राजनीति
उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव : कांग्रेस ने जारी की दूसरी लिस्ट, 16 महिलाएं भी शामिल
कांग्रेस ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए 41 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। इसमें 41 उम्मीदवारों में से 16 महिलाएं हैं। महिला उम्मीदवारों में सहारनपुर से सुखविंदर कौर, स्याना से किसान नेता पूनम पंडित और चरथावल से डॉ यास्मीन राणा शामिल हैं।
महिलाओं को दिए गए टिकटों की कुल संख्या 166 उम्मीदवारों में से 66 है, जो प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी महासचिव और यूपी प्रभारी द्वारा किए गए वादे के 40 प्रतिशत से मामूली रूप से अधिक है।
पिछले हफ्ते पार्टी ने 125 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी, जिनमें 50 महिलाएं हैं, जो 40 फीसदी उम्मीदवार हैं।
महिलाओं को विविध पृष्ठभूमि से चुना गया है। इनमें उन्नाव रेप पीड़िता की मां पूनम पांडे भी शामिल है।
प्रियंका ने पहले घोषणा की थी कि 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिया जाएगा।
प्रियंका ने कहा, “हम उन लोगों को मौका देना चाहते थे, जो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, इसलिए असली लोगों को उनके हक के लिए लड़ने का मौका मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिए जाने की जरूरत है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने राज्य के राजनीतिक नैरेटिव को बदलने की कोशिश की है और चाहती है कि रोजगार, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और अन्य महिला संबंधी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
राजनीति
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र की योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा, अब लागू होने की उम्मीद

PM MODI
पश्चिम बंगाल में 15 साल के तृणमूल कांग्रेस शासन का अंत कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के साथ ही उन केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है, जिन्हें अब तक राज्य प्रशासन और निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लागू नहीं किया गया था।
अब, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैलियों में वादा किया था, इन योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जाएगा। इनमें सबसे प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत योजना है।
अब तक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने इस योजना को लागू नहीं होने दिया, क्योंकि राज्य में पहले से ही ‘स्वास्थ्य साथी’ नामक अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित थी। जहां आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्तर पर लागू योजना है, वहीं ‘स्वास्थ्य साथी’ की सीमाएं केवल पश्चिम बंगाल तक थीं।
इसके अलावा कई अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाएं भी हैं, जिन्हें प्रशासनिक कारणों से पूरी तरह लागू नहीं किया गया था, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, मातृशक्ति भरोसा, युवा शक्ति भरोसा आदि। अब इन योजनाओं के लागू होने की संभावना है।
जल जीवन मिशन: इस योजना के तहत हर घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य को मिले 24,645 करोड़ रुपये में से केवल 53 प्रतिशत राशि ही उपयोग की गई। प्रस्ताव और दस्तावेजों में देरी इसके प्रमुख कारण रहे। अब ‘डबल इंजन’ सरकार के तहत लोगों को इस योजना का पूरा लाभ मिलने की उम्मीद है। तृणमूल सरकार भी हर घर तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का दावा करती रही, लेकिन केंद्र की योजना लागू होने से दायरा और बढ़ सकता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना: इस योजना के तहत केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को घर बनाने के लिए सहायता देती है। राज्य में इसका समानांतर प्रोजेक्ट ‘बांग्लार बाड़ी’ नाम से चल रहा था। अब केंद्र की योजना लागू होने से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर वे जो अब तक वंचित रह गए थे। दोनों योजनाएं साथ चलती हैं तो लाभार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: इस योजना के लागू होने से मछुआरों को वित्तीय सहायता, बीमा और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र की योजना लागू होने से ज्यादा मछुआरों को लाभ मिल सकेगा।
युवा शक्ति भरोसा: इस योजना के तहत केंद्र सरकार बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 3,000 रुपये देने की घोषणा कर चुकी है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित हैं। राज्य सरकार ने अप्रैल में ‘युवाश्री’ योजना शुरू की थी, जिसमें 1,500 रुपये मासिक देने का प्रावधान था। केंद्र की योजना लागू होने पर युवाओं को सीधे उनके बैंक खाते में 3,000 रुपये मिलेंगे।
मातृशक्ति भरोसा: केंद्र सरकार की इस योजना के तहत निश्चित आय वर्ग की महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये दिए जाएंगे। तृणमूल सरकार पिछले पांच वर्षों से ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना चला रही थी, जिसके तहत महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलते थे। यह राज्य की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक रही है। केंद्र की योजना लागू होने पर यह राशि दोगुनी हो सकती है।
प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री): पश्चिम बंगाल में इसके समकक्ष ‘कन्याश्री’ योजना है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है। इसके तहत राज्य की लड़कियों को कक्षा 1 से 12 तक और आगे कॉलेज-विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त शिक्षा मिलती है। साथ ही 25,000 रुपये की एकमुश्त सहायता भी दी जाती है। अब पीएम श्री योजना लागू होने से छात्राओं को और अधिक आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है।
केंद्र के साथ मतभेदों के चलते तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इन योजनाओं को लागू नहीं किया, क्योंकि इससे केंद्र सरकार की योजनाओं को बढ़ावा मिलता। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद अब उम्मीद है कि ये सभी योजनाएं राज्य में पूरी तरह लागू होंगी।
गौरतलब है कि 15 साल बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर सरकार बनाई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 2021 में मिली 215 सीटों से घटकर इस बार 80 सीटों पर सिमट गई।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय कंपनियां अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने के लिए तैयार: सर्जियो गोर

भारतीय कंपनियां अमेरिका में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने की योजना बना रही है। यह बयान बुधवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गौर ने लिखा कि एक ही दिन में 12 भारतीय कंपनियों ने 1.1 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की। साथ कहा कि यह निवेश अमेरिका में नौकरियां पैदा कर रहा है और दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बना रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह निवेश इस बात का प्रमाण है कि जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र आपस में व्यापार करते हैं, तो सभी को लाभ होता है।
अमेरिकी राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका कई मोर्चों पर आर्थिक संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, और दोनों देशों की मौजूदा सरकारें तेजी से द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी को आगे बढ़ा रही हैं।
हालांकि, गौर ने उन 12 कंपनियों के नाम का ऐलान नहीं किया, जिन्होंने अमेरिका में निवेश का ऐलान किया है।
अमेरिकी सरकार के आधिकारिक डेटा के मुताबिक, अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा मार्च 2026 में 3.8 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि के घाटे 7.4 अरब डॉलर से 48.64 प्रतिशत कम है।
अमेरिकी सरकार की ओर से बताया गया कि मार्च 2026 में अमेरिका का भारत को निर्यात बढ़कर 4.3 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, भारत से आयात 8.4 अरब डॉलर रहा है।
भारत के साथ आयात-निर्यात में अंतर कम होने के बावजूद अमेरिका के व्यापार घाटे में बढ़ोतरी हुई है। मार्च में वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार घाटा बढ़कर 60.3 अरब डॉलर हो गया, जो फरवरी के संशोधित 57.8 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर अधिक है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली अल-जैदी के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी दबाव के आगे झुकेगा नहीं।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, एक आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा, “हमारी समस्या यह है कि एक ओर अमेरिका देश पर दबाव की नीति अपना रहा है और दूसरी ओर वह चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर आए और आखिरकार उसकी एकतरफा मांगों के सामने आत्मसमर्पण कर दे। लेकिन यह असंभव है।”
उन्होंने कहा कि ईरान मूल रूप से युद्ध और असुरक्षा को किसी भी तरह से उचित विकल्प नहीं मानता। इसके साथ ही, पेजेशकियान ने कहा कि ईरान को परमाणु तकनीक से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अमेरिका ऐसे व्यवहार कर रहा है जैसे ईरान को परमाणु उद्योग रखने का अधिकार ही नहीं है। वह अत्यधिक मांगें सामने रखकर देश पर अतिरिक्त दबाव डालता है।”
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने आगे कहा कि पिछली सभी वार्ताओं में ईरान पूरी तरह तैयार था कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक निगरानी के तहत जो भी आवश्यक हो, वह सब कुछ उपलब्ध कराए ताकि उसके परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण स्वरूप को सुनिश्चित किया जा सके।
दूसरी ओर, अल-जैदी ने इराक की ओर से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की तत्परता जताई, ताकि क्षेत्रीय संकटों को कम किया जा सके। अल-जैदी के मीडिया कार्यालय के एक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने भविष्य में आधिकारिक यात्राओं के आदान-प्रदान पर भी सहमति जताई, ताकि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया जा सके।
बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे, जिसमें तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, वरिष्ठ कमांडरों और नागरिकों की मौत हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ, जिसके बाद 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई, लेकिन वह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी। फिलहाल, अमेरिका और ईरान लगातार समझौते के तहत युद्धविराम को जारी रखने की कोशिशों में जुटे हैं।
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