मनोरंजन
रेखा को मिलेगा आईएफएफएम में खास सम्मान, ‘उमराव जान’ की होगी स्पेशल स्क्रीनिंग
मशहूर अभिनेत्री रेखा को ‘भारतीय फिल्म ऑफ मेलबर्न 2026’ में भारतीय सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही, उनकी क्लासिक फिल्म ‘उमराव जान’ को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
यह फिल्म महान गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रदर्शित की जाएगी। अभिनेत्री का कहना है कि फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया किरदार उनकी यादों और चुप्पी में जिंदा है।
रेखा ने कहा, “उमराव जान ने मुझे कभी नहीं छोड़ा। वह मेरी यादों, खामोशियों और उन लोगों के दिलों में जिंदा है, जिन्होंने इतने सालों में उन्हें बहुत प्यार और अपनापन दिया। उस सफर को फिर से देखना और फिल्म को ग्लोबल मंच पर सेलिब्रेट करते देखना, विनम्र और दिल छूने वाला है।”
अभिनेत्री ने आगे कहा, “सिनेमा मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा आशीर्वाद है और ‘आईएफएफएम 2026’ में ‘एक्सीलेंस इन सिनेमा अवॉर्ड’ से सम्मानित होना खास है। मैं इस सम्मान को तहे दिल से स्वीकार करती हूं, ने सिर्फ अपनी यात्रा के पहचान के तौर पर, बल्कि उन फिल्ममेकर्स, लेखकों, म्यूजिशियंस और अनगिनत सहयोगियों को श्रद्धांजलि देने के तौर पर भी, जिन्होंने मेरी जिंदगी को बेहतर बनाया और मेरे काम को आकार दिया।”
फेस्टिवल की खास इंडिपेंडेंस डे परंपरा के तहत, रेखा 15 अगस्त को मेलबर्न में इंडियन नेशनल फ्लैग फहराएंगी। यह भारत के 79वें इंडिपेंडेंस डे के मौके पर होगा। इस मौके पर उनके साथ इंडियन डायस्पोरा के सदस्य, ऑस्ट्रेलियाई जाने-माने लोग, फिल्ममेकर, कलाकार और सिनेमा लवर भी होंगे।
फेस्टिवल के सालाना फ्लैग-होस्टिंग सेरेमनी को पहले भी इंडियन सिनेमा की कुछ सबसे मशहूर हस्तियों ने लीड किया है, जिनमें स्वर्गीय ऋषि कपूर, आमिर खान, शबाना आजमी, अनिल कपूर, रानी मुखर्जी, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, रामचरण और फिल्ममेकर करण जौहर शामिल हैं।
इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न की फाउंडर और फेस्टिवल डायरेक्टर मीतू भौमिक लांगे ने कहा, “रेखा जी एक ऐसी ही टाइमलेस आइकॉन हैं, जिनके काम, ग्रेस और दशकों में बनाई गई बेमिसाल विरासत ने न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर के दर्शकों को प्रेरित किया है। इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ मेलबर्न के लिए इस साल उन्हें हमारे गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में स्वागत करना बहुत बड़ा सौभाग्य है।”
उन्होंने आगे कहा, “भारतीय सिनेमा में उनका योगदान बहुत बड़ा है और उनका प्रभाव हर पीढ़ी के एक्टर, फिल्ममेकर और दर्शकों को प्रेरित करता रहता है।”
मनोरंजन
रसिका ने याद किया स्ट्रगल का दौर, कहा-2016 के बाद बदली किस्मत, ओटीटी ने दिलाई पहचान

अभिनेत्री रसिका दुग्गल हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो ‘डबल डेट’ में गई थीं। इस शो में उन्होंने करियर, स्ट्रगल, शादी और कॉलेज के दिनों के बारे में बात की। एपिसोड में नेहा धूपिया ने रसिका दुग्गल के कामों की तारीफ करते हुए कहा, “रसिका, तुम खुद एक जॉनर बन गई हो और यह कमाल की बात है।”
बातचीत में रसिका दुग्गल ने उस पल के बारे में भी बताया जब उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में अब उनकी जगह बन गई है। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें सच में कब लगा कि वह इंडस्ट्री का हिस्सा हैं, तो रसिका ने उस दौर को याद किया जब उनके काम में निरंतरता आने लगी थी।
रसिका दुग्गल ने कहा, “जब से मेरे काम में निरंतरता आई, वह 2016-17 के बीच का समय था। मैं 2006 में एफटीआईआई से निकली थी, तो इसके पूरे 10 साल बाद ऐसा हुआ। बीच में भी ऐसे काम मिलते रहे, जिन्होंने मुझे हिम्मत दी और बनाए रखा लेकिन वे 2016 के बाद किए गए काम जितने चर्चित नहीं थे।”
रसिका ने इस निरंतर दौर से पहले की कुछ फिल्मों को भी याद किया, जिनमें ‘किस्सा’ और ‘क्षय’ जैसी फिल्में शामिल थीं, जिन्होंने उन्हें इंडस्ट्री के बेहतरीन टैलेंट के साथ काम करने का मौका दिया। हालांकि, उन्होंने बताया कि 2016 के बाद के समय में बड़ा बदलाव आया, जब उन्हें लगातार कई प्रोजेक्ट मिलने लगे।
उन्होंने कहा, “2016 के बाद ही ‘मंटो’, ‘मिर्जापुर’ और ‘दिल्ली क्राइम’ जैसे काम और कुछ दूसरे प्रोजेक्ट लगातार मिलने लगे और इसकी बड़ी वजह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का आना था। तब मुझे लगा कि यह किसी आंदोलन जैसा था।”
रसिका की लेटेस्ट रिलीज ‘मिर्जापुर: द मूवी’ है। भारतीय एक्शन क्राइम थ्रिलर फिल्म में रसिका दुग्गल बीना त्रिपाठी (कालीन भैया की पत्नी और मुन्ना की सौतेली मां) का किरदार निभाया है।
यह फिल्म ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज का कोई अगला सीजन नहीं है बल्कि मिर्जापुर की दुनिया को बड़े पर्दे पर एक नए और बड़े कैनवस पर पेश किया गया। इसमें एक बिल्कुल नई कहानी और कुछ नए किरदार देखने को मिलेंगे, जो वेब सीरीज में नहीं दिखाए गए थे।
फिल्म में मुन्ना भैया और कालीन भैया के व्यवहार से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब और किरदारों की बैकस्टोरी भी देखने को मिले। फिल्म अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाई गई है। इसका निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है जबकि कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म का निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने किया है। इसके सह-निर्माता कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी हैं।
‘मिर्जापुर द मूवी,’ पंकज त्रिपाठी, अली फजल, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल और दिव्येंदु शर्मा अपने पुराने किरदारों में नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही जितेंद्र कुमार, सोनल चौहान और रवि किशन भी अहम भूमिका में दिखेंगे।
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बिग बी ने मोतीलाल, सावित्री को किया याद, लिखा-उन्होंने अभिनय नहीं, परफॉर्म किया

मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अक्सर ब्लॉग के जरिए अपने विचार साझा करते रहते हैं। अभिनेता ने हाल ही में सहज अभिनय की दुर्लभ कला पर अपने विचार साझा किए।
अभिनेता ने मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को याद करते हुए कहा कि इन कलाकारों की स्वाभाविक प्रतिभा ने ही उन्हें दर्शकों का इतना प्यार और सम्मान दिलाया। मेगास्टार ने अपने ब्लॉग की शुरुआत में लिखा, “थोड़ा चिंतन कभी भी बुरा नहीं होता। कई विचार मन में आते हैं, काम से जुड़े और कई दूसरे भी लेकिन तब वे ज्यादा असरदार होते हैं जब आप अपने स्वभाव में सहजता लाते हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “अक्सर किसी पल को बेहतर बनाने के लिए की गई बड़ी-बड़ी घोषणाएं, मेरे हिसाब से कभी काम नहीं करतीं है। आज के समय में सहजता से अपनी बात कहना ही सही तरीका है। आखिर क्या हम रोज अपनी दिनचर्या में कोई घोषणा करते हैं या सहज रहते हैं, मैं कहूंगा कि सहजता ही सभी चीजों की नींव है।”
बाद में ब्लॉग में अमिताभ ने सहज अभिनय के बारे में बात करते हुए मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री जैसे कलाकारों को याद किया, जिनका काम कभी भी बनावटी नहीं लगता था। उन्होंने लिखा, “जिन अभिनेताओं में बिना अभिनय के अभिनय करने की स्वाभाविक प्रतिभा होती है, वही सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं और उनके चाहने वाले भी बहुत होते हैं। मोतीलाल जी, गीता बाली, सावित्री तुरंत दिमाग में आने वाले कुछ नाम हैं, हालांकि और भी कई शानदार कलाकार हैं। उन्होंने अभिनय नहीं किया बल्कि परफॉर्म किया और उन्हें उतना ही प्यार और सम्मान मिला।”
मेगास्टार अमिताभ इन दिनों क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-20’ में नजर आ रहे हैं, जो कि ब्रिटिश शो ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ का हिंदी वर्जन है। इसका फॉर्मेट ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ फ्रेंचाइजी के दूसरे शोज जैसा ही है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं और उन्हें चार विकल्पों में से सही जवाब चुनना होता है। अगर उन्हें जवाब पर शक हो तो मदद के लिए उन्हें लाइफलाइन भी दी जाती है।
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रोहित रॉय के ‘डस्टबिन मीडियम’ वाले बयान से चाहत खन्ना सहमत, बोलीं- ‘कहानी और क्रिएटिविटी में टीवी कहीं नहीं’

एक्ट्रेस चाहत खन्ना ने टीवी इंडस्ट्री को लेकर चल रही बहस के बीच रोहित रॉय के हालिया विवादित बयान पर अपनी राय रखी है। रोहित ने अपने एक इंटरव्यू में टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ तक कह दिया था और मौजूदा टीवी कंटेंट की क्वालिटी, कॉन्सेप्ट और क्रिएटिविटी पर सवाल उठाए थे।
अब चाहत खन्ना ने भी माना है कि अगर बात कहानी और क्रिएटिविटी की हो तो टीवी इस समय फिल्मों और ओटीटी से काफी पीछे है। हालांकि, चाहत ने यह भी साफ किया कि उन्होंने रोहित का पूरा इंटरव्यू नहीं देखा है, इसलिए वह उनके पूरे बयान पर कमेंट नहीं करना चाहतीं।
आईएएनएस से खास बातचीत में चाहत ने कहा, ”मैं खुद टीवी से आई हूं और इस माध्यम की बहुत इज्जत करती हूं। टीवी ने मुझे एक एक्टर के तौर पर मजबूत बनाया है। यहां एक्टर्स को लंबे समय तक लगातार शूटिंग करनी पड़ती है। कई बार 12 से 15 घंटे तक शूट करना सामान्य बात लगती है। फिल्मों में काम करने का तरीका अलग है और वहां क्रिएटिविटी को अलग तरह से ट्रीट किया जाता है। वहीं ओटीटी में भी कहानी की डिटेलिंग और क्रिएटिविटी का तरीका टीवी से काफी अलग है।”
एक्ट्रेस ने रोहित रॉय की बात के उस हिस्से से सहमति जताई, जिसमें उन्होंने टीवी के मौजूदा कॉन्सेप्ट और क्रिएटिविटी पर सवाल उठाए थे। चाहत ने कहा, ”अगर कहानी और क्रिएटिविटी की बात की जाए तो टीवी को अभी काफी आगे जाने की जरूरत है। टीवी का कंटेंट मास ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। दर्शक जिस तरह की कहानियां और शोज देखना चाहते हैं, मेकर्स भी उसी डिमांड के हिसाब से कंटेंट बनाते हैं। यह पूरी तरह बिजनेस का हिस्सा है। अगर किसी तरह का कंटेंट बड़ी संख्या में लोग देख रहे हैं, तो उसे बार-बार बनाए जाने के पीछे एक मार्केट डिमांड भी होती है।”
चाहत ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया, ”मुझे कई ऐसे टीवी शोज के ऑफर मिलते हैं, जिनसे मैं खुद कनेक्ट नहीं कर पाती। खासतौर पर ‘नागिन’ जैसे शोज, जिनसे मैं जुड़ नहीं पाती। अगर कोई एक्टर क्रिएटिव है तो उसके लिए टीवी के कुछ मौजूदा कॉन्सेप्ट से जुड़ना मुश्किल हो सकता है।”
चाहत ने आगे कहा, ”अगर मैं ऐसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ पाती तो शायद करियर के लिए चीजें और बेहतर होती। जो चीज मुझे पसंद आती है और जिससे मैं खुद जुड़ाव महसूस करती हूं, वही काम करना मेरे लिए ज्यादा जरूरी है।”
गौरतलब है कि रोहित रॉय ने हाल ही में एक इंटरव्यू में टीवी और फिल्मों के बीच के फर्क पर बात की थी। टीवी के पॉपुलर चेहरों में शामिल रहे रोहित ने कहा था कि मौजूदा समय में टीवी पर आने वाला काफी कंटेंट जल्दी भुला दिया जाता है और कई शोज में एक जैसे कॉन्सेप्ट दोहराए जाते हैं। उन्होंने टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ बताते हुए इसकी क्रिएटिविटी पर सवाल उठाया था।
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