अपराध
एनआईए ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में 44 स्थानों पर छापेमारी की, आईएसआईएस महाराष्ट्र मॉड्यूल के 15 आईएसआईएस गुर्गों को गिरफ्तार किया
नई दिल्ली, 9 दिसंबर 2023: आईएसआईएस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को महाराष्ट्र और कर्नाटक में कई और व्यापक छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित आतंकी संगठन के 15 गुर्गों को गिरफ्तार किया।
एनआईए की टीमों ने आज सुबह महाराष्ट्र के पडघा-बोरीवली, ठाणे, मीरा रोड और पुणे और कर्नाटक के बेंगलुरु में 44 स्थानों पर छापेमारी की और आतंक और आतंक से संबंधित कृत्यों और प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 15 आरोपियों को पकड़ लिया। .
इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के प्रयासों को बाधित करने और ध्वस्त करने के एनआईए के चल रहे प्रयासों के तहत की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी, आग्नेयास्त्र, तेज धार वाले हथियार, आपत्तिजनक दस्तावेज, स्मार्ट फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। आतंक के हिंसक कृत्यों को अंजाम देना और निर्दोष लोगों की जान लेना।
एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी, अपने विदेशी आकाओं के निर्देशों पर काम करते हुए, आईएसआईएस के हिंसक और विनाशकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आईईडी के निर्माण सहित विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।
एनआईए की जांच से पता चला है कि आरोपी, आईएसआईएस महाराष्ट्र मॉड्यूल के सभी सदस्य, पडघा-बोरीवली से काम कर रहे थे, जहां उन्होंने पूरे भारत में आतंक फैलाने और हिंसा की घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची थी। आरोपियों ने हिंसक जिहाद, खिलाफत, आईएसआईएस आदि का रास्ता अपनाते हुए देश की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का लक्ष्य रखा था।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों ने ग्रामीण ठाणे के पडघा गांव को ‘मुक्त क्षेत्र’ और ‘अल शाम’ के रूप में स्वयं घोषित किया था। वे पद्घा आधार को मजबूत करने के लिए प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं को अपने निवास स्थान से पद्घा में स्थानांतरित होने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
मुख्य आरोपी और आईएसआईएस मॉड्यूल का नेता और प्रमुख साकिब नाचन प्रतिबंधित संगठन में शामिल होने वाले व्यक्तियों को ‘बायथ’ (आईएसआईएस के खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ) भी दिला रहा था।
आईएसआईएस एक वैश्विक आतंकवादी संगठन (जीटीजी) है, जिसे इस्लामिक स्टेट (आईएस) / इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवंत (आईएसआईएल) / दाएश / इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) / आईएसआईएस विलायत खोरासन/इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और के नाम से भी जाना जाता है। शाम खुरासान (ISIS-K)). यह संगठन देश के विभिन्न राज्यों में स्थानीय आईएसआईएस मॉड्यूल और सेल स्थापित करके भारत में अपना आतंकी नेटवर्क फैला रहा है।
एनआईए ने हाल के महीनों में संगठन के जघन्य और हिंसक भारत विरोधी एजेंडे को विफल करने के लिए आईएसआईएस आतंकी साजिश मामले में कई आतंकी गुर्गों को गिरफ्तार करके बड़े पैमाने पर छापेमारी की है और विभिन्न आईएसआईएस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस दिशा में अपने प्रयासों के तहत, एजेंसी ने इस साल की शुरुआत में आईएसआईएस महाराष्ट्र मॉड्यूल के खिलाफ मामला दर्ज किया था और तब से, देश भर में सक्रिय विभिन्न आईएसआईएस मॉड्यूल और नेटवर्क को नष्ट करने के लिए मजबूत और ठोस कार्रवाई की है।
अपराध
टोरेस ज्वैलर्स घोटाला : 177 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मुख्य आरोपी दुबई में गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दुबई में कथित टोरेस ज्वैलर्स पोंजी स्कीम से जुड़े 177 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित आरोपी सागर मेहता की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मेहता के वकील ने ईडी के कहने पर उनके खिलाफ शुरू की गई उद्घोषणा की कार्यवाही को वापस लेने के लिए अदालत का रुख किया। अदालत को बताया गया कि भारतीय एजेंसी के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई अधिकारियों ने गुरुवार को मेहता को गिरफ्तार कर लिया था।
मेहता इस मामले में मुख्य आरोपी है और उस पर कथित धोखाधड़ी से मिली रकम को इकट्ठा करने और ट्रांसफर करने में भूमिका निभाने का आरोप है। ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया कि वह कई महीनों तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया।
अदालत ने पहले मेहता और तीन यूक्रेनी नागरिक ओलेना स्टोइयन, ओलेक्जेंडर जापिचेंको और विक्टोरिया कोवालेन्को के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, जापिचेंको और स्टोइयन ने कथित तौर पर इस योजना के वित्तीय ढांचे और मनी-लॉन्ड्रिंग के तरीकों को तैयार करने में मदद की थी। इन पर अवैध तरीकों से शुरुआती फंड का इंतजाम करने और बिना हिसाब-किताब वाले पैसे को वैध निवेश में बदलने में मदद करने का भी आरोप है।
टोरेस ज्वैलर्स का मामला इस आरोप से जुड़ा है कि कंपनी ने सिंथेटिक मोइसैनाइट को कीमती रत्न बताकर और निवेशकों को बहुत ज़्यादा रिटर्न का वादा करके एक धोखाधड़ी वाली इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, टोरेस ज्वैलर्स का संचालन करने वाली कंपनी प्लेटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड ने अच्छे रिटर्न और इनाम का लालच देकर निवेशकों को आकर्षित किया। कंपनी ने कथित तौर पर सोना, चांदी, हीरे के गहनों और कीमती रत्नों में निवेश पर हर हफ्ते 2 से 9 फीसदी तक रिटर्न देने का वादा किया था।
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कीम में नए लोगों को लाने पर निवेशकों को 20 फीसदी का “इन्वेस्टमेंट बोनस” दिया जाता था, जिससे एक रेफरल-आधारित सिस्टम बन गया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह ऑपरेशन निवेशकों को लुभाने के लिए गुमराह करने वाले विज्ञापनों, आकर्षक बोनस और अवास्तविक रिटर्न के वादों पर निर्भर था, ये सभी पोंजी स्कीम की आम विशेषताएं हैं।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मेहता इस धोखाधड़ी वाले ऑपरेशन में शामिल थे, लेकिन 24 दिसंबर 2024 को भारत से भाग गए। दुबई में उसकी गिरफ्तारी, कथित मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और इस मामले से जुड़े फंड के लेन-देन की चल रही जांच के लिए अहम मानी जा रही है।
अपराध
मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बांद्रा टर्मिनस के पास 10 करोड़ रुपए की चरस बरामदगी के मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुंबई पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।
मुंबई पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त को वर्ली यूनिट की एक टीम ने बांद्रा टर्मिनस के पास एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसके पास से 10 किलो से अधिक चरस बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। इस मामले में निर्मल नगर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान उसने उस व्यक्ति के बारे में जानकारी दी, जिसने यह चरस सप्लाई की थी। इसके बाद आरोपी की तलाश के लिए वर्ली यूनिट की टीम को बिहार भेजा गया। 23 अगस्त को टीम बिहार के रक्सौल जिले में पहुंची। इसके बाद पुलिस की तलाश की गई।
मुंबई पुलिस ने बताया कि बिहार की स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को पूर्वी चंपारण से गिरफ्तार किया गया। वह नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।
पिछले हफ्ते मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह के पास स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) के पास 55 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन जब्त किया गया, जिसकी लागत 300 करोड़ बताई गई।
इस मामले में आईएसआई से जुड़ा तस्कर हुसैन दाद संदेह के घेरे में आया। हुसैन के बारे में बताया जाता है कि उसका भारत के नशे के बाजार में दबदबा है। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स के बाजार से भी उसका पुराना नाता रहा है। वह मूल रूप से अफगानिस्तान के कंधार का रहने वाला है। मौजूदा समय में वह इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस का हिस्सा बनकर पाकिस्तान को मदद पहुंचाने का काम कर रहा है। वहीं, ड्रग्स से प्राप्त होने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में करने में उसकी मुख्य भूमिका रही है।
अपराध
लोनी में पुलिस मुठभेड़ के बाद नकबजनी का आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख के जेवर बरामद

उत्तर प्रदेश के लोनी थाना पुलिस ने वांछित एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस और करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना लोनी क्षेत्र के निठोरा अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि नकबजनी की घटना में वांछित आरोपी मोटरसाइकिल से निठोरा की ओर आ रहा है। पुलिस टीम ने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने पीछा किया तो भागते समय आरोपी की मोटरसाइकिल फिसल गई। पुलिस के मुताबिक इसके बाद आरोपी ने तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सचिन निवासी डबल टंकी के पास रूपनगर, लोनी, गाजियाबाद, उम्र करीब 28 वर्ष बताया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने 20 अगस्त 2026 की रात गिरि मार्केट, लोनी में एक घर में घुसकर चोरी करने की बात कबूल की है।
पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक अवैध तमंचा, कारतूस भी बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कमिश्नरेट गाजियाबाद के विभिन्न थानों में नकबजनी, चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम समेत करीब एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के गैंग को गिरफ्तार करने के लिए टीम का गठन किया जा रहा है,जो सचिन के बयान के आधार पर कार्रवाई करेगी और जल्द ही कई मामलों के खुलासे हो सकते है।
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