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Wednesday,23-September-2026
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टी20 विश्व कप सेमीफाइनल 1: फाइनल में जाने के लिए पाकिस्तान और न्यूजीलैंड एससीजी में भिड़ेंगे

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मेगा इवेंट के फाइनल में जगह बनाने के लक्ष्य से पाकिस्तान और न्यूजीलैंड बुधवार को यहां सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में आईसीसी टी20 विश्व कप 2022 के पहले सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। बाबर आजम की अगुवाई वाली टीम भारत और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 विश्व कप के अपने पहले दो मैच हार गई और नॉक आउट होने की कगार पर थी। हालांकि, बाद में उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के फाइनल में जाने का सुनहरा मौका है।

दूसरी ओर, न्यूजीलैंड ने मेजबान आस्ट्रेलिया को हराकर अपने अभियान की शुरूआत शानदार तरीके से की और अंतत: पांच सुपर 12 मैचों में से चार में जीत हासिल की। वे सिर्फ इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में इंग्लैंड से हार गए, लेकिन अब तक वे प्रयासों में काफी सफल रहे हैं।

पाकिस्तान के पास मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम के रूप में दो मजबूत सलामी बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट में रनों के लिए संघर्ष किया है, लेकिन अगर कोई ऐसा अवसर है, जहां उनकी टीम सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में से एक से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी, क्योंकि यह एक नॉकआउट मैच है।

टी20 में 2022 के प्रमुख रन-स्कोरर के लिए सूर्यकुमार यादव के ठीक पीछे रिजवान न्यूजीलैंड के आक्रमण को अच्छी तरह से जानते हैं जो हाल ही में उनके खिलाफ खेले हैं, और एससीजी विकेट की प्रकृति उनकी बल्लेबाजी की शैली के अनुरूप भी होगी।

बाकी बल्लेबाजी क्रम में अच्छे विकल्प हैं , जो समय आने पर विस्फोटक अंदाज में रन बना सकते हैं।

इफ्तिखार अहमद और शादाब खान मध्य क्रम में पाकिस्तान के लिए शानदार रहे हैं और वे अपने अच्छे फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे, जबकि शान मसूद, मोहम्मद हारिस ने भी कुछ अच्छी पारी खेली हैं।

24 वर्षीय शादाब पाकिस्तान लाइन-अप में एक्स-फैक्टर रहे हैं और उन्हें ईश सोढी और मिशेल सेंटनर की स्पिन जोड़ी का मुकाबला करने के लिए बल्लेबाजी लाइन-अप में एक फ्लोटर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

एससीजी पर कुछ मदद की संभावना के साथ और न्यूजीलैंड के शीर्ष पांच में सिर्फ एक बाएं हाथ का बल्लेबाज होने के कारण, शादाब की भूमिका गेंदबाजी में भी काफी महत्वपूर्ण होगी। पाकिस्तान के बाकी गेंदबाजी लाइन-अप के पास विश्व स्तरीय तेज आक्रमण है, जो इस टी20 विश्व कप में हावी रहा है।

इस बीच, केन विलियमसन की अगुवाई वाली न्यूजीलैंड ने तीन अलग-अलग चरणों में एक इकाई के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

फिन एलन के पावरप्ले के कारनामों से लेकर ग्लेन फिलिप्स की आतिशबाजी तक, न्यूजीलैंड के बल्लेबाज काफी अच्छे हैं। वे धुआंधार बल्लेबाजी करते हैं।

न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज एलन ने इस टूर्नामेंट में चार पारियों में केवल 91 रन बनाए हैं, लेकिन उनका 189.58 का अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट उन्हें न्यूजीलैंड टीम का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाता है। एक तेज गति के आक्रमण के खिलाफ, उनका काम चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन अगर वह आगे बढ़ते हैं, तो न्यूजीलैंड के शीर्ष पर आने की उम्मीद की जा सकती है।

एलन के सलामी जोड़ीदार डेवोन कॉनवे ने भी महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं, जबकि कप्तान विलियमसन ने आयरलैंड के खिलाफ टीम के आखिरी सुपर 12 मैच के दौरान अपनी बल्लेबाजी से संतुष्ठ होंगे।

न्यूजीलैंड की एकमात्र चिंता डेरिल मिशेल और जेम्स नीशम की बल्लेबाजी फॉर्म है, जो अपनी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। टीम चाहेगी कि वह नॉकआउट में अच्छा प्रदर्शन करे।

न्यूजीलैंड के पास एक अच्छा गेंदबाजी आक्रमण भी है। उनके पास ट्रेंट बोल्ट में एक बाएं हाथ का तेज गेंदबाज हैं, जो पावरप्ले में अच्छे रहे हैं, टिम साउदी के रूप में एक अनुभवी स्विंग गेंदबाज और लॉकी फग्र्यूसन के रूप में उच्च श्रेणी का तेज गेंदबाज है, जो डैथ ओवरों के स्पेशलिस्ट माने जाते हैं।

दो गुणवत्ता वाले स्पिनर – मिशेल सेंटनर और ईश सोढी – भी एससीजी में स्पिन के अनुकूल पिच का फायदा उठाने और विपक्षी बल्लेबाजों को चकमा देने की कोशिश करेंगे।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं :

पाकिस्तान टीम: बाबर आजम (कप्तान), शादाब खान, आसिफ अली, फखर जमान, हैदर अली, हारिस रउफ, इफ्तिखार अहमद, खुशदिल शाह, मोहम्मद हसनैन, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद वसीम, नसीम शाह, शाहीन शाह आफरीदी और शान मसूद।

न्यूजीलैंड: केन विलियमसन (कप्तान), टिम साउदी, ईश सोढी, मिशेल सेंटनर, ग्लेन फिलिप्स, जिमी नीशम, डेरिल मिशेल, एडम मिल्ने, मार्टिन गुप्तिल, लैचलन फग्र्युसन, डेवोन कॉनवे, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रेसवेल, ट्रेंट बोल्ट और फिन एलन।

अंतरराष्ट्रीय

कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

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कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।

कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।

इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।

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अंतरराष्ट्रीय

मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

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भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।

सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।

गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”

गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”

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अंतरराष्ट्रीय

ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

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ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।

इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।

ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।

हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

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