राजनीति
विपक्षी दलों का नया मंत्र ”राम ही करेंगे बेड़ा पार”
विधानसभा चुनाव की सुबुगाहट के साथ ही यूपी मे सभी राजनीतिक दल “राम परिक्रमा” में लग गए हैं। इसमें खास बात यह है कि कभी राममंदिर निर्माण को लेकर भाजपा पर हमला करने वाले दल भी अयोध्या से अपने चुनावी अभियान की शुरूआत कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में कई प्रमुख दलों के नेताओं ने अयोध्या जाकर अपनी चुनावी गतिविधियों की शुरूआत की है। इससे राजनीतिक पंडितों ने अनुमान लगाया है कि यूपी का होंने वाला विधानसभा चुनाव हिन्दू वोटों को अपने पाले में लाने की कवायद देखी जा रही है। भाजपा तो भगवान राम को लेकर पहले से ही चर्चा में रही है कि वह राम के नाम को लेकर चुनाव मैदान में उतरती है, लेकिन आने वाले इस विधानसभा चुनाव में लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां अयोध्या पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ दर्जनों बार अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और कई विकास कार्यों की योजनाओं की घोषणा भी की है। इसके अलावा वह इसके लिए समय-समय पर आगे का रोडमैप पर चर्चा भी करते रहते हैं। मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या पहुंचे थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अयोध्या जाना भी सुर्खियों में रहा। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा के सतीश चन्द्र मिश्रा ने रामलला मंदिर में पूजा अर्चना के बाद प्रबुद्ध सम्मेंलन की शुरूआत की थी। इसके बाद उन्होंने कहा कि भगवान राम तो सबके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आने पर यहां का और तेज विकास होगा। समाजवादी पार्टी ने भी विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या को ‘लॉन्चिंग पैड’ के तौर पर इस्तेमाल किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने 3 सितंबर को अयोध्या में आयोजित ‘खेत बचाओ, रोजगार बचाओ’ अभियान में हिस्सा लिया।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और सपा ने भी सियासी गतिविधियां तेजी से पकड़ी है। हांलांकि इन दलों के बड़े नेता अभी दरबार में हाजिरी लगाने नहीं पहुंचे। राजनीतिक विष्लेषकों की नजर इन पर लगी हुई है।
जनसत्ता लोकतांत्रिक दल की अगुवाई कर रहे बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने बीते 31 अगस्त को अयोध्या से ही यूपी के अपने चुनावी अभियान की शुरूआत करते हुए पार्टी कार्यकतार्ओं से बातचीत की। हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी अयोध्या के धन्नीपुर क्षेत्र को अपनी चुनावी अभियान की शुरूआत की है।
भाजपा प्रवक्ता अवनीष त्यागी का कहना है, “भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का अंत कर दिया है। जो विपक्षी दल तुष्टिकरण की राजनीति करके वोट के लिए समाज में विद्वैष फैला रहे थे, उनकी आंखे खोल दी है। भाजपा एक सही राह पर थी। अब विपक्षी दलों को सद्बुद्धि आ रही है। अब उन्हें मंदिर नजर आने लगा। भारतीय संस्कृतिक और मानवीय मूल्यों की अनदेखी कर रहे थे। उन्हें अब बुद्धि आने लगी है।”
राजनीतिक विश्लेषक रतनमणि लाल का कहना है, “बिना किसी अड़चन के राममंदिर बनता दिख रहा है। अगले कुछ सालों में आकार ले लेगी। यह हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक होगा इसे इग्नोर करना काफी मुष्किल है। सभी पार्टियों ने अहसास किया है कि साल 2014, 2017, 2019 के चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की है उसे हिन्दुओं की वजह से मिली है। हिन्दुओं को सर्पोट लेने के लिए उनकी आस्था के प्रतीक को अपनाना होगा। इसी कारण से सभी दल अयोध्या पहुंच रहे है। अगर अयोध्या मे राममंदिर बनने में कोई कानून पेंच या अन्य अड़चन होती तो सिवाय भाजपा के इससे हर दल दूरी बना लेते।”
राष्ट्रीय समाचार
सिरसा थाना ग्रेनेड हमला मामला: एनआईए ने 4 और आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया आरोप-पत्र

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हरियाणा के पंचकूला स्थित विशेष अदालत में 4 आरोपियों के खिलाफ एक पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने रविवार को बताया कि आरोप-पत्र में साजिश और इन 4 आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाओं का विवरण दिया गया है।
एजेंसी ने बताया कि यह मामला 25 नवंबर 2025 को हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस स्टेशन के पास हुए ग्रेनेड हमले से जुड़ा है। इसमें पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में शनिवार को आरोपी राजबीर सिंह उर्फ फौजी, वेद प्रकाश उर्फ पम्मा, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और चिराग ठकराल के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया गया।
एनआईए के अनुसार, यह मामला मूल रूप से 26 नवंबर 2025 को हरियाणा के सिरसा स्थित सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। बाद में, 30 दिसंबर 2025 को एनआईए ने इसे फिर से दर्ज किया।
मामले में इसी साल 24 मई को एनआईए ने पंचकूला की विशेष अदालत में 9 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था, जिनमें पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच भी शामिल थे।
एजेंसी ने कहा कि पूरक आरोप-पत्र में इस साजिश और इन 4 आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाओं का विवरण दिया गया है। साथ ही, आगे की जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों को भी इसमें शामिल किया गया है। इन लोगों पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 61(2) (धारा 109 के साथ पठित) और 238, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम-1908 की धारा 5 और 6, तथा यूए(पी) अधिनियम-1967 की धारा 18, 18बी और 20 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
एजेंसी के अनुसार, जांच से पता चला है कि आरोपी राजबीर सिंह उर्फ फौजी कोऑर्डिनेटर के रूप में काम कर रहा था। वह भारत में हथियारों, हैंड ग्रेनेड और नशीले पदार्थों को इकट्ठा करने और उनकी आवाजाही के लिए विदेशों में बैठे हैंडलरों के साथ मिलकर काम करता था। आरोपी चिराग ठकराल, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और वेद प्रकाश उर्फ पम्मा ने आरोपी राजबीर सिंह उर्फ फौजी के निर्देशों पर काम करते हुए सिरसा के महिला पुलिस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
यह हमला शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्यों की ओर से एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था। इसका मकसद पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाना और आम जनता के बीच दहशत और डर पैदा करना था। एनआईए की जांच में इस साजिश के तार विदेशों में बैठे उन हैंडलरों से जुड़े पाए गए हैं, जो सीमा पार से आतंकी नेटवर्क चला रहे हैं।
एजेंसी ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है, ताकि साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके और इस हमले के पीछे के पूरे सीमा पार आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
राष्ट्रीय समाचार
तेलंगाना: हैदराबाद के एक कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस गिरने से एक छात्रा की मौत

हैदराबाद के बाहरी इलाके नादेरगुल में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस (लाइट लगाने वाला ढांचा) गिर गया, जिससे एक छात्रा की मौत हो गई और कम से कम 16 अन्य लोग घायल हो गए।
यह हादसा शनिवार रात तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के आदिबतला में नादेरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ। कार्यक्रम के दौरान अचानक लाइटिंग ट्रस (लाइट लगाने वाला ढांचा) गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। बी. टेक. प्रथम वर्ष की छात्रा नारायणदास सोना (18) गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वह वनापर्थी जिले की रहने वाली थीं।
पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच से पता चला है कि तेज हवाओं के कारण लाइटिंग सिस्टम गिर गया। घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया और वहां से उन्हें यशोदा अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, 16 घायलों में से 10 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
कुछ छात्रों और उनके अभिभावकों ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह डांडिया कार्यक्रम ‘संगम-2026’ का हिस्सा था, जो दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का तकनीकी और सांस्कृतिक उत्सव है। इस कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों के छात्र अपनी तकनीकी कुशलता, नए विचारों और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए थे।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए हादसे पर गहरा दुख जताया है, जिसमें एक छात्रा की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने छात्रा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और निर्देश दिया कि घायल छात्रों को हर संभव बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाए। उन्होंने आदेश दिया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने कहा कि इस हादसे से गहरा सदमा और दुख पहुंचा है। उन्होंने मृत छात्रा के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। रामा राव ने हादसे में घायल छात्रों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि उन्हें बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
राजनीति
कोलकाता भगदड़ पर नेताओं ने दुख जताया, टीएमसी बोली-प्रशासन की विफलता से हुआ हादसा

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ पर देशभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कोलकाता में 19 लोगों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह बेहद दुखद खबर है। जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि वह माता रानी से प्रार्थना करते हैं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब भी ऐसी कोई दुखद घटना होती है, तो हमें मानवीय आधार पर पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए और किसी को भी इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है और खुद घायलों से मिलकर संवेदनशीलता दिखाई है। सरकार पूरी तरह पीड़ितों के साथ खड़ी है।
कोलकाता में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री उमेश राय ने भगदड़ के कारणों पर बात की। उन्होंने कहा, “यह भगदड़ तब मची जब लोग पंडाल से बाहर नहीं निकल रहे थे, जबकि पीछे से बड़ी संख्या में लोग अंदर आने की कोशिश कर रहे थे।” उन्होंने इस हादसे के लिए पूजा आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह उनकी लापरवाही का नतीजा है। मंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो इस घटना की गहराई से जांच करेगा।
वहीं, टीएमसी नेता और एआईटीसी विधायक कुणाल घोष ने इसे पूरी तरह प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित पूजा समिति को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इसमें कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। उन्होंने बताया, “अभी हम अस्पताल में हैं। रात से ही हमारी प्राथमिकता राहत कार्य और घायलों का इलाज रही है। हमारे कार्यकर्ता चोरबागन समेत हर जगह मौजूद थे।”
कुणाल घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वह शनिवार रात अस्पताल क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा, “अगर नेतृत्व वहां आता तो मीडिया और पुलिस का ध्यान दूसरे कामों में लग जाता, जिससे इलाज का काम बाधित होता। इसलिए हमारी पूरी टीम वहां मौजूद थी लेकिन कुछ जानकारी मिलने के बाद आज मैं खुद अस्पताल आया हूं।”
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