अंतरराष्ट्रीय
सिडनी टेस्ट : 197 रनों की बढ़त के साथ आस्ट्रेलिया की पकड़ मजबूत
आस्ट्रेलिया ने अपने शानदार हरफनमौला खेल के दम पर सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन शनिवार का खेल खत्म होने तक भारत पर 197 रनों की मजबूत बढ़त ले ली है।
आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने भारतीय टीम को अपने पहली पारी के स्कोर 338 रनों से आगे नहीं जाने दिया। पैट कमिंस की अगुआई में आस्ट्रेलिया ने भारत को पहली पारी में 244 रनों पर ही समेट दिया और दूसरी पारी में 94 रनों की बढ़त लेते हुए उतरी।
तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ने दो विकेट खोकर 103 रन बना लिए हैं और अपनी बढ़त को मजबूत कर लिया है। दिन का खेल खत्म होने तक उसके दो मुख्य बल्लेबाज मार्नस लाबुशैन 47 और स्टीव स्मिथ 29 रन बनाकर खेल रहे हैं। इन दोनों ने पहली पारी में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। लाबुशैन ने 91 रन बनाए थे तो वहीं स्मिथ ने 131 रनों की पारी खेली थी।
आस्ट्रेलिया की सलामी जोड़ी एक बार फिर विफल रही और टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दे सकी। पहली पारी में अर्धशतक जमाने वाले विल पुकोवस्की (10) 16 के कुल स्कोर पर मोहम्मद सिराज का शिकार हो गए। 35 के कुल स्कोर पर डेविड वार्नर (13) को रविचंद्रन अश्विन ने आउट किया।
यहां से स्मिथ और लाबुशैन ने विकेट पर अपने पैर जमा लिए। दोनों के बीच अभी तक 68 रनों की साझेदारी हो चुकी है। लाबुशैन 69 गेंदों का सामना कर छह चौके लगा चुके हैं। वहीं स्टीव स्मिथ 63 गेंदों पर तीन चौके मार चुके हैं।
इससे पहले भारत ने तीसरे दिन की शुरुआत 2 विकेट पर 96 रनों के साथ की। भारतीय टीम ने कुल 100.4 ओवरों का सामना किया। चेतेश्वर पुजारा ने 50 रन बनाए जबकि ऋषभ पंत ने 36 रनों की पारी खेली। रवींद्र जडेजा 28 रनों पर नाबाद लौटे। पंत और जडेजा दोनों को बल्लेबाजी के दौरान चोट लगी और दोनों के स्कैन के लिए ले जाया गया है। पंत की जगह रिद्धिमान साहा विकेटकीपिंग कर रहे हैं।
भारत ने दिन के पहले सत्र में कप्तान अजिंक्य रहाणे (22) और हनुमा विहारी (4) के विकेट गंवाए थे। दूसरे सत्र में भारत ने पंत और पुजारा के साथ-साथ बाकी सभी विकेट गंवा दिए।
आस्ट्रेलिया की ओर से पैट कमिंस ने चार विकेट लिए जबकि जोश हेजलवुड को दो विकेट मिले। मिशेल स्टार्क ने भी एक सफलता हासिल की। भारत के तीन बल्लेबाज रन आउट हुए। यह कुल सातवां मौका है जब किसी एक पारी में भारत के सात बल्लेबाज रन आउट हुए हैं।
लंच तक भारत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। उस समय तक उसने चार विकेट पर 180 रन बनाए थे। चार में से दो विकेट शनिवार को गिरे थे जबकि दो शुक्रवार को गिरे थे। लंच तक पुजारा 42 और पंत 29 रनों पर नाबाद थे।
लंच के बाद भारत के लिए स्थिति बिल्कुल विपरीत हो गई। पहले पंत 195 के कुल योग पर आउट हुए और फिर इसी योग पर पैट कमिंस ने पुजारा को आउट किया। पंत का विकेट हेजलवुड ने लिया जबकि पुजारा को कमिंस ने चलता किया।
इसके बाद जडेजा और रविचंद्रन अश्विन (10) ने स्कोर को 200 के पार पहुंचाया लेकिन 206 के कुल योग पर अश्विन रन आउट कर दिए गए। नवदीप सैनी (3) को मिशेल स्टार्क ने 210 पर चलता किया और जसप्रीत बुमराह को 216 के कुल योग पर लाबुशैन ने रन आउट किया।
जडेजा 37 गेंदों पर पांच चौके लगाकर नाबाद रहे जबकि अंतिम विकेट के तौर पर कमिंस ने मोहम्मद सिराज (6) को आउट किया।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय
चीनी राज्य परिषद ने ‘भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ की जारी

बीजिंग, 10 अप्रैल : चीनी राज्य परिषद द्वारा जारी ‘चीन (भीतरी मंगोलिया) पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए समग्र योजना’ 9 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इसके साथ ही चीन में पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्रों की कुल संख्या 23 हो गई है।
समग्र योजना भीतरी मंगोलिया पायलट मुक्त व्यापार क्षेत्र को सुधारों में अधिक स्वायत्तता प्रदान करती है, जिससे इसे प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित करने और व्यापक क्षेत्रों में गहन स्तर पर मौलिक, एकीकृत और विशिष्ट अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इसमें 19 सुधार और नवाचार उपायों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें सीमा व्यापार में नवाचार और विकास, अंतरराष्ट्रीय रसद सेवाओं को मजबूत करना, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के रूपांतरण और अनुप्रयोग की दक्षता में सुधार करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान का विस्तार करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय
वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।
फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।
किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।
वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।
इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।
पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।
आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।
हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।
इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।
द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।
बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।
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