खेल
चेन्नई में आरसीबी ने सीएसके को 17 साल बाद हराया, रनों के मामले में चेन्नई की तीसरी सबसे बड़ी हार, जानें इस मैच में बने रिकॉर्ड्स
नई दिल्ली, 29 मार्च। आईपीएल 2025 में रजत पाटीदार की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सीएसके को चेन्नई में 17 साल बाद हराया। 28 मार्च को एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2025 के आठवें मैच में आरसीबी ने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को 50 रनों से मात दी। यह आरसीबी के लिए एक ऐतिहासिक पल था, क्योंकि चेन्नई में 2008 के बाद उसे पहली बार जीत मिली। इस जीत के साथ आरसीबी आईपीएल 2025 की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है।
आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 196/7 का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में चेन्नई सुपर किंग्स 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 146 रन ही बना सकी। सीएसके के बल्लेबाज शुरुआत से ही दबाव में थे और उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पहले ही ओवर में राहुल त्रिपाठी आठ रन पर आउट हो गए, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए। दीपक हुड्डा भी केवल पांच रन बनाकर जल्दी ही आउट हो गए। इसके बाद रचिन रविंद्र (41 रन) और शिवम दुबे (19 रन) ने कुछ संघर्ष किया, लेकिन वे भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। रविंद्र जडेजा (25 रन) और धोनी (30 नाबाद) ने अंत में कुछ बड़े शॉट्स जरूर लगाए, लेकिन अकेले धोनी की पारी भी टीम के लिए जीत का रास्ता नहीं खोल सकी।
आरसीबी की यह जीत सीएसके के लिए रनों के मामले में तीसरी सबसे बड़ी हार थी। इससे पहले, 2013 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 60 रन और 2022 में पंजाब किंग्स के खिलाफ 54 रन से हार का सामना किया था। चेन्नई के खिलाफ 50 रन से हार सीएसके की तीसरी सबसे बड़ी हार थी। यह हार उनके घर में एक बड़े झटके के रूप में आई, खासकर तब, जब उन्हें इतने साल बाद घर पर हार मिली हो।
इस मैच में कुछ और दिलचस्प रिकॉर्ड्स भी बने। एमएस धोनी ने इस मैच में सीएसके के लिए आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ा। धोनी ने 204 पारियों में 4699 रन बनाए हैं। वहीं, आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने चेन्नई के खिलाफ 1087 रन बनाए हैं।
यह मैच आईपीएल के इतिहास में बिना 50 रन की साझेदारी के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले मैचों में भी शामिल हो गया। चेन्नई और आरसीबी के बीच इस मुकाबले में कोई भी साझेदारी 50 रन तक नहीं पहुंची, फिर भी कुल 342 रन बने। यह आंकड़ा आईपीएल के इतिहास में बिना 50 रन की साझेदारी के बने दूसरा सबसे ज्यादा रन है।
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‘टीम के प्रदर्शन में कोई कमी नहीं थी’, डीआर कांगो के खिलाफ ड्रॉ के बाद रोनाल्डो ने किया पुर्तगाल का बचाव

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल फुटबॉल टीम की शुरुआत निराशाजनक हुई है। टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में पुर्तगाल को डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने टीम का बचाव किया है।
रोनाल्डो ने कहा कि डीआर कांगो के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पुर्तगाल टीम के प्रदर्शन में कोई कमी नहीं थी। रोनाल्डो खुद इस मुकाबले में कोई गोल नहीं कर सके। रोनाल्डो के तीनों शॉट गोल पोस्ट से बाहर चले गए। रोनाल्डो ने मैच के बाद पुर्तगाल के ‘स्पोर्ट टीवी’ से एक छोटी बातचीत में कहा, “कुछ भी कमी नहीं थी, फुटबॉल ऐसा ही है। हम जीत भी सकते थे।”
अपने करियर के छठे वर्ल्ड कप के पहले मैच में रोनाल्डो का एक भी शॉट गोल पोस्ट में नहीं पहुंचा। यह दूसरी बार भी है जब उन्होंने वर्ल्ड कप मैच में 90 मिनट तक टारगेट पर कोई शॉट नहीं मारा। रोनाल्डो के करियर का यह 23वां वर्ल्ड कप मैच था। वह फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे नंबर पर आ गए हैं। रोनाल्डो पुर्तगाल की तरफ से 10 बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट (वर्ल्ड कप और यूरो कप) खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 33 शॉट खेले हैं, जिसमें से 11 शॉट टारगेट पर पहुंचे हैं।
पुर्तगाल ने डीआर कांगो के खिलाफ 75 प्रतिशत से ज्यादा समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन टीम मुकाबले में दूसरा गोल करने में नाकाम रही। पुर्तगाल ने मैच में अपना पहला गोल छठे मिनट में किया। जोआओ नेवेस ने टीम के लिए पहला गोल दागा। हालांकि, फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में योआन वीसा ने डीआर कांगो की ओर से पहला गोल करते हुए स्कोर को पहले हाफ के अंत में बराबर कर दिया। इसके बाद डीआर कांगो के डिफेंस ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया।
पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने रोनाल्डो के खराब प्रदर्शन का बचाव किया। उन्होंने कहा, “जब आपको गोल की जरूरत हो, तो रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने का कोई मतलब नहीं है।” उन्होंने कहा कि रोनाल्डो डिफेंडर्स को अपनी ओर खींचने का काम करते हैं, जिसकी वजह से बाकी खिलाड़ियों को गोल करने के लिए जरूरी जगह मिल पाती है। पुर्तगाल अब अगले मुकाबले में मंगलवार को उज्बेकिस्तान से भिड़ेगा।
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रिकॉर्ड बनाना नहीं, देश को वर्ल्ड कप जिताना अहम लक्ष्य: काइलियन एमबाप्पे

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले ही मुकाबले में काइलियन एमबाप्पे का जलवा देखने को मिला। एमबाप्पे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेनेगल के खिलाफ खेले गए मुकाबले में दो गोल दागे, जिसके बूते फ्रांस ने 3-1 से मैच को अपने नाम किया। दो गोल करने के साथ ही एमबाप्पे फ्रांस की ओर से ज्यादा इंटरनेशनल गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
काइलियन एमबाप्पे फ्रांस की ओर से खेलते हुए अब कुल 58 गोल कर चुके हैं। उन्होंने इस मामले में ओलिवियर गिरौद को पीछे छोड़ा, जिन्होंने टीम के लिए 57 गोल किए। हालांकि, मैच के बाद 27 वर्षीय एमबाप्पे ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि अपने देश को वर्ल्ड कप जिताना है। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरा नाम फ्रांस के फुटबॉल इतिहास में याद रखा जाए। मेरी कोशिश है कि टीम फाइनल तक पहुंचे और वर्ल्ड कप जीते। रिकॉर्ड और उपलब्धियां मेरे करियर का हिस्सा हैं, लेकिन टीम की सफलता सबसे महत्वपूर्ण है।”
मैच की शुरुआत में सेनेगल ने फ्रांस को कड़ी टक्कर दी। पहले हाफ में सेनेगल के खिलाड़ी निकोलस जैक्सन और इस्माइला सार ने गोल करने के अच्छे मौके बनाए। एक समय ऐसा लगा कि सेनेगल बढ़त हासिल करने में सफल हो जाएगा, लेकिन फ्रांस के मजबूत डिफेंस ने सेनेगल के प्रयासों को एक के बाद एक करके विफल कर दिया।
पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ। हालांकि, दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपना खेल पूरी तरह बदल दिया। टीम ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया और सेनेगल के गोल पर दबाव बनाया। माइकल ओलिस के शानदार पास पर एमबापे ने पहला गोल करके फ्रांस को बढ़त दिलाई। इस गोल के साथ उन्होंने गिरौद के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
स्टॉपेज टाइम में एमबापे ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर दूसरा गोल किया और फ्रांस के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। मैच के अंतिम क्षणों में सेनेगल के युवा खिलाड़ी इब्राहिम मबाये ने सेनेगल की तरफ से एक गोल किया, लेकिन यह गोल टीम की हार को नहीं टाल सका, और फ्रांस ने मुकाबले को 3-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही फ्रांस ने 2022 विश्व कप के पहले मैच में सेनेगल से मिली हार का हिसाब भी चुकता कर लिया।
एमबाप्पे फीफा विश्व कप के इतिहास में भी फ्रांस की तरफ से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। एमबाप्पे वर्ल्ड कप में अब 14 गोल कर चुके हैं। उन्होंने जस्ट फॉनटेन (13 गोल) को इस मामले में पीछे छोड़ा। एमबाप्पे लियोनेल मेसी से भी आगे निकल गए हैं। मेसी ने फीफा वर्ल्ड कप में खेले 26 मुकाबलों में कुल 13 गोल किए हैं। एमबापे की नजर वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा 16 गोल करने वाले जर्मनी के महान खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज के रिकॉर्ड पर होगी। एमबापे के नाम वर्ल्ड कप में फिलहाल 14 गोल हैं और वह इस रिकॉर्ड से सिर्फ दो गोल दूर हैं।
वहीं, सेनेगल के खिलाड़ी इब्राहिम मबाये ने भी इस मैच में इतिहास रचा। 18 साल और 142 दिन की उम्र में वह किसी अफ्रीकी देश के लिए वर्ल्ड कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उनकी टीम दूसरे हाफ में अपने खेल का स्तर बनाए नहीं रख सकी और टीम की छोटी गलतियों का पूरा फायदा फ्रांस ने उठाया।
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ईरान के कोच ने फीफा, अमेरिका पर साधा निशाना, कहा- हमें तुरंत जाने के लिए कहा गया

ईरान के हेड कोच आमिर घालेनोई ने फीफा विश्व कप ग्रुप जी के पहले मैच में न्यूजीलैंड के साथ 2-2 से ड्रॉ होने के बाद अपनी टीम के यात्रा योजना में अचानक हुए बदलाव पर निराशा जताई।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में घालेनोई ने कहा, “उनकी टीम को अचानक बताया गया कि उन्हें लॉस एंजिल्स में मैच के तुरंत बाद मेक्सिको लौटना होगा। टीम को पहले बताया गया था कि वे मंगलवार लंच तक अमेरिका में रह सकती हैं, लेकिन जैसे ही मैच खत्म हुआ, ट्रिप प्लान बदल गया।”
घालेनोई ने कहा, “मैच के बाद उन्होंने कहा कि हमें तुरंत जाना होगा। हमें प्लेन में बैठकर तिजुआना में अपने कैंप में लौटने के लिए कहा गया है, और हम इससे परेशान हैं। वे हमें जल्दी वापस जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। वे हालात को और मुश्किल बना रहे हैं और मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं, लेकिन हम इसे अपना श्रेष्ठ करने से रोकने नहीं देंगे।”
कोच ने यह भी दावा किया कि टूर्नामेंट की तैयारी के दौरान ईरान को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा, “हमें मैच से दो रात पहले पहुंचना था, लेकिन उन्होंने इजाजत नहीं दी। हमें आज रात यहीं रुकना था और लंच टाइम पर लौटना था। मुझे लगता है कि हमारी टीम पूरे विश्व कप में सबसे ज्यादा परेशान है। हमारा फेडरेशन यहां नहीं है, हमारा मीडिया यहां नहीं है, हमारा मैनेजमेंट यहां नहीं है।”
ईरान के स्ट्राइकर मेहदी तारेमी ने हालात को बहुत बुरा मानते हुए कहा, “यह खिलाड़ियों और स्टाफ के लिए बहुत चिंता की बात है। हम बस इस हालात से थक चुके हैं। यह बहुत बुरा है, और इसका असर हमारी टीम पर पड़ता है।”
वर्ल्ड कप में ईरान का शामिल होना अनिश्चितता की वजह से खराब हुआ है, जो मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं से जुड़ा है। इस बीच, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के बाद ईरान टीम के ड्रेसिंग रूम में जाकर खिलाड़ियों से मुलाकात की।
ईरान की यात्रा से जुड़ी चिंताएं ग्रुप स्टेज में भी जारी रह सकती हैं। उनका अगला ग्रुप जी मैच बेल्जियम के खिलाफ रविवार को सोफी स्टेडियम में होना है।
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