Connect with us
Friday,24-July-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

पत्नी की प्रॉपर्टी पर पति का कोई हक नहीं बनता, ‘स्त्रीधन’ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें।

Published

on

स्त्रीधन सुप्रीम कोर्ट का फैसला:सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारों से जुड़ा एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत के अनुसार, पत्नी के ‘स्त्रीधन’ पर पति का कोई अधिकार नहीं बनता। दूसरे शब्दों में, पत्नी की प्रॉपर्टी पर पति को किसी तरह का हक हासिल नहीं है। कोर्ट ने कहा कि मुसीबत के वक्त में पति जरूर पत्नी की संपत्ति (स्त्रीधन) का इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन बाद में उसे पत्नी को लौटा देना पति की नैतिक दायित्व बनता है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने कहा कि ‘स्त्रीधन’ प्रॉपर्टी शादी के बाद पति और पत्नी की साझा संपत्ति नहीं बन जाती। पति का उस संपत्ति पर किसी तरह का मालिकाना हक नहीं बनता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादी आपसी विश्वास पर टिकी होती है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए यह टिप्पणी की। अदालत एक महिला की याचिका सुन रही थी जिसके पति ने उसे मायके से मिला सोना रख लिया था। कोर्ट ने आदेश दिया कि सोने के बदले पति अपनी पत्नी को 25 लाख रुपये अदा करे। पढ़ें, ‘स्त्रीधन’ पर सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले की 5 बड़ी बातें।

क्या था मामला: महिला के मुताबिक, शादी के वक्त उसे अपने परिवार से सोने के 89 सिक्के गिफ्ट में मिले थे।शादी की पहली रात को ही पति ने पत्नी की सारी ज्वेलरी ले ली। गहने सुरक्षित रखने के नाम पर अपनी मां को सौंप  दिए। महिला का आरोप है कि उसके पति और सास ने गहनों में हेरफेर किया।अपने कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने महिला के गहने बेच दिया।शादी के बाद, महिला के पिता ने उसके पिता को 2 लाख रुपये का चेक भी दिया था।

कोर्ट में पहुंचा मामला: 2011 में फैमिली कोर्ट ने पाया कि पति और उसकी मां ने महिला के सोने का गबन किया था। कोर्ट ने कहा कि महिला को जो नुकसान हुआ, वह उसकी भरपाई की हकदार है। पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ केरल हाई कोर्ट में अपील दायर की। HC ने फैमिली कोर्ट के फैसले को पलट दिया। कहा कि महिला यह साबित नहीं कर पाई कि उसके पति और सास ने गहनों से छेड़छाड़ की थी। इसके बाद महिला सुप्रीम कोर्ट चली गई।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा: जस्टिस खन्ना और जस्टिस दत्ता की बेंच ने साफ कहा कि ‘स्त्रीधन’ पति-पत्नी की साझा संपत्ति नहीं है। पत्नी की संपत्ति पर पति का कोई अधिकार नहीं बनता। अदालत ने कहा, ‘पति का उसकी (पत्नी) स्त्रीधन संपत्ति पर कोई नियंत्रण नहीं है। वह मुसीबत के समय इसका इस्तेमाल कर सकता है लेकिन उसे वापस करना पति का नैतिक दायित्व है।’

‘स्त्रीधन क्या होता है: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘शादी से पहले, शादी के दौरान और विदाई या उसके बाद महिला को उपहार में मिली संपत्तियां उसका ‘स्त्रीधन’ होती हैं। यह उसकी पूर्ण संपत्ति है और वह अपनी इच्छानुसार इसका जो चाहे कर सकती है।’

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: शीर्ष अदालत ने कहा कि महिला ने 89 सोने के सिक्कों के बदले में रुपयों की वसूली के लिए सफलतापूर्वक कार्रवाई शुरू की है। साल 2009 में इनका मूल्य 8.90 लाख रुपये था। बेंच ने कहा, ‘इस दौरान फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखना, बिना किसी अतिरिक्त बात के, उसके साथ अन्याय होगा। समय बीतने, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और समानता तथा न्याय के हित को ध्यान में रखते हुए, हम संविधान के अनुच्छेद 142 द्वारा दी गई शक्ति का प्रयोग करते हुए अपीलकर्ता को 25,00,000 रुपये की राशि प्रदान करना ठीक समझते हैं।’

राजनीति

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल, सबूत नहीं तो फास्ट ट्रैक कोर्ट का क्या मतलब

Published

on

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जांच एजेंसियां अदालत में पर्याप्त सबूत ही पेश नहीं करेंगी, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह आश्वासन केवल दिखावा साबित हो रहा है।

केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए संसद में कानून लाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का आश्वासन दिया था। लेकिन उनके अनुसार, इसी बीच वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा अदालत में कथित तौर पर यह कहे जाने से कि मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले, सरकार के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आप प्रमुख ने दावा किया कि वर्ष 2024 में नीट पेपर लीक के समय सरकार ने संजीव मुखिया को पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया था और बड़े स्तर पर उसकी गिरफ्तारी को उपलब्धि के रूप में पेश किया गया था। हालांकि अब यदि सीबीआई अदालत में उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने की बात कह रही है, तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि आखिर इस मामले का वास्तविक मास्टरमाइंड कौन है। उन्होंने सवाल किया कि यदि वही मास्टरमाइंड नहीं है, तो क्या सरकार यह मान रही है कि पेपर लीक हुआ ही नहीं?

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से पूछा कि यदि जांच एजेंसियां अदालत में मजबूत सबूत पेश नहीं करेंगी, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से भी कोई परिणाम नहीं निकलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि वास्तविक कार्रवाई के स्तर पर गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के लाखों छात्र और उनके परिवार पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हुए हैं। कई छात्रों ने मानसिक तनाव झेला और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आईं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था तैयार करना होनी चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि देश में पहले से ही पॉक्सो और दुष्कर्म जैसे मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट संचालित हैं, लेकिन कई मामलों में वहां भी वर्षों तक सुनवाई चलती रहती है। उनका कहना था कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच, मजबूत साक्ष्य और दोषियों को सख्त सजा सुनिश्चित करना अधिक आवश्यक है।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यदि सरकार की मंशा वास्तव में पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई करने की होती, तो जांच एजेंसियां अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश करतीं और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करतीं। उन्होंने केंद्र सरकार से पेपर लीक की घटनाओं पर पारदर्शी जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

नीट पेपर लीक केस: दिल्ली की अदालत ने आरोपी मनोज शिरुरे की जमानत याचिका को किया खारिज

Published

on

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मनोज शिरुरे की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस मामले में सीबीआई ने मनोज शिरुरे की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है।

स्पेशल जज (सीबीआई) अजय गुप्ता ने शुक्रवार को दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड पर रखे गए सबूतों पर विचार करने के बाद मनोज शिरुरे की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

सीबीआई का आरोप है कि मनोज शिरुरे ने तीन छात्रों को केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इन तीन छात्रों में एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल था। जांच एजेंसी के अनुसार, शिरुरे ने आरोपी पीवी कुलकर्णी से इन छात्रों को केमिस्ट्री के प्रश्न उपलब्ध कराने में मदद की थी।

सीबीआई ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और परीक्षा से पहले नीट-यूजी के प्रश्न-पत्र हासिल करने व उन्हें फैलाने में शामिल एक कथित नेटवर्क की जांच कर रही है। सीबीआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले उच्च शिक्षा विभाग से मिली लिखित शिकायत के आधार पर 12 मई को मामला दर्ज किया था।

जांच एजेंसी के अनुसार, पुणे की एजुकेशन कंसल्टेंट मनीषा वाघमारे ने उन छात्रों को इकट्ठा करने में बिचौलिए की भूमिका निभाई, जिन्होंने स्पेशल कोचिंग सेशन में शामिल होने के लिए लाखों रुपए दिए थे। इन सेशन में उन सवालों पर चर्चा की गई और उन्हें लिखवाया गया जो बाद में नीट-यूजी 2026 परीक्षा में आए थे।

वाघमारे ने उन उम्मीदवारों के लिए खास कोचिंग क्लास का इंतजाम किया था, जिन्हें एनटीए की ओर से नियुक्त सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा मांढरे पढ़ाती थीं। मनीषा पर बायोलॉजी पेपर लीक मामले में मुख्य साजिशकर्ता (को-मास्टरमाइंड) होने का शक है, जबकि केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को पेपर लीक नेटवर्क का कथित सरगना (किंगपिन) माना जा रहा है।

पुणे की एकेडमी में फिजिक्स पढ़ाने वाले तेजस हर्षद शाह पर आरोप है कि उन्हें सह-आरोपी मनीषा संजय हवलदार से लीक हुए फिजिक्स के सवाल मिले थे।

एफआईआर दर्ज होने के बाद खास टीमें बनाई गईं और देशभर में कई जगहों पर तलाशी ली गई। इस बीच, कथित गड़बड़ियों की चिंताओं के कारण मूल परीक्षा रद्द होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 21 जून को नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की थी।

Continue Reading

मौसम

असम में बाढ़ : आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की

Published

on

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से शिवसागर जिले में दिखौ नदी से दूर रहने को कहा, क्योंकि पानी का स्तर घटने के बावजूद अभी भी खतरनाक रूप से ऊंचा बना हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि यह चेतावनी तब जारी की गई जब सेंट्रल वॉटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) ने रिपोर्ट दी कि शुक्रवार सुबह शिवसागर में दिखौ नदी में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

सीडब्ल्यूसी के अनुसार, सुबह 9 बजे नदी का जलस्तर 94.26 मीटर था, जो 92.40 मीटर के खतरे के निशान से 1.86 मीटर ऊपर है। हालांकि जलस्तर कम होने लगा है, फिर भी यह गंभीर बाढ़ की श्रेणी में बना हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी एक एडवाइजरी में एएसडीएमए ने कहा, “असम के शिवसागर जिले में दिखौ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे नदी से दूर रहें।”

अधिकारियों ने बताया कि यह चेतावनी शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक लागू रहेगी और जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

सीडब्ल्यूसी ने यह भी बताया कि भले ही नदी का जलस्तर 2 जुलाई, 2024 को दर्ज किए गए पिछले सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर यानी 94.35 मीटर से 0.09 मीटर नीचे है, फिर भी यह नदी के किनारे बसे निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

अधिकारियों ने जोखिम वाले इलाकों में रहने वालों से अपील की है कि जब तक बाढ़ की स्थिति में सुधार न हो, वे मछली पकड़ने, नहाने या किसी अन्य गतिविधि के लिए नदी के पास न जाएं।

अधिकारियों ने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें और जिला प्रशासन नदी की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। अगर जलस्तर फिर से बढ़ता है या नई बारिश से स्थिति बिगड़ती है, तो वे जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

लोगों से यह भी कहा गया है कि वे आधिकारिक सलाह का पालन करें, अफवाहें न फैलाएं और बाढ़ से जुड़ी किसी भी इमरजेंसी की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन अधिकारियों को दें।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति23 minutes ago

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल, सबूत नहीं तो फास्ट ट्रैक कोर्ट का क्या मतलब

महाराष्ट्र40 minutes ago

मुंबई शिवाजी पार्क स्टूडेंट प्रोटेस्ट: महिला के साथ बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा, चार लेवल की कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय समाचार57 minutes ago

नीट पेपर लीक केस: दिल्ली की अदालत ने आरोपी मनोज शिरुरे की जमानत याचिका को किया खारिज

मौसम5 hours ago

असम में बाढ़ : आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की

अपराध5 hours ago

450 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में ईडी का एक्शन, दिल्ली-यूपी-पंजाब में आठ ठिकानों पर छापेमारी

महाराष्ट्र5 hours ago

पीएम मोदी का बयान ‘पेपर लीक पर महज एक पट्टी’, 12 सालों में सिर्फ वादे और चुप्पी मिली: शिवसेना (यूबीटी)

राजनीति6 hours ago

बरनाला में लाठीचार्ज के खिलाफ हड़ताल पर पंजाब के 25 हजार सफाई कर्मचारी, शहरों में गहरा सकता है कचरा संकट

राजनीति6 hours ago

छात्र आंदोलन को लेकर सोनिया गांधी बोलीं, उनके साथ खड़ा होना हमारा राजनीतिक और संवैधानिक कर्तव्य

महाराष्ट्र24 hours ago

महाराष्ट्र बंद का असर: मुंबई में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज़, चेंबूर और कुर्ला में सड़कें जाम, पुलिस अलर्ट, मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के आदेश दिए

महाराष्ट्र1 day ago

नीट पेपर लीक: छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने महाराष्‍ट्र पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

केतन मर्डर केस : घंटों की पूछताछ में सिया के भाई का बयान- अगर बहन ने मना किया होता तो शादी ही रद्द कर देते

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते धड़ाम, चांदी का दाम 15 हजार रुपए से अधिक घटा

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

महाराष्ट्र4 weeks ago

बेटे का पॉलिटिकल करियर बचाने की दौड़ शुरू हो गई, उद्धव ठाकरे को ‘माफी यात्रा’ शुरू करनी चाहिए, शिवसेना सेक्रेटरी किरण पावस्कर ने किया उद्धव पर हमला

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में गिरी इमारत के बाद बचाव जारी, 9 लोगों को बाहर निकाला गया

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

प्रधानमंत्री मोदी अगले सप्ताह करेंगे न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा, पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने जताई खुशी

खेल2 weeks ago

मिकेल मेरिनो ने रचा इतिहास, फीफा वर्ल्ड कप में यह कारनामा करने वाले बने विश्व के पहले खिलाड़ी

महाराष्ट्र3 weeks ago

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे अस्पताल में भर्ती, अत्यधिक थकान के बाद बिगड़ी तबीयत, हालत स्थिर

अपराध3 weeks ago

मुंबई: ईओडब्ल्यू ने 30 करोड़ के शेयर बाज़ार निवेश घोटाले में कार्रवाई की, आरोपी गिरफ़्तार, 1 करोड़ बरामद।

राष्ट्रीय समाचार1 week ago

ई20 पेट्रोल विवाद: उपभोक्ता के पक्ष में देश का पहला फैसला, रायपुर कोर्ट ने कंपनी को वाहन बदलने का दिया आदेश

रुझान