राजनीति
प्रशांत किशोर बिहार से करेंगे राजनीति में नई शुरूआत
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर यानी पीके फिर से करेंगे बिहार से नई राजनीति की शुरूआत। उन्होंने कहा पिछले 10 साल के अनुभव के बाद ‘रियल मास्टर’ यानी जनता के पास जाने का समय आ गया है। शुरूआत बिहार से। मूल रूप से बिहार के रहने वाले प्रशांत किशोर भाजपा, फिर कांग्रेस, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समेत अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के चुनावी रणनीतिकार रह चुके हैं। किशोर अब दूसरों के लिए रणनीति नहीं बनाएंगे बल्कि राजनीति की नई शुरूआत करेंगे। पीके ने सोमवार ट्विट कर नई घोषणा की और ये संकेत दिया कि वो दोबारा अपने गृह राज्य बिहार की जनता से मुखातिब होंगे। जहां उनका सियासी आधार हो सकता है।
प्रशांत किशोर ने सोमवार को ट्वीट में कहा, लोकतंत्र में प्रभावशाली योगदान देने की उनकी भूख और लोगों के प्रति कार्य नीति तैयार करने में मदद करने का सफर काफी उतार चढ़ाव वाला रहा है। अब मुद्दों और जन सुराज के मार्ग को बेहतर ढंग से समझने के लिए ‘रियल मास्टर’ यानी जनता के पास जाने का समय आ गया है। शुरूआत बिहार से।
कांग्रेस में बात न बनने के बाद प्रशांत किशोर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर राजनीति में बड़ा धमाल करने की तैयारी में हैं। चार साल पहले बिहार में उनका संक्षिप्त राजनीतिक कार्यकाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल के साथ शुरू हुआ था। तब उन्हें जेडीयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था लेकिन 16 महीने बाद ही उन्होंने मतभेद के बाद पार्टी छोड़ दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर की पार्टी पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल होगी और जनसंपर्क करने के नए उन्नत तकनीक के साथ लॉन्च होगी। पार्टी का नाम क्या होगा फिलहाल इसको लेकर अब तक उन्होंने कुछ साफ नहीं किया है। लेकिन सूत्र बताते है कि पीके जल्द ही अपनी पॉलिटिकल पार्टी लांच करेंगे। सूत्रों के अनुसार पीके ने राज्य का दौरा करने की योजना बनाई है और सत्तारूढ़ भाजपा-जनता दल यूनाइटेड गठबंधन से दूर ही रहेंगे क्योंकि उन्होंने नीतीश कुमार से मिलने से परहेज किया है।
उल्लखीय है कि प्रशांत किशोर का जन्म 1977 में बिहार के बक्सर जिले में हुआ था। उनकी मां उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की हैं, वहीं पिता बिहार सरकार में डॉक्टर हैं। उनकी पत्नी का नाम जाह्न्वी दास है, जो असम के गुवाहाटी में डॉक्टर हैं। प्रशांत किशोर और जाह्न्वी का एक बेटा है। प्रशांत किशोर के राजनीतिक जीवन की बात करें, तो वे 2014 में मोदी सरकार को सत्ता में लाने की वजह से चर्चा में आए थे। उन्हें एक बेहतरीन चुनावी रणनीतिकार के तौर पर जाना जाता है। हमेशा से वह पर्दे के पीछे रहकर अपनी चुनावी रणनीति को अंजाम देते आए हैं लेकिन इस बार कांग्रेस में शामिल होकर उनकी नई राजनीतिक शुरूआत करने के संकेत लगाए जा रहे थे जिसे पीके ने स्वयं ही खारिज कर दिया।
राष्ट्रीय समाचार
क्रिकेट टिकट की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास से 19 आरोपी पकड़े गए

क्रिकेट मैच की टिकट की कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। क्रिकेट मैच के टिकटों को ज़्यादा कीमत पर गैर-कानूनी तरीके से बेचने और कालाबाजारी करने के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले भारत बनाम अफगानिस्तान फ्रेंडशिप कप टी-20 क्रिकेट मैचों के दौरान स्टेडियम और उसके आस-पास के इलाकों में क्रिकेट मैच के टिकटों की कालाबाजारी, दलाली और गैर-कानूनी तरीके से दोबारा बिक्री के बारे में खास जानकारी मिली थी।
इसके बाद आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर नरेश कुमार की देखरेख में एक खास एंटी-टाउटिंग टीम बनाई गई। टीम ने स्टेडियम के आसपास खुफिया जानकारी जुटाने, चुपचाप जांच-पड़ताल करने और निगरानी रखने का काम किया। दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन और उससे सटे इलाकों जैसी संवेदनशील जगहों पर भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी और बीट स्टाफ तैनात किए गए।
तैनात टीमों को खास तौर पर निर्देश दिए गए कि वे संदिग्ध लोगों की पहचान करें, टिकट की दलाली के बारे में स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाएं और मैच के टिकटों की गैर-कानूनी बिक्री या दोबारा बिक्री में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।
मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध लोगों पर चुपके से नजर रखी गई और उनकी गतिविधियों की पुष्टि की गई। मैच टिकटों की गैर-कानूनी बिक्री, री-सेल की पुष्टि करने के लिए जहां भी जरूरत थी, वहां डिकॉय कस्टमर (नकली ग्राहक) तैनात किए गए। शामिल लोगों की पहचान और पुष्टि के बाद तुरंत कार्रवाई की गई और आरोपी व्यक्तियों को पकड़ा गया।
13, 15 और 17 सितंबर को चलाए गए स्पेशल अभियान के दौरान आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन में ‘कुल 13 मामले दर्ज किए गए। कुल 19 आरोपियों को पकड़ा गया और 71 क्रिकेट मैच टिकटों के साथ 7,400/- नकद बरामद किए गए।
14 सितंबर को चार मामले में पांच आरोपियों को पकड़ा गया और 29 क्रिकेट मैच टिकटों के साथ 3,400 रुपये बरामद किए गए। 15 सितंबर को दस आरोपियों को पकड़ा गया और 31 क्रिकेट मैच टिकटों के साथ 4,000 रुपये नकद बरामद किए गए। 17 सितंबर को तीन मामले दर्ज किए गए और चार आरोपियों को पकड़ा गया और उनके पास से कुल 11 क्रिकेट मैच के टिकट बरामद किए गए।
जांच के दौरान पता चला कि कुछ आरोपियों ने टिकट कम कीमत पर खरीदे थे और वे उन्हें दर्शकों को काफी ज्यादा कीमत पर दोबारा बेचने की कोशिश कर रहे थे। बरामद टिकटों के सोर्स और आरोपियों तक उनके पहुंचने की प्रक्रिया की पुष्टि की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
हूती नेता ने मक्का को निशाना बनाने की बात से किया इनकार, आरोपों को मनगढ़ंत और गलत बताया

यमन के हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने पवित्र शहर मक्का पर हमले के आरोपों को गलत बताया। उनके अनुसार, उनके संगठन की ओर से इस्लाम के पवित्र शहर मक्का पर हमला करने की कोशिश की बात झूठ है। सऊदी अरब के साथ बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने इन आरोपों को ‘मनगढ़ंत और गलत’ बताया।
हूती संगठन के अल-मसीरा टीवी पर गुरुवार को प्रसारित भाषण में अल-हूती ने कहा कि हूती बलों की ओर से मक्का को निशाना बनाए जाने का दावा ‘झूठ’ है। उनका कहना था कि इस आरोप का इस्तेमाल यमन के खिलाफ उठाए जा रहे कथित ‘सैन्य कदमों’ के लिए ज्यादा समर्थन जुटाने के मकसद से किया जा रहा है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, अल-हूती ने सऊदी अरब पर यह आरोप भी लगाया कि हालिया तनाव बढ़ने से पहले जब हालात कुछ समय के लिए शांत थे, तब उसने राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसके बजाय, उन्होंने कहा कि यमन में हूती के नियंत्रण वाले इलाकों पर पाबंदियां और कड़ी कर दी गईं। एयरपोर्ट के संचालन और सामान के आयात पर लगी पाबंदियां अब भी उन अहम मुद्दों में शामिल हैं जिनका समाधान नहीं हुआ है।
अल-हूती ने पूरे यमन में अपने समर्थकों से शुक्रवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन सऊदी अरब के कथित ‘मनगढ़ंत आरोपों और बदनामी’ के खिलाफ किए जाएं।
उनका यह बयान सऊदी अरब की ओर से हूती पर मक्का की तरफ ड्रोन भेजने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आया।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को कहा कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में उस ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया था। गठबंधन के मुताबिक, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही मार गिराया गया।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना के जवाब में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अल-मल्की के मुताबिक, यह मक्का को निशाना बनाने की हूती की कथित दूसरी कोशिश थी। इससे पहले गठबंधन ने दावा किया था कि 27 जुलाई 2017 को हूती ने मक्का को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की कोशिश की थी।
दोनों पक्षों के बीच ये आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब टकराव लगातार बढ़ रहा है। तीन सितंबर से हूती लड़ाकों ने यमन के लाल सागर तट और रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदब स्ट्रेट के आसपास बड़ी बढ़त हासिल की है। इसके साथ ही सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी तेज किए गए हैं।
दूसरी ओर, हूती का कहना है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूरे यमन में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में उस समय शुरू हुआ था, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य दखल दिया था।
राष्ट्रीय समाचार
93 लाख की जमीन धोखाधड़ी में कश्मीर ईओडब्ल्यू ने कुख्यात ठग को किया गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने 93 लाख रुपए की जमीन और प्रॉपर्टी धोखाधड़ी के मामले में कुख्यात ठग गुलाम मोही-उद-दीन डार को गिरफ्तार किया है। आरोपी अब्दुल खालिक डार का बेटा है और बडगाम के जवाहरपोरा, सैमसन का रहने वाला है।
यह गिरफ्तारी सब-जज श्रीनगर की अदालत द्वारा जारी आदेश और वारंट के तहत की गई। आरोपी पिछले एक साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसके खिलाफ थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें थाना ईओडब्ल्यू कश्मीर की एफआईआर नंबर 17/2026 भी शामिल है। यह एफआईआर बीएनएस की धारा 318(4), 338, 340 और 61(2) के तहत दर्ज है।
मामला एक लिखित शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जमीन ब्रोकर गुलाम मोही-उद-दीन डार ने अपने साथी के साथ मिलकर पीड़ित को 93 लाख रुपए का चूना लगा दिया। उसका साथी सोमनाथ कौल है, जो कालाश नाथ कौल का बेटा है और 22 लोटस टावर, बैंगलोर नॉर्थ, कर्नाटक / जनिपुर जम्मू का रहने वाला है।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पुलवामा के द्रुसु में 5 कनाल माइग्रेंट जमीन और बिजबेहारा में 300 खड़े पेड़ों की फर्जी बिक्री का झांसा दिया। इसके लिए जाली एग्रीमेंट बनाए गए। ठगी के पैसे को निकालने के लिए एक बैंक अकाउंट ठीक उसी दिन खोला गया था, जिस दिन पैसे का ट्रांसफर हुआ था, ताकि इस घोटाले को अंजाम दिया जा सके।
दोनों आरोपी खुद को प्रॉपर्टी का मालिक या अटॉर्नी होल्डर बताकर भोले-भाले लोगों को माइग्रेंट प्रॉपर्टी बेचने के झूठे वादे कर ठगते थे।
फिलहाल फरार सह-आरोपी सोमनाथ कौल के खिलाफ ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी है। पुलिस उसके नेटवर्क और पूरे ऑपरेशन की आगे की जांच कर रही है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
