अंतरराष्ट्रीय
श्रीलंका दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम में जगह बनाने से चूके मैक्सवेल
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने शुक्रवार को श्रीलंका के दौरे के लिए अपने टीम की घोषणा कर दी। एक बार फिर आस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल की टेस्ट टीम में एंट्री नहीं हई है, हालांकि वो वनडे और टी20 टीम में बने रहेंगे। स्थायी मुख्य कोच के रूप में एंड्रयू मैकडॉनल्ड का यह पहला दौरा होगा। पेसर पैट कमिंस गॉल में दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में खेलने के लिए 16 सदस्यीय टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि एरोन फिंच टी20 और वनडे में टीम का नेतृत्व करना जारी रखेंगे।
ऑस्ट्रेलियाई गर्मियों के दौरान उस्मान ख्वाजा के शीर्ष क्रम में अपनी जगह गंवाने के बाद मार्कस हैरिस को टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया है।
कमिंस टेस्ट और वनडे की तैयारी के लिए टी20 सीरीज से चूक जाएंगे, जबकि एडम जाम्पा अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए पूरे दौरे से बाहर रहेंगे।
मैकडॉनल्ड ने जस्टिन लैंगर के इस्तीफे के बाद पाकिस्तान में टीम को संभाला, विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के हिस्से के रूप में टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती और एक सफल दौरे को टी20 मैच में जीत से किया।
ग्लेन मैक्सवेल एक विशेष रूप से सफेद गेंद के खिलाड़ी बने हुए हैं, जिनका नाम वनडे और टी20 दोनों टीमों में रखा गया है। लेकिन उन अफवाहों पर विराम लग गया कि वह टेस्ट टीम में चयनित होंगे।
विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए अंक जुटाने के साथ, ऑस्ट्रेलिया 2016 में अपनी पिछली श्रीलंका यात्रा के दौरान टेस्ट सीरीज 3-0 से हार गया था। गॉल में हुए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम 106 और 183 पर आउट हो गई, और अंतत: 229 रनों से हार गई। हालांकि ऑस्ट्रेलिया टी20 और वनडे श्रृंखला दोनों जीत गई थी।
श्रीलंक का 2022 का दौरा ऑस्ट्रेलिया के लिए तीन विदेशी यात्राओं में से एक है, जो अक्टूबर में बॉर्डर-गावस्कर श्रृंखला के लिए भारत की यात्रा करने के लिए भी तैयार है। ऑस्ट्रेलिया ए की टीम दो वनडे और चार दिवसीय मैच खेलने के लिए श्रीलंका की यात्रा करेगी।
ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम: पैट कमिंस (कप्तान), एश्टन एगर, स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुस्चागने, नाथन लियोन, मिशेल मार्श, स्टीव स्मिथ (उपकप्तान), मिशेल स्टार्क, मिशेल स्वेपसन और डेविड वार्नर।
ऑस्ट्रेलियाई वनडे टीम: एरोन फिंच (कप्तान), एश्टन एगर, एलेक्स कैरी, पैट कमिंस, कैमरून ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, मार्नस लाबुशेन, मिशेल मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस, मिशेल स्वेपसन और डेविड वार्नर।
ऑस्ट्रेलियाई टी20 टीम: एरोन फिंच (कप्तान) सीन एबॉट, एश्टन एगर, जोश हेजलवुड, जोश इंगलिस, मिशेल मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, जाय रिचर्डसन, केन रिचर्डसन, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस, मिशेल स्वेपसन, डेविड वार्नर और मैथ्यू वेड।
शेड्यूल:
कोलंबो: 7 जून – पहला टी20
कोलंबो 8 जून – दूसरा टी20
कोलंबो: 11 जून – तीसरा टी20 मैच,
कैंडी: 14 जून – पहला वनडे,
कैंडी: 16 जून – दूसरा वनडे
कैंडी: 19 जून – तीसरा वनडे
कोलंबो: 21 जून – चौथा वनडे
कोलंबो: 24 जून – पांचवां वनडे
कोलंबो: जून 29- जुलाई 3 पहला टेस्ट,
गॉल: 8-12 जुलाई – दूसरा टेस्ट।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।
हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट को इजरायली हमले से नुकसान, नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक

तेल अवीव/तेहरान, 8 जून: लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले के जवाब में ईरान ने रविवार रात से इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इससे प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुलाई।
फार्स समाचार एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। अधिकारी के पास नुकसान और हताहतों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं था।
ईरानी शहर माहशहर प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। यहां मौजूद ऊर्जा और रासायनिक उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वहीं, इजरायली सेना ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले की पुष्टि की है। सैन्य बयान में कहा गया कि इजरायली वायुसेना ने परिसर के कई लक्ष्यों को निशाना बनाया। सेना ने संक्षिप्त बयान में कहा कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी। फिलहाल हमले के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस तरह 7 जून को ईरान-इजरायल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद ही दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में हिजबुल्लाह पर इजरायली हमलों के जवाब में की गई है। हमलों के बाद इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया।
इसके जवाब में कुछ घंटों बाद इजरायल ने ईरान में जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। आईडीएफ के अनुसार उसने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई धमाके हुए। आईआरजीसी ने दावा किया कि इजराइल ने हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस पर हमला किया। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “यह ऑपरेशन इजरायली शासन के ईरान में तीन अलग-अलग जगहों पर कई रडार साइटों पर किए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था।”
आईडीएफ का कहना है कि उसने सोमवार सुबह ईरान की ओर से छोड़ी गई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वर्तमान हालात के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होनी तय की गई।
इजरायली मीडिया के अनुसार, बैठक में केवल चुनिंदा वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर चर्चा की संभावना जताई गई।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
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