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Friday,31-July-2026
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कतर ने फीफा विश्व कप से जुड़े चौथे स्टेडियम को दुनिया के सामने पेश किया

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Qatar

कतर के नेशनल डे पर 48वें आमिर कप फाइनल की मेजबानी करने वाले अल रयान स्थित अहमद बिन अली स्टेडियम को फीफा विश्व कप 2022 के चौथे टूर्नामेंट रेडी वेन्यू के तौर पर दुनिया के सामने पेश किया गया। भारत की सबसे बड़ी निर्माण फर्म- लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एल एंड टी) ने कतर के ठेकेदार अल बालाघ ट्रेडिंग एंड कॉन्ट्रैक्टिंग के साथ मिलकर वास्तुशिल्प के इस चमत्कार का निर्माण किया है।

अल रयान स्पोर्टस क्लब के नए घर अहमद बिन अली स्टेडियम के अलावा मध्य पूर्व और अरब जगत में पहली बार होने जा रहे फीफा विश्व कप के लिए खलीफा इंटरनेशनल स्टेडियम, अल जानोब और एजुकेशन सिटी स्टेडियम को पहले ही तैयार घोषित किया जा चुका है। 40 हजार दर्शक क्षमता वाले अहमद बिन अली स्टेडियम को अंतिम-16 राउंड तक कुल सात मैचों की मेजबानी का हक दिया गया है।

आमिर कप फाइनल से पहले आयोजित शानदार समारोह में संगीत, सास्कृतिक प्रदर्शन और नायाब विजुअल इफेक्ट्स दिखाए गए। इसके बाद अल साद और अल अरबी के बीच फाइनल मुकाबला शुरू हुआ। अल साद ने यह मैच 2-1 से जीतते हुए 17वीं बार आमिर कप खिताब अपने नाम किया। यह मैच सोशल डिस्टेंसिंग के बीच 20 हजार दर्शकों की मौजूदगी में खेला गया।

फीफा अध्यक्ष गियानी इंफैंटीनो भी इस मैच के लिए स्टेडियम में मौजूद थे। इंफैंटीनो ने कतर 2022 के एक और टूर्नामेंट वेन्यू के सफल निर्माण पर एससी (सुप्रीम कमिटि फार डिलिवरी एंड लेगेसी) की सराहना की।

इंफैंटीनो ने कहा, “अहमद बिन अली स्टेडियम फुटबाल का एक शानदार वेन्यू है। यहां का माहौल शानदार है क्योंकि स्टेडियम की सीटें पिच के काफी करीब हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के बीच मैंने खेल के जुनून को महसूस किया। मुझे यकीन है कि 2022 में जब कतर विश्व कप की मेजबानी कर रहा होगा तब यह स्टेडियम परफेक्ट फुटबाल एरेना साबित होगा।”

एक डिकंस्ट्रक्टेड स्टेडियम की साइट पर निर्मित, नया स्थल कतर के मॉल से सटा हुआ है और दोहा मेट्रो की ग्रीन लाइन पर स्थित अल रिफा स्टेशन से पैदल दूरी पर है। स्टेडियम की सबसे विशिष्ट विशेषता एक शानदार अग्रभाग है, जिसमें जो पैटर्न शामिल किए गए हैं वो कतर के विभिन्न पहलुओं की विशेषता का बखान करते हैं। इन पहलुओं में परिवार का महत्व, रेगिस्तान की सुंदरता, देशी वनस्पतियों और जीवों तथा स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रमुख हैं। एक पांचवां आकार भी इस स्टेडयम के अग्रभाग में जो एक ढाल की तरह है और ताकत और एकता का प्रतिनिधित्व करता है और जो विशेष रूप से अल रेयान शहर के लिए प्रासंगिक है।

एससी (सुप्रीम कमिटि फार डिलिवरी एंड लेगेसी) के महासचिव एच.ई. हसन अल थावाडी ने कहा, “कतर नेशनल डे पर अहमद बिन अली स्टेडियम का उद्घाटन 2022 की दिशा में एक और मील का पत्थर है। साथ ही यह वैश्विक महामारी के समय एसे शानदार इवेंट के आयोजन में शरीक सभी लोंगों की जीत है।”

फीफा विश्व कप कतर 2022 एलएलसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नासेर अल खातेर ने कहा, “हम कतर 2022 फैन एक्सपीरिएंस को अगले साल और बेहतर करने की कोशिश करेंगे क्योंकि अगले साल हम कुछ बड़े टूनार्मेंट्स का आयोजन करेंगे, जिनमें फीफा क्लब वलर्ड कप और फीफा अरब कप शामिल हैं। हमें यकीन है कि ये इवेंट्स कतर ही नही बल्कि अरब जगत और दुनिया भर के फुटबाल फैन्स को रोमांचित करने में सफल होंगे।”

अल साद और अल अरबी के बीच फाइनल मुकाबले को देखने वाली फुटबाल जगत की नामी हस्तियों में एशियाई फुटबाल परिसंघ (एएफसी) के अध्यक्ष एच.ई. शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा, यूईएफए के अध्यक्ष एलेक्सजेंडर केफेरिन और सैमुएल एटो, टिम काहिल, मोहम्मद अबोतरिका और अली अल हब्सी जैसे स्टार फुटबालर शामिल रहे।

अंतरराष्ट्रीय

ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

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ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।

इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।

ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।

हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

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अंतरराष्ट्रीय

ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

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तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।

फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।

ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।

इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।

ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”

आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।

वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।

इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।

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अंतरराष्ट्रीय

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

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हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।

इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।

अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”

वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।

विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।

सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

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