अपराध
झारखंड में पत्थरबाजों के निशाने पर ट्रेन, आरपीएफ ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
रांची, 23 जनवरी। झारखंड से गुजरने वाली ट्रेनें पत्थरबाजों के निशाने पर हैं। पथराव की घटनाओं की वजह से कई बार यात्री चोटिल हो रहे हैं। राज्य के चक्रधरपुर रेल मंडल में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने हावड़ा से टाटानगर आने वाली स्टील एक्सप्रेस ट्रेन पर 20 जनवरी की रात हुए पथराव के मामले में चार युवकों को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेजा है।
गिरफ्तार किए गए युवकों में जादूगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुलडीहा गांव निवासी सजल नाथ और दुड़कू गांव निवासी राहुल भकत, रोहित सिंह और आकाश कुट्टी शामिल हैं। इन लोगों ने पूछताछ में बताया है कि वे लोग राखा माइन्स के पास शराब पी रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ट्रेन को गुजरते देखा तो शरारत में पथराव कर दिया। पत्थरबाजी की इस घटना में तीन बोगियों के शीशे बुरी तरह टूट गए थे। करीब दो किलोग्राम वजन का एक पत्थर बोगी के अंदर जा गिरा था। गनीमत यह रही थी कि कोई यात्री जख्मी नहीं हुआ था।
17 जनवरी को रांची जिले में सिल्ली रेलवे ब्रिज के पास रांची से गोरखपुर जाने वाली मौर्य एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था। इस घटना में एस-टी बोगी में यात्रा कर रही एक लड़की की गर्दन पर चोट आई थी। इसे लेकर यात्रियों ने हंगामा किया था। बाद में आरपीएफ ने मामले में पिंटू मूडी नामक आरोपी को सिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसी महीने झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में घाटशिला सेक्शन पर कुछ ट्रेनों में पथराव की घटनाएं हुई थीं।
दिसंबर 2024 में जमशेदपुर आदित्यपुर स्टेशन के समीप वंदे भारत एक्सप्रेस पर बदमाशों ने पत्थरबाजी की थी। इस घटना में भी ट्रेन के एक कोच की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई थी। 27-28 अक्टूबर को ब्रह्मपुर-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस पर एक ही दिन में डंगुआपोसी, मलुका स्टेशन और जमशेदपुर के पास तीन बार पथराव की घटनाएं हुई थीं। टाटानगर-ब्रह्मपुर वंदे भारत ट्रेन का परिचालन 18 सितंबर, 2024 से शुरू हुआ था।
पहले दिन ही खुर्दा स्टेशन के पास ट्रेन पर पथराव हुआ था। टाटानगर-पटना वंदे भारत ट्रेन पर 3 अक्टूबर को कोडरमा के पास पत्थरबाजी हुई थी। यह घटना कोडरमा से लगभग 4 किलोमीटर दूर सरमाटार और यदुडीह स्टेशनों के बीच हुई थी। इस हमले में कोच सी-2, सीट 43-45 और कोच सी-5, सीट 63-64 की खिड़कियां टूट गई थीं।
6 अक्टूबर को झारखंड के चाईबासा जिले के सोनुआ रेलवे स्टेशन के पास असामाजिक तत्वों ने रेलवे ट्रैक के जॉइंट पॉइंट में बड़ा पत्थर फंसा दिया था। इस कारण बड़ा हादसा होते-होते बचा था। ट्रैक पर रेलवे की पेट्रोलिंग टीम ने पत्थर को देखा तो उसे समय रहते हटाया था। जिस वक्त इस टीम को ट्रैक पर पत्थर होने की जानकारी मिली, उस वक्त शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस अप लाइन पर आने वाली थी।
सूचना मिलने के बाद अप और डाउन पर ट्रेनों के परिचालन को 20 मिनट के लिए रोक दिया गया था। 4 सितंबर को रांची से पटना जाने वाली वंदे भारत ट्रेन पर हजारीबाग के चरही एवं बेस रेलवे स्टेशन के बीच में पथराव हुआ था, जिससे बोगी नंबर ई-1 वन की सीट नंबर 5 और 6 के पास का ग्लास पूरी तरह टूट गया था।
चक्रधरपुर रेल मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पथराव की ज्यादातर घटनाओं की जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लोग शरारत में इस तरह की हरकतें करते हैं। जिन क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं लगातार होती हैं, वहां पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।
अपराध
टोरेस ज्वैलर्स घोटाला : 177 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मुख्य आरोपी दुबई में गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दुबई में कथित टोरेस ज्वैलर्स पोंजी स्कीम से जुड़े 177 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित आरोपी सागर मेहता की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मेहता के वकील ने ईडी के कहने पर उनके खिलाफ शुरू की गई उद्घोषणा की कार्यवाही को वापस लेने के लिए अदालत का रुख किया। अदालत को बताया गया कि भारतीय एजेंसी के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई अधिकारियों ने गुरुवार को मेहता को गिरफ्तार कर लिया था।
मेहता इस मामले में मुख्य आरोपी है और उस पर कथित धोखाधड़ी से मिली रकम को इकट्ठा करने और ट्रांसफर करने में भूमिका निभाने का आरोप है। ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया कि वह कई महीनों तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया।
अदालत ने पहले मेहता और तीन यूक्रेनी नागरिक ओलेना स्टोइयन, ओलेक्जेंडर जापिचेंको और विक्टोरिया कोवालेन्को के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, जापिचेंको और स्टोइयन ने कथित तौर पर इस योजना के वित्तीय ढांचे और मनी-लॉन्ड्रिंग के तरीकों को तैयार करने में मदद की थी। इन पर अवैध तरीकों से शुरुआती फंड का इंतजाम करने और बिना हिसाब-किताब वाले पैसे को वैध निवेश में बदलने में मदद करने का भी आरोप है।
टोरेस ज्वैलर्स का मामला इस आरोप से जुड़ा है कि कंपनी ने सिंथेटिक मोइसैनाइट को कीमती रत्न बताकर और निवेशकों को बहुत ज़्यादा रिटर्न का वादा करके एक धोखाधड़ी वाली इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, टोरेस ज्वैलर्स का संचालन करने वाली कंपनी प्लेटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड ने अच्छे रिटर्न और इनाम का लालच देकर निवेशकों को आकर्षित किया। कंपनी ने कथित तौर पर सोना, चांदी, हीरे के गहनों और कीमती रत्नों में निवेश पर हर हफ्ते 2 से 9 फीसदी तक रिटर्न देने का वादा किया था।
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कीम में नए लोगों को लाने पर निवेशकों को 20 फीसदी का “इन्वेस्टमेंट बोनस” दिया जाता था, जिससे एक रेफरल-आधारित सिस्टम बन गया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह ऑपरेशन निवेशकों को लुभाने के लिए गुमराह करने वाले विज्ञापनों, आकर्षक बोनस और अवास्तविक रिटर्न के वादों पर निर्भर था, ये सभी पोंजी स्कीम की आम विशेषताएं हैं।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मेहता इस धोखाधड़ी वाले ऑपरेशन में शामिल थे, लेकिन 24 दिसंबर 2024 को भारत से भाग गए। दुबई में उसकी गिरफ्तारी, कथित मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और इस मामले से जुड़े फंड के लेन-देन की चल रही जांच के लिए अहम मानी जा रही है।
अपराध
मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बांद्रा टर्मिनस के पास 10 करोड़ रुपए की चरस बरामदगी के मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुंबई पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।
मुंबई पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त को वर्ली यूनिट की एक टीम ने बांद्रा टर्मिनस के पास एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसके पास से 10 किलो से अधिक चरस बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। इस मामले में निर्मल नगर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान उसने उस व्यक्ति के बारे में जानकारी दी, जिसने यह चरस सप्लाई की थी। इसके बाद आरोपी की तलाश के लिए वर्ली यूनिट की टीम को बिहार भेजा गया। 23 अगस्त को टीम बिहार के रक्सौल जिले में पहुंची। इसके बाद पुलिस की तलाश की गई।
मुंबई पुलिस ने बताया कि बिहार की स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को पूर्वी चंपारण से गिरफ्तार किया गया। वह नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।
पिछले हफ्ते मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह के पास स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) के पास 55 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन जब्त किया गया, जिसकी लागत 300 करोड़ बताई गई।
इस मामले में आईएसआई से जुड़ा तस्कर हुसैन दाद संदेह के घेरे में आया। हुसैन के बारे में बताया जाता है कि उसका भारत के नशे के बाजार में दबदबा है। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स के बाजार से भी उसका पुराना नाता रहा है। वह मूल रूप से अफगानिस्तान के कंधार का रहने वाला है। मौजूदा समय में वह इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस का हिस्सा बनकर पाकिस्तान को मदद पहुंचाने का काम कर रहा है। वहीं, ड्रग्स से प्राप्त होने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में करने में उसकी मुख्य भूमिका रही है।
अपराध
लोनी में पुलिस मुठभेड़ के बाद नकबजनी का आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख के जेवर बरामद

उत्तर प्रदेश के लोनी थाना पुलिस ने वांछित एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस और करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना लोनी क्षेत्र के निठोरा अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि नकबजनी की घटना में वांछित आरोपी मोटरसाइकिल से निठोरा की ओर आ रहा है। पुलिस टीम ने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने पीछा किया तो भागते समय आरोपी की मोटरसाइकिल फिसल गई। पुलिस के मुताबिक इसके बाद आरोपी ने तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सचिन निवासी डबल टंकी के पास रूपनगर, लोनी, गाजियाबाद, उम्र करीब 28 वर्ष बताया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 20 अगस्त 2026 की रात गिरि मार्केट, लोनी में एक घर में घुसकर चोरी करने की बात कबूल की है।
पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक अवैध तमंचा, कारतूस भी बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कमिश्नरेट गाजियाबाद के विभिन्न थानों में नकबजनी, चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम समेत करीब एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के गैंग को गिरफ्तार करने के लिए टीम का गठन किया जा रहा है,जो सचिन के बयान के आधार पर कार्रवाई करेगी और जल्द ही कई मामलों के खुलासे हो सकते है।
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