महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बीच शरद पवार ने महाविकास आघाड़ी के नेताओं को रात्रिभोज पर बुलाया
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार रात महाराष्ट्र के विधायकों को रात के खाने पर आमंत्रित किया है।
बैठक संसद सत्र के दौरान इसलिए की गई है। ताकि सभी दलों के नेता यहां संसद में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए हैं। बैठक में कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा के नेता शामिल होंगे।
इस बैठक में महाराष्ट्र कांग्रेस के 17 विधायक मंगलवार शाम एनसीपी प्रमुख शरद पावर के घर पर आयोजित डिनर में शामिल होंगे। बैठक में शिवसेना के नेता भी शामिल होंगे। खासबात ये है कि शरद पवार के घर आयोजित इस रात्रिभोज में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को न्योता दिया है। इसलिए आज शरद पवार और संजय राउत की मौजूदगी में महाराष्ट्र के तमाम वरिष्ठ नेता पवार के आवास पर मौजूद रहेंगे।
इस बीच शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत और उनके परिजनों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) ने शिकंजा कसा है। ईडी ने प्रवीण राउत, वर्षा राउत और स्वप्ना पाटकर की 11.15 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का नोटिस दिया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के गठबंधन की सरकार है तीनों पार्टियों के विधायक शरद पवार के आवास पर रात्रि भोज में मौजूद रहेंगे। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस मुद्दे पर भी तमाम नेता चर्चा करेंगे।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र: कोयना बांध से शाम 5 बजे पानी छोड़ा जाएगा, जलगांव के गिरना डैम का भी जलस्तर बढ़ा

महाराष्ट्र के कोयना बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गुरुवार को शाम 5 बजे कोयना बांध के 6 रेडियल गेट 1 फुट तक खोले जाएंगे, जिससे 5,079 क्यूसेक पानी कोयना नदी में छोड़ा जाएगा।
वर्तमान में कोयना बांध के पाद (केडीपीएच) विद्युत गृह का एक यूनिट चालू है, जिसके माध्यम से 1,050 क्यूसेक पानी पहले से छोड़ा जा रहा है। इसके बाद कोयना नदी में कुल 6,129 क्यूसेक पानी का प्रवाह शुरू हो जाएगा। प्रशासन ने बताया है कि क्षेत्र में वर्षा की तीव्रता और बांध में आने वाले पानी की मात्रा के अनुसार पानी का विसर्ग आगे और बढ़ाया जा सकता है।
बांध से छोड़े जाने वाले पानी के कारण कोयना नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और नदी में प्रवेश न करने की अपील की है। साथ ही, नदी तट के गांवों के ग्राम प्रशासन व संबंधित विभागों को भी जरूरी सावधानी बरतने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, जलगांव जिले के आधे हिस्से की लाइफलाइन माने जाने वाले गिरना डैम का भी जलस्तर बढ़ा है। डैम में गुरुवार सुबह तक 94 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है। अभी करीब 3 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। इससे डैम के जल्द ही अपनी पूरी क्षमता तक भरकर ओवरफ्लो होने की संभावना है।
22 जुलाई को गिरना डैम में पानी का स्टोरेज सिर्फ 40.38 प्रतिशत था, लेकिन ऊपरी हिस्सों में भारी बारिश की वजह से सिर्फ आठ दिनों में पानी का स्तर 54 प्रतिशत बढ़ा है। इससे भड़गांव, पचोरा, चालीसगांव और जलगांव तालुका के किसानों व लोगों को राहत मिली है, जो गिरना प्रोजेक्ट पर निर्भर हैं। डैम ओवरफ्लो होने की स्थिति में यहां से पानी छोड़ने का फैसला लिया जा सकता है।
महाराष्ट्र
पेपर लीक और घोटालों की वजह से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है : शिवसेना (यूबीटी)

शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और महाराष्ट्र इस व्यवस्थागत भ्रष्टाचार का सबसे ज्यादा शिकार हुआ है।
गुरुवार को पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में राज्य और केंद्र के शैक्षिक ढांचे की कड़ी आलोचना की गई। दावा किया कि परीक्षा पेपर लीक होना,पैमाने पर खरे नहीं उतरने वाले वाइस-चांसलर की गैर-कानूनी नियुक्तियों और बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटालों ने शैक्षणिक ढांचे में गहरी गिरावट के तौर पर काम किया है।
संपादकीय में प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में पेपर लीक की कड़ी आलोचना की गई। हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया गया कि महाराष्ट्र में एक महीने के भीतर दस से ज्यादा परीक्षा के पेपर लीक हुए, और इसके बाद महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के पेपर भी लीक हुए। संपादकीय में चेतावनी दी गई, “दिन-दहाड़े खुलेआम पेपर लीक और ग्रेड की चोरी हो रही है। शिक्षा समाज की नींव है, और अगर यह व्यवस्था चरमरा गई, तो समाज भी इसके साथ ही ढह जाएगा।”
संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र की परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। राज्य के शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों को योग्यता के बजाय पक्षपाती एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा है।
संपादकीय में भ्रष्टाचार के कुछ खास मामलों का भी जिक्र किया गया, जिसमें परभणी एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर से जुड़ा करोड़ों रुपए का वित्तीय घोटाला भी शामिल है। इसके अलावा, इसमें जलगांव से भाजपा नेता संजय गरुड़ की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया गया, जो 160 करोड़ रुपए के ‘शलार्थ आईडी’ घोटाले से जुड़े थे।
सामना संपादकीय में केंद्र सरकार की आलोचना की गई कि उसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा के हिसाब से इतिहास की पाठ्य पुस्तकों में बदलाव किए और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस, वामपंथियों और समाजवादियों के योगदान को मिटा दिया। इसमें यह भी कहा गया कि अवैज्ञानिक विचारधाराओं को मानने का दबाव शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों को छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है।
संपादकीय में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने वंचित छात्रों और अमीर उम्मीदवारों के बीच भारी अंतर की ओर इशारा किया। जहां मध्यम वर्गीय माता-पिता महंगी कोचिंग क्लास के लिए कर्ज लेते हैं, वहीं अमीर लोग परीक्षा पास करने के लिए लीक हुए पेपर खरीदते हैं और खास परीक्षा केंद्रों में हेरफेर करते हैं। इसमें कहा गया, “पुणे, जिसे कभी शिक्षा और ज्ञान के केंद्र के रूप में जाना जाता था, अब पेपर लीक के गढ़ के रूप में बदनाम हो गया है।” साथ ही, राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा गया कि वह ढांचागत सुधार करने के बजाय बार-बार विशेष जांच टीमें बनाती रहती है।
महाराष्ट्र
मुंबई: पुलिस ने करोड़ों रुपये की एपीके फाइल बनाने वाले जालसाज को किया गिरफ्तार, आरोपी के पास से पर्सनल बैंक डिटेल्स और डेटा भी बरामद हुआ

मुंबई: मुंबई महानगर गैस के नाम पर शिकायतकर्ता से धोखाधड़ी करने और एपीके फाइल तैयार करके जनता से ठगी करने वाले आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड के नाम से डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता को एक नकली एपीके फाइल भेजी गई थी और उसका मोबाइल हैक करके बैंक खाते से 70,500 रुपये उड़ा लिए गए थे। इस संबंध में मामला दर्ज किया गया और उसकी तलाश शुरू की गई। जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो उसका पता पश्चिम बंगाल में चला और उसे यहां से गिरफ्तार कर लिया गया। 26 साल का आरोपी झारखंड का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 4 डेबिट क्रेडिट कार्ड, 963 एपीके फाइलें और 37,200 बैंक खातों का डेटा भी बरामद किया है। आरोपी ने तैयार की गई 91 एपीके फाइलें दूसरे आरोपियों को भी दी हैं। इस 91 एपीके फाइल के ज़रिए देश में 2993 और मुंबई और महाराष्ट्र में 512 पोर्टल पर शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिसमें करीब 63 करोड़ 71 लाख 82 हज़ार रुपये की ठगी की गई है। आरोपी बहुत चालाक है, इसलिए वह एपीके फाइलें तैयार करने में एक्सपर्ट था। यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, डीसीपी रग्सुधा ने कहा कि पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया आरोपी बैंक एपीके फाइलों के ज़रिए बैंक अकाउंट भी हैक करता था। इसके साथ ही, वह टेक्निकली भी अच्छा था। डीसीपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे कोई भी अनजान फाइल न खोलें क्योंकि ऐसे ग्रुप इसी तरह से लोगों को ठगते हैं।
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