खेल
वरुण चक्रवर्ती की अगुवाई में भारतीय स्पिनरों ने बनाया चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार रिकॉर्ड
दुबई, 3 मार्च। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के एक दमदार मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 44 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 249 रन बनाए, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 45.3 ओवर में 205 रनों पर ढेर हो गई। इस मैच में भारत के स्पिनरों ने कमाल दिखाया, जिसमें वरुण चक्रवर्ती ने 5 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब हासिल किया।
न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, और कीवी गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाया। 50 ओवर में 249/9 का स्कोर भले ही विशाल न लगे, लेकिन वरुण चक्रवर्ती की अगुवाई में भारतीय स्पिनरों के सामने यह लक्ष्य न्यूजीलैंड के लिए पहाड़ साबित हुआ।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। विल यंग (22) और रचिन रवींद्र (6) जल्दी पवेलियन लौट गए। पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने 120 गेंदों पर 81 रनों की शानदार पारी खेली और एक छोर संभाले रखा, लेकिन उनका साथ देने वाला कोई नहीं रहा। डेरिल मिशेल (17), टॉम लाथम (14), और ग्लेन फिलिप्स (12) जैसे बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों के सामने बेबस नजर आए। अंत में मिशेल सेंटनर ने 28 रनों की छोटी पारी खेली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। न्यूजीलैंड की टीम 45.3 ओवर में 205 रनों पर सिमट गई।
इस मैच में भारत के स्पिनरों ने इतिहास रच दिया। वरुण चक्रवर्ती ने 10 ओवर में 42 रन देकर 5 विकेट झटके, जो चैंपियंस ट्रॉफी में डेब्यू पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनसे आगे केवल जोश हेजलवुड (6/52, 2017) हैं। चक्रवर्ती ने अपने दूसरे ही वनडे में पांच विकेट लेकर स्टुअर्ट बिन्नी (6/4, 2014) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे जल्दी हासिल किया गया पांच विकेट हॉल है। बिन्नी ने यह उपलब्धि अपने तीसरे वनडे मैच में हासिल की थी।
वरुण चक्रवर्ती के अलावा, कुलदीप यादव ने 9.3 ओवर में 56 रन देकर 2 विकेट, रवींद्र जडेजा ने 8 ओवर में 36 रन देकर 1 विकेट, और अक्षर पटेल ने 10 ओवर में 32 रन देकर 1 विकेट लिया। भारत के स्पिनरों ने कुल 9 विकेट झटके, जो चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में किसी एक पारी में स्पिनरों द्वारा सबसे ज्यादा विकेट हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम था, जिसने 2004 में केन्या के खिलाफ 8 विकेट लिए थे।
इसके अलावा यह पहला मौका है जब चैंपियंस ट्रॉफी के किसी एक मैच में दो गेंदबाजों ने पांच-पांच विकेट लिए हों। न्यूजीलैंड के लिए मैट हेनरी ने भी पांच विकेट हासिल किए थे।
वरुण चक्रवर्ती (5/42) के साथ-साथ मोहम्मद शमी ने भी इस टूर्नामेंट में बांग्लादेश के खिलाफ 5/53 का आंकड़ा दर्ज किया था। भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की सूची में अब वरुण और शमी का नाम रवींद्र जडेजा (5/36, 2013) के साथ शीर्ष पर है।
इस जीत के साथ भारत अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले मुकाबले के लिए तैयार है। यह दोनों टीमों के बीच 19 नवंबर 2023 के बाद पहला वनडे होगा। लेकिन आईसीसी नॉकआउट में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला हमेशा रोमांचक होता है और यह मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं होगा। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की टीम अब लाहौर की यात्रा करेगी, जहां उसका सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा।
राष्ट्रीय
मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुए के अंतरराष्ट्रीय तस्कर रहेंगे जेल में

भोपाल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुआ की तस्करी करने वाले आरोपी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि सागर के अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपील खारिज करते हुए सजा और अर्थ दंड को बरकरार रखा है। दरअसल, स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने अत्यंत दुर्लभ जलीय जीव रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के मामले में शेखर दास और मोहम्मद सुल्तान को गिरफ्तार किया था, जिस पर उन्होंने अपील की थी।
इस अपील को विशेष न्यायालय द्वारा खारिज किया गया है। सजा एवं अर्थदंड को बरकरार रखा है। न्यायालय ने आरोपियों की अपील को निरस्त करते हुए उन दोनों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी किए हैं। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य एवं उसके पारिस्थितिकी क्षेत्र से दुर्लभ लाल तिलकधारी कछुओं तथा पैंगोलिन शल्क की तस्करी का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे, जो चंबल नदी से इन दुर्लभ कछुओं को एकत्र कर कोलकाता तथा भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से विदेशों में अवैध रूप से भेजता था। गिरोह द्वारा वन्यजीव तस्करी के साथ हवाला के जरिये अवैध वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायालय सागर ने 29 मार्च 2022 को दोनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन 2022) के उल्लंघन का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके विरुद्ध आरोपियों ने अपील की थी।
अपीलीय न्यायालय ने एसटीएसएफ द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों को तथ्यपरक मानते हुए कहा कि विशेष न्यायालय के निर्णय में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं है। अपीलीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपीलें निरस्त कर उन्हें सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
खेल
बार्सिलोना ने जॉर्ज मेसी के निधन पर शोक जताया, लियोनेल के पिता को दी श्रद्धांजलि

बार्सिलोना ने क्लब के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी को श्रद्धांजलि दी है। शनिवार को अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में लंबी बीमारी के बाद 68 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
बार्सिलोना ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान के जरिए मेसी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और लियोनेल के शानदार करियर में पिता जॉर्ज की अहम भूमिका को याद किया। “बार्सिलोना के प्रेसिडेंट और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, बार्सिलोना के खिलाड़ी और दिग्गज लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और सभी बार्सिलोना समर्थकों की ओर से मेसी परिवार के प्रति अपनी संवेदना भेजते हैं।”
बार्सिलोना ने जॉर्ज का उस भरोसे के लिए भी शुक्रिया अदा किया जो उन्होंने अपने बेटे के करियर की शुरुआत में क्लब पर जताया था, जब लियोनेल कम उम्र में अर्जेंटीना से स्पेन आए थे। क्लब ने कहा, “बार्सिलोना, जॉर्ज मेसी का हमारे क्लब के प्रति उनके समर्पण और उनके बेटे लियो के फुटबॉल करियर की शुरुआत में और उनके करियर के सबसे शानदार स्तर तक पहुंचने के दौरान हम पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद करता है। उनकी आत्मा को शांति मिले।”
जॉर्ज उन सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक थे जिन्होंने लियोनेल मेसी को अब तक के सबसे महान फुटबॉलरों में से एक बनने में मदद की। उन्होंने कम उम्र से ही अपने बेटे के खेल और प्रोफेशनल जीवन का ध्यान रखा और अर्जेंटीना से बार्सिलोना में लियोनेल के ट्रांसफर में अहम भूमिका निभाई, जहां यह युवा फॉरवर्ड आखिरकार क्लब की सबसे सफल टीमों में से एक का मुख्य खिलाड़ी बन गया।
जॉर्ज का निधन रोसारियो में हुआ, जहां उनका इलाज चल रहा था। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 2 बजे (स्थानीय समय) उनका निधन हुआ और परिवार की गोपनीयता का सम्मान करते हुए कोई अतिरिक्त मेडिकल जानकारी नहीं दी गई। इससे पहले, लियोनेल मेसी ने बताया था कि वे अपने पिता की सेहत को लेकर चिंता के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।
अर्जेंटीना के लिए गोल करने के बाद उनकी भावुक प्रतिक्रिया से जॉर्ज की हालत के बारे में अटकलें लगाई जाने लगीं। इसके बाद मेसी परिवार ने उनकी गोपनीयता का सम्मान करने की अपील की थी। जॉर्ज के निधन के बाद रियल मैड्रिड ने भी संवेदना व्यक्त की और उन्हें बार्सिलोना में अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी और इतिहास के सबसे मशहूर फुटबॉलरों में से एक के पिता के तौर पर सम्मान दिया।
खेल
चेस: आर प्रज्ञानानंद ने जीता सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने एक राउंड बाकी रहते हुए ही ग्रैंड चेस टूर सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज का खिताब अपने नाम किया।
प्रज्ञानानंद और उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के बीच आखिरी मुकाबले का अंत ड्रॉ पर होने के साथ ही भारतीय ग्रैंडमास्टर का खिताब पक्का हो गया। 20 साल के भारतीय खिलाड़ी ने कुल 35 में से 23 प्वाइंट हासिल करके चैंपियनशिप को अपने नाम किया। शानदार टूर्नामेंट के बाद सिंदारोव ने 22 प्वाइंट के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वेस्ली सो 20.5 प्वाइंट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
लेवोन अरोनियन 19 प्वाइंट के साथ चौथे स्थान पर रहे, और फैबियानो कारुआना, लीनियर डोमिंग्वेज और जॉर्डन वैन फॉरेस्ट 17 प्वाइंट के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंद को बिना किसी प्लेऑफ के सीधे जीत हासिल करने पर 50,000 अमेरिकी डॉलर और 13 ग्रैंड चेस टूर प्वाइंट मिले। इस नतीजे से प्रज्ञानानंद सिंकफील्ड कप से पहले ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि फैबियानो अभी भी ओवरऑल ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग में सबसे आगे हैं।
प्रज्ञानानंद ने पांच दिन के इस इवेंट में शुरू से आखिर तक बढ़त बनाए रखी। सिंदारोव ने आखिरी दौर में कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए और 1.5 प्वाइंट के अंतर से उपविजेता रहे। जून में, प्रज्ञानानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रच चुके हैं।
सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज टूर्नामेंट में 31 जुलाई से 7 अगस्त तक सेंट लुइस चेस क्लब में दस बेहतरीन ग्रैंडमास्टर शामिल हुए। पांच दिनों के खेल में, खिलाड़ियों ने 9 रैपिड राउंड और 18 ब्लिट्ज राउंड खेले। इस दौरान कुल मिलाकर 135 गेम हुए, जिनमें सिंकफील्ड कप और जीसीटी ग्रैंड फाइनल से पहले महत्वपूर्ण टूर प्वाइंट दांव पर थे।
इस टूर्नामेंट में दो तेज गति वाले फॉर्मेट शामिल रहे। 9-राउंड का सिंगल राउंड-रॉबिन रैपिड टूर्नामेंट (जो 25 मिनट के टाइम कंट्रोल और पहली चाल से ही 10-सेकंड के इंक्रीमेंट के साथ खेला जाता है) और 18-राउंड का डबल राउंड-रॉबिन ब्लिट्ज टूर्नामेंट (जो 5 मिनट के टाइम कंट्रोल और पहली चाल से ही 2-सेकंड के इंक्रीमेंट के साथ खेला जाता है)। रैपिड में जीत पर 2 पॉइंट और ड्रॉ पर 1 प्वाइंट मिलता है, जबकि ब्लिट्ज में जीत पर 1 प्वाइंट और ड्रॉ पर 0.5 प्वाइंट मिलता है।
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