राजनीति
सिद्धू राष्ट्र-विरोधी हैं, उन्हें सीएम बनाया गया तो लड़ाई लड़ूंगा : अमरिंदर
अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिद्धू को राष्ट्र-विरोधी, खतरनाक, अस्थिर, अक्षम और राज्य व देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए शनिवार को कहा कि वह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को मुख्यमंत्री बनाने के किसी भी कदम के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। यह स्पष्ट करते हुए कि उनका राजनीति छोड़ने का कोई इरादा नहीं है, अमरिंदर सिंह ने कहा कि सिद्धू का समर्थन करने का कोई सवाल ही नहीं है, जो स्पष्ट रूप से पाकिस्तान के साथ मिले हुए थे। वह पंजाब और देश के लिए खतरे के साथ-साथ एक आपदा भी हैं।
निवर्तमान मुख्यमंत्री ने सीमा पार नेतृत्व के साथ करीबी गठबंधन के लिए सिद्धू पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं ऐसे व्यक्ति को हमें नष्ट करने की अनुमति नहीं दे सकता, मैं उन मुद्दों से लड़ना जारी रखूंगा जो अपने राज्य और उनके लोगों के लिए खराब हैं।”
उन्होंने कहा, “हम सभी ने सिद्धू को इमरान खान और जनरल बाजवा को गले लगाते और करतारपुर कॉरिडोर के उाटन पर पाकिस्तान के प्रधान मंत्री के लिए गाते हुए देखा है, जबकि हमारे सैनिक हर दिन सीमाओं पर मारे जा रहे थे” ‘
उन्होंने कहा, “पूर्व-क्रिकेटर सिद्धू इमरान के शपथ ग्रहण में शामिल हुए थे, भले ही उन्होंने मुझे स्पष्ट रूप से उन्हें नहीं बताया।”
अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व के इस दावे को खारिज करते हुए कि उन्होंने विधायकों का विश्वास खो दिया है, कहा कि “यह लंगड़ा बहाना है। अभी एक हफ्ते पहले, मैंने सोनिया गांधी को 63 विधायकों की एक सूची भेजी थी, जो मेरा समर्थन कर रहे थे।”
उन्होंने कहा कि विधायक आमतौर पर वही जवाब देते हैं, जो उन्हें लगता है कि दिल्ली चाहता है। वही सीएलपी की बैठक में भी हुआ।
उन्होंने कहा, किसी भी सूरत में सभी विधायकों को खुश करना संभव नहीं है।
2017 के बाद से उनके नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा व्यापक जीत की ओर इशारा करते हुए, अमरिंदर सिंह ने कहा कि पार्टी द्वारा उन्हें बदलने के फैसले को समझने में वह विफल रहे।
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग स्पष्ट रूप से मेरी सरकार से खुश हैं। तीन-चार महीने पहले तक पंजाब में ज्वार पूरी तरह से कांग्रेस के पक्ष में था, लेकिन ‘उन्होंने अपना चेहरा काटने के लिए अपनी नाक काट ली।”
पद छोड़ने के लिए जिस तरह से अपमानित किया गया, उस पर दुख और सदमा व्यक्त करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा, “आज भी, मुझे नेता होने के बावजूद सीएलपी की बैठक के बारे में सूचित नहीं किया गया था। जिस तरह से रात में सभी को बुलाया गया और बैठक के बारे में सूचित किया गया, यह स्पष्ट था कि वे मुझे मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते थे।”
उन्होंने कहा कि वह दुखी और अपमानित महसूस करते हैं कि राज्य में उनके योगदान को मान्यता नहीं दी गई, और बेअदबी और नशीली दवाओं के मुद्दों सहित इसके लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बावजूद, उन्हें गलत तरीके से समझा गया।
उन्होंने कहा, “पंजाब की सरकार का मतलब भारत की सुरक्षा है और अगर सिद्धू को मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस का चेहरा बनाया जाता है तो मैं हर कदम पर उनसे लड़ूंगा।”
अमरिंदर सिंह को राज्यपाल ने वैकल्पिक व्यवस्था होने तक मुख्यमंत्री के रूप में पद पर बने रहने के लिए कहा है। उन्होंने मीडिया साक्षात्कारों में कहा कि सिद्धू कभी भी पंजाब के लिए एक अच्छे नेता नहीं हो सकते।
उन्होंने कहा, “जो आदमी एक मंत्रालय नहीं संभाल सकता, राज्य को कैसे संभाल सकता है? एक अक्षम व्यक्ति, जिसे मैंने अपने मंत्रिमंडल से हटा दिया था, उसका समर्थन करने का कोई सवाल ही नहीं है।”
उन्होंने कहा कि स्थानीय सरकार के मंत्री के रूप में सिद्धू सात महीने तक फाइलों का निस्तारण करने में विफल रहे।
अमरिंदर सिंह ने राजनीति छोड़ने की बात से इनकार किया और कहा कि एक फौजी के रूप में उनमें बहुत इच्छाशक्ति है और वह पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में सक्रिय रहेंगे।
उन्होंने घोषणा की, “मैं अपने जूते नहीं लटका रहा हूं।” उन्होंने दोहराया कि वह कांग्रेस के विधायकों सहित अपने करीबी लोगों से बात करने के बाद भविष्य की कार्रवाई पर फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धू ने लोगों को चुनाव से कुछ महीने पहले बांट दिया।
कैप्टन ने खुलासा किया कि उन्होंने खुद उन विधायकों को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल होने के लिए कहा था, और बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की मौजूदगी का मतलब यह नहीं था कि वे सिद्धू का समर्थन कर रहे थे।
अपराध
मध्य प्रदेश: शाजापुर में बाइक-पिकअप की टक्कर, 5 महीने के बच्चे और पति-पत्नी की मौत

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। इसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है।
मृतकों की पहचान अजीत पंवार, उनकी पत्नी पूजा पंवार और उनके पांच माह के बेटे शिवांशु के रूप में हुई है। तीनों पड़ोसी जिले सीहोर के आष्टा नगर स्थित इंद्रा कॉलोनी के निवासी थे।
यह हादसा सलसलाई थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब परिवार बाइक से बोलाई गांव से अय्यापुर मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, अचानक एक लावारिस कुत्ता उनकी मोटरसाइकिल के सामने आ गया। बाइक चला रहे अजीत ने कुत्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया। मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सामने से आ रही पिकअप वाहन की चपेट में आ गई।
पिकअप की टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजीत, उनकी पत्नी और मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि परिवार शनिवार को अपने बेटे शिवांशु के पांच महीने पूरे होने के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए घर से निकला था। हालांकि, गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही वे हादसे का शिकार हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “परिवार अपने बच्चे के साथ मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान एक लावारिस कुत्ता बाइक के सामने आ गया। चालक ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बाइक से नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही पिकअप से टकरा गया।”
हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और अज्ञात चालक के खिलाफ लापरवाही एवं तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से फरार चालक की तलाश की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
कैलिफोर्निया के शॉपिंग मॉल में गोलीबारी, 1 की मौत और 6 घायल

कैलिफोर्निया के शॉपिंग मॉल में ताबड़तोड़ हुई गोलीबारी ने एक शख्स की जान ले ली जबकि छह अन्य घायल हो गए।
स्थानीय पुलिस के हवाले से सिंहुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि, शुक्रवार को कैलिफोर्निया के फेयरफील्ड स्थित एक शॉपिंग मॉल में ये गोलीबारी हुई। फेयरफील्ड पुलिस विभाग प्रमुख डैन मार्शल ने सोलानो टाउन सेंटर मॉल में हुई घटना को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
उन्होंने बताया कि स्थानीय समयानुसार रात 8:30 बजे (शनिवार 0330 जीएमटी, भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजे) उन्हें सोलानो टाउन सेंटर के अंदर स्थित ‘स्पिरिट हैलोवीन’ स्टोर में गोलीबारी की सूचना मिली, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस बयान के अनुसार, एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोगों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं इस दिल दहला देने वाली घटना के पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं।”
कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल ने ट्रैफिक कंट्रोल करने और शॉपिंग सेंटर की इमारतों को खाली कराने में स्थानीय पुलिस की मदद की।
जांचकर्ता चश्मदीदों से पूछताछ कर रहे हैं और संदिग्ध की पहचान करने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर अभी भी जांच चल रही है। साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई जानकारी हो, तो वे विभाग से संपर्क करें।
मार्शल ने कहा कि जांचकर्ता “इस भयानक गोलीबारी के लिए जिम्मेदार संदिग्ध या संदिग्धों की पहचान करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं।”
एनबीसी न्यूज के अनुसार, जब हमलावर ने गोलीबारी शुरू की, तब उनकी (मारे गए शख्स की) पत्नी स्टोर के अंदर थीं, लेकिन वह अन्य लोगों के साथ इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास द्वार) से बाहर निकलने में कामयाब रहीं। वो अपने घर पहुंच गईं और फिलहाल सदमे में है। पत्नी ने बताया कि उन्होंने “पांच जोरदार धमाके” सुने थे।
यह घटना मिशिगन के मैडिसन हाइट्स में ‘स्पिरिट हैलोवीन’ स्टोर के अंदर एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
मैडिसन हाइट्स पुलिस विभाग ने एक बयान जारी कर बताया, “डेट्रॉइट का रहने वाला 21 वर्षीय एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।”
पुलिस ने बताया कि आरोपी हमलावर को वहां मौजूद लोगों की मदद से हिरासत में ले लिया गया।
राजनीति
वोट चोरी की शुरुआत नेहरू ने की थी, सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनने से वंचित रखा गया: संबित पात्रा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने शनिवार को कांग्रेस और विपक्षी दलों पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित कर रही है, जबकि वास्तविक संसद में सोना, आंख मारना, सदन से नदारद रहना और वेल में आकर हंगामा करना कांग्रेस और तथाकथित इंडी गठबंधन का मूल काम रहा है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के वोट चोरी से जुड़े आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि देश में पहली वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन उन वोटों की अनदेखी कर नेहरू देश के पहले गैर-निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
उन्होंने कहा, “आज 31 अक्टूबर है। आज हम सबके आदरणीय सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है। हिंदुस्तान में अगर पहली वोट चोरी कहीं हुई, तो वह गांधी परिवार के पहले सदस्य पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट डाले थे, लेकिन उन वोटों को चुराकर जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने। इस तरह सरदार पटेल को उनके अधिकार से वंचित रखा गया और उन्हें अपमानित किया गया।”
संबित पात्रा ने खड़गे के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने 13 करोड़ मतदाताओं के वोट चोरी होने की बात कही थी। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि वास्तव में 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए जाते, तो देश में इसका व्यापक विरोध होता। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अभी जारी है और पूरी नहीं हुई है। ऐसे में विभिन्न राज्यों की अंतिम मतदाता सूची में नाम नहीं आने का अर्थ यह नहीं है कि उन लोगों के वोट चोरी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार, विपक्ष और पत्रकारों समेत सभी की जिम्मेदारी है कि मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को मिले। उन्होंने सवाल किया कि क्या घुसपैठियों को देश का मतदाता होना चाहिए?
पात्रा ने एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। फॉर्म-6 में संशोधन किए जाने के खड़गे के आरोप पर उन्होंने कहा कि इस फॉर्म में कोई संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि इसके साथ एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि खड़गे वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उन्हें इस मामले में गलत जानकारी दी जा रही है।
पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग उन्हें जानकारी दे रहे हैं, वे खुद संसद में सोते हुए पकड़े जाते हैं। उन्होंने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले का भी हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने स्पष्ट किया था कि फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं हुआ है, बल्कि उसके साथ घोषणा पत्र जोड़ा गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों को भी संबित पात्रा ने खारिज किया। खड़गे ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एसआईआर का फैसला लिया। इस पर पात्रा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ बैठकर स्पष्ट किया था कि एसआईआर का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है।
उन्होंने कहा, “आप 100 बार भी झूठ बोल दें, तो वह सच नहीं बन जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ बैठकर तस्वीर और बयान के माध्यम से स्पष्ट किया था कि एसआईआर का निर्णय सर्वसम्मति से हुआ है।” पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार झूठ बोलकर राहुल गांधी के आरोपों को सच साबित नहीं किया जा सकता।
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