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संजय दत्त के 67वें जन्मदिन पर बोलीं बहन प्रिया, ‘आपने मां-पिता दोनों की कमी को किया पूरा’
बॉलीवुड के दमदार अभिनेता संजय दत्त बुधवार को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे है। इस मौके पर उनके परिवार के हर सदस्य ने उन्हें खास अंदाज में शुभकामनाएं दीं। सबसे ज्यादा चर्चा उनकी बहन प्रिया दत्त के पोस्ट की हो रही है, जिसमें उन्होंने संजय दत्त को माता और पिता की तरह सपोर्ट करने वाला बड़ा भाई बताया।
प्रिया दत्त ने इंस्टाग्राम पर एक पुराना वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि माता-पिता के जाने के बाद संजय दत्त ने परिवार में मां और पिता दोनों की कमी को पूरा किया। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल दौर में संजय ही परिवार की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आए।
वीडियो में प्रिया कहती हैं, “उन्होंने मां और पिता, दोनों की कमी को बहुत खूबसूरती से पूरा किया। हम सभी छोटी बहनें थीं और भैया ही परिवार में कमाने वाले पहले सदस्य थे। हमें हर साल रक्षाबंधन का बेसब्री से इंतजार रहता था कि इस बार भैया हमें क्या गिफ्ट देंगे।”
वीडियो के साथ प्रिया ने एक भावुक कैप्शन भी लिखा। उन्होंने कहा, “कुछ रिश्ते समय के साथ और भी मजबूत हो जाते हैं और हमारा रिश्ता भी ऐसा ही है। जिंदगी हमें जहां भी ले गई, परिवार हमेशा हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा। मैं आभारी हूं कि हमने यह सफर हमेशा साथ तय किया।”
उन्होंने आगे लिखा, “ऐसे ही मजबूत, ख्याल रखने वाले और हमेशा खुद के प्रति सच्चे रहने वाले भाई होने के लिए आपका धन्यवाद। मैं कामना करती हूं कि यह साल आपके लिए अच्छा स्वास्थ्य, ढेर सारी खुशियां, नई यादें और ढेर सारा प्यार लेकर आए, जिसके आप हकदार हैं। आपको जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।”
संजय दत्त के जन्मदिन पर उनके बच्चों ने भी उन्हें खास अंदाज में शुभकामनाएं दीं। उनके जुड़वां बेटे शहरान दत्त, बेटी इकरा दत्त और बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के लिए प्यार भरे पोस्ट साझा किए।
शाहरान दत्त ने अपने पिता के साथ एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें दोनों वाइट कलर के ट्रेडिशनल आउटफिट में नजर आ रहे हैं। संजय दत्त ने अपने लुक को सनग्लासेस के साथ पूरा किया और दोनों कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए पोज देते दिखाई दिए।
तस्वीर के साथ शाहरान ने लिखा, “दुनिया के सबसे बेहतरीन पापा को जन्मदिन की शुभकामनाएं। हर समय मेरा साथ देने, मेरा हौसला बढ़ाने और हर दिन मुझे प्रेरित करने के लिए आपका धन्यवाद। मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य, ढेर सारी खुशियों और आने वाले कई शानदार वर्षों की कामना करता हूं। हमेशा आपसे प्यार करता हूं।”
बेटे की इस पोस्ट पर संजय दत्त ने भी प्यार भरा जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “आई लव यू और मैं हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा रहूंगा, बेटे।”
बता दें कि संजय दत्त ने साल 2008 में अभिनेत्री मान्यता दत्त से शादी की थी। अक्टूबर 2010 में दोनों जुड़वां बच्चों, बेटे शाहरान और बेटी इकरा के माता-पिता बने। मान्यता से शादी से पहले संजय दत्त की शादी अभिनेत्री ऋचा शर्मा से हुई थी। इस शादी से उनकी एक बेटी त्रिशाला दत्त हैं। साल 1996 में लंबे समय तक ब्रेन ट्यूमर से जूझने के बाद ऋचा शर्मा का निधन हो गया था।
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रसिका ने याद किया स्ट्रगल का दौर, कहा-2016 के बाद बदली किस्मत, ओटीटी ने दिलाई पहचान

अभिनेत्री रसिका दुग्गल हाल ही में नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो ‘डबल डेट’ में गई थीं। इस शो में उन्होंने करियर, स्ट्रगल, शादी और कॉलेज के दिनों के बारे में बात की। एपिसोड में नेहा धूपिया ने रसिका दुग्गल के कामों की तारीफ करते हुए कहा, “रसिका, तुम खुद एक जॉनर बन गई हो और यह कमाल की बात है।”
बातचीत में रसिका दुग्गल ने उस पल के बारे में भी बताया जब उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में अब उनकी जगह बन गई है। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें सच में कब लगा कि वह इंडस्ट्री का हिस्सा हैं, तो रसिका ने उस दौर को याद किया जब उनके काम में निरंतरता आने लगी थी।
रसिका दुग्गल ने कहा, “जब से मेरे काम में निरंतरता आई, वह 2016-17 के बीच का समय था। मैं 2006 में एफटीआईआई से निकली थी, तो इसके पूरे 10 साल बाद ऐसा हुआ। बीच में भी ऐसे काम मिलते रहे, जिन्होंने मुझे हिम्मत दी और बनाए रखा लेकिन वे 2016 के बाद किए गए काम जितने चर्चित नहीं थे।”
रसिका ने इस निरंतर दौर से पहले की कुछ फिल्मों को भी याद किया, जिनमें ‘किस्सा’ और ‘क्षय’ जैसी फिल्में शामिल थीं, जिन्होंने उन्हें इंडस्ट्री के बेहतरीन टैलेंट के साथ काम करने का मौका दिया। हालांकि, उन्होंने बताया कि 2016 के बाद के समय में बड़ा बदलाव आया, जब उन्हें लगातार कई प्रोजेक्ट मिलने लगे।
उन्होंने कहा, “2016 के बाद ही ‘मंटो’, ‘मिर्जापुर’ और ‘दिल्ली क्राइम’ जैसे काम और कुछ दूसरे प्रोजेक्ट लगातार मिलने लगे और इसकी बड़ी वजह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का आना था। तब मुझे लगा कि यह किसी आंदोलन जैसा था।”
रसिका की लेटेस्ट रिलीज ‘मिर्जापुर: द मूवी’ है। भारतीय एक्शन क्राइम थ्रिलर फिल्म में रसिका दुग्गल बीना त्रिपाठी (कालीन भैया की पत्नी और मुन्ना की सौतेली मां) का किरदार निभाया है।
यह फिल्म ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज का कोई अगला सीजन नहीं है बल्कि मिर्जापुर की दुनिया को बड़े पर्दे पर एक नए और बड़े कैनवस पर पेश किया गया। इसमें एक बिल्कुल नई कहानी और कुछ नए किरदार देखने को मिलेंगे, जो वेब सीरीज में नहीं दिखाए गए थे।
फिल्म में मुन्ना भैया और कालीन भैया के व्यवहार से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब और किरदारों की बैकस्टोरी भी देखने को मिले। फिल्म अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाई गई है। इसका निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है जबकि कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म का निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने किया है। इसके सह-निर्माता कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी हैं।
‘मिर्जापुर द मूवी,’ पंकज त्रिपाठी, अली फजल, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल और दिव्येंदु शर्मा अपने पुराने किरदारों में नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही जितेंद्र कुमार, सोनल चौहान और रवि किशन भी अहम भूमिका में दिखेंगे।
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बिग बी ने मोतीलाल, सावित्री को किया याद, लिखा-उन्होंने अभिनय नहीं, परफॉर्म किया

मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अक्सर ब्लॉग के जरिए अपने विचार साझा करते रहते हैं। अभिनेता ने हाल ही में सहज अभिनय की दुर्लभ कला पर अपने विचार साझा किए।
अभिनेता ने मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को याद करते हुए कहा कि इन कलाकारों की स्वाभाविक प्रतिभा ने ही उन्हें दर्शकों का इतना प्यार और सम्मान दिलाया। मेगास्टार ने अपने ब्लॉग की शुरुआत में लिखा, “थोड़ा चिंतन कभी भी बुरा नहीं होता। कई विचार मन में आते हैं, काम से जुड़े और कई दूसरे भी लेकिन तब वे ज्यादा असरदार होते हैं जब आप अपने स्वभाव में सहजता लाते हैं।”
उन्होंने आगे लिखा, “अक्सर किसी पल को बेहतर बनाने के लिए की गई बड़ी-बड़ी घोषणाएं, मेरे हिसाब से कभी काम नहीं करतीं है। आज के समय में सहजता से अपनी बात कहना ही सही तरीका है। आखिर क्या हम रोज अपनी दिनचर्या में कोई घोषणा करते हैं या सहज रहते हैं, मैं कहूंगा कि सहजता ही सभी चीजों की नींव है।”
बाद में ब्लॉग में अमिताभ ने सहज अभिनय के बारे में बात करते हुए मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री जैसे कलाकारों को याद किया, जिनका काम कभी भी बनावटी नहीं लगता था। उन्होंने लिखा, “जिन अभिनेताओं में बिना अभिनय के अभिनय करने की स्वाभाविक प्रतिभा होती है, वही सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं और उनके चाहने वाले भी बहुत होते हैं। मोतीलाल जी, गीता बाली, सावित्री तुरंत दिमाग में आने वाले कुछ नाम हैं, हालांकि और भी कई शानदार कलाकार हैं। उन्होंने अभिनय नहीं किया बल्कि परफॉर्म किया और उन्हें उतना ही प्यार और सम्मान मिला।”
मेगास्टार अमिताभ इन दिनों क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-20’ में नजर आ रहे हैं, जो कि ब्रिटिश शो ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ का हिंदी वर्जन है। इसका फॉर्मेट ‘हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?’ फ्रेंचाइजी के दूसरे शोज जैसा ही है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं और उन्हें चार विकल्पों में से सही जवाब चुनना होता है। अगर उन्हें जवाब पर शक हो तो मदद के लिए उन्हें लाइफलाइन भी दी जाती है।
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रोहित रॉय के ‘डस्टबिन मीडियम’ वाले बयान से चाहत खन्ना सहमत, बोलीं- ‘कहानी और क्रिएटिविटी में टीवी कहीं नहीं’

एक्ट्रेस चाहत खन्ना ने टीवी इंडस्ट्री को लेकर चल रही बहस के बीच रोहित रॉय के हालिया विवादित बयान पर अपनी राय रखी है। रोहित ने अपने एक इंटरव्यू में टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ तक कह दिया था और मौजूदा टीवी कंटेंट की क्वालिटी, कॉन्सेप्ट और क्रिएटिविटी पर सवाल उठाए थे।
अब चाहत खन्ना ने भी माना है कि अगर बात कहानी और क्रिएटिविटी की हो तो टीवी इस समय फिल्मों और ओटीटी से काफी पीछे है। हालांकि, चाहत ने यह भी साफ किया कि उन्होंने रोहित का पूरा इंटरव्यू नहीं देखा है, इसलिए वह उनके पूरे बयान पर कमेंट नहीं करना चाहतीं।
आईएएनएस से खास बातचीत में चाहत ने कहा, ”मैं खुद टीवी से आई हूं और इस माध्यम की बहुत इज्जत करती हूं। टीवी ने मुझे एक एक्टर के तौर पर मजबूत बनाया है। यहां एक्टर्स को लंबे समय तक लगातार शूटिंग करनी पड़ती है। कई बार 12 से 15 घंटे तक शूट करना सामान्य बात लगती है। फिल्मों में काम करने का तरीका अलग है और वहां क्रिएटिविटी को अलग तरह से ट्रीट किया जाता है। वहीं ओटीटी में भी कहानी की डिटेलिंग और क्रिएटिविटी का तरीका टीवी से काफी अलग है।”
एक्ट्रेस ने रोहित रॉय की बात के उस हिस्से से सहमति जताई, जिसमें उन्होंने टीवी के मौजूदा कॉन्सेप्ट और क्रिएटिविटी पर सवाल उठाए थे। चाहत ने कहा, ”अगर कहानी और क्रिएटिविटी की बात की जाए तो टीवी को अभी काफी आगे जाने की जरूरत है। टीवी का कंटेंट मास ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। दर्शक जिस तरह की कहानियां और शोज देखना चाहते हैं, मेकर्स भी उसी डिमांड के हिसाब से कंटेंट बनाते हैं। यह पूरी तरह बिजनेस का हिस्सा है। अगर किसी तरह का कंटेंट बड़ी संख्या में लोग देख रहे हैं, तो उसे बार-बार बनाए जाने के पीछे एक मार्केट डिमांड भी होती है।”
चाहत ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया, ”मुझे कई ऐसे टीवी शोज के ऑफर मिलते हैं, जिनसे मैं खुद कनेक्ट नहीं कर पाती। खासतौर पर ‘नागिन’ जैसे शोज, जिनसे मैं जुड़ नहीं पाती। अगर कोई एक्टर क्रिएटिव है तो उसके लिए टीवी के कुछ मौजूदा कॉन्सेप्ट से जुड़ना मुश्किल हो सकता है।”
चाहत ने आगे कहा, ”अगर मैं ऐसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ पाती तो शायद करियर के लिए चीजें और बेहतर होती। जो चीज मुझे पसंद आती है और जिससे मैं खुद जुड़ाव महसूस करती हूं, वही काम करना मेरे लिए ज्यादा जरूरी है।”
गौरतलब है कि रोहित रॉय ने हाल ही में एक इंटरव्यू में टीवी और फिल्मों के बीच के फर्क पर बात की थी। टीवी के पॉपुलर चेहरों में शामिल रहे रोहित ने कहा था कि मौजूदा समय में टीवी पर आने वाला काफी कंटेंट जल्दी भुला दिया जाता है और कई शोज में एक जैसे कॉन्सेप्ट दोहराए जाते हैं। उन्होंने टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ बताते हुए इसकी क्रिएटिविटी पर सवाल उठाया था।
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