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Saturday,29-March-2025
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राजनीति

सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. सिंह का भारत के प्रति योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : आरएसएस

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नई दिल्ली, 27 दिसंबर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। उन्होंने 92 साल की उम्र में गुरुवार रात 9:51 बजे अंतिम सांस ली। पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) दुख जाहिर किया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की ओर से उनके निधन पर शोक व्यक्त किया गया है।

पोस्ट में कहा गया, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री तथा देश के वरिष्ठ नेता डा. सरदार मनमोहन सिंह के निधन से समूचा देश अतीव दुःख का अनुभव कर रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनके परिवार तथा असंख्य प्रियजनों को गहरी संवेदना व्यक्त करता है। डॉ. मनमोहन सिंह ने सामान्य पृष्ठभूमि से आकर भी देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित किया। सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. सिंह का भारत के प्रति योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करे।”

बता दें कि मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक दो बार प्रधानमंत्री रहे थे। उनकी गिनती देश के बड़े अर्थशास्त्रियों में होती थी।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की निधन की खबर मिलने के बाद एम्स के बाहर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती की गई है।

मनमोहन सिंह 1998 से 2004 तक विपक्ष के नेता भी रहे। हालांकि, साल 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत के बाद उन्होंने देश के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने यूपीए-1 और 2 में प्रधानमंत्री का पद संभाला था।

उन्होंने पहली बार 22 मई 2004 और दूसरी बार 22 मई 2009 को प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली थी।

डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पश्चिमी पंजाब के गाह में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। उनके पिता का नाम गुरमुख सिंह और मां का नाम अमृत कौर था।

उन्होंने साल 1958 में गुरशरण कौर से शादी की थी। उनकी तीन बेटियां भी हैं, जिनका नाम उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह हैं।

राजनीति

मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालय शुरू करें मेडिकल कॉलेज : मोहन यादव

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भोपाल, 28 मार्च। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के सक्षम और समर्थ होने पर जोर देते हुए कहा है कि सभी विश्वविद्यालय अपने यहां चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करें। राज्य सरकार की ओर से अस्पताल संचालन में पूरी सहायता दी जाएगी।

राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री यादव का सम्मान किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को अपने यहां चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करना चाहिए। इसमें सरकार की ओर से मदद की जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय में सबसे ज्यादा खर्च अस्पताल पर आता है, इसमें सरकार सहयोग करेगी, अस्पताल और उसके चिकित्सकों व कर्मचारियों का वेतन सरकार देगी। वहीं मेडिकल कॉलेज में होने वाली परीक्षा की फीस लेने का अधिकार विश्वविद्यालय को रहेगा, इस राशि का उपयोग विश्वविद्यालय के विकास कार्यों पर कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि विश्वविद्यालयों में सभी तरह के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। इसके जरिए आय इतनी हो जाएगी कि तिजोरी से नोट निकलेंगे। इससे आए हुए धन का सदुपयोग ही होगा। हम चाहते हैं कि विश्वविद्यालय समर्थ हों और अपने उद्देश्यों को प्राप्त करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य को अच्छे से अच्छा राज्य बनाएंगे और नंबर वन के स्थान पर पहुंचाएंगे।

विश्वविद्यालय के पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य की कैबिनेट ने फैसला लिया है कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की राशि दी जाएगी, 50 प्रतिशत की राशि विश्वविद्यालय देने जा रहे हैं। इन्हें भरोसा दिला रहा हूं कि विश्वविद्यालय के पेंशनर्स, अधिकारी, कर्मचारी आदि को किसी तरह कठिनाई नहीं आएगी। हमारे यहां विश्वविद्यालय की दो श्रेणी हैं: सरकारी या निजी। शासकीय विश्वविद्यालय आगे बढ़ें, नए-नए कोर्स खोलें, उन्नति करें, नए कोर्सों के माध्यम से विश्वविद्यालय समर्थ बनें और स्वावलंबी बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य को अच्छे से अच्छा राज्य बनाना है, देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे।

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मनोरंजन

गुड़ी पड़वा 2025: मराठी नववर्ष पर गिरगांव में मनाई जाने वाली मुंबई की सबसे प्रतीक्षित भव्य ‘शोभा यात्रा’ के बारे में जानें; जानें तिथि, समय और अधिक जानकारी

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मुंबई: साल के सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रमों में से एक गिरगांव शोभा यात्रा गुड़ी पड़वा पर होने वाली है, जो मराठी नववर्ष है। यह भव्य उत्सव 30 मार्च को मनाया जाएगा। हर साल, शोभा यात्रा में मुंबई के हजारों निवासी और शहर भर से लोग आते हैं। मराठी नववर्ष को अपने खास अंदाज में मनाने के लिए प्रतिभागी अनोखे, रंग-बिरंगे परिधान पहनकर आते हैं।

भव्य गिरगांव शोभा यात्रा के बारे में

शोभा यात्रा अपने जीवंत रोड शो के लिए जानी जाती है। यात्रा शब्द का अर्थ है यात्रा। इस कार्यक्रम में, वे महाराष्ट्र की संस्कृति और राज्य में मनाए जाने वाले त्यौहारों, जैसे गणेश चतुर्थी, और देश भर में मनाए जाने वाले त्यौहारों पर प्रकाश डालते हैं।

यह आयोजन जीवंत गतिविधियों से भरा होता है, जिसमें बाइक रैली, पारंपरिक नृत्य, सड़कों पर जीवंत रंगोली और प्रसिद्ध ढोल-ताशा की धुनें शामिल हैं। यह उत्सव एक विशेष, उत्सवी तरीके से मनाया जाता है, जिसमें लोग अनोखे कपड़े पहनते हैं और इस अवसर की खुशी में शामिल होते हैं।

गिरगांव शोभा यात्रा मुंबई में एक बहुत प्रसिद्ध आयोजन है। इस साल यह आयोजन 30 मार्च को शाम 7 बजे गिरगांव में होगा, जहां कई लोग मराठी नववर्ष मनाने के लिए एकत्रित होते हैं।

गुड़ी पड़वा का उत्साहपूर्ण उत्सव

गुड़ी पड़वा का मुख्य आकर्षण गिरगांव शोभा यात्रा न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, बल्कि जीवंत परंपराओं और सामुदायिक भावना का प्रदर्शन भी है। यात्रा के दौरान, यह देखा जाता है कि महिलाएँ पारंपरिक कस्ता साड़ी पहनती हैं और पुरुष कुर्ता-पायजामा पहनते हैं, जो उत्सव के माहौल को और भी बढ़ा देता है।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागी बेहतरीन पोशाक में होते हैं। इस कार्यक्रम की एक अनूठी विशेषता बाइक रैली है, जिसमें महिलाएं सहित प्रतिभागी अपनी बाइक सजाते हैं और जश्न मनाने के लिए एक साथ सवारी करते हैं।

शोभा यात्रा में बाइक रैली और ढोल-ताशा का प्रदर्शन

बाइक रैली के साथ-साथ ढोल-ताशा, एक पारंपरिक संगीत प्रदर्शन, हवा में गूंजता है, जो उत्सव को और भी जीवंत और रोमांचक बनाता है। यह कार्यक्रम सभी क्षेत्रों के लोगों को एक साथ लाता है, क्योंकि वे मराठी नव वर्ष को विशेष और अविस्मरणीय रूप से मनाने के लिए एकजुट होते हैं।

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राजनीति

पीएम मोदी 30 मार्च को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के दौरे पर

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नई दिल्ली, 28 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे। पीएम मोदी नागपुर में सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री बिलासपुर जाएंगे और दोपहर करीब 3:30 बजे 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी देश भर में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अनुरूप, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। वह बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण- III की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड परियोजना उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। वह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना के कार्य की शुरुआत करेंगे। वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।

पीएम मोदी छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।

सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री मोदी दो प्रमुख शैक्षिक पहलों को समर्पित करेंगे, जिनमें राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) शामिल हैं। पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया योजना के तहत 130 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। ये स्कूल अच्छी तरह से संरचित बुनियादी ढांचे, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में मदद करेंगे। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।

ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार करने की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के तहत तीन लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा। प्रधानमंत्री इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे।

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