं।”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद अपनी पार्टी का धीरे-धीरे धरातल समाप्त करते जा रहे हैं।
इससे पहले, भाजपा सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर प्रश्न खड़े किए थे। कंगना रनौत ने कहा, “हम महिलाओं को बहुत ज्यादा देखकर असहज महसूस होता है। क्योंकि एकदम जैसे ‘टपोरी’ की तरह वो आते हैं और किसी को भी ‘ये तू ऐसे करके, तू तड़ाक कर’ कहते हैं। कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो उसे शूटिंग कॉल देते हैं।”
राष्ट्रीय
आखिर क्यों मनरेगा की जगह विकसित भारत जी राम जी योजना लाई गई, प्रतुल शाह देव ने बताई बड़ी वजह

रांची, 19 मार्च : भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने मनरेगा कानून को ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ में तब्दील करने की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कई बड़े कारण थे। जिसमें सबसे प्रमुख कारण था कि श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देना। हमने जी राम जी योजना में कई ऐसे प्रावधान किए हैं, जिनका सीधा असर आगामी दिनों में श्रमिकों पर पड़ेगा।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले मनरेगा के तहत श्रमिकों को 100 की जगह 125 दिनों का रोजगार देने का प्रावधान कर दिया गया है। इसके इतर, केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लिए 185 दिनों तक के लिए रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। इस पूरी प्रणाली की ऑनलाइन मॉनिटिरिंग की भी व्यवस्था की गई है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि पहले मनरेगा की योजना इतनी केंद्रित नहीं थी, लेकिन अब हमने विकसित भारत जी राम जी योजना को काफी ज्यादा केंद्रित बना दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ही श्रमिकों के हितों को विस्तारित करना है और इस दिशा में हम अब पूरी तरह प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पहले मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ सीमित कार्यों तक ही था, लेकिन विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत यह प्रावधान किया गया है कि कैसे ग्रामीण इलाकों में बुनियादी कार्यों को मजबूत किया जा सकते। इस दिशा में हमने पूरी रूपरेखा भी निर्धारित कर ली है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। इस दिशा में हम किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में विकसित भारत जी राम जी योजना काफी अहम साबित होने वाली है। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में हमें इसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे। इससे प्रदेश के विकास को भी नई गति मिलेगी, जिसका हम दिल खोलकर स्वागत करते हैं।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने जम्मू-कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 की भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह बात समझ से परे है कि अनुच्छेद 370 को जम्मू-कश्मीर से हटाया गया है। इस तरह से इसे देखे तो यह केंद्र का विषय है। लेकिन, इस संबंध में रेज्यूलेशन झारखंड सररकार की तरफ से पेश किया जा रहा है। यह पूरा मुद्दा समझ से परे मालूम पड़ता है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को इस बात का एहसास हो चुका है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि इस संदर्भ में उन्होंने राज्य में एक पूरा सर्वे भी कराया है, जिसमें यह बात साफ जाहिर हो रही है कि प्रदेश में ममता बनर्जी की हार इस विधानसभा चुनाव में होने जा रही है। इसी वजह से उन्होंने अपनी पार्टी के कई नेताओं का टिकट काटकर उन्हें चलता कर दिया है।
उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेताओं का टिकट काटे जाने के बाद अब ममता बनर्जी के खिलाफ रोष बढ़ता ही जा रहा है। उनका कहना है कि हम इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। पार्टी की कलह अब सड़क पर आ चुकी है। ऐसी स्थिति में ममता बनर्जी के लिए यह बेहतर रहेगा कि वो भाजपा से मुकाबला करने से पहले खुद की पार्टी में उभर रहे असंतोष से लड़े। इसके बाद आगे की स्थिति उनके लिए बेहतर हो पाएगी। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हवा किस ओर बह रही है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
महाराष्ट्र12 months agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
