अंतरराष्ट्रीय
सिडनी टी-20 : 4 साल बाद फिर कंगारुओं के खिलाफ क्लीन स्वीप करना चाहेगा भारत
भारतीय क्रिकेट टीम मंगलवार को यहां सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर आस्ट्रेलिया के साथ होने वाले तीसरे और अंतिम टी-20 मैच को जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करना चाहेगी। भारत के पास आस्ट्रेलिया में आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 में दूसरी बार क्लीन स्वीप करने का मौका होगा। भारत ने इससे पहले 2016 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 में 3-0 से क्लीन स्वीप की थी।
भारत ने रविवार को दूसरा टी-20 मैच छह विकेट से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस मैच में हार्दिक पांड्या ने बल्ले से 22 गेंदों पर 42 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए टीम को जीत दिला दी। भारत ने कैनबरा के मनुका ओवल में पहला टी-20 11 रनों से जीता था।
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने दूसरे वनडे के बाद कहा था, “इस मैच से पहले हमने कहा था कि हम अच्छी स्थिति में होंगे और फैन्स से हमें समर्थन मिलेगा। इस मुश्किल समय में इससे आपको ऊर्जा मिलती है। अगला मैच बेहद रोमांचक होने जा रहा है। हम सीरीज जीत चुके हैं, लेकिन हम पेशेवर होना चाहते हैं और हम निडर होकर खेलना चाहते हैं।”
भारत ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2008 में केवल एक टी-20 मैच हारा था, उसके बाद से उसने या तो टी-20 सीरीज ड्रॉ कराई है या फिर से उसे अपने नाम की है।
दोनों टीमों के पास सीमित ओवरों की सीरीज में उनके शीर्ष स्तरीय गेंदबाज है। दूसरे टी-20 में दोनों टीमों की ओर से तेज गेंदबाजों का जलवा देखने को नहीं मिला था।
भारत ने जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी को दूसरे टी-20 मैच से आराम दिया था। वहीं, आस्ट्रेलिया को मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड की सेवाएं नहीं मिल पाई थी जबकि पैट कमिंस पहले ही टीम से बाहर हैं।
लेकिन भारत की बल्लेबाजी शानदार दिख रही है। आस्ट्रेलिया के दो सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर चोट से जूझ रहे हैं जबकि एरॉन फिंच दूसरे टी-20 में नहीं खेले थे। फिंच को पहले मैच में चोट लग गई थी और मैथ्यू वेड ने उनकी जगह दूसरे मैच में कप्तानी की थी।
मंगलवार को होने वाले तीसरे मैच में हार्दिक पांडया, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन, वाशिंगटन सुंदर, शार्दूल ठाकुर, दीपक चाहर, टी नटराजन, मनीष पांडे और युजवेंद्र चहल के लिए अपनी छाप छोड़ने का मौका होगा।
टीमें (सम्भावित:)-
भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, मयंक अग्रवाल, लोकेश राहुल (उप-कप्तान, विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शार्दूल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, नवदीप सैनी, दीपक चहर, टी.नटराजन।
आस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), सीन एबॉट, एश्टन एगर, एलेक्स कैरी, पैट कमिंस (उप-कप्तान), नाथन लॉयन, जोश हेजलवुड, मोइजेज हेनरिक्स, मार्नस लाबुशैन, ग्लेन मैक्सवेल, डेनियल सैम्स, एंड्रयू टाई, स्टीव स्मिथ, मैथ्यू वेड, मिशेल स्टार्क, एडम जाम्पा।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
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