अंतरराष्ट्रीय
युजवेंद्र चहल चतुर गेंदबाज, कर सकते हैं आरसीबी का नेतृत्व : कोच रणधीर सिंह
युजवेंद्र चहल एक चतुर गेंदबाज हैं और वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अगले सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) का नेतृत्व करने के लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं। यह बात स्पिनर के बचपन के कोच रणधीर सिंह ने कही।
विराट कोहली ने अक्टूबर में यूएई में आईपीएल 2021 की समाप्ति के बाद आरसीबी की कप्तानी छोड़ने की घोषणा की। भारतीय टीम के कप्तान को 2013 में आरसीबी का पूर्णकालिक कप्तान नियुक्त किया गया था, पर अपनी आईपीएल खिताब के लिए अपनी टीम का नेतृत्व करने में विफल रहे।
फ्रेंचाइजी अगले साल होने वाली मेगा नीलामी से कप्तानी संभालने के लिए किसी खिलाड़ी को चुन सकती है, लेकिन रणधीर का मानना है कि अगर टीम अगले सीजन के लिए चहल को रिटेन करती है, तो कोहली की जगह लेने के लिए 31 वर्षीय कलाई का स्पिनर एक आदर्श उम्मीदवार हो सकता है।
रणधीर ने कहा, “चहल क्यों नहीं? वह एक बहुत ही चतुर गेंदबाज हैं और टीम में उनकी वरिष्ठता को देखते हुए वह एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और खिलाड़ियों के साथ उसकी बॉन्डिंग भी बहुत अच्छी है। वह कोहली के आक्रामक गेंदबाज रहे हैं।”
उन्होंने हमेशा महत्वपूर्ण मौकों पर प्रदर्शन करके कप्तानी के लिए खुद को सही साबित किया है। आरसीबी के कप्तान के रूप में उनकी नियुक्ति से टीम को मदद मिल सकती है।
पिछले कुछ वर्षो में आरसीबी सुपरस्टारों से भरी बल्लेबाजी करने वाली टीम रही है, लेकिन लेग स्पिनर चहल ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दबाव की परिस्थितियों में बैक-टू-बैक उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ खुद को साबित किया है।
उनके कोच का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में गेंदबाजों को भी टीम का नेतृत्व करने का मौका दिया जाना चाहिए।
रणधीर ने आईएएनएस को बताया, “वाकई, हम अपने देश में कई गेंदबाजों को टीम का नेतृत्व करते नहीं देखते हैं। ज्यादातर समय बल्लेबाजों को ही मौका मिलता है, लेकिन अगर गेंदबाज चतुर (मैदान पर) और अच्छा प्रदर्शन कर रहा है तो उन्हें भी टीम का नेतृत्व करने के लिए विचार किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा अब टी20आई टीम के कप्तान हैं, लेकिन कोई विश्वस्तरीय प्रदर्शन करने वाले जसप्रीत बुमराह को कैसे नजरअंदाज कर सकता है? मुझे रोहित की अगुवाई करने में कोई समस्या नहीं है, वह शानदार हैं, लेकिन बुमराह अपने विभाग में भी उतना ही महान हैं। इसलिए, मेरा मुद्दा यह है कि गेंदबाज को भी मौका मिलना चाहिए।”
चहल को भारत की टी20 विश्व कप टीम में नहीं चुने जाने पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था। यहां तक कि पूर्व दिग्गज क्रिकेटर भी इस फैसले से हैरान थे। वह सुपर 12 फेज में मेन इन ब्लू टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
कोच रणधीर ने आगे कहा, “वह शानदार फॉर्म में हैं। यूएई में आईपीएल 2021 में खेलते हुए उन्होंने कई विकेट लिए। वह उन हालात में उपयोगी गेंदबाज हो सकते थे।”
हरियाणा के स्पिनर को भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20आई सीरीज के लिए चुना गया है, जो जयपुर में 17 नवंबर से शुरू होने वाली है और उनके कोच को इस क्रिकेटर से बहुत उम्मीदें हैं।
रणधीर ने कहा, “मुझे यकीन है कि वह इस सीरीज को जीतने में भारत की मदद करेंगे और हमारे पास अगले साल टी20 विश्व कप और फिर 2023 में एकदिवसीय विश्व कप है, इसलिए मुझे चहल से बड़ी उम्मीदें हैं।”
उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि टीम में युवा स्पिनरों को देखते हुए प्रतिस्पर्धा कठिन होगी। वे भी अच्छे हैं, लेकिन मुझे यकीन है कि चहल बेहतर प्रदर्शन करते रहेंगे, क्योंकि वह बल्लेबाजों के हिट होने से डरते नहीं हैं।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
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