Connect with us
Thursday,17-September-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

भारतीय शेयर बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद, सेंसेक्स 22 अंक टूटा तो निफ्टी में 0.23 प्रतिशत की बढ़त

Published

on

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के परिणामों का आकलन करने के कारण भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के सत्र में मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स सपाट बंद हुआ, जबकि निफ्टी में मामूली बढ़त दर्ज की गई।

बीएसई सेंसेक्स 21.86 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत बढ़कर 23,270.60 पर पहुंच गया।

कारोबारी सत्र के दौरान, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,336.45 से 153.83 अंक यानी 0.20 प्रतिशत गिरकर 74,182.62 पर खुला, लेकिन एक समय यह 341.11 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की उछाल के साथ 74,677.56 दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो दिन के निम्नतम स्तर 74,163.95 से 513.61 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।

वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,217.60 से 22.34 अंक गिरकर 23,195.25 पर खुला, और सत्र में एक समय इसने 145.95 अंकों यानी 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,363.55 का इंट्रा-डे हाई बनाया, जबकि 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,193.65 का लो बनाया।

इस दौरान, व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में क्रमशः 0.92 प्रतिशत और 0.76 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी50 इंडेक्स में एचडीएफसी लाइफ के शेयरों में सबसे ज्यादा 5.05 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके साथ ही टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी), एसबीआई लाइफ, डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज, बीईएल, इंडिगो और टाटा स्टील के शेयर टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे। जबकि इसके विपरीत ओएनजीसी, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, कोल इंडिया और

नेस्ले इंडिया के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि फेड की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी और बॉन्ड यील्ड में नरमी से ग्लोबल इक्विटी बाजार को कुछ समय के लिए सहारा मिला और महंगाई के धीरे-धीरे कम होने की उम्मीदें भी मजबूत हुईं।

इसके बावजूद, घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन हालिया गिरावट के बाद ‘वैल्यू बाइंग’ के कारण बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी टैरिफ के जोखिम के कारण ब्याज दरें और बढ़ाने के संभावित दौर की चिंताओं के बीच निवेशकों का रुख सतर्क रहने की संभावना है।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर बना रहा क्योंकि निवेशकों ने मजबूत कमाई की संभावना, अच्छे ऑर्डर बुक और मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी, खासकर कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल, डिफेंस, पावर और हेल्थकेयर सेक्टर में।

व्यापार

सोने और चांदी का दाम करीब 1.5 प्रतिशत तक बढ़ा, निवेशकों को फेड के फैसले का इंतजार

Published

on

सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली और दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 1.5 प्रतिशत तक बढ़ गया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,50,809 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,291 रुपए या 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,52,100 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला।

दोपहर 12 बजे यह 953 रुपए या 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,51,762 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।

अब तक के कारोबार में सोने ने 1,51,450 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,52,100 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है, यह दिखाता है कि खुलने के बाद सोना सीमित दायरे में बना हुआ है।

सोने के साथ चांदी में भी तेजी देखने को मिल रही है।

चांदी का 4 दिसंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,32,118 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 3,667 रुपए या 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,785 रुपए प्रति किलो पर खुला।

फिलहाल यह 3,250 रुपए या 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,35,988 रुपए प्रति किलो पर था।

अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,34,540 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,35,988 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर बनाया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में तेजी देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोना 0.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,366 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 65 डॉलर प्रति औंस पर थी।

ब्याज दरों पर दो दिवसीय अमेरिकी फेड बैठक के फैसलों का ऐलान आज देर शाम किया जाएगा। यह ऐसे समय पर आ रहा है, जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमत करीब चार महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और यूएस बॉन्ड यील्ड भी 5 प्रतिशत के ऊपर जा चुकी है। इस कारण इस फैसले पर निवेशक करीब से निगाह रख रहे हैं।

Continue Reading

व्यापार

भारत का आवासीय बाजार स्थिर, हाउसिंग प्राइस इंडेक्स पहली तिमाही में 3.6 प्रतिशत बढ़ा

Published

on

भारत का हाउसिंग प्राइस इंडेक्स (एचपीआई) वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो पिछले साल की समान अवधि की वृद्धि के समान ही है। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में यह सालाना 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। यह देश के स्थिर आवासीय बाजार को दिखाता है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में बताया गया कि तिमाही आधार पर एचपीआई वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 1.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो कि वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में की वृद्धि दर 0.5 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं, हाउसिंग क्रेडिट वृद्धि दर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 11 प्रतिशत रही है।

रिपोर्ट में बताया गया कि हाउसिंग के क्षेत्र में महंगाई पर इनपुट लागत बढ़ने का असर हुआ है। ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों और कंस्ट्रक्शन की लागत में बढ़ोतरी से घरों की कीमतें बढ़ीं।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के असर से ग्लोबल ग्रोथ पर दबाव पड़ा, क्योंकि इससे कमोडिटी की कीमतें बढ़ीं और सप्लाई चेन में रुकावट आई। भारत में भी वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में महंगाई तेजी से बढ़ी और इसका असर अलग-अलग इंडस्ट्रीज पर देखा गया।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एचपीआई की सालाना बढ़ोतरी में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शहरों में चंडीगढ़ (49.6 प्रतिशत), जयपुर (36.4 प्रतिशत), कानपुर (27.5 प्रतिशत), लखनऊ (17.7 प्रतिशत) और तिरुवनंतपुरम (16.3 प्रतिशत) शामिल थे।

चंडीगढ़ में कीमतों में बढ़ोतरी की वजह कलेक्टर रेट में हालिया बदलाव है, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू हुआ है। इसके अलावा, नई जमीन की कमी ने भी हाल के समय में कीमतों को बढ़ाया है।

दिल्ली (-1.2 प्रतिशत), कोलकाता (-31.5 प्रतिशत), मुंबई (2.8 प्रतिशत) और हैदराबाद (-0.8 प्रतिशत) जैसे शहरों में वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के दौरान गिरावट आई है या बढ़ोतरी की रफ्तार बहुत धीमी रही है।

बेहतर कनेक्टिविटी और सर्विस-सेक्टर में रोजगार के बढ़ते मौकों की वजह से बड़े शहरों के बजाय टियर-2 शहर बाजार की मांग को आगे बढ़ा रहे हैं।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

यूपीआई में एमडीआर आने से इंडस्ट्री को 20,000 करोड़ रुपए तक का हो सकता है फायदा: ब्रोकरेज

Published

on

यूपीआई भुगतान में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लागू करने से बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए आय के नए स्रोत खुल जाएंगे और इससे पूरी इंडस्ट्री का रेवेन्यू पूल 10,000 करोड़ रुपए से 20,600 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यह जानकारी ब्रोकरेज फर्मों की ओर से दी गई।

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) का संचालन करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 2,000 रुपए से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (पीटूएम) यूपीआई के लिए 0.4 प्रतिशत का एमडीआर 15 अक्टूबर से लगाने का ऐलान किया है। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति लेनदेन निर्धारित की गई है। इसका भुगतान मर्चेंट करेगा, न कि ग्राहक।

यूबीएस का अनुमान है कि बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए सालाना रेवेन्यू पूल 10,000–15,000 करोड़ रुपए का होगा। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि बैंक इसमें से लगभग 60–70 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखेंगे, जबकि बाकी हिस्सा भुगतान कंपनियों को मिलेगा। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि फिनटेक कंपनियों की कमाई पर इसका असर ज्यादा होगा।

गोल्डमैन सैश का अनुमान है कि इंडस्ट्री का संभावित रेवेन्यू पूल 20,600 करोड़ रुपए का हो सकता है। यह अनुमान इस कैलकुलेशन पर आधारित है कि कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन वैल्यू का लगभग आधा हिस्सा पूरे 40 आधार अंक एमडीआर के दायरे में आ सकता है। जेपी मॉर्गन के अनुसार, अधिकतम रेवेन्यू पूल लगभग 17,000 करोड़ रुपए का हो सकता है, जिसमें इश्यूइंग और एक्वायरिंग बैंकों के लिए लगभग 11,700 करोड़ रुपए शामिल हैं। यह रकम लिस्टेड कमर्शियल बैंकों के वित्त वर्ष 26 के शुद्ध मुनाफे का 2.1 प्रतिशत है।

सिटी का अनुमान है कि सालाना इंडस्ट्री रेवेन्यू पूल 16,000-17,000 करोड़ रुपए का होगा, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत बैंकों को, 25 प्रतिशत यूपीआई एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स को और 15 प्रतिशत नॉन-बैंक पेमेंट एग्रीगेटर्स को मिलेगा।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति19 minutes ago

यूपीआई पर एमडीआर को लेकर कांग्रेस का हमला, कहा- संसदीय समिति में नहीं हुई चर्चा

अपराध33 minutes ago

मोबाइल लूट गैंग का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; 24 मोबाइल और लैपटॉप बरामद

अंतरराष्ट्रीय समाचार47 minutes ago

मेलोनी ने ‘मित्र’ प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

व्यापार1 hour ago

भारतीय शेयर बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद, सेंसेक्स 22 अंक टूटा तो निफ्टी में 0.23 प्रतिशत की बढ़त

मनोरंजन2 hours ago

रसिका ने याद किया स्ट्रगल का दौर, कहा-2016 के बाद बदली किस्मत, ओटीटी ने दिलाई पहचान

खेल3 hours ago

‘अच्छा सीजन रहा तो देर रात तक जागना सार्थक होगा,’ भारतीय फैंस पर अलेक्जेंडर इसाक

महाराष्ट्र4 hours ago

‘खाने की पसंद थोपना ठीक नहीं’, ब्रिक्स मेन्यू पर शिवसेना (यूबीटी) का केंद्र पर निशाना

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, 21 सितंबर को जयंती समारोह

खेल6 hours ago

ला लीगा: बारिश की वजह से लेवांटे और एथलेटिक के बीच मुकाबला स्थगित

राजनीति6 hours ago

पीएम मोदी के जन्मदिन पर बुर्ज खलीफा पर दिखी तस्वीरें, ‘इंडिया फर्स्ट’ और ’75 वर्ष’ के संदेशों से रोशन हुई इमारत

महाराष्ट्र2 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

खेल2 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध2 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल2 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल24 hours ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राजनीति3 weeks ago

तमिलनाडु: दो दिन अवकाश के बाद फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही, छह विभागों के अनुदान पर होगी चर्चा

खेल4 weeks ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

व्यापार2 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान