अंतरराष्ट्रीय
पहला वनडे : साउथ अफ्रीका ने भारत को दिया 297 रनों का लक्ष्य
रस्सी वैन डेर डूसन (129 नाबाद) और कप्तान टेम्बा बावुमा (110) की पारी की वजह से यहां पार्ल के बोलैंड पार्क में बुधवार को तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 297 रनों का लक्ष्य दिया। टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए प्रोटियाज की टीम ने 50 ओवरों में चार विकेट खोकर 296 रन बनाए। कप्तान बावुमा और डूसन ने मिलकर 184 गेंदों में रिकॉर्ड 204 रनों की साझेदारी की। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा दो विकेट चटकाए। वहीं, आर अश्विन ने एक विकेट अपने नाम किया।
इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका टीम की शुरुआत खराब रही, क्योंकि उनके सलामी बल्लेबाज जल्द ही आउट होकर पवेलियन लौट गए। इस दौरान, 5वें में बुमराह ने जेनमैन मलान (6) को पंत के हाथों कैच आउट करवाया। इसके बाद, तीसरे स्थान पर आए कप्तान टेम्बा बावुमा ने क्विंटन डी कॉक के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और दोनों ने कुछ अच्छे शॉट लगाए। लेकिन 16वें ओवर में अश्विन ने क्विंटन डी कॉक (27) को बोल्ड कर दिया। इसी के साथ दोनों के बीच 66 गेंदों में 33 रनों की साझेदारी का अंत भी हो गया।
चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए एडेन मार्करम (4) भी बिना कोई कमाल दिखाए रन आउट हो गए। इस समय तक साउथ अफ्रीका का स्कोर 20 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 80 रन हो चुके थे। प्रोटियाज की लड़खड़ाती पारी को पांचवें स्थान पर आए रस्सी वैन डेर डूसन ने कप्तान बावुमा के साथ मिलकर संभाला।
इस बीच, डूसन ने अश्विन और युजवेंद्र चहल को एक-एक चौका लगाकर तेज गति से टीम के लिए स्कोर बनाए, जिससे साउथ अफ्रीका टीम ने 23 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 100 रन पूरे किए। इसके बाद, डूसन ने शार्दुल की गेंद पर एक छक्का लगाया। दोनों ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 रनों की साझेदारी भी पूरी की।
28वें ओवर में शार्दुल की गेंद पर शॉट खेलकर कप्तान बावुमा ने 76 गेंदों में अपना अर्धशतक भी पूरा किया। इसके बाद, डूसन ने भी जल्द ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दोनों टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय गेंदबाजों पर हावी दिखाई दे रहे थे। इस दौरान, कप्तान बावुमा और डूसन ने 100 रनों की साझेदारी भी पूरी की, जिससे इस समय तक साउथ अफ्रीका ने 35 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 181 रन जोड़ लिए थे।
भारत को कोई भी गेंदबाज इस जोड़ी को तोड़ने में असफल दिखाई दे रहे थे, क्योंकि आखिरी 15 ओंवरों में उन्होंने टीम के लिए बेहतरीन औसत से रन बनाए। इस दौरान, कप्तान बावुमा ने सात चौके की मदद से अपने करियर का दूसरा शतक लगाया। डूसन ने भी 83 गेंदों पर अपना शतक पूरा कर लिया। इसके बाद, डूसन ने भुवनेश्वर की गेंद पर मैच का दूसरा छक्का लगाया।
49वें ओवर में बुमराह की गेंद पर कप्तान बावुमा ने आठ चौके की मदद से 110 रन बनाकर आउट हो गए। इसी के साथ डूसन के हो रही रिकॉर्ड साझेदारी (204) का भी अंत हो गया। इसके बाद, 50वें में डूसन शार्दुल के ओवर में एक छक्का और एक चौका लगाकर टीम के स्कोर को 50 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 296 रनों तक पहुंचा दिया। डूसन ने 9 चौके और 4 छक्कों की मदद से 129 रन और डेविड मिलर 2 रन बनाकर नाबाद रहे। अब भारत को मैच जीतने के लिए 297 रन बनाने होंगे।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
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