अपराध
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने आईएएस अधिकारी के खिलाफ मामले को किया खारिज
आंध्र प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वाई. श्रीलक्ष्मी को एक बड़ी राहत देते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई द्वारा दायर ओबुलापुरम खनन मामले में उनके खिलाफ आरोपों को खारिज कर दिया। अदालत ने उन्हें एक दशक पुराने मामले में क्लीन चिट दे दी, जिसमें उन्होंने कई महीने जेल में बिताए थे।
हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में सीबीआई द्वारा दायर चार्जशीट को खारिज कर दिया।
सीबीआई अदालत ने पिछले महीने मामले को रद्द करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने मामले में उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
सीबीआई, जो अनंतपुर के बेल्लारी रिजर्व फॉरेस्ट में ओबुलापुरम माइनिंग कंपनी (ओएमसी) द्वारा कथित अवैध खनन गतिविधि में उसकी भूमिका की जांच कर रही है, ने उसके खिलाफ 30 मार्च, 2012 को आरोप पत्र दायर किया था।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि श्रीलक्ष्मी ने 2007 से 2009 के अपने कार्यकाल के दौरान तत्कालीन संयुक्त आंध्र प्रदेश सरकार में उद्योग और वाणिज्य सचिव के रूप में अपने पद कार्यालय का दुरुपयोग किया था।
उसने कथित तौर पर ओएमसी के पक्ष में अवैध खनन लाइसेंस देने की साजिश रचकर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया था। उन्हें इस मामले में छठा आरोपी बनाया गया था
केंद्रीय एजेंसी ने दावा किया था कि उसने अनंतपुर में खनन पट्टे देने में ओएमसी प्रमोटर और खनन व्यवसायी गली जनार्दन रेड्डी के साथ मिलीभगत की थी।
1988 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीलक्ष्मी को 28 नवंबर, 2011 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया।
वह अक्टूबर 2012 में जेल से बाहर आई थी।
2016 में सरकार ने उनका निलंबन रद्द कर दिया और वह तेलंगाना को आवंटित आईएएस अधिकारी के रूप में ड्यूटी में शामिल हो गईं।
2020 में श्रीलक्ष्मी को आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) से एक आदेश प्राप्त करने के बाद शामिल किया गया था।
उन्हें पिछले साल विशेष मुख्य सचिव के रूप में पदोन्नत किया गया था। उच्च न्यायालय के मंगलवार के आदेश से मुख्य सचिव के रूप में उनकी पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।
अनंतपुर जिले के ओबुलापुरम और मालापनागुडी गांवों में बेल्लारी, रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में ओएमसी को खनन पट्टों के आवंटन में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और अनियमितताओं के आरोपों के बाद सीबीआई ने 7 दिसंबर, 2009 को ओएमसी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
अपराध
मुंबई: 84 लाख रुपये से ज़्यादा का चोरी का सामान असली मालिकों को सौंपा गया, डीसीपी की पहल पर चार महीने के अंदर चोरी का सामान बांटा गया

मुंबई पुलिस ने चोरी के अलग-अलग मामलों में ज़ब्त किए गए चोरी के सामान और मोबाइल फ़ोन उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। ज़ोन 8 के तहत आने वाले निर्मल नगर, बीकेसी, वकोला, खेरवाड़ी, विले पार्ले, सहार पुलिस स्टेशनों से चोरी के सामान बरामद करने के बाद, पुलिस ने आज 84 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत के मोबाइल फ़ोन, चोरी की मोटरसाइकिलें और गाड़ियां उनके असली मालिकों को लौटा दीं। डीसीपी ज़ोन 8 मनीष कलवानिया ने बताया कि पुलिस ऐसे प्रोग्राम करती रहती है जिसमें चोरी का सामान बांटा जाता है और यह सामान उनके असली मालिकों को सौंप दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हर चार महीने में उनका सामान असली मालिकों को लौटा दिया जाता है। इसमें ज़्यादातर चोरी हुए मोबाइल फ़ोन बरामद हुए हैं। चोरी हुए मोबाइल फ़ोन बरामद होने के बाद, नागरिकों और पीड़ितों की खुशी दोगुनी हो गई है क्योंकि उन्होंने अपने सामान को लेकर उम्मीद और उम्मीद छोड़ दी थी। आज 277 चोरी हुए मोबाइल फ़ोन भी लौटाए गए हैं। ये मोबाइल फ़ोन टेक्निकल जांच के बाद बरामद किए गए, साथ ही गाड़ियां और चोरी का सामान भी लौटा दिया गया।
अपराध
मुंबई एटीएस की बड़ी कार्रवाई: खैर वुड तस्करी मामले में आकिब नाचन समेत दो गिरफ्तार

मुंबई, 3 अप्रैल : मुंबई एटीएस ने खैर वुड की तस्करी से जुड़े एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से एक आरोपी आईएसआईएस से जुड़े साकिब नाचन का बेटा आकिब नाचन शामिल है।
मुंबई एटीएस ने जानकारी दी कि अवैध तस्करी के मामले में दो आरोपियों की 29 मार्च को गिरफ्तारी की गई। इनमें एक आकिब नाचन और दूसरे आरोपी की पहचान साहिल चिखलेकर के रूप में की गई। दोनों आरोपियों को एक विशेष अदालत के सामने पेश किया गया और आगे की जांच के लिए 6 अप्रैल तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया।
यह मामला 24 जुलाई 2025 को मुंबई के एटीएस कालाचौकी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इनमें चोरी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, संदिग्ध संपत्ति रखने और अन्य संबंधित अपराधों से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ये गिरफ्तारियां एक ऐसे तस्करी नेटवर्क की चल रही जांच का हिस्सा हैं, जिसके तार कथित तौर पर आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में शामिल लोगों से जुड़े हैं। जांच एजेंसियां इस मामले के तार टेरर फंडिंग से जुड़े होने की भी जांच कर रही हैं। ऐसा इसलिए कि आकिब नाचन के पिता साकिब नाचन पर आईएसआईएस का ऑपरेटिव होने का आरोप था। हालांकि, साकिब नाचन की मौत हो चुकी है।
जांच एजेंसियों को शक है कि इस तस्करी रैकेट से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल देश-विरोधी गतिविधियों में किया गया हो सकता है। एजेंसियां खैरी वुड तस्करी मामले और संदिग्ध टेरर फंडिंग नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं, जिसमें वित्तीय और लॉजिस्टिक संबंध भी शामिल हैं।
अपराध
मुंबई में बिल को लेकर बवाल, ग्राहक ने दांतों से काटकर अलग कर दी दुकानदार की अंगुली

CRIME
मुंबई, 31 मार्च : मुंबई के मलाड पूर्व इलाके में एक मामूली बिल विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। सहारा वडापाव की दुकान पर समोसा-कटलेट खाने आए एक ग्राहक ने दुकान मालिक की अंगुली ही अपने दांत से काटकर अलग कर दी।
दरअसल, ग्राहक समोसा-कटलेट खाने आया था। उसने खाने के बाद पैसे भी दे दिए, लेकिन इसी दौरान दुकान मालिक के बेटे से बिल को लेकर बहस शुरू हो गई। इस दौरान दुकानदार रंजीत हरिवंश सिंह बीच बचाव के लिए आया, जिससे ग्राहक और गुस्सा हो गया और उसने दुकानदार की अंगुली ही काट दी। इस मामले में दिंडोशी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम करीब 8:30 बजे शिवाजी चौक के पास हुई। रंजीत हरिवंश सिंह के अनुसार, ग्राहक ने समोसा-कटलेट खाने के बाद ऑनलाइन पेमेंट कर दिया था, लेकिन जब उनके बेटे आर्यन ने पैसे की पुष्टि मांगी, तो वह भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। माहौल बिगड़ते देख रंजीत ने उसे शांत रहने और जाने को कहा, लेकिन आरोपी का गुस्सा और बढ़ गया।
अचानक उसने रंजीत पर हमला कर दिया। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। आरोपी ने रंजीत के दाहिने हाथ की बीच वाली अंगुली को अपने मुंह में दबाकर जोर से काट दिया, जिससे अंगुली का अगला हिस्सा अलग हो गया। इतना ही नहीं, उसने बाएं हाथ की दो उंगलियों को भी काटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।
दुकान पर मौजूद कर्मचारी और रंजीत के बेटे ने किसी तरह आरोपी को काबू में किया। खून से लथपथ रंजीत को तुरंत परेल के केईएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान लक्ष्मीधर मंगल मलिक के रूप में की है। उसे हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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