राजनीति
महाराष्ट्र सरकार ने ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ की ऋण जरूरतों को पूरा करने के लिए एनबीएफसी स्थापित करने हेतु टेंडर समिति गठित की
महाराष्ट्र सरकार ने अपनी लंबी अवधि की विकास योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को एक खास टेंडर कमेटी बनाई। यह कमेटी राज्य के लिए एक समर्पित वित्तीय संस्थान बनाने और उसे चालू करने का काम देखेगी। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) के साथ नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के तौर पर रजिस्टर्ड यह संस्था, ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ ब्लूप्रिंट के तहत अगले दशक में राज्य की बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिए ज़रूरी भारी-भरकम क्रेडिट (लगभग ₹25–35 लाख करोड़) की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है।
वित्त विभाग द्वारा जारी सरकारी आदेश (जीआर) के अनुसार, नई बनी मल्टी-डिसिप्लिनरी कमेटी एक एक्सपर्ट एडवाइज़री एजेंसी को चुनने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। खरीद प्रक्रिया दो चरणों में होगी – पहले शॉर्टलिस्टिंग के लिए ‘एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट’ (ईओआई) और फिर अंतिम चयन के लिए ‘रिक्वेस्ट फ़ॉर प्रपोज़ल’ (आरएफपी) मंगाया जाएगा। इस पहल का मकसद फंडिंग के तरीकों को एक जैसा बनाना है ताकि अगले दस वर्षों में राज्य के ₹25–35 लाख करोड़ के महत्वाकांक्षी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट मिल सके।
महाराष्ट्र सरकार को उम्मीद है कि राज्य की अर्थव्यवस्था 2029-30 तक $1 ट्रिलियन और 2047 तक $5 ट्रिलियन की हो जाएगी। बाज़ार में उतार-चढ़ाव के कारण फंड जुटाने में आने वाली मुश्किलों को देखते हुए, एनबीएफसी के ज़रिए ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के विज़न को पूरा करने के लिए ₹25 से 30 लाख करोड़ का फंड जुटाने का राज्य सरकार का यह कदम बहुत अहम है। “₹25-30 लाख करोड़ की क्रेडिट ज़रूरत में से, ₹10-12 लाख करोड़ मेट्रो विस्तार (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, पुणे, नागपुर), कोस्टल रोड विस्तार, शक्तिपीठ और रिंग एक्सप्रेसवे, वधावन पोर्ट कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित हैं; ₹3.5-4.5 लाख करोड़ सोलर/विंड पावर जनरेशन, पंप-स्टोरेज प्रोजेक्ट्स, ग्रिड आधुनिकीकरण और 24×7 ग्रामीण जल आपूर्ति ग्रिड के लिए; ₹3-4 लाख करोड़ ए आई इनोवेशन शहरों, सेमीकंडक्टर क्लस्टर, ऑटो/ईवी मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन और लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए; ₹1 लाख करोड़ आइलैंड टूरिज्म, कोस्टल क्रूज़, किले के संरक्षण और लक्ज़री रिज़ॉर्ट हब के लिए; और ₹1.5 लाख करोड़ स्मार्ट गांवों, माइक्रो-इरिगेशन नेटवर्क और ग्रामीण कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स के अपग्रेडेशन के लिए प्रस्तावित हैं।”
पहले चरण में ईओआई (रुचि की अभिव्यक्ति) के ज़रिए प्री-क्वालिफिकेशन शामिल है, जबकि दूसरे चरण में आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) के तहत टेक्निकल प्रेजेंटेशन और फाइनेंशियल बिडिंग होगी। कंपनियों के कानून, 2013 के तहत पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चार सदस्यों वाली एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है। कड़ी निगरानी बनाए रखने के लिए कमेटी में प्रशासनिक, कानूनी और वित्त क्षेत्रों के प्रमुख अधिकारी शामिल हैं।
कमेटी की अध्यक्षता वित्त विभाग के सचिव (वित्तीय सुधार) करेंगे, जो प्रशासनिक तालमेल और वित्तीय पुनर्गठन की मंज़ूरी के लिए चेयरमैन/प्रिसाइडिंग ऑफिसर होंगे; कानून और न्यायपालिका के प्रतिनिधि (कम से कम डिप्टी सेक्रेटरी रैंक के) सदस्य (कानूनी) के तौर पर कंपनी के गठन, मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन और आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन की जांच और कंपनियों के कानून के पालन पर कानूनी निगरानी रखेंगे; आरबीआई या किसी प्रमुख पब्लिक सेक्टर बैंक से नॉमिनेटेड एक्सपर्ट बैंकिंग और एनबीएफसी ऑपरेशन्स में खास जानकारी देंगे; और वित्त विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी सदस्य सचिव के तौर पर डॉक्यूमेंटेशन, आधिकारिक पत्राचार और राज्य के ई-टेंडरिंग का काम संभालेंगे।
कमेटी को खरीद प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट ज़िम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जैसे कि ईओआई के लिए प्री-क्वालिफिकेशन और योग्यता मानदंडों की समीक्षा और मंज़ूरी देना, राज्य के ई-पोर्टल पर जमा ईओआई को खोलना और वेरिफाई करना, उम्मीदवारों के “अप्रोच नोट्स” का मूल्यांकन करना और टेक्निकल प्रेजेंटेशन आयोजित करना; आरएफपी चरण में आगे बढ़ने के लिए 70 या उससे ज़्यादा अंक पाने वाली एडवाइज़री फर्मों की शॉर्टलिस्ट को अंतिम रूप देना और आरएफपी के टेक्निकल/फाइनेंशियल मूल्यांकन की निगरानी करना, कमर्शियल बोलियों का विश्लेषण करना, और एक एडवाइज़री पार्टनर एजेंसी चुनने के लिए राज्य सरकार को अंतिम सिफारिशें सौंपना।
राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों को राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम की शक्तियां सौंपीं

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों को राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 के तहत अपने-अपने क्षेत्रों में शक्तियों का प्रयोग करने और कार्यों का निर्वहन करने का अधिकार सौंपा है।
गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना के माध्यम से राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 के तहत कार्यों के निर्वहन के लिए शक्तियों के प्रत्यायोजन की घोषणा की है। ये शक्तियां दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, चंडीगढ़, लद्दाख और लक्षद्वीप के उपराज्यपालों और प्रशासकों को सौंपी गई हैं।
आदेश में लिखा, “संविधान के अनुच्छेद 239 के खंड (1) के अनुसरण में, राष्ट्रपति एतद्द्वारा निर्देश देते हैं कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, चंडीगढ़, लद्दाख और लक्षद्वीप के केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक (चाहे वे उपराज्यपाल या प्रशासक के रूप में जाने जाएं) राष्ट्रपति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए और अगले आदेश तक, अपने-अपने केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 (21 ऑफ 2023) की धारा 29, 48 और 56 के तहत राज्य सरकार की शक्तियों का प्रयोग और कार्यों का निर्वहन करेंगे।”
राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 देश में दंत चिकित्सा पेशे को विनियमित करता है, गुणवत्तापूर्ण और किफायती दंत शिक्षा प्रदान करता है, और देश भर में उच्च गुणवत्ता वाली मौखिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को सुलभ बनाता है।
यह ऐतिहासिक कानून अपने नागरिकों के लिए उच्चतम स्तर की दंत चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। राष्ट्रीय दंत आयोग अधिनियम, 2023 ने राष्ट्रीय दंत आयोग (एनडीसी) की स्थापना करके एक अभूतपूर्व नियामक ढांचा पेश किया, जिसने मौजूदा भारतीय दंत परिषद (डीसीआई) का स्थान लिया और दंत चिकित्सक विधेयक, 1948 को निरस्त कर दिया।
इस अधिनियम का उद्देश्य दंत चिकित्सा शिक्षा और पेशे के परिदृश्य में व्यापक सुधार करके इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाना है। अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं में राष्ट्रीय दंत आयोग और राज्य दंत परिषदों का गठन, तीन स्वायत्त बोर्डों का प्रावधान; आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव के लिए निश्चित कार्यकाल (पुनर्नियुक्ति की कोई संभावना नहीं); उद्योग सहयोग और तकनीकी नवाचार; ऑनलाइन राष्ट्रीय रजिस्टर और दंत सलाहकार परिषद; और योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया शामिल हैं।
यह अधिनियम राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, भारतीय फार्मेसी परिषद, भारतीय नर्सिंग परिषद, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग, होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग और संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसायों के लिए राष्ट्रीय आयोग सहित संबंधित वैधानिक निकायों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित करने की सुविधा भी प्रदान करता है।
यह अधिनियम आयोग को निजी दंत चिकित्सालयों और डीम्ड विश्वविद्यालयों में 50 प्रतिशत सीटों के लिए शुल्क निर्धारण के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का अधिकार भी देता है। यह अधिनियम दंत चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण नियामक सुधार लाने के लिए तैयार है। यह जनता के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिकता को बढ़ावा देता है।
किफायती मौखिक स्वास्थ्य देखभाल की उपलब्धता को बढ़ावा देकर और भारतीय दंत चिकित्सकों की वैश्विक स्तर पर रोजगार क्षमता को बढ़ाकर, आयोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दंत चिकित्सा मानकों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपराध
गुजरात राजमार्ग पर कार-ट्रक की टक्कर में दो की मौत, चार घायल

गुजरात के पाटन जिले में राधनपुर-सामी राजमार्ग पर एक कार की ट्रक से आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई और दो नाबालिगों सहित चार अन्य घायल हो गए।
मृतकों की पहचान रंजीत मंगिलाल और उनकी मां जमनाबेन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह परिवार द्वारका से पड़ोसी जिले बनासकांठा के भाभर की ओर जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
उनकी कार विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई, जिससे कार में सवार चार अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घायल परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
उनकी हालत के बारे में तत्काल अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया में है और जांच आगे बढ़ने पर अधिक जानकारी सामने आएगी।
यह ताजा हादसा हाल के महीनों में राधनपुर क्षेत्र में हुई अन्य सड़क दुर्घटनाओं के बीच हुआ है।
6 सितंबर को, राजस्थान के खाटू श्याम तीर्थयात्रा से लौट रहे एक समूह को ले जा रही ईको कार राधनपुर-वराही राजमार्ग पर खड़ी एक ट्रक से टकरा गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
खबरों के अनुसार, यह दुर्घटना राधनपुर के पास राघवजी होटल के नजदीक हुई और घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
पिछली दुर्घटना में ट्रक खड़ा था, जबकि आज की टक्कर में ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था।
इस ताजा आमने-सामने की टक्कर के कारणों की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाई है। पुलिस अपनी जांच के तहत घटनाक्रम का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी में घायल चार लोगों (जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं) की पहचान और उन्हें भर्ती कराए गए अस्पताल का नाम तुरंत उपलब्ध नहीं कराया गया है।
राजनीति
सोनिया गांधी मेरी आदर्श नेता, उनकी बराबरी कोई नहीं कर सकता: संध्या सवलखे

महाराष्ट्र प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संध्या सवलखे ने सोनिया गांधी की किताब के विमोचन, सांसद प्रणति शिंदे की फेसबुक पोस्ट पर की गई अश्लील टिप्पणी, पुणे विधान परिषद चुनाव समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने सोनिया गांधी को अपना आदर्श बताते हुए उनके संघर्ष और महिलाओं के प्रति योगदान की सराहना की। वहीं, सांसद प्रणति शिंदे के खिलाफ की गई टिप्पणी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई और महाराष्ट्र सरकार से कार्रवाई की मांग की।
संध्या सवलखे ने सोनिया गांधी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक समय उनके जीवन में भी काफी कठिनाइयां आई थीं और उन्होंने राजनीति छोड़ने का विचार किया था। उस दौरान वह सोनिया गांधी से मिलने गई थीं। इसके बाद सोनिया गांधी ने उन्हें एक ही दिन में दो बार बुलाकर समझाया था कि संघर्ष करने वाली महिलाएं ही राजनीति में टिकती हैं। उन्होंने इस दौरान इंदिरा गांधी का उदाहरण भी दिया था।
सवलखे ने कहा कि सोनिया गांधी की सभ्यता, संस्कार, व्यवहार और महिलाओं के लिए योगदान उन्हें एक आदर्श नेता बनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता सोनिया गांधी के बारे में लगातार टिप्पणी करते हैं, जबकि उनके संघर्ष और योगदान को समझने की जरूरत है।
उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी परिवार ने काफी कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। सवलखे ने सोनिया गांधी के व्यक्तिगत जीवन में आए दुखों का जिक्र करते हुए उनके साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की बराबरी कोई नहीं कर सकता और उनका संघर्ष महिलाओं के लिए प्रेरणा है।
मुंबई में बीएमसी द्वारा पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर सवलखे ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पक्ष की मंशा शहर को प्रदूषित करने वाली नीतियों को आगे बढ़ाने की है। उन्होंने कहा कि मुंबई में प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि घरों की खिड़कियां खोलने पर छोटे बच्चे खांसने लगते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में पेड़ों की कटाई से स्थिति और बिगड़ सकती है। सवलखे ने कहा कि यदि पेड़ों को काटने का काम शुरू किया गया तो आम नागरिकों के साथ मिलकर इसका विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर लोग सड़कों पर उतरेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि महंगाई के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य का सवाल भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब लोगों की सेहत ही प्रभावित होगी तो आम परिवारों के लिए मुश्किलें और बढ़ेंगी। महिला कांग्रेस शहर को प्रदूषण से बचाने के लिए विरोध करेगी।
सांसद प्रणति शिंदे के फेसबुक पोस्ट पर की गई अश्लील टिप्पणी को लेकर सवलखे ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टिप्पणी पढ़ने के बाद इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की गई, लेकिन शुरुआत में प्राथमिकी दर्ज कराने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी अधिवक्ता को चार दिन तक इस काम के लिए लगाया, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से मामला दर्ज करने में कठिनाई पैदा की गई। काफी प्रयासों के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई, फिर भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सवलखे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा कि यदि एक निर्वाचित महिला सांसद के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी होती है तो क्या महिला जनप्रतिनिधि सुरक्षित हैं? उन्होंने भाजपा सरकार पर पिछड़े वर्ग से आने वाली महिला नेताओं को निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शाम तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो महाराष्ट्र महिला कांग्रेस आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और जरूरत पड़ने पर संगठन कड़ा विरोध करेगा।
पुणे विधान परिषद चुनाव को लेकर सवलखे ने कहा कि शिक्षक मतदाता संघ का चुनाव पवित्र प्रक्रिया माना जाता है, लेकिन भाजपा ने इसकी गरिमा बनाए नहीं रखी। उन्होंने वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। सवलखे ने कहा कि भाजपा का उम्मीदवार पार्टी का दुपट्टा पहनकर मतदान केंद्र के अंदर गया, जिसे उन्होंने अनुचित आचरण और गुंडागर्दी करार दिया। उन्होंने पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए मशीन की पूजा किए जाने और मतदान के दौरान लोगों के अंदर जाकर वोटिंग संबंधी गतिविधियों की जानकारी देने के आरोप भी लगाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सवलखे ने कहा कि उन्हें सरकार की कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
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